कटनी।। नगर निगम कटनी में सरकारी कार्यों के बिलों के भुगतान के एवज में कथित कमीशनखोरी के आरोपों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम में ठेकेदारी का काम करने वाले एक ठेकेदार चंद्रेश शुक्ला ने उपयंत्री पवन श्रीवास्तव के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उसके सरकारी कार्यों के बिलों के भुगतान के बदले कथित तौर पर 4 प्रतिशत कमीशन मांगा गया। ठेकेदार का दावा है कि लगातार दबाव के चलते उसने लाखों रुपये दिए, लेकिन अब उससे दोबारा बड़ी रकम की मांग की जा रही है। मामले में खास बात यह है कि शिकायतकर्ता ने 21 अगस्त 2026 को भी आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन उसके अनुसार आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उसने 1 सितंबर 2026 को फिर पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। 4 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप शिकायतकर्ता के मुताबिक वह पिछले करीब दस वर्षों से नगर निगम एवं पीडब्ल्यूडी विभाग में ठेकेदारी का कार्य करता आ रहा है। उसका आरोप है कि वर्ष 2023-24 से किए गए उसके कई सरकारी कार्यों के बिलों के भुगतान के लिए संबंधित उपयंत्री द्वारा कथित रूप से 4 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कमीशन नहीं देने पर बिलों के भुगतान को लेकर दबाव बनाया गया। ठेकेदार का दावा है कि इस कथित मांग का सिलसिला बाद में नियमित आर्थिक भुगतान तक पहुंच गया। 35 हजार रुपये प्रतिमाह देने का दावा ठेकेदार ने शिकायत में दावा किया है कि अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2026 तक उससे 35 हजार रुपये प्रतिमाह की राशि ली गई। शिकायतकर्ता के अनुसार इस अवधि में करीब 6 लाख 65 हजार रुपये की रकम दी गई। आरोप है कि बाद में इसी रकम को ब्याज बताते हुए लगभग 5.50 लाख रुपये मूलधन के रूप में मांगने का दबाव बनाया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उससे 8 से 10 प्रतिशत ब्याज की मांग की जा रही थी। धमकी और बिल रोकने के आरोप भी शिकायत में ठेकेदार ने आरोप लगाया है कि उसके बिलों को जानबूझकर रोका गया और भुगतान प्रक्रिया में बाधा डाली गई। इसके अलावा सार्वजनिक रूप से अपमानित करने तथा रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की कथित धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि लगातार आर्थिक एवं मानसिक दबाव के कारण वह परेशान है और इसी वजह से उसने पुलिस प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। 11 दिन में कार्रवाई क्यों नहीं इस पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल 21 अगस्त की शिकायत से 1 सितंबर तक की कार्रवाई को लेकर है। क्या पहली शिकायत पर जांच शुरू हुई, क्या संबंधित बिलों और भुगतान फाइलों को खंगाला गया,क्या कथित लेन-देन की जांच की गई, क्या शिकायतकर्ता और संबंधित अधिकारी के बयान लिए गए,अगर जांच हुई तो उसका परिणाम क्या रहा संबंधित उपयंत्री पवन श्रीवास्तव से उनके दूरभाष क्रमांक 7000270463 पर जब इस संबंध मे बात की गई तो उनका कहना हैं की अभी इस विषय को लेकर उनके पास कोई भी जांच संबंधित कागज नही प्राप्त हुआ हैं इसलिए इस संबंध मे अभी कुछ नही कह सकूंगा। हालांकि इस विषय पर नगर निगम प्रशासन का पक्ष नही आया हैं। यदि जांच में शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला केवल एक ठेकेदार और अधिकारी के बीच विवाद का नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी बिलों के भुगतान में पारदर्शिता और नगर निगम की भ्रष्टाचार-रोधी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।
कटनी।। नगर निगम कटनी में सरकारी कार्यों के बिलों के भुगतान के एवज में कथित कमीशनखोरी के आरोपों ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नगर निगम में ठेकेदारी का काम करने वाले एक ठेकेदार चंद्रेश शुक्ला ने उपयंत्री पवन श्रीवास्तव के खिलाफ पुलिस अधीक्षक को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उसके सरकारी कार्यों के बिलों के भुगतान के बदले कथित तौर पर 4 प्रतिशत कमीशन मांगा गया। ठेकेदार का दावा है कि लगातार दबाव के चलते उसने लाखों रुपये दिए, लेकिन अब उससे दोबारा बड़ी रकम की मांग की जा रही है। मामले में खास बात यह है कि शिकायतकर्ता ने 21 अगस्त 2026 को भी आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन उसके अनुसार आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए उसने 1 सितंबर 2026 को फिर पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की है। 4 प्रतिशत कमीशन मांगने का आरोप शिकायतकर्ता के मुताबिक वह पिछले करीब दस वर्षों से नगर निगम एवं पीडब्ल्यूडी विभाग में ठेकेदारी का कार्य करता आ रहा है। उसका आरोप है कि वर्ष 2023-24 से किए गए उसके कई सरकारी कार्यों के बिलों के भुगतान के लिए संबंधित उपयंत्री द्वारा कथित रूप से 4 प्रतिशत कमीशन की मांग की गई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कमीशन नहीं देने पर बिलों के भुगतान को लेकर दबाव बनाया गया। ठेकेदार का दावा है कि इस कथित मांग का सिलसिला बाद में नियमित आर्थिक भुगतान तक पहुंच गया। 