रेवाड़ी के रसगण गांव में 8 शिकायतों के बाद भी नहीं थमी गंदे पानी की आफत, दो साल से समाधान का इंतजार; ग्रामीण बोले- आखिर कार्रवाई के लिए कितनी शिकायतें चाहिए? Rewari News रसगण, रेवाड़ी, 26 अगस्त 2026: गांव रसगण, डाकघर डूंगरवास में समुचित भूमिगत सीवरेज और गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। कई स्थानों पर wastewater खुले में बहने के कारण सड़कों पर जलभराव, दुर्गंध और गंदगी का आलम बना हुआ है, वहीं लंबे समय से जमा पानी मच्छरों के पनपने का कारण बन रहा है, जिससे ग्रामीणों के सामने स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खुले में बहता गंदा पानी न केवल गांव की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि सड़कें भी लगातार क्षतिग्रस्त हो रही हैं। समस्या के स्थायी समाधान के लिए ग्रामीण पिछले करीब दो वर्षों से लगातार प्रशासनिक स्तर पर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार इस समस्या को लेकर CM Window, म्हारी सड़क ऐप और CPGRAMS जैसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर अब तक कुल 8 शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। CM Window पर शिकायत संख्या CMOFF/N/2025/126454, CMOFF/N/2026/069920 और CMOFF/N/2026/070670 दर्ज कराई गई हैं, जबकि म्हारी सड़क ऐप पर 1486, 99276 और 108080 शिकायत नंबरों के माध्यम से समस्या प्रशासन के संज्ञान में लाई गई। इसके अलावा CPGRAMS पर भी MOPRJ/E/2025/0012055 और MOPRJ/E/2026/0011676 के जरिए शिकायत दर्ज कराई गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने और अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद गंदे पानी की निकासी के लिए कोई स्थायी समाधान धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा। ग्रामीणों के मुताबिक कई बार उन्हें यह जवाब मिला कि समस्या के समाधान के लिए सरकार के पास पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं है। इस जवाब को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि गांवों में रहने वाले लोग भी सरकार को विभिन्न माध्यमों से कर और शुल्क देते हैं, ऐसे में स्वच्छ वातावरण, उचित जल निकासी, सुरक्षित सड़क और बुनियादी सीवरेज जैसी सुविधाएं किसी विशेष सुविधा की तरह नहीं, बल्कि आम नागरिक की मूलभूत जरूरत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अस्थायी तौर पर पानी हटाने या शिकायत का निपटारा दिखाने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि इसके लिए वैज्ञानिक wastewater management system तैयार करना जरूरी है। भूमिगत सीवरेज लाइन, उचित ड्रेनेज नेटवर्क और गंदे पानी के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था ही इस परेशानी का स्थायी उपचार हो सकती है। ग्रामीणों ने खुले में गंदे पानी के बहाव पर तत्काल रोक लगाने तथा ऐसे स्थानों की पहचान कर वहां स्थायी निकासी व्यवस्था विकसित करने की मांग की है। इसके साथ ही गांव की करीब 22 फुट चौड़ी स्वीकृत सड़क का भी पूर्ण निर्माण नहीं होने का मुद्दा ग्रामीणों ने उठाया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का अधूरा निर्माण और पानी का लगातार जमाव एक-दूसरे की समस्या को और गंभीर बना रहे हैं। जहां पानी जमा होता है, वहां सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होती है और आवागमन भी मुश्किल हो जाता है। बरसात के दौरान हालात और अधिक चुनौतीपूर्ण होने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करे और केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करे। ग्रामीणों ने प्रशासन से रसगण गांव में भूमिगत सीवरेज व्यवस्था विकसित करने, गंदे पानी के वैज्ञानिक निस्तारण की प्रणाली तैयार करने, खुले में wastewater बहने से रोकने, जलभराव वाले स्थानों का स्थायी उपचार करने और स्वीकृत 22 फुट चौड़ी सड़क का निर्माण पूरा कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि दो साल के दौरान आठ अलग-अलग शिकायतों के बावजूद यदि समस्या का समाधान नहीं हो पाया है तो इससे शिकायत निवारण व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठता है। ग्रामीण अब चाहते हैं कि संबंधित विभाग शिकायतों की संख्या गिनने के बजाय समस्या की गंभीरता को समझे और मौके पर ठोस कार्रवाई करे। उनका सीधा सवाल है कि जब समस्या प्रशासन के संज्ञान में कई बार लाई जा चुकी है और अलग-अलग सरकारी पोर्टलों पर शिकायतें दर्ज हैं, तो फिर स्थायी कार्रवाई के लिए आखिर और कितनी शिकायतों की जरूरत पड़ेगी? ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांग किसी विशेष सुविधा की नहीं, बल्कि स्वच्छता, जल निकासी, सुरक्षित आवागमन और स्वस्थ वातावरण जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाओं की है। अब देखना होगा कि प्रशासन रसगण गांव की इस लंबे समय से चली आ रही समस्या को कब तक धरातल पर दूर करता है और ग्रामीणों को गंदे पानी, दुर्गंध, जलभराव तथा सड़क क्षति की समस्या से कब राहत मिलती है।
