पश्चिमी चंपारण जिले के मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के अमवा मझार स्थित गंडक नहर के 55 पुल बड़ा केवड़ा के समीप एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहाँ रील (वीडियो) बनाने के दौरान दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अंचलाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतकों की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बारी टोला निवासी धर्म कुमार (18 वर्ष), पिता विनोद यादव, और करण कुमार (19 वर्ष), पिता नंद लाल महतो के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों युवक अपने कुछ साथियों के साथ गंडक नहर के 55 पुल बड़ा केवड़ा के पास गए थे। वे मोबाइल से रील बनाने में व्यस्त थे, तभी उनका संतुलन बिगड़ गया और वे नहर के गहरे पानी में जा गिरे। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण वे सफल नहीं हो सके। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। काफी खोजबीन के बाद दोनों युवकों के शवों को नहर से बाहर निकाला गया। मुफस्सिल थाना पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए बेतिया जीएमसीएच भेज दिया। इस दुखद घटना के बाद मृतकों के गांव बारी टोला में गहरा मातम पसरा हुआ है, जहाँ परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण भी इस हादसे से स्तब्ध हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदियों, नहरों और अन्य जलाशयों के किनारे वीडियो या रील बनाते समय विशेष सावधानी बरतें, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
पश्चिमी चंपारण जिले के मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के अमवा मझार स्थित गंडक नहर के 55 पुल बड़ा केवड़ा के समीप एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहाँ रील (वीडियो) बनाने के दौरान दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। अंचलाधिकारी डॉ. राजीव रंजन कुमार ने इस घटना की पुष्टि करते
हुए बताया कि मृतकों की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बारी टोला निवासी धर्म कुमार (18 वर्ष), पिता विनोद यादव, और करण कुमार (19 वर्ष), पिता नंद लाल महतो के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोनों युवक अपने कुछ साथियों के साथ गंडक नहर के 55 पुल बड़ा केवड़ा के पास गए थे। वे मोबाइल से रील बनाने में व्यस्त थे, तभी उनका संतुलन बिगड़ गया और वे
नहर के गहरे पानी में जा गिरे। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव और गहराई के कारण वे सफल नहीं हो सके। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। काफी खोजबीन के बाद दोनों युवकों के शवों को नहर से बाहर निकाला गया। मुफस्सिल थाना पुलिस ने शवों को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की और पोस्टमार्टम
के लिए बेतिया जीएमसीएच भेज दिया। इस दुखद घटना के बाद मृतकों के गांव बारी टोला में गहरा मातम पसरा हुआ है, जहाँ परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण भी इस हादसे से स्तब्ध हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदियों, नहरों और अन्य जलाशयों के किनारे वीडियो या रील बनाते समय विशेष सावधानी बरतें, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
- पश्चिम चंपारण के बगहा स्थित चौतरवा थाना क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गांव के पास रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवती मोबाइल टावर पर चढ़ गई। इस घटना के प्रेम प्रसंग से जुड़ा होने की प्रारंभिक जानकारी सामने आई है, जिसके बाद मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और घंटों तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चलता रहा। सूचना मिलने पर चौतरवा थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से युवती को समझा-बुझाकर नीचे उतारने का प्रयास किया। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद युवती सुरक्षित रूप से टावर से नीचे उतर आई। युवती की पहचान मौजे गांव निवासी प्रियंका कुमारी के रूप में हुई है, हालांकि पुलिस ने प्रेम प्रसंग के मामले की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस युवती को पूछताछ के लिए थाने ले गई है और पूरे मामले की जांच कर रही है। इस घटना के दौरान क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ लगी रही। फिलहाल युवती पूरी तरह सुरक्षित बताई जा रही है।1
- आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना अत्यंत आवश्यक है। कृषि विज्ञान केंद्र, माधोपुर के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने पोषण वाटिका के महत्व पर जोर देते हुए इसे 'कुपोषण मुक्त भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने का सबसे सरल उपाय बताया है। डॉ. सिंह के अनुसार, पोषण वाटिका घर के आस-पास की खाली भूमि पर या जमीन उपलब्ध न होने पर छत पर भी बनाई जा सकती है। प्राकृतिक तरीके और बिना रसायन के उगाई गई सब्जियों व फलों का सेवन परिवार के स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी है। गोबर की खाद, जीवामृत और प्राकृतिक विधि से उगाई गई ये फसलें कीटनाशकों के अवशेषों से मुक्त होती हैं, जिससे कैंसर, किडनी और लीवर जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है। ताजी हरी सब्जियां, सहजन, पालक, गाजर, पपीता, अमरूद, नींबू और आंवला विटामिन-A, C, आयरन, कैल्शियम व जिंक के प्रमुख स्रोत हैं। इनके नियमित सेवन से बच्चों में कुपोषण और महिलाओं में खून की कमी दूर होती है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विटामिन-C से भरपूर आंवला, नींबू, अमरूद और सहजन का सेवन मौसमी बीमारियों से बचाव में सहायक है। इसके अतिरिक्त, किसान अतिरिक्त उत्पादन को स्थानीय बाजार में बेचकर आय अर्जित कर सकते हैं और बाजार पर निर्भरता कम कर सकते हैं। नौतन प्रखंड के बैकुंठवा गांव के किसान राघोशरण प्रसाद ने बताया कि लगभग 250 वर्ग मीटर की पोषण वाटिका से उनके पूरे परिवार की साल भर की सब्जी-फल की जरूरत पूरी हो जाती है और अतिरिक्त उत्पादन बेचकर उन्हें लाभ मिलता है। वे प्रतिमाह 2000-2500 रुपये की बचत भी कर रहे हैं। वहीं, बैरिया प्रखंड के पुजहा गांव की श्रीमति विंदा देवी ने तो अपने घर की छत पर पोषण वाटिका बनाकर एक मिसाल पेश की है। डॉ. अभिषेक प्रताप सिंह ने सुझाव दिया कि सहजन, पपीता, नींबू, आंवला और करौंदा जैसे बड़े पौधों को वाटिका की उत्तर और पश्चिम दिशा में लगाना चाहिए ताकि उनकी छाया अन्य सब्जियों पर न पड़े। वहीं, हल्दी, अदरक और पत्तेदार साग-भाजी को छायादार स्थान पर लगाना उचित रहता है। कृषि विज्ञान केंद्र 'एक घर, एक पोषण वाटिका' अभियान के तहत चयनित गांवों में महिलाओं को सब्जी बीज किट और तकनीकी प्रशिक्षण भी प्रदान कर रहा है। डॉ. सिंह ने अंत में कहा कि हर घर में पोषण वाटिका का होना अनिवार्य है, क्योंकि रसायन-मुक्त सब्जियों का सेवन करने से डॉक्टर के पास जाने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाती है।4
- मानसून के आगमन को देखते हुए चनपटिया नगर पंचायत प्रशासन ने सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद तेज़ कर दी है। इसी क्रम में शनिवार को दोपहर करीब एक बजे नगर पंचायत की मुख्य पार्षद रजनी देवी ने वार्ड संख्या-7 में नालों की उड़ाही एवं सफाई कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने अपनी देखरेख में इस पूरे अभियान का संचालन कराया। मुख्य पार्षद रजनी देवी ने बताया कि बरसात के दौरान जलजमाव की समस्या से लोगों को राहत दिलाने के लिए नालों की नियमित सफाई कराई जा रही है। नालों में जमी गाद और कचरे को हटाकर जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है, ताकि बारिश का पानी आसानी से निकल सके। उन्होंने सफाई कर्मियों को यह भी निर्देश दिया कि कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही न हो तथा निकाले गए कचरे का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, रजनी देवी ने नगरवासियों से भी नालों में कूड़ा-कचरा नहीं फेंकने और स्वच्छता बनाए रखने की अपील की। इस निरीक्षण के दौरान वार्ड पार्षद नीरज कुमार, स्वच्छता पदाधिकारी निशा कुमारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं सफाईकर्मी भी मौजूद रहे।1
- सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने भारत-नेपाल सीमा पर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस अभियान के तहत, SSB ने 17 क्विंटल से भी अधिक मात्रा में गांजा बरामद किया। हालांकि, इस प्रहार के दौरान गांजा तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहे।1
- BPSC शिक्षिका गुंजा कुमारी ने अपनी जान को खतरे में बताया है।1
- राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव ने अपनी Y+ सुरक्षा वापस कर दी है। उनके इस कदम के बाद, आवास के बाहर अब RJD कार्यकर्ताओं का पहरा देखा जा रहा है।1
- बेतिया/मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के अमवा मझार पंचायत स्थित फरवां गांव के समीप 55 आरडी गंडक नहर में रविवार दोपहर नहाने के दौरान दो युवकों की डूबने से मौत हो गई। ये दोनों युवक क्रिकेटर दोस्त थे और अपने अन्य साथियों के साथ क्रिकेट मैच खेलने जा रहे थे। इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई, वहीं मृतकों के गांव में कोहराम मच गया है। मृतकों की पहचान बेतिया नगर निगम क्षेत्र के बारी टोला वार्ड संख्या-32 निवासी नंदलाल महतो के 19 वर्षीय पुत्र करण कुमार और विनोद यादव के 22 वर्षीय पुत्र धर्म कुमार के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, आठ युवकों की टोली बारी टोला से पिपरा क्रिकेट मैच खेलने के लिए एक ऑटो से जा रही थी। फरवां स्थित 55 आरडी पुल के निकट पहुंचने पर करण और धर्म कुमार ने नहर में स्नान करने की इच्छा जताई और ऑटो से उतर गए। प्रत्यक्षदर्शियों, जिनमें नहर किनारे मौजूद चरवाहे भी शामिल थे, के अनुसार, दोनों युवक स्नान के दौरान धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर बढ़ गए और देखते ही देखते डूबने लगे। चरवाहों के शोर मचाने पर स्थानीय ग्रामीण और अमवा मझार पंचायत के मुखिया लालदेव राम मौके पर पहुंचे। तत्काल एसडीआरएफ टीम को सूचना दी गई, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही स्थानीय तैराकों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों युवकों के शव नहर से बाहर निकाल लिए। सूचना मिलने पर मुफस्सिल थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच बेतिया भेज दिया। मुफस्सिल थाना प्रभारी सम्राट सिंह ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना की खबर मिलते ही बारी टोला वार्ड संख्या-32 से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए, जहां मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पूरे मोहल्ले में मातम पसरा हुआ है और शवों को देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।1
- शुक्रवार देर रात करीब दस बजे चनपटिया नगर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में आए तेज आंधी-तूफान ने व्यापक तबाही मचाई। तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण कई स्थानों पर बिजली के तार और खंभे क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे पूरे क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। नगर पंचायत के वार्ड संख्या 14 स्थित पकड़ीहार मोहल्ले में रातभर अंधेरा छाया रहा, जिससे पेयजल सहित दैनिक गतिविधियां बुरी तरह प्रभावित हुईं। इसके अलावा, पकड़ीहार-चनपटिया मुख्य सड़क पर दो बिजली के खंभे गिरने से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। तूफान का सबसे गंभीर असर आम उत्पादकों पर पड़ा, जहाँ तेज हवाओं ने बड़ी संख्या में कच्चे और पके आमों को पेड़ों से गिरा दिया। इससे किसानों और बागवानों को भारी आर्थिक क्षति हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग से क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों और खंभों की तुरंत मरम्मत कराने की अपील की है। साथ ही, उन्होंने प्रभावित आम उत्पादक किसानों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की भी मांग की है।1
- सुपौल में वैश्य समाज ने अपनी मांगों को लेकर ज़ोरदार हुंकार भरी है। समाज की प्रमुख मांग है कि उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की श्रेणी में शामिल किया जाए। इसके साथ ही, वैश्य समाज ने अपने लिए न्याय की भी पुरजोर अपील की है।1