प्रतिमा के सौंदर्यीकरण और रेलिंग निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार उजागर अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ते में बंद इतिहास और पोस्टरों के पीछे छिपी आचार्य शुक्ल की साख! प्रतिमा के सौंदर्यीकरण और रेलिंग निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। नेताओं के स्वागत समारोह और अभिनंदन के बड़े-बड़े पोस्टरों ने आचार्य रामचंद्र शुक्ल की प्रतिमा को पूरी तरह से छिपा दिया है। — विशेष रिपोर्ट / बस्ती हिंदी आलोचना के शिखर पुरुष, शुक्ल युग के प्रणेता और हिंदी साहित्य को वैज्ञानिक व तार्किक धरातल पर स्थापित करने वाले आचार्य रामचंद्र शुक्ल की प्रतिमा यदि उनके ही गृह जनपद में उपेक्षा और राजनीतिक ढोंग का शिकार हो जाए, तो इसे विडंबना नहीं बल्कि बौद्धिक दिवालियापन कहा जाएगा। बस्ती जनपद के व्यस्ततम बड़ेबन चौराहे पर आचार्य शुक्ल की प्रतिमा के इर्द-गिर्द चल रहा तथाकथित 'सौंदर्यीकरण' और उसके नाम पर किया गया कारनामा इन दिनों शहरभर में चर्चा का विषय है—और हो भी क्यों न, यहाँ साहित्य और इतिहास से ज्यादा नेताओं के स्वागत में लगे बड़े-बड़े फ्लेक्स बोर्डों की शान ज्यादा चमक रही है। सौंदर्य कम, भ्रष्टाचार का सीमेंट ज्यादा! चौराहे को सुंदर बनाने और प्रतिमा के आसपास रेलिंग निर्माण के नाम पर जो लीपापोती की गई है, उसने विकास के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। हाल ही में सामने आए दृश्यों से यह साफ उजागर होता है कि निर्माण कार्य में किस स्तर की धांधली और भ्रष्टाचार हुआ है। जिस रेलिंग और स्ट्रक्चर को मजबूती और सुंदरता का प्रतीक होना चाहिए था, वह शुरुआती दौर में ही अपनी पोल खोल रहा है। घटिया सामग्री और बिना मानक के किए गए निर्माण कार्य ने सरकारी धन के दुरुपयोग की कहानी खुद-ब-खुद कह दी है। कंक्रीट के ढांचे में पड़ी दरारें और उखड़ती परतें इस बात का प्रमाण हैं कि विकास यहाँ सिर्फ कागजों और विज्ञापनों तक सीमित है, जमीन पर तो बस कमीशनखोरी की नींव मजबूत हो रही है। पोस्टरों की ओट में गुम हुआ आचार्य का अक्स सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि जिस महान विभूति की प्रेरणा से यह चौराहा आबाद है, आचार्य शुक्ल की वह प्रतिमा खुद राजनीतिक पोस्टरों और स्वागत-समारोह के बैनरों के पीछे कैदी बनकर रह गई है। नेताओं के आगमन और उनके भव्य स्वागत के रंग-बिरंगे होर्डिंग्स इस तरह ताने गए हैं कि राह चलते किसी आम नागरिक को आचार्य जी के दर्शन तक नसीब नहीं होते। साहित्य के उस पुरोधा को, जिन्होंने जीवनभर सतहीपन और दिखावे का विरोध किया, आज उन्हीं के चबूतरे पर चाटुकारिता और राजनीतिक प्रदर्शन का पर्दा ओढ़ा दिया गया है। क्या बस्ती का प्रशासन और यहाँ के तथाकथित नुमाइंदे इतने संवेदनहीन हो चुके हैं कि उन्हें एक मूर्धन्य साहित्यकार की गरिमा का भी खयाल नहीं? स्वागत और अभिनंदन के इन विज्ञापनों में चमचमाते चेहरों की होड़ ने आचार्य रामचंद्र शुक्ल की प्रतिमा को हाशिये पर धकेल दिया है। अब सवाल यह है कि... बड़ेबन चौराहे का यह नजारा बस्ती के वैचारिक पतन का जीवंत दस्तावेज बन गया है। जहाँ एक ओर भ्रष्टाचार ने सौंदर्यीकरण की नींव को खोखला कर दिया है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक होर्डिंग्स ने इतिहास के पन्नों को ढक दिया है। क्या जिला प्रशासन और जिम्मेदार विभाग इस घोर लापरवाही का संज्ञान लेंगे? या फिर आचार्य शुक्ल की यह प्रतिमा यूं ही भ्रष्टाचार के मलबे और नेताओं के पोस्टरों के पीछे दम तोड़ती रहेगी? बस्ती की जनता और साहित्यप्रेमी अब जवाब मांग रहे हैं—आखिरी साहित्य के इस अपमान की कीमत कौन चुकाएगा?