रेवाड़ी के रसगण गांव में 8 शिकायतों के बाद भी नहीं थमी गंदे पानी की आफत, दो साल से समाधान का इंतजार; ग्रामीण बोले- आखिर कार्रवाई के लिए कितनी शिकायतें चाहिए? Rewari News रसगण, रेवाड़ी, 26 अगस्त 2026: गांव रसगण, डाकघर डूंगरवास में समुचित भूमिगत सीवरेज और गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। कई स्थानों पर wastewater खुले में बहने के कारण सड़कों पर जलभराव, दुर्गंध और गंदगी का आलम बना हुआ है, वहीं लंबे समय से जमा पानी मच्छरों के पनपने का कारण बन रहा है, जिससे ग्रामीणों के सामने स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खुले में बहता गंदा पानी न केवल गांव की स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि सड़कें भी लगातार क्षतिग्रस्त हो रही हैं। समस्या के स्थायी समाधान के लिए ग्रामीण पिछले करीब दो वर्षों से लगातार प्रशासनिक स्तर पर गुहार लगा रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार इस समस्या को लेकर CM Window, म्हारी सड़क ऐप और CPGRAMS जैसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर अब तक कुल 8 शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं। CM Window पर शिकायत संख्या CMOFF/N/2025/126454, CMOFF/N/2026/069920 और CMOFF/N/2026/070670 दर्ज कराई गई हैं, जबकि म्हारी सड़क ऐप पर 1486, 99276 और 108080 शिकायत नंबरों के माध्यम से समस्या प्रशासन के संज्ञान में लाई गई। इसके अलावा CPGRAMS पर भी MOPRJ/E/2025/0012055 और MOPRJ/E/2026/0011676 के जरिए शिकायत दर्ज कराई गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने और अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराने के बावजूद गंदे पानी की निकासी के लिए कोई स्थायी समाधान धरातल पर दिखाई नहीं दे रहा। ग्रामीणों के मुताबिक कई बार उन्हें यह जवाब मिला कि समस्या के समाधान के लिए सरकार के पास पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं है। इस जवाब को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। उनका कहना है कि गांवों में रहने वाले लोग भी सरकार को विभिन्न माध्यमों से कर और शुल्क देते हैं, ऐसे में स्वच्छ वातावरण, उचित जल निकासी, सुरक्षित सड़क और बुनियादी सीवरेज जैसी सुविधाएं किसी विशेष सुविधा की तरह नहीं, बल्कि आम नागरिक की मूलभूत जरूरत हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अस्थायी तौर पर पानी हटाने या शिकायत का निपटारा दिखाने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि इसके लिए वैज्ञानिक wastewater management system तैयार करना जरूरी है। भूमिगत सीवरेज लाइन, उचित ड्रेनेज नेटवर्क और गंदे पानी के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था ही इस परेशानी का स्थायी उपचार हो सकती है। ग्रामीणों ने खुले में गंदे पानी के बहाव पर तत्काल रोक लगाने तथा ऐसे स्थानों की पहचान कर वहां स्थायी निकासी व्यवस्था विकसित करने की मांग की है। इसके साथ ही गांव की करीब 22 फुट चौड़ी स्वीकृत सड़क का भी पूर्ण निर्माण नहीं होने का मुद्दा ग्रामीणों ने उठाया है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क का अधूरा निर्माण और पानी का लगातार जमाव एक-दूसरे की समस्या को और गंभीर बना रहे हैं। जहां पानी जमा होता है, वहां सड़क की गुणवत्ता प्रभावित होती है और आवागमन भी मुश्किल हो जाता है। बरसात के दौरान हालात और अधिक चुनौतीपूर्ण होने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग मौके का निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करे और केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय समयबद्ध तरीके से समाधान सुनिश्चित करे। ग्रामीणों ने प्रशासन से रसगण गांव में भूमिगत सीवरेज व्यवस्था विकसित करने, गंदे पानी के वैज्ञानिक निस्तारण की प्रणाली तैयार करने, खुले में wastewater बहने से रोकने, जलभराव वाले