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बेवफाई और जिल्लत ने ली दो जानें: उन्नाव में मासूम बेटी को गोद में लेकर पिता ट्रेन के आगे कूदा, सुसाइड नोट में बयां किया दर्द #Apkiawajdigital उन्नाव | क्राइम रिपोर्टर उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक युवक ने अपनी 3 वर्षीय मासूम बेटी के साथ ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक विकास (32) ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले एक सुसाइड नोट और वीडियो जारी किया, जिसमें उसने अपनी पत्नी के गैर-मजहब के युवक के साथ प्रेम प्रसंग और ससुराल वालों द्वारा दी गई प्रताड़ना को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्नी समेत 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। ​"मेरी पत्नी दुबई भागना चाहती है..." ​विकास ने अपने आखिरी संदेश में आरोप लगाया कि उसकी पत्नी का एक विशेष समुदाय के युवक (मोमडन) के साथ प्रेम संबंध है और वह उसके साथ दुबई भागने की योजना बना रही थी। विकास ने बताया कि जब उसने इसका विरोध किया, तो उसके ससुराल वालों ने उसे बुरी तरह पीटा और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। ​पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल ​मृतक के परिजनों और सुसाइड नोट के अनुसार, विकास ने अपनी पत्नी की हरकतों और ससुराल वालों की मारपीट की शिकायत स्थानीय पुलिस से भी की थी। आरोप है कि पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और मूकदर्शक बनी रही। इसी 'सिस्टम की अनदेखी' और पत्नी की बेवफाई से टूटकर विकास ने बुधवार रात बेटी को साथ लेकर रेलवे ट्रैक का रास्ता चुना। ​5 लोगों पर एफआईआर दर्ज ​घटना के बाद इलाके में भारी तनाव और आक्रोश है। पुलिस ने विकास के परिजनों की तहरीर और सुसाइड नोट के आधार पर निम्नलिखित कार्रवाई की है: ​मुख्य आरोपी: पत्नी, उसके कथित प्रेमी और ससुराल पक्ष के 3 अन्य सदस्यों (कुल 5) पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज। ​जांच: पुलिस ने वह मोबाइल जब्त कर लिया है जिससे वीडियो बनाया गया था। ​बयान: "साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।" — क्षेत्राधिकारी (CO), उन्नाव ​एक मासूम की क्या गलती? ​इस घटना ने समाज के सामने कई कड़वे सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पति-पत्नी के विवाद में उस मासूम 3 साल की बच्ची की क्या गलती थी, जिसे दुनिया देखने से पहले ही पिता के साथ मौत के आगोश में सोना पड़ा।

on 26 February
user_ApkiAwajDigital
ApkiAwajDigital
Local News Reporter बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
on 26 February

बेवफाई और जिल्लत ने ली दो जानें: उन्नाव में मासूम बेटी को गोद में लेकर पिता ट्रेन के आगे कूदा, सुसाइड नोट में बयां किया दर्द #Apkiawajdigital उन्नाव | क्राइम रिपोर्टर उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक युवक ने अपनी 3 वर्षीय मासूम बेटी के साथ ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। मृतक विकास (32) ने आत्मघाती कदम उठाने से पहले एक सुसाइड नोट और वीडियो जारी किया, जिसमें उसने अपनी पत्नी के गैर-मजहब के युवक के साथ प्रेम प्रसंग और ससुराल वालों द्वारा दी गई प्रताड़ना को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पत्नी समेत 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। ​"मेरी पत्नी दुबई भागना चाहती है..." ​विकास ने अपने आखिरी संदेश में आरोप लगाया कि उसकी पत्नी का एक विशेष समुदाय के युवक (मोमडन) के साथ प्रेम संबंध है और वह उसके साथ दुबई भागने की योजना बना रही थी। विकास ने बताया कि जब उसने इसका विरोध किया, तो उसके ससुराल वालों ने उसे बुरी तरह पीटा और उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। ​पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल ​मृतक के परिजनों और सुसाइड नोट के अनुसार, विकास ने अपनी पत्नी की हरकतों और ससुराल वालों की मारपीट की शिकायत स्थानीय पुलिस से भी की थी। आरोप है कि पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और मूकदर्शक बनी रही। इसी 'सिस्टम की अनदेखी' और