प्रतिमा के सौंदर्यीकरण और रेलिंग निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार उजागर अजीत मिश्रा (खोजी) बस्ते में बंद इतिहास और पोस्टरों के पीछे छिपी आचार्य शुक्ल की साख! प्रतिमा के सौंदर्यीकरण और रेलिंग निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार उजागर हुआ है। नेताओं के स्वागत समारोह और अभिनंदन के बड़े-बड़े पोस्टरों ने आचार्य रामचंद्र शुक्ल की प्रतिमा को पूरी तरह से छिपा दिया है। — विशेष रिपोर्ट / बस्ती हिंदी आलोचना के शिखर पुरुष, शुक्ल युग के प्रणेता और हिंदी साहित्य को वैज्ञानिक व तार्किक धरातल पर स्थापित करने वाले आचार्य रामचंद्र शुक्ल की प्रतिमा यदि उनके ही गृह जनपद में उपेक्षा और राजनीतिक ढोंग का शिकार हो जाए, तो इसे विडंबना नहीं बल्कि बौद्धिक दिवालियापन कहा जाएगा। बस्ती जनपद के व्यस्ततम बड़ेबन चौराहे पर आचार्य शुक्ल की प्रतिमा के इर्द-गिर्द चल रहा तथाकथित 'सौंदर्यीकरण' और उसके नाम पर किया गया कारनामा इन दिनों शहरभर में चर्चा का विषय है—और हो भी क्यों न, यहाँ साहित्य और इतिहास से ज्यादा नेताओं के स्वागत में लगे बड़े-बड़े फ्लेक्स बोर्डों की शान ज्यादा चमक रही है। सौंदर्य कम, भ्रष्टाचार का सीमेंट ज्यादा! चौराहे को सुंदर बनाने और प्रतिमा के आसपास रेलिंग निर्माण के नाम पर जो लीपापोती की गई है, उसने विकास के दावों की धज्जियां उड़ा दी हैं। हाल ही में सामने आए दृश्यों से यह साफ उजागर होता है कि निर्माण कार्य में किस स्तर की धांधली और भ्रष्टाचार हुआ है। जिस रेलिंग और स्ट्रक्चर को मजबूती और सुंदरता का प्रतीक होना चाहिए था, वह शुरुआती दौर में ही अपनी पोल खोल रहा है। घटिया सामग्री और बिना मानक के किए गए निर्माण कार्य ने सरकारी धन के दुरुपयोग की कहानी खुद-ब-खुद कह दी है। कंक्रीट के ढांचे में पड़ी दरारें और उखड़ती परतें इस बात का प्रमाण हैं कि विकास यहाँ सिर्फ कागजों और विज्ञापनों तक सीमित है, जमीन पर तो बस कमीशनखोरी की नींव मजबूत हो रही है। पोस्टरों की ओट में गुम हुआ आचार्य का अक्स सबसे शर्मनाक पहलू यह है कि जिस महान विभूति की प्रेरणा से यह चौराहा आबाद है, आचार्य शुक्ल की वह प्रतिमा खुद राजनीतिक पोस्टरों और स्वागत-समारोह के बैनरों के पीछे कैदी बनकर रह गई है। नेताओं के आगमन और उनके भव्य स्वागत के रंग-बिरंगे होर्डिंग्स इस तरह ताने गए हैं कि राह चलते किसी आम नागरिक को आचार्य जी के दर्शन तक नसीब नहीं होते। साहित्य के उस पुरोधा को, जिन्होंने जीवनभर सतहीपन और दिखावे का विरोध किया, आज उन्हीं के चबूतरे पर चाटुकारिता और राजनीतिक प्रदर्शन का पर्दा ओढ़ा दिया गया है। क्या बस्ती का प्रशासन और यहाँ के तथाकथित नुमाइंदे इतने संवेदनहीन हो चुके हैं कि उन्हें एक मूर्धन्य साहित्यकार की गरिमा का भी खयाल नहीं? स्वागत और अभिनंदन के इन विज्ञापनों में चमचमाते चेहरों की होड़ ने आचार्य रामचंद्र शुक्ल की प्रतिमा को हाशिये पर धकेल दिया है। अब सवाल यह है कि... बड़ेबन चौराहे का यह नजारा बस्ती के वैचारिक पतन का जीवंत दस्तावेज बन गया है। जहाँ एक ओर भ्रष्टाचार ने सौंदर्यीकरण की नींव को खोखला कर दिया है, वहीं दूसरी ओर राजनीतिक होर्डिंग्स ने इतिहास के पन्नों को ढक दिया है। क्या जिला प्रशासन और जिम्मेदार विभाग इस घोर लापरवाही का संज्ञान लेंगे? या फिर आचार्य शुक्ल की यह प्रतिमा यूं ही भ्रष्टाचार के मलबे और नेताओं के पोस्टरों के पीछे दम तोड़ती रहेगी? बस्ती की जनता और साहित्यप्रेमी अब जवाब मांग रहे हैं—आखिरी साहित्य के इस अपमान की कीमत कौन चुकाएगा?
