फ़िरोज़ाबाद के थाना उत्तर क्षेत्र के कंजर मोहल्ले में एक 6 माह के बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। सूचना मिलने पर थाना उत्तर पुलिस टीम ने तुरंत जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। वादिया की तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। नगर के ए.एस.पी. द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस इस मामले में अग्रिम विधिक कार्यवाही कर रही है। यह अपडेटेड खबर 04 जून 26 को ए.आई.एन. नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत द्वारा जारी की गई है। ए.आई.एन. नेटवर्क अपने देश व आसपास की खबरों को देखने के लिए दर्शकों से चैनल को लाइक, शेयर, फॉलो और सब्सक्राइब करने का आग्रह करता है। साथ ही, नेटवर्क को उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों के सभी जिलों से जिला संवाददाता, तहसील रिपोर्टर और ब्लॉक रिपोर्टर की आवश्यकता है, जिसके लिए इच्छुक व्यक्ति प्रधान संपादक अनुज रावत से 9193250352 पर शीघ्र संपर्क कर सकते हैं।
फ़िरोज़ाबाद के थाना उत्तर क्षेत्र के कंजर मोहल्ले में एक 6 माह के बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। सूचना मिलने पर थाना उत्तर पुलिस टीम ने तुरंत जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। वादिया की तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। नगर के ए.एस.पी. द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस इस मामले में अग्रिम विधिक कार्यवाही कर रही है। यह अपडेटेड खबर 04 जून 26 को ए.आई.एन. नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत द्वारा जारी की गई है। ए.आई.एन. नेटवर्क अपने देश व आसपास की खबरों को देखने के लिए दर्शकों से चैनल को लाइक, शेयर, फॉलो और सब्सक्राइब करने का आग्रह करता है। साथ ही, नेटवर्क को उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों के सभी जिलों से जिला संवाददाता, तहसील रिपोर्टर और ब्लॉक रिपोर्टर की आवश्यकता है, जिसके लिए इच्छुक व्यक्ति प्रधान संपादक अनुज रावत से 9193250352 पर शीघ्र संपर्क कर सकते हैं।
- फ़िरोज़ाबाद के थाना उत्तर क्षेत्र के कंजर मोहल्ले में एक 6 माह के बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। सूचना मिलने पर थाना उत्तर पुलिस टीम ने तुरंत जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। वादिया की तहरीर के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। नगर के ए.एस.पी. द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पुलिस इस मामले में अग्रिम विधिक कार्यवाही कर रही है। यह अपडेटेड खबर 04 जून 26 को ए.आई.एन. नेटवर्क से प्रधान संपादक अनुज रावत द्वारा जारी की गई है। ए.आई.एन. नेटवर्क अपने देश व आसपास की खबरों को देखने के लिए दर्शकों से चैनल को लाइक, शेयर, फॉलो और सब्सक्राइब करने का आग्रह करता है। साथ ही, नेटवर्क को उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों के सभी जिलों से जिला संवाददाता, तहसील रिपोर्टर और ब्लॉक रिपोर्टर की आवश्यकता है, जिसके लिए इच्छुक व्यक्ति प्रधान संपादक अनुज रावत से 9193250352 पर शीघ्र संपर्क कर सकते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग के मंत्री और जनपद प्रभारी मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार सुबह नवीन सर्किट हाउस सभागार में एक प्रशासनिक समीक्षा बैठक संपन्न हुई। यह बैठक केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की तैयारी के संबंध में थी। बैठक के बाद हुई प्रेसवार्ता में प्रभारी मंत्री भूपेन्द्र सिंह चौधरी ने बताया कि पर्यावरण दिवस के अवसर पर शुक्रवार से विशेष कार्यक्रमों की शुरुआत होगी, जो आगामी 21 जून तक संचालित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के तहत विभिन्न जनकल्याणकारी और जनसंपर्क अभियान चलाए जाएंगे, जिनमें मीडिया बंधुओं का सम्मान, स्वास्थ्य मेले, विकसित भारत सम्मेलन, जनप्रतिनिधियों की पद यात्राएं, गांवों में चौपाल और रात्रि प्रवास