पत्नी की बेवफाई से टूटकर विकास ने बुधवार रात बेटी को साथ लेकर रेलवे ट्रैक का रास्ता चुना। ​5 लोगों पर एफआईआर दर्ज ​घटना के बाद इलाके में भारी तनाव और आक्रोश है। पुलिस ने विकास के परिजनों की तहरीर और सुसाइड नोट के आधार पर निम्नलिखित कार्रवाई की है: ​मुख्य आरोपी: पत्नी, उसके कथित प्रेमी और ससुराल पक्ष के 3 अन्य सदस्यों (कुल 5) पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज। ​जांच: पुलिस ने वह मोबाइल जब्त कर लिया है जिससे वीडियो बनाया गया था। ​बयान: "साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।" — क्षेत्राधिकारी (CO), उन्नाव ​एक मासूम की क्या गलती? ​इस घटना ने समाज के सामने कई कड़वे सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पति-पत्नी के विवाद में उस मासूम 3 साल की बच्ची की क्या गलती थी, जिसे दुनिया देखने से पहले ही पिता के साथ मौत के आगोश में सोना पड़ा।

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  • संवाददाता बांदा दैनिक । जनपद बांदा के कस्बा कमासिन निवासी रामसागर गर्ग (अध्यापक/प्रधानाचार्य) की सुपुत्री आशु गर्ग का चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा में नायब तहसीलदार पद पर हुआ है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से पूरे कस्बे में खुशी और उत्साह का माहौल है। गृह आगमन पर आशु गर्ग का जोरदार स्वागत किया गया। पिता रामसागर गर्ग ने तिलक लगाकर और पुष्पवर्षा कर बेटी का स्वागत किया, वहीं मिष्ठान वितरण कर सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मौजूद गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने आशु गर्ग को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। आशु गर्ग ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हुए कहा कि उनके पिता ने हमेशा उन्हें प्रेरित किया और एक अच्छे मित्र की तरह मार्गदर्शन दिया, जिसकी बदौलत वे इस मुकाम तक पहुंच सकीं।
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    संवाददाता बांदा
दैनिक । जनपद बांदा के कस्बा कमासिन निवासी रामसागर गर्ग (अध्यापक/प्रधानाचार्य) की सुपुत्री आशु गर्ग का चयन उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा में नायब तहसीलदार पद पर हुआ है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि से पूरे कस्बे में खुशी और उत्साह का माहौल है। गृह आगमन पर आशु गर्ग का जोरदार स्वागत किया गया। पिता रामसागर गर्ग ने तिलक लगाकर और पुष्पवर्षा कर बेटी का स्वागत किया, वहीं मिष्ठान वितरण कर सभी का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मौजूद गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने आशु गर्ग को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। आशु गर्ग ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता को देते हुए कहा कि उनके पिता ने हमेशा उन्हें प्रेरित किया और एक अच्छे मित्र की तरह मार्गदर्शन दिया, जिसकी बदौलत वे इस मुकाम तक पहुंच सकीं।
    user_Shrikant Shrivastav
    Shrikant Shrivastav
    पत्रकार Banda, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
  • ye hamare gaon ka school hai par yaha gandgi bahut jyada hi
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    ye hamare gaon ka school hai  par yaha gandgi bahut jyada hi
    user_Badshah Khan
    Badshah Khan
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • विश्व शांति, सद्भावना और जन जागरण का संदेश लेकर निकली अखंड ज्योति कलश रथ यात्रा।