- खलीलाबाद में नवयुवक कांवरिया संघ के जत्थे को जय चौबे व नगर पालिका अध्यक्ष जगत जायसवाल ने किया रवाना शिवभक्ति के जयघोष के बीच अयोध्या के लिए पैदल निकले कांवरिये, सरयू जल से करेंगे बाबा भदेश्वरनाथ का जलाभिषेक संतकबीरनगर। सावन मास की पावन बेला में खलीलाबाद के समय माता मंदिर परिसर में नवयुवक कांवरिया संघ के छठे कांवर यात्रा जत्थे का शुभारंभ पूर्व विधायक जय चौबे एवं नगर पालिका परिषद खलीलाबाद के अध्यक्ष जगत जायसवाल ने विधिवत फीता काटकर किया। उद्घाटन के बाद सभी कांवरियों ने गोला बाजार स्थित भगवान शिव मंदिर में पूजा-अर्चना कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके पश्चात शिवभक्तों का जत्था हर-हर महादेव के जयघोष के साथ पैदल अयोध्या के लिए रवाना हुआ। कांवरिये अयोध्या से पवित्र सरयू जल लेकर बस्ती जनपद स्थित प्रसिद्ध बाबा भदेश्वरनाथ धाम में भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। इस अवसर पर पूर्व विधायक जय चौबे ने कहा कि सावन माह में भगवान शिव के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति अद्भुत होती है। कांवर यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अनुशासन, सेवा, समर्पण और भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं की मंगलमय यात्रा की कामना करते हुए सुरक्षित यात्रा का संदेश दिया। वहीं नगर पालिका अध्यक्ष जगत जायसवाल ने कहा कि सनातन संस्कृति को आगे बढ़ाने में युवाओं की भागीदारी अत्यंत प्रेरणादायक है। ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में भाईचारे, आस्था और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूती मिलती है। उन्होंने सभी शिवभक्तों का उत्साहवर्धन करते हुए उनकी सफल एवं सुरक्षित यात्रा की शुभकामनाएं दीं। उद्घाटन समारोह के दौरान बड़ी संख्या में शिवभक्त, नवयुवक कांवरिया संघ के पदाधिकारी, स्थानीय गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। पूरे वातावरण में "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष से भक्तिमय माहौल बना रहा।1
- जय चौबे और जगत जायसवाल की अगुवाई में कांवरियों का भव्य जत्था अयोध्या रवाना गाजे-बाजे, पुष्पवर्षा और जयघोष के बीच शिव भक्तों को दी गई शानदार विदाई तेरस पर बाबा भदेश्वरनाथ में जलाभिषेक, भक्ति में डूबा पूरा माहौल संतकबीरनगर। नवयुवक कांवरिया संघ का जत्था शिव भक्ति और उल्लास के साथ अयोध्या के लिए रवाना हुआ। भाजपा के पूर्व विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे और नगर पालिका चेयरमैन जगत जायसवाल की अगुवाई में समय माता मंदिर से गाजे-बाजे के साथ भव्य कारवां निकला, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। यह कारवां गोला बाजार स्थित शिव मंदिर तक पहुंचा, जहां शिव भक्तों का भव्य स्वागत किया गया। पूर्व विधायक दिग्विजय नारायण उर्फ जय चौबे और चेयरमैन जगत जायसवाल ने कांवरियों को फूल-माला पहनाकर और पुष्प वर्षा कर सम्मानपूर्वक अयोध्या के लिए रवाना किया। इस दौरान हर-हर महादेव के गूंजते जयघोष से वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया। श्रद्धालु अयोध्या से पवित्र जल भरकर तेरस के दिन बस्ती स्थित बाबा भदेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। इस धार्मिक यात्रा को लेकर कांवरियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है और पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में रंगा नजर आ रहा है।1
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- गोविंद साहब धाम से खुशियों की बरसात—योगी ने खोल दिया विकास का खजाना! #viral #followers #ambedkar_nagar1
- 🚨 BREAKING NEWS | अम्बेडकरनगर 🚨 🔥 सीएम योगी ने अम्बेडकरनगर को दी 706 करोड़ की बड़ी सौगात! 🔥 📍 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा सम्बोधन ➡️ 194 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास ➡️ 706 करोड़ रुपये की विकास योजनाओं की सौगात ➡️ अम्बेडकरनगर में तेजी से बढ़ रहा विकास का पहिया ➡️ दो-दो एक्सप्रेसवे से जुड़ा अम्बेडकरनगर ➡️ हथकरघा को देश में नई ऊँचाई देने पर जोर 🎙️ सीएम योगी बोले— “अम्बेडकरनगर में तेजी से विकास कार्य हो रहे हैं। जनपद दो-दो एक्सप्रेसवे से जुड़ चुका है, जिससे विकास को नई गति मिली है। भारत में हथकरघा को एक नई ऊँचाई दी गई है।” 🚩 विकास के पथ पर आगे बढ़ता अम्बेडकरनगर! ✍️ बलराम सोनी | आलापुर1