शामिल होंगे। इसका मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा पिछले 12 वर्षों में किए गए कार्यों और जनहितकारी योजनाओं की जानकारी आमजन तक पहुँचाना है। प्रभारी मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों और जनहितकारी योजनाओं का पूरा लेखा-जोखा जनता के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। भाजपा के जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता इन जनसंपर्क अभियानों, पद यात्राओं, जनचौपालों और रात्रि निवास के माध्यम से सरकार की उपलब्धियों को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्यक्रमों की तैयारियां समयबद्ध और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।1
- एक उपयोगकर्ता ने गाँव के प्रधान पर विकास कार्य न कराने का गंभीर आरोप लगाया है। उपयोगकर्ता के मुताबिक, गाँव में विकास से संबंधित पूरा काम अभी तक संपन्न नहीं हो पाया है। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया है कि उनके इस वीडियो को उन लोगों तक पहुँचाया जाए, जो इस मुद्दे पर प्रधान के खिलाफ बोल सकें। उपयोगकर्ता की मंशा है कि इस पहल के बाद पूरे गाँव और ज़िले में विकास कार्य सुनिश्चित हो सकें।1
- फिरोजाबाद के सैलई वार्ड नंबर 1 स्थित रविदास नगर में CL कॉलेज के पीछे की एक छोटी गली में रहने वाले 12 परिवारों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवारों का कहना है कि स्थानीय पार्षद जानबूझकर उनकी गली में नाली और सड़क का निर्माण नहीं करवा रहा है। इस अनदेखी के कारण, नाली का रास्ता न होने से गंदा पानी और कीचड़ बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के बीच फैल रहा है, जिससे बीमारियों का खतरा बना हुआ है और गंदगी से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इस गंभीर समस्या के निवारण हेतु, पीड़ित परिवारों ने नगर निगम, महापौर, मनीष असीजा, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पोर्टल पर लिखित शिकायतें दर्ज कराकर अपनी बात रखी है। हालांकि, उनकी समस्या का आज तक कोई निवारण नहीं किया गया है, जिससे वे थक चुके हैं। अपनी इस दयनीय स्थिति और अधिकारियों की उदासीनता को उजागर करने के लिए, इन परिवारों ने हमारे चैनल के माध्यम से अपनी गली के हालात सबके सामने रखे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले में नगर निगम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है, जहाँ फुटपाथ पर बुलडोजर चलाया गया। इस एक्शन से स्थानीय दुकानदारों के बीच हड़कंप मच गया है।1
- राष्ट्रीय युवा वाहिनी ने फिरोजाबाद का नाम बदलकर चंद्रनगर करने की माँग की है। संगठन का कहना है कि हमें गुलामी के पदचिन्हों को मिटाने पर गर्व होना चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे चीन ने आजाद होने के बाद सबसे पहले गुलामी के प्रतीक मिटाए थे। इसी विचार के साथ, राष्ट्रीय युवा वाहिनी फिरोजाबाद का नाम चंद्रनगर रखने की पुरज़ोर माँग करती है।1
- आगरा-जलेसर मार्ग पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे और जलभराव सड़क दुर्घटनाओं को खुला न्योता दे रहे हैं, जिससे यह मार्ग 'मौत का हाईवे' बन गया है। टेढ़ी बगिया, मुड़ी चौराहा, उस्मानपुर और आंवलखेड़ा सहित कई स्थानों पर सड़क की स्थिति बेहद खराब है। बरसात के बाद हालात और भी गंभीर हो जाते हैं, जिसके चलते आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस महत्वपूर्ण मार्ग से प्रतिदिन हजारों छात्र, किसान, व्यापारी और आम नागरिक गुजरते हैं, जिनकी जान खतरे में है, लेकिन इस गंभीर समस्या पर प्रशासन और जनप्रतिनिधि अब तक मौन साधे हुए हैं। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि तत्काल गड्ढों की मरम्मत करके सड़क को दुरुस्त किया जाए, जलभराव की समस्या रोकने के लिए उचित जल निकासी व्यवस्था बनाई जाए, और नेशनल हाईवे की स्वीकृति मिलने तक इस मार्ग का पुनर्निर्माण कराया जाए। सवाल यह उठता है कि आखिर जनता की इस भारी परेशानी और संभावित हादसों के खतरे के बीच प्रशासन कब जागेगा?1