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बरेली जिले की आंवला तहसील के सिरौली क्षेत्र में स्थित शहबाजपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले इलाके में साफ-सफाई और सड़क निर्माण की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है। स्थानीय लोगों द्वारा इन मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने की माँग की गई है।
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बरेली जिले की आंवला तहसील के सिरौली क्षेत्र में स्थित शहबाजपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले इलाके में साफ-सफाई और सड़क निर्माण की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है। स्थानीय लोगों द्वारा इन मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने की माँग की गई है।
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- बरेली जिले की आंवला तहसील के सिरौली क्षेत्र में स्थित शहबाजपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले इलाके में साफ-सफाई और सड़क निर्माण की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है। स्थानीय लोगों द्वारा इन मूलभूत सुविधाओं को उपलब्ध कराने की माँग की गई है।1
- भारत स्काउट और गाइड उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में प्रादेशिक प्रशिक्षण केंद्र शीतलाखेत, अल्मोड़ा में चल रहे एडवेंचर कैंप और नेचर स्टडी कम ट्रेनिंग कैंप के दूसरे दिन स्काउट गाइड ने उत्तराखंड के घने जंगलों, दुर्गम पहाड़ियों और कंदराओं से होते हुए श्री श्री 1008 हैड़ाखान बाबा आश्रम तक का सफर तय किया। इस दौरान उन्हें विभिन्न औषधीय पौधों की विस्तृत जानकारी दी गई। नेचर स्टडी कम ट्रेनिंग कैंप के लीडर ऑफ द कोर्स ए.एस.ओ.सी. वाराणसी मंडल जय प्रकाश दक्ष और एडवेंचर प्रोग्राम लीडर अमित सैनी के नेतृत्व में बदायूं, हाथरस, जौनपुर, मुजफ्फरनगर, मिर्जापुर, मेरठ, गाजीपुर और बनारस के स्काउट-गाइड और रोवर-रेंजर ने प्रकृति के करीब जाकर जीवन जीने की कला सीखी। प्रादेशिक प्रशिक्षण केंद्र शीतलाखेत, अल्मोड़ा के प्रभारी त्रिवेंद्र कुमार ने पहाड़ी इलाकों में पाए जाने वाले औषधीय पौधों के महत्व और उनके गुणों पर प्रकाश डाला। पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने प्रकृति को एक अमूल्य संजीवनी बताते हुए कहा कि वृक्षों से ऑक्सीजन, जल से जीवन, औषधियों से स्वास्थ्य और पहाड़ों से शुद्ध वायु प्राप्त होती है। एडवेंचर स्टाफ में शामिल इंस्ट्रक्टर मोहित कुमार और आनंद मालियान के मार्गदर्शन में स्काउट गाइड ने बैली क्रॉसिंग, ब्रह्मा ब्रिज, लूप हैंगिंग, क्रॉस हैमिंग, रोप हैंगिंग, वर्टिकल हैंगिंग, टायर ब्रिज, लैडर ब्रिज, नेट ब्रिज, मंकी ब्रिज और कमांडो ब्रिज जैसी विभिन्न साहसिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपना दमखम दिखाया। इस अवसर पर डी.ओ.सी. विष्णु विश्वकर्मा, दिनेश यादव, आनंद मालियान, रामेश्वरी वर्मा, रोहित गुप्ता, जीवन गोला और अरहम खान सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- उत्तर प्रदेश पुलिस के तहत बरेली पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन दहन' के अंतर्गत अब तक ₹173 करोड़ 53 लाख 28 हजार 51 रुपये मूल्य के मादक पदार्थों को नष्ट किया गया है। इस संबंध में एसपी नॉर्थ, श्री मुकेश चन्द्र मिश्र ने जानकारी दी है।1
- बदायूं के शेखूपुरा गांव में चुनावी रंजिश को लेकर दो गुटों के बीच एक भीषण खूनी संघर्ष हुआ है। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर ईंट-पत्थर, लाठी-डंडे और धारदार हथियार चले। इस हिंसक टकराव में कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिनमें से कुछ की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। सूचना मिलने पर जरीफनगर पुलिस मौके पर पहुंची है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।1