- *क्षेत्राधिकारी धनघटा द्वारा सर्किल धनघटा के थानों की समीक्षा बैठक आयोजित* *अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं एवं जनशिकायतों के त्वरित निस्तारण को लेकर दिए आवश्यक दिशा-निर्देश पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन में क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र द्वारा धनघटा सर्किल के थानों का थाना धनघटा पर पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई । समीक्षा बैठक के दौरान क्षेत्राधिकारी द्वारा दोनों थानों में अपराध की स्थिति, लंबित विवेचनाओं, वांछित एवं वारंटियों की गिरफ्तारी, जनशिकायतों, आईजीआरएस प्रकरणों, महिला संबंधी अपराधों, गुमशुदा व्यक्तियों/बालक-बालिकाओं की बरामदगी, सम्मन/वारंट तामिला तथा अन्य लंबित प्रकरणों की बिंदुवार समीक्षा की गई। क्षेत्राधिकारी महोदय द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ करें। जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा शिकायतकर्ता के साथ शालीन एवं सम्मानजनक व्यवहार रखा जाए। महिला एवं बाल अपराधों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए गए कि ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए तथा पीड़ितों की सुरक्षा एवं सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नियमानुसार त्वरित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, साथ ही लंबित विवेचनाओं के शीघ्र निस्तारण, वांछित अभियुक्तों एवं वारंटियों की गिरफ्तारी, अपराधियों पर प्रभावी निरोधात्मक कार्रवाई तथा रात्रि गश्त एवं क्षेत्र में सतर्क पुलिसिंग बढ़ाने के निर्देश दिए गए। बैठक में बीट पुलिसिंग एवं जनसंवाद को और प्रभावी बनाने, संवेदनशील स्थानों पर निरंतर भ्रमण करने तथा आगामी पर्व/त्योहारों के दृष्टिगत शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए गए। क्षेत्राधिकारी द्वारा पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया कि तकनीकी संसाधनों एवं विभागीय ऐप/पोर्टल पर किए जाने वाले कार्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करें तथा अभिलेखों को अद्यतन रखें। साथ ही पुलिसिंग में अनुशासन, टीम भावना एवं जनता के प्रति संवेदनशील व्यवहार बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। अंत में क्षेत्राधिकारी धनघटा द्वारा सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि अपराध नियंत्रण, कानून-व्यवस्था एवं जनसेवा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस की प्राथमिकता आमजन में सुरक्षा की भावना पैदा करना तथा प्रत्येक शिकायतकर्ता को निष्पक्ष एवं त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई करना है। थाना महुली पुलिस द्वारा क्षेत्राधिकारी के निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किए जाने हेतु सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।3
- आप मांगते थक जाओगे, मैं देते नहीं थकूंगा’—मंच से योगी की तारीफ में बड़े बोल #viral #followers #ambedkar_nagar1
- प्रसिद्ध तपोस्थली बाबा गोविंद साहब में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ!! प्रसिद्ध तपोस्थली बाबा गोविंद साहब में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ!!1
- बरसात में जलमग्न हुई भरपही की सड़क, ग्रामीणों ने नाली निर्माण की उठाई मांग बरसात में जलमग्न हुई भरपही की सड़क, ग्रामीणों ने नाली निर्माण की उठाई मांग पाली (गोरखपुर)। विकास खंड पाली क्षेत्र के भरपही गांव में बारिश के बाद मुख्य सड़क पर जगह-जगह जलभराव हो गया है। सड़क पर पानी भर जाने से ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। विशेष रूप से स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में यही स्थिति बन जाती है। सड़क के किनारे नाली न होने के कारण बारिश का पानी सड़क पर ही जमा हो जाता है और कई दिनों तक निकासी नहीं हो पाती। इससे सड़क पर चलना मुश्किल हो जाता है और दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। ग्रामीणों ने बताया कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि गांव में आकर सड़क और जल निकासी की व्यवस्था सुधारने के बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद इन समस्याओं की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। उनका कहना है कि जब तक सड़क के दोनों किनारों पर नालियों का निर्माण नहीं होगा, तब तक जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। ग्रामीणों बंसी कबीरूद्दीन संजय महेश रमजान अली पारस राजेंद्र ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि भरपही गांव की सड़क पर जल निकासी के लिए शीघ्र नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि बरसात के दौरान लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके।4