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    विश्व शांति, सद्भावना और जन जागरण का संदेश लेकर निकली अखंड ज्योति कलश रथ यात्रा।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • 🚨 यूपी के। #बांदा में नकली गुटखा फैक्ट्री का भंडाफोड़! 4 गिरफ्तार, 5 लाख का माल बरामद बांदा के सुतरखाना इलाके में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध नकली और अपमिश्रित गुटखा बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। कोतवाली नगर पुलिस की छापेमारी में 4 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने फैक्ट्री से भारी मात्रा में तैयार और अर्द्धनिर्मित गुटखा, तंबाकू, रैपर, पैकिंग मशीन और अन्य उपकरण बरामद किए हैं, जिनकी कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई जा रही है। एसपी पलाश बंसल के निर्देशन में चल रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम ने मौके पर दबिश देकर आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। बाइट : मेविश टॉक सहायक पुलिस अधीक्षक (क्षेत्राधिकारी नगर बांदा) #BandaPolice #GutkhaFactoryBusted #FakeGutkha #UPPoliceAction #CrimeNews #BandaNews #IllegalBusiness #BreakingNews #followers #highlights
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    🚨 यूपी के। #बांदा में नकली गुटखा फैक्ट्री का भंडाफोड़! 4 गिरफ्तार, 5 लाख का माल बरामद
बांदा  के सुतरखाना इलाके में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध नकली और अपमिश्रित गुटखा बनाने वाली फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। कोतवाली नगर पुलिस की छापेमारी में 4 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने फैक्ट्री से भारी मात्रा में तैयार और अर्द्धनिर्मित गुटखा, तंबाकू, रैपर, पैकिंग मशीन और अन्य उपकरण बरामद किए हैं, जिनकी कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई जा रही है।
एसपी पलाश बंसल के निर्देशन में चल रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम ने मौके पर दबिश देकर आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया।
सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बाइट : मेविश टॉक सहायक पुलिस अधीक्षक (क्षेत्राधिकारी नगर बांदा) 
#BandaPolice #GutkhaFactoryBusted #FakeGutkha #UPPoliceAction #CrimeNews #BandaNews #IllegalBusiness #BreakingNews 
#followers #highlights
    user_LK Tiwari Ram G
    LK Tiwari Ram G
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    14 hrs ago
  • देहात कोतवाली क्षेत्र के चाहितारा के पास मुठभेड़ में पुलिस और एसओजी टीम को बड़ी सफलता 3 पशु तस्कर गिरफ्तार ➡️ मुठभेड़ में आरोपी फिरोज खान के पैर में लगी गोली ➡️ ट्रामा सेंटर में चल रहा इलाज ➡️ तीनों आरोपी फतेहपुर के निवासी बताए जा रहे हैं 95 हजार कैश एक महिंद्रा पिकअप भी बरामद ➡️ पुलिस कर रही विधिक कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज सिंह ने दी पूरी जानकारी
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    देहात कोतवाली क्षेत्र के चाहितारा के पास मुठभेड़ में पुलिस और एसओजी टीम को बड़ी सफलता 
3 पशु तस्कर गिरफ्तार 
➡️ मुठभेड़ में आरोपी फिरोज खान के पैर में लगी गोली
➡️ ट्रामा सेंटर में चल रहा इलाज 
➡️ तीनों आरोपी फतेहपुर के निवासी बताए जा रहे हैं
95 हजार कैश एक महिंद्रा पिकअप भी बरामद 
➡️ पुलिस कर रही विधिक कार्रवाई
अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज सिंह ने दी पूरी जानकारी
    user_आशीष शुक्ला
    आशीष शुक्ला
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • बांदा – हनुमान जयंती के पावन अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने अपने साथियों के साथ मिलकर भगवान कामतानाथ को दंडवत प्रणाम किया और परिक्रमा लगाई।इस अवसर पर अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने कहा कि इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच भीषण महायुद्ध अब 34 दिन से जारी है, जिसके कारण लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। रोजगार, धंधे चौपट हैं और पेट्रोल, डीजल, गैस जैसी बुनियादी वस्तुएं भी लोगों तक नहीं पहुंच रही हैं।उन्होंने ब्रिटेन की पहल की सराहना की, जिसमें 60 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। दीक्षित जी ने कहा, "हमारी प्रार्थना है कि परमपिता परमेश्वर श्री कामतानाथ जी शीघ्र इस महायुद्ध को समाप्त करें और विश्व में शांति स्थापित हो।"इस अवसर पर कांग्रेस के सोशल मीडिया प्रभारी संतोष द्विवेदी, सनत अवस्थी और लालबाबू राजपूत भी मौजूद रहे। आइए हम सब मिलकर शांति और भाईचारे का संदेश फैलाएं!
