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सरकारी लाइन में पानी नहीं आता है, जिससे संबंधित क्षेत्र में पानी की समस्या बनी हुई है।
कल्याण
सरकारी लाइन में पानी नहीं आता है, जिससे संबंधित क्षेत्र में पानी की समस्या बनी हुई है।
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- गुना में, पूर्व विधायक ममता मीना ने पन्नालाल शाक्य को अपना समर्थन दिया है। मीना ने शाक्य के समर्थन में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।1
- राजगढ़ जिले के केलखेड़ा में एक स्कूल के सामने की गली कई सालों से खराब पड़ी है, जिसमें लगातार पानी भरा रहता है। इस कारण बच्चों सहित राहगीरों को चलने-फिरने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार पंचायत से शिकायत की है और कई सुनवाईयां भी हुई हैं, लेकिन इसके बावजूद पंचायत द्वारा गली की मरम्मत का कार्य नहीं किया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने पंचायत पर नियमों का पालन न करने और उनकी सुनवाई न करने का आरोप लगाया है, जिससे वे अपनी समस्याओं के समाधान के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।1
- मध्य प्रदेश के राजगढ़ में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) पर सुझाव और विचार प्राप्त करने के लिए गठित उच्च स्तरीय समिति की बैठक रविवार को जिला पंचायत सभागृह में आयोजित हुई। इस दौरान माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों को साझा किया गया, जिसमें उन्होंने समान नागरिक संहिता का समर्थन करते हुए कहा कि देश में अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के बजाय सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून होना चाहिए। उनके अनुसार, यूसीसी का उद्देश्य कानून के समक्ष समानता, महिलाओं को समान अधिकार और लैंगिक न्याय सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि एक धर्मनिरपेक्ष और समान नागरिक संहिता से विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और गोद लेने जैसे मामलों में सभी नागरिकों के साथ समान व्यवहार होगा, जिससे संविधान में निहित समानता के सिद्धांत को मजबूती मिलेगी। बैठक को संबोधित करते हुए प्रोफेसर गोपाल शर्मा ने जोर देकर कहा कि समान नागरिक संहिता जैसे महत्वपूर्ण विषय पर समाज के सभी वर्गों और आमजन की राय लेना तथा उसे विधिवत दर्ज करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य विभिन्न समुदायों के विचारों, सुझावों और मतों को संकलित कर उन्हें नीति निर्माण की प्रक्रिया में शामिल करना है। प्रोफेसर शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि यूसीसी की अवधारणा कोई नई नहीं है, बल्कि इसका उल्लेख भारतीय संविधान के नीति निदेशक तत्वों के अंतर्गत अनुच्छेद 44 में किया गया है। संविधान निर्माताओं ने पहले ही यह परिकल्पना की थी कि देश की सामाजिक परिस्थितियों और विकास के अनुरूप समय आने पर समान नागरिक संहिता को लागू किया जाएगा। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग नारायण सिंह पंवार, राजगढ़ विधायक अमर सिंह यादव, खिलचीपुर विधायक हजारीलाल दांगी, भाजपा जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह गुर्जर, कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा, पुलिस अधीक्षक अमित तोलानी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डॉ. इच्छित गढ़पाले, अपर कलेक्टर प्रताप सिंह चौहान, और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के.एल. बंजारे सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि व अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित रहे। बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और प्रतिभागियों ने सुझाव दिया कि समान नागरिक संहिता का मूल उद्देश्य एवं भावना वही बनी रहनी चाहिए, जिसकी परिकल्पना संविधान निर्माताओं ने की थी।1
- छीपाबड़ौद के स्टेडियम में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 की तैयारियों के तहत वृक्षासन का अभ्यास किया जा रहा है।1
- भोपाल संभाग के ब्यूरो चीफ सैफ अली ने 'भारत संवाद' और 'परिवर्तन उदय' नामक राष्ट्रीय दैनिक समाचार पत्रों का परिचय दिया है। 'भारत संवाद' एक लाइव न्यूज चैनल भी है। सैफ अली ने पाठकों से प्रमुख खबरों के लिए इन समाचार पत्रों और न्यूज चैनल के साथ बने रहने का आग्रह किया है। इसके साथ ही, खबर और विज्ञापन संबंधी जानकारी के लिए एक संपर्क नंबर भी साझा किया गया है।1
- गुना जिले के कुंभराज इलाके के खेजरा गांव में एक पारिवारिक विवाद के चलते एक युवती अपने प्रेमी से शादी की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गई। सुबह करीब पांच बजे यह युवती 70 फीट की ऊंचाई पर चढ़कर बैठ गई, जिससे इलाके में हाई वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया जो लगभग एक घंटे तक चला। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवती के प्रेमी को बुलाया। पुलिस ने प्रेमी से शादी का भरोसा दिलाकर युवती को सुरक्षित टावर से नीचे उतारा। इस घटना को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए थे।1
- एक बेजुबान जानवर के प्रति की गई अत्यधिक क्रूरता पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है, जिसके साथ इतनी बेरहमी से व्यवहार किया गया कि यह देखकर दिल दहल उठेगा। पोस्ट में इंसान की निर्दयता पर सवाल उठाया गया है, यह पूछते हुए कि आखिर कोई इतना क्रूर कैसे हो सकता है। एक मार्मिक अपील करते हुए याद दिलाया गया है कि हर कर्म का फल अवश्य मिलता है और पशुओं पर दया करना अनिवार्य है, क्योंकि वे भी दर्द और पीड़ा को महसूस करते हैं।1