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लिटिल प्ले स्कूल में ट्रैफिक नियमों को सीखाते ट्रैफिक डीएसपी प्रभात रंजन मुंगेर के कोणार्क मोर स्थित लिटिल फ्लावर प्ले स्कूल में ट्रैफिक रूल्स को पालन करने के लिए बच्चों को जागरुक करते दिखे ट्रैफिक डीएसपी प्रभात रंजन
Gaurav Kumar Mishra
लिटिल प्ले स्कूल में ट्रैफिक नियमों को सीखाते ट्रैफिक डीएसपी प्रभात रंजन मुंगेर के कोणार्क मोर स्थित लिटिल फ्लावर प्ले स्कूल में ट्रैफिक रूल्स को पालन करने के लिए बच्चों को जागरुक करते दिखे ट्रैफिक डीएसपी प्रभात रंजन
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- एक्सपायर्ड दवा वितरण के बाद स्वास्थ्य विभाग में मचा हडकंप मुंगेर से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जहां स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र के कर्मियों द्वारा ग्रामीणों को एक्सपायर्ड दवाएं बांट दी गईं। जब ग्रामीणों ने दवा की बोतल और पैकेट पर छपी एक्सपायरी डेट देखी, तो हड़कंप मच गया। मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है। प्रभारी सिविल सर्जन ने जांच के लिए कमिटी गठित कर दी है और संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। Vo - दरअसल मामला मुंगेर के जमालपुर प्रखंड के हालिमपुर गौरीपुर में संचालित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर यानी प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र का है, जहां स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर ग्रामीणों के बीच दवाओं का वितरण किया जा रहा था। लेकिन जब कुछ ग्रामीणों ने दवाओं के पैकेट और बोतल पर छपी तारीख देखी, तो पता चला कि कई दवाओं की एक्सपायरी 6 से 12 महीने पहले ही खत्म हो चुकी है।ग्रामीणों का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्र की टीम बुखार, दर्द और संक्रमण की दवाएं बांट रही थी, लेकिन यह नहीं बताया गया कि दवाएं एक्सपायर्ड हैं। हालिमपुर के गौरीपुर निवासी मीणा कुमारी ने बताया कि दवा देते समय किसी भी तरह की जानकारी नहीं दी गई। वहीं प्रीति कुमारी ने कहा कि उन्हें लगा सरकारी अस्पताल से दवा मिल रही है, इसलिए वह सुरक्षित होगी, लेकिन एक्सपायर्ड दवा बांट दी गई। ग्रामीण श्वेता देवी का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। करीब दो साल पहले भी उप स्वास्थ्य केंद्र से एक्सपायर्ड दवा दी गई थी, जिसे खाने के बाद उनके बच्चे के शरीर पर दाने निकल आए थे और काफी परेशानी हुई थी। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मुंगेर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रमण ने बताया कि मीडिया के माध्यम से जानकारी मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है और संबंधित कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।1