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    बांदा – हनुमान जयंती के पावन अवसर पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने अपने साथियों के साथ मिलकर भगवान कामतानाथ को दंडवत प्रणाम किया और परिक्रमा लगाई।इस अवसर पर अध्यक्ष राजेश दीक्षित ने कहा कि इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच भीषण महायुद्ध अब 34 दिन से जारी है, जिसके कारण लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। रोजगार, धंधे चौपट हैं और पेट्रोल, डीजल, गैस जैसी बुनियादी वस्तुएं भी लोगों तक नहीं पहुंच रही हैं।उन्होंने ब्रिटेन की पहल की सराहना की, जिसमें 60 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। दीक्षित जी ने कहा, "हमारी प्रार्थना है कि परमपिता परमेश्वर श्री कामतानाथ जी शीघ्र इस महायुद्ध को समाप्त करें और विश्व में शांति स्थापित हो।"इस अवसर पर कांग्रेस के सोशल मीडिया प्रभारी संतोष द्विवेदी, सनत अवस्थी और लालबाबू राजपूत भी मौजूद रहे। आइए हम सब मिलकर शांति और भाईचारे का संदेश फैलाएं!
    user_Amod Kumar
    Amod Kumar
    रिपोर्टर बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • “1076 हेल्पलाइन प्रोटेस्ट का सच 😡 सरकार पर बड़ा सवाल!” बाँदा से घासीराम निषाद की विशेष रिपोर्ट...✍️ "लोकतंत्र या लाठीतंत्र ? 1076 की बेटियों पर बरसीं लाठियाँ और दावों की ढपली!" दिनांक: 02 अप्रैल 2026 ​लखनऊ की सड़कों से जो तस्वीरें आई हैं, उन्होंने यह साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में 'रामराज्य' की परिभाषा अब थोड़ी बदल गई है। अब यहाँ न्याय माँगने वाली बेटियों को 'दुआ' नहीं, बल्कि पुलिस की 'दहशत' मिलती है। ​1. वर्दी की तानाशाही: सरकार का नया 'हैंडीक्राफ्ट' ​सत्ता के गलियारों में बैठे हुक्मरानों ने पुलिस को कानून की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए 'बाउंसर' की तरह इस्तेमाल करना सीख लिया है। जब 1076 हेल्पलाइन की बेटियाँ अपना हक माँगने निकलीं, तो यूपी पुलिस ने अपनी "कार्यकुशलता" का ऐसा परिचय दिया कि लोग दंग रह गए। व्यंग्य: "शायद पुलिस को ऊपर से निर्देश थे कि बेटियाँ सुरक्षित रहनी चाहिए—चाहे इसके लिए उन्हें घसीटकर बस में ही क्यों न डालना पड़े! आखिर सड़क पर आंदोलन करना 'सुरक्षा' के लिए खतरा जो है।" ​2. 'चिंदीचोरों' और ठेकेदारों की 'कवच' बनी सरकार ​आम जनता की सरकार होने का दम भरने वाली सत्ता आज किनके कदमों में बिछी है? जवाब साफ है—उन आउटसोर्सिंग कंपनियों और ठेकेदारों के कदमों में, जो इन बेटियों का खून चूसकर अपनी तिजोरियाँ भर रहे हैं। ​सबका साथ, ठेकेदारों का विकास: सरकार ने मान लिया है कि विकास का मतलब आम आदमी की जेब भरना नहीं, बल्कि चंद उद्योगपतियों और 'चिंदीचोर' ठेकेदारों को मनमानी की छूट देना है। ​नियमों की बलि: लेबर लॉ की ऐसी धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं कि खुद कानून भी शर्मिंदा हो जाए, लेकिन मजाल है कि सरकार इन चहेते ठेकेदारों पर 'बुलडोजर' तो दूर, एक नोटिस भी ढंग से चला दे। ​3. 'बेटी बचाओ' या 'आवाज दबाओ'? ​होर्डिंग्स पर मुस्कुराती बेटियों की तस्वीरों और सड़क पर रोती इन लड़कियों के बीच का अंतर ही इस सरकार की असली उपलब्धि है। ​सीधा सवाल: क्या 'सबका विश्वास' जीतने का मतलब उन बेटियों का भरोसा तोड़ना है जो दिन-रात मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर लोगों की मदद करती हैं? या फिर सरकार अब 'जनता की सरकार' का चोला उतारकर शुद्ध रूप से 'ठेकेदारों की पीआर एजेंसी' बन चुकी है? ​4. तानाशाही का नया मॉडल ​व्यवस्था के नाम पर पुलिसिया तानाशाही को जिस तरह बढ़ावा दिया जा रहा है, वह बताता है कि अब संवाद की जगह 'डंडे' ने ले ली है। जब भी कोई अपने हक के लिए मुँह खोलता है, व्यवस्था उसे 'शांति भंग' का अपराधी बना देती है। ₹7000-8000 की नौकरी करने वाली इन बेटियों से व्यवस्था को इतना डर लगने लगा कि पूरी की पूरी पुलिस फोर्स उतार दी गई। ​5. उपसंहार: खोखले नारों की प्रदर्शनी ​अंत में, यह कहना गलत नहीं होगा कि मौजूदा व्यवस्था अब 'जनसेवा' के मोड से हटकर 'ठेकेदार सेवा' मोड में आ चुकी है। उद्योगपतियों की गोद में बैठी यह सत्ता अब आम आदमी की चीखें नहीं सुन सकती, क्योंकि इसके कानों में ठेकेदारों के मुनाफे का शोर बहुत ज्यादा है। ​साहब! ये 1076 की बेटियाँ नहीं, आपके खोखले दावों की जीती-जाती गवाह हैं। अगली बार जब 'नारी वंदन' का भाषण तैयार करें, तो लखनऊ की सड़कों पर पड़े उन जूतों और घसीटी गई उन बेटियों को जरूर याद कर लीजिएगा।
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    “1076 हेल्पलाइन प्रोटेस्ट का सच 😡 सरकार पर बड़ा सवाल!”