- बरेली के भोजीपुरा थाना पुलिस ने हाईवे पर बस रोककर फायरिंग करने, मारपीट और रंगदारी मांगने के आरोप में एक गिरोह के तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक अवैध तमंचा, कारतूस, लाठी-डंडे और घटना में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो कार बरामद की है। यह घटना 02 जून 2026 को हुई थी, जब वादी रनवेंद्र सिंह के भाई मोनू की बस (संख्या AR06C3208) निगोही से दिल्ली जा रही थी। रास्ते में, आरोपी वीरेन्द्र सिंह उर्फ गोल्डी, पिंटू भटिवारी और लगभग 10 अन्य अज्ञात लोगों ने अपनी खाली बस (संख्या UP27BT0739) से ओवरटेक कर मोनू की बस को रोक दिया। आरोपियों ने बस के ड्राइवर के साथ मारपीट की और उसे धमकाया। इसके बाद, बिल्वा पुल के पास भोजीपुरा थाना क्षेत्र में, आरोपी वीरेन्द्रपाल उर्फ गोल्डी ने अपने साथियों के साथ मिलकर मोनू पर अवैध असलहों से जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि यह विवाद मोनू उर्फ मानवेन्द्र से बस चलाने को लेकर पुरानी रंजिश के कारण हुआ था। इस संबंध में, वादी की तहरीर पर 04 जून 2026 को भोजीपुरा थाने में मु0अ0सं0 376/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 351(3), 308(2), 324(4), 191(2), 193(3), 190, 115(2), 352, 109(1), 61(2), 125 और आर्म्स एक्ट की धाराओं 3, 25, 27 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक विनय बहादुर सिंह कर रहे हैं। गिरफ्तार मुख्य आरोपी वीरेन्द्र सिंह गोल्डी के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।1
- बदायूं में पुलिस के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जहाँ थाना सहसवान क्षेत्र के ग्राम परसौना में कबूतरों को मारने के एक मामले को लेकर महिलाओं को धमकाने वाले पुलिसकर्मियों के व्यवहार की जांच की मांग की गई है। इस घटना पर @IPSAnkitaS को टैग करते हुए यह सवाल उठाया गया है कि क्या बदायूं में पुलिस का ऐसा ही आचरण जारी रहेगा, साथ ही @budaunpolice और @Uppolice से भी मामले का संज्ञान लेने की अपील की गई है।2
- पुलिस ने हाल ही में बड़ी संख्या में खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। कुल 462 मोबाइल फोन खोजे गए, जिन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को सफलतापूर्वक वापस लौटा दिया गया है।1
- उत्तराखंड के शीतलाखेत अल्मोड़ा स्थित प्रादेशिक प्रशिक्षण केंद्र में एडवेंचर कैंप और नेचर स्टडी कम ट्रेकिंग कैंप का आयोजन किया जा रहा है। कैंप के पहले दिन, स्काउट गाइड ने पहाड़ियों की दुर्गम घाटियों के घने जंगलों से होते हुए एडेश्वर महाकाल मंदिर तक ट्रेकिंग की। इस दौरान प्रतिभागियों ने प्रकृति के करीब जाकर विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से उसे समझा और जाना। प्रादेशिक मुख्यायुक्त डॉ. प्रभात कुमार और प्रादेशिक अध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में चल रहे इस शिविर में प्रदेश भर के स्काउट गाइड हिस्सा ले रहे हैं। बदायूं जिले से तीन स्काउट, रोहित गुप्ता, जीवन गोला और फरदीन अहमद को स्काउट संस्था के प्रादेशिक वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिला मुख्यायुक्त महेश चंद्र सक्सेना ने रवाना किया। एडवेंचर कैंप और नेचर स्टडी कम ट्रेकिंग कैंप के कोर्स लीडर, सहायक प्रादेशिक संगठन आयुक्त, वाराणसी मंडल के जयप्रकाश दक्ष ने ट्रेकिंग पर निकले स्काउट गाइड को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रकृति का सानिध्य मिलना सौभाग्य की बात है और यहां से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने प्रकृति को माता मानने और जल, जंगल, जमीन को बर्बाद न करने की अपील करते हुए बताया कि जल, वनौषधियां और ऑक्सीजन स्वस्थ जीवन का आधार और प्रकृति के अनुपम उपहार हैं। शीतलाखेत केंद्र प्रभारी त्रिवेंद्र और एडवेंचर इंस्ट्रक्टर तथा सहायक प्रादेशिक संगठन कमिश्नर (सहारनपुर एवं मेरठ मंडल) अमित के निर्देशन में स्काउट गाइड ने पहाड़ियों पर ट्रेकिंग की। इस दौरान उन्होंने प्रकृति के करीब जीवन जीने की कला सीखी और पहाड़ों की ऊंची चोटियों पर शुद्ध ऑक्सीजन लेते हुए झरनों, पुलों तथा घने जंगलों के बीच से गुजरते हुए प्रकृति के अद्भुत नजारों का आनंद लिया। इस अवसर पर एडवेंचर स्टाफ में मोहित, जिला संगठन आयुक्त (वाराणसी) विष्णु विश्वकर्मा, डीओसी आनंद मालियान और डीओसी रामेश्वरी वर्मा सहित अन्य मौजूद रहे।1