स्थानों का स्थायी उपचार करने और स्वीकृत 22 फुट चौड़ी सड़क का निर्माण पूरा कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि दो साल के दौरान आठ अलग-अलग शिकायतों के बावजूद यदि समस्या का समाधान नहीं हो पाया है तो इससे शिकायत निवारण व्यवस्था की प्रभावशीलता पर भी सवाल उठता है। ग्रामीण अब चाहते हैं कि संबंधित विभाग शिकायतों की संख्या गिनने के बजाय समस्या की गंभीरता को समझे और मौके पर ठोस कार्रवाई करे। उनका सीधा सवाल है कि जब समस्या प्रशासन के संज्ञान में कई बार लाई जा चुकी है और अलग-अलग सरकारी पोर्टलों पर शिकायतें दर्ज हैं, तो फिर स्थायी कार्रवाई के लिए आखिर और कितनी शिकायतों की जरूरत पड़ेगी? ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांग किसी विशेष सुविधा की नहीं, बल्कि स्वच्छता, जल निकासी, सुरक्षित आवागमन और स्वस्थ वातावरण जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाओं की है। अब देखना होगा कि प्रशासन रसगण गांव की इस लंबे समय से चली आ रही समस्या को कब तक धरातल पर दूर करता है और ग्रामीणों को गंदे पानी, दुर्गंध, जलभराव तथा सड़क क्षति की समस्या से कब राहत मिलती है।
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- गांव सुलैला स्कूल के सामने जलभराव, पानी में चलने को मजबूर बच्चे और ग्रामीण फिरोजपुर झिरका क्षेत्र के गांव सुलैला में सरकारी स्कूल के सामने मुख्य रास्ते पर जलभराव से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों के मुताबिक गलियों और नालियों का पानी सड़क पर जमा हो रहा है, जिसकी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। बच्चों को रोज इसी पानी से होकर स्कूल जाना पड़ता है, जबकि आए दिन बाइक फिसलने की घटनाएं भी हो रही हैं। ग्रामीणों का दावा है कि जलभराव के कारण करीब 40 प्रतिशत बच्चे स्कूल नहीं आ पाते। ग्रामीणों ने पंचायत या पीडब्ल्यूडी से जल्द जल निकासी और रास्ते की मरम्मत कराने की मांग की है।1
- Deepa colony1
- सिहाली कलां में 200 मीटर सड़क बदहाल, गहरे गड्ढों से हादसे का खतरा मुंडावर। उपखण्ड क्षेत्र के गांव सिहाली कलां में गांव के छोर से कुंदनदास मंदिर मार्ग तक करीब 200 मीटर सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। सड़क पर जगह-जगह बड़े और गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, क्योंकि गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता और दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है। यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख रास्ता है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। इसी मार्ग से विद्यार्थी विद्यालयों और महाविद्यालयों में पढ़ने के लिए आवागमन करते हैं। इसके अलावा यह सड़क भिवाड़ी, टपूकड़ा और तिजारा क्षेत्र को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण उन्हें जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। ग्रामीण समाजसेवी देवेंद्र सिंह चौहान, कैप्टन रणधीर सिंह, सूबेदार दिलीप सिंह, राजू पंच, जयसिंह, रोहतास सिंह, सुनील, विजेंदर सिंह, इसब खान, मोहर सिंह थानेदार, मिन्नी ठेकेदार, प्रदीप, लक्ष्मण, सियाराम, धर्मेंद्र और शक्ति सिंह के अनुसार इस समस्या को लेकर संबंधित अधिकारियों से एक-दो बार नहीं, बल्कि अनेक बार शिकायत एवं मुलाकात की जा चुकी है, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रशासन शायद किसी बड़े हादसे के बाद ही जागेगा।1
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- अब क्या होगा सब सरकार ही | ऐसा काम करने लगी...............1
- गुरुग्राम मे टोल प्लाजा पर फास्ट टैग स्कैन न होने पर ड्राइवर से मारपीट, वीडियो हुआ वायरल गुरुग्राम मे टोल प्लाजा पर फास्ट टैग स्कैन न होने पर ड्राइवर से मारपीट, वीडियो हुआ वायरल1
- जोगीपुर रोड पर गंदगी के ढेर, 29 अगस्त को सीएम के सामने उठेगा मुद्दा नूंह शहर के जोगीपुर रोड पर गंदगी के ढेर से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एडवोकेट ताहिर हुसैन देवला ने आज बृहस्पतिवार 8 बजे बताया कि यह सड़क शहर की आधी आबादी के लिए सुबह-शाम घूमने का प्रमुख रास्ता है। क्रिकेट अकादमी बनने के बाद यहां आने-जाने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ी है, लेकिन जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं हुआ। अब वार्ड और कस्बे के जिम्मेदार लोग 29 अगस्त को मुख्यमंत्री के सामने यह मुद्दा उठाएंगे।1