बाँदा से घासीराम निषाद की विशेष रिपोर्ट...✍️
"लोकतंत्र या लाठीतंत्र ? 1076 की बेटियों पर बरसीं लाठियाँ और दावों की ढपली!"
दिनांक: 02 अप्रैल 2026
​लखनऊ की सड़कों से जो तस्वीरें आई हैं, उन्होंने यह साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में 'रामराज्य' की परिभाषा अब थोड़ी बदल गई है। अब यहाँ न्याय माँगने वाली बेटियों को 'दुआ' नहीं, बल्कि पुलिस की 'दहशत' मिलती है।
​1. वर्दी की तानाशाही: सरकार का नया 'हैंडीक्राफ्ट'
​सत्ता के गलियारों में बैठे हुक्मरानों ने पुलिस को कानून की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए 'बाउंसर' की तरह इस्तेमाल करना सीख लिया है। जब 1076 हेल्पलाइन की बेटियाँ अपना हक माँगने निकलीं, तो यूपी पुलिस ने अपनी "कार्यकुशलता" का ऐसा परिचय दिया कि लोग दंग रह गए।
व्यंग्य: "शायद पुलिस को ऊपर से निर्देश थे कि बेटियाँ सुरक्षित रहनी चाहिए—चाहे इसके लिए उन्हें घसीटकर बस में ही क्यों न डालना पड़े! आखिर सड़क पर आंदोलन करना 'सुरक्षा' के लिए खतरा जो है।"
​2. 'चिंदीचोरों' और ठेकेदारों की 'कवच' बनी सरकार
​आम जनता की सरकार होने का दम भरने वाली सत्ता आज किनके कदमों में बिछी है? जवाब साफ है—उन आउटसोर्सिंग कंपनियों और ठेकेदारों के कदमों में, जो इन बेटियों का खून चूसकर अपनी तिजोरियाँ भर रहे हैं।
​सबका साथ, ठेकेदारों का विकास: सरकार ने मान लिया है कि विकास का मतलब आम आदमी की जेब भरना नहीं, बल्कि चंद उद्योगपतियों और 'चिंदीचोर' ठेकेदारों को मनमानी की छूट देना है।
​नियमों की बलि: लेबर लॉ की ऐसी धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं कि खुद कानून भी शर्मिंदा हो जाए, लेकिन मजाल है कि सरकार इन चहेते ठेकेदारों पर 'बुलडोजर' तो दूर, एक नोटिस भी ढंग से चला दे।
​3. 'बेटी बचाओ' या 'आवाज दबाओ'?
​होर्डिंग्स पर मुस्कुराती बेटियों की तस्वीरों और सड़क पर रोती इन लड़कियों के बीच का अंतर ही इस सरकार की असली उपलब्धि है।
​सीधा सवाल: क्या 'सबका विश्वास' जीतने का मतलब उन बेटियों का भरोसा तोड़ना है जो दिन-रात मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर लोगों की मदद करती हैं? या फिर सरकार अब 'जनता की सरकार' का चोला उतारकर शुद्ध रूप से 'ठेकेदारों की पीआर एजेंसी' बन चुकी है?
​4. तानाशाही का नया मॉडल
​व्यवस्था के नाम पर पुलिसिया तानाशाही को जिस तरह बढ़ावा दिया जा रहा है, वह बताता है कि अब संवाद की जगह 'डंडे' ने ले ली है। जब भी कोई अपने हक के लिए मुँह खोलता है, व्यवस्था उसे 'शांति भंग' का अपराधी बना देती है। ₹7000-8000 की नौकरी करने वाली इन बेटियों से व्यवस्था को इतना डर लगने लगा कि पूरी की पूरी पुलिस फोर्स उतार दी गई।
​5. उपसंहार: खोखले नारों की प्रदर्शनी
​अंत में, यह कहना गलत नहीं होगा कि मौजूदा व्यवस्था अब 'जनसेवा' के मोड से हटकर 'ठेकेदार सेवा' मोड में आ चुकी है। उद्योगपतियों की गोद में बैठी यह सत्ता अब आम आदमी की चीखें नहीं सुन सकती, क्योंकि इसके कानों में ठेकेदारों के मुनाफे का शोर बहुत ज्यादा है।
​साहब! ये 1076 की बेटियाँ नहीं, आपके खोखले दावों की जीती-जाती गवाह हैं। अगली बार जब 'नारी वंदन' का भाषण तैयार करें, तो लखनऊ की सड़कों पर पड़े उन जूतों और घसीटी गई उन बेटियों को जरूर याद कर लीजिएगा।
    user_ApkiAwajDigital
    ApkiAwajDigital
    Local News Reporter बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • बांदा जनपद में विद्युत विभाग की लापरवाही लगातार आम जनता पर भारी पड़ती जा रही है। ताजा मामला कमासिन क्षेत्र के ग्राम पंचायत बीरा से सामने आया है, जहां एक किसान 11 हजार वोल्ट की झूलती हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। बताया जा रहा है कि बुधवार को किसान भूनेंद्र सिंह (उम्र लगभग 55 वर्ष) खेत में काम कर रहे थे, तभी वह नीचे झूल रही बिजली की तारों के संपर्क में आ गए। करंट लगने से वह बुरी तरह झुलस गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बिजली लाइन बंद कराई और घायल किसान को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमासिन पहुंचाया। डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए फतेहपुर ले गए, जहां उनका इलाज जारी है। किसान की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।परिजनों के मुताबिक भूनेंद्र सिंह के परिवार में चार बेटियां और एक बेटा है, और उनकी एक बेटी की शादी 20 अप्रैल को होनी है। इस हादसे के बाद परिवार में दुख और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों के बीच झूल रही हाईटेंशन तारों की शिकायत पिछले एक वर्ष से लगातार विद्युत विभाग से की जा रही थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यही लापरवाही अब इस बड़े हादसे की वजह बन गई। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन विभाग ने कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
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    बांदा जनपद में विद्युत विभाग की लापरवाही लगातार आम जनता पर भारी पड़ती जा रही है। ताजा मामला कमासिन क्षेत्र के ग्राम पंचायत बीरा से सामने आया है, जहां एक किसान 11 हजार वोल्ट की झूलती हाईटेंशन लाइन की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस गया। बताया जा रहा है कि बुधवार को किसान भूनेंद्र सिंह (उम्र लगभग 55 वर्ष) खेत में काम कर रहे थे, तभी वह नीचे झूल रही बिजली की तारों के संपर्क में आ गए। करंट लगने से वह बुरी तरह झुलस गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बिजली लाइन बंद कराई और घायल किसान को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमासिन पहुंचाया। डॉक्टरों ने हालत गंभीर देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए फतेहपुर ले गए, जहां उनका इलाज जारी है। किसान की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है।परिजनों के मुताबिक भूनेंद्र सिंह के परिवार में चार बेटियां और एक बेटा है, और उनकी एक बेटी की शादी 20 अप्रैल को होनी है। इस हादसे के बाद परिवार में दुख और चिंता का माहौल है। ग्रामीणों का आरोप है कि खेतों के बीच झूल रही हाईटेंशन तारों की शिकायत पिछले एक वर्ष से लगातार विद्युत विभाग से की जा रही थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यही लापरवाही अब इस बड़े हादसे की वजह बन गई। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि इससे पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन विभाग ने कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
    user_Shrikant Shrivastav
    Shrikant Shrivastav
    पत्रकार Banda, Uttar Pradesh•
    1 hr ago
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