35 हजार रुपये प्रतिमाह देने का दावा ठेकेदार ने शिकायत में दावा किया है कि अक्टूबर 2024 से अप्रैल 2026 तक उससे 35 हजार रुपये प्रतिमाह की राशि ली गई। शिकायतकर्ता के अनुसार इस अवधि में करीब 6 लाख 65 हजार रुपये की रकम दी गई। आरोप है कि बाद में इसी रकम को ब्याज बताते हुए लगभग 5.50 लाख रुपये मूलधन के रूप में मांगने का दबाव बनाया गया। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि उससे 8 से 10 प्रतिशत ब्याज की मांग की जा रही थी। धमकी और बिल रोकने के आरोप भी शिकायत में ठेकेदार ने आरोप लगाया है कि उसके बिलों को जानबूझकर रोका गया और भुगतान प्रक्रिया में बाधा डाली गई। इसके अलावा सार्वजनिक रूप से अपमानित करने तथा रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की कथित धमकी दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि लगातार आर्थिक एवं मानसिक दबाव के कारण वह परेशान है और इसी वजह से उसने पुलिस प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। 11 दिन में कार्रवाई क्यों नहीं इस पूरे मामले में अब सबसे बड़ा सवाल 21 अगस्त की शिकायत से 1 सितंबर तक की कार्रवाई को लेकर है। क्या पहली शिकायत पर जांच शुरू हुई, क्या संबंधित बिलों और भुगतान फाइलों को खंगाला गया,क्या कथित लेन-देन की जांच की गई, क्या शिकायतकर्ता और संबंधित अधिकारी के बयान लिए गए,अगर जांच हुई तो उसका परिणाम क्या रहा संबंधित उपयंत्री पवन श्रीवास्तव से उनके दूरभाष क्रमांक 7000270463 पर जब इस संबंध मे बात की गई तो उनका कहना हैं की अभी इस विषय को लेकर उनके पास कोई भी जांच संबंधित कागज नही प्राप्त हुआ हैं इसलिए इस संबंध मे अभी कुछ नही कह सकूंगा। हालांकि इस विषय पर नगर निगम प्रशासन का पक्ष नही आया हैं। यदि जांच में शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो मामला केवल एक ठेकेदार और अधिकारी के बीच विवाद का नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी बिलों के भुगतान में पारदर्शिता और नगर निगम की भ्रष्टाचार-रोधी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।
- Post by Rahul Lakhera1
- लुटेरी दुल्हन गिरोह का हुआ भांडाफोड़ पुलिस ने गिरोह के 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार।1
- ऐसे विद्यालय, जहां शिक्षक कक्षा 9वीं से ही विद्यार्थियों के साथ निरंतर मेहनत करते हैं, ऐसे विद्यालय, जहां शिक्षक कक्षा 9वीं से ही विद्यार्थियों के साथ निरंतर मेहनत करते हैं, उन्हें उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए तैयार करते हैं और न केवल 10वीं, बल्कि 12वीं बोर्ड परीक्षा में भी सभी विद्यार्थियों को प्रथम श्रेणी में लाने का लक्ष्य हासिल करते हैं, ऐसे विद्यालय वास्तव में शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य कर रहे हैं। विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता और लगातार तीन वर्षों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर ऐसे विद्यालयों को सम्मानित करने का हमारी सरकार ने निर्णय लिया। मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में हो रही यह उपलब्धि मेरे लिए गर्व का विषय है। प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और हमारे शिक्षकों की इस सफलता से आज मेरी छाती गर्व से चौड़ी हो रही है। - *डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री*1
- हटा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 12 घंटे में चोर गिरफ्तार, पुलिस ने किया चोरी की दमोह- हटा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 12 घंटे में चोर गिरफ्तार, पुलिस ने किया चोरी की वारदात का खुलासा किया, हटा थाना प्रभारी सुधीर बेगी की सक्रियता पुलिस टीम के द्वारा सफलता प्राप्त हुई 12 घंटे में चोरी करने वाले आरोपी को पुलिस ने पकड़ा और माननीय न्यायालय में पेश किया!1
- दमोह,,,एएनएम सेवानिवृत्त होने के पश्चात न्यू पीएचसी में लटक रहा ताला युवा आलोक चौधरी ने जल्द एएनएम की पदस्थापना करने की है मांग दमोह,, अजब धाम फतेहपुर, बटियागढ ब्लाक के अंतर्गत ग्राम पंचायत अजब धाम फतेहपुर में ए एन एम कमला अहिरवार सेवानिवृत्त 31/7/2026 को हो जाने के कारण 31/7/2026 से अभी तक उप स्वास्थ्य केंद्र में ताला लटक रहा है उप स्वास्थ्य केंद्र पर ताला लटकने से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए गंभीर स्थिति बनी हुई है। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के सेवानिवृत्त होने के बाद वैकल्पिक व्यवस्था न होना सीधे तौर पर आम जनता के स्वास्थ्य अधिकारों और प्राथमिक सुविधाएं प्रभावित हो रही है। मुख्य जन-समस्याएं प्राथमिक चिकित्सा का अभाव: सामान्य बीमारियों के ईलाज, प्राथमिक उपचार और आपातकालीन दवाईयों के लिए ग्रामीणों को लगभग 15, किलोमीटर दूर हटा के अस्पतालों में जाना पड़ रहा है। टीकाकरण और मातृ-शिशु देखभाल प्रभावित: गर्भवती महिलाओं और बच्चों के नियमित टीकाकरण तथा जांच में बाधा उत्पन्न हो रही है। अतिरिक्त वित्तीय बोझ: छोटी-मोटी बीमारियों के ईलाज के लिए भी निजी क्लीनिकों या दूरस्थ स्वास्थ्य केंद्रों पर जाने से ग्रामीणों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। छोला छाप डॉक्टर मनमाने तरीके से रूपये ऐंठ रहे हैं। अजब धाम फतेहपुर निवासी युवा आलोक चौधरी ने शासन प्रशासन से मांग की है कि जल्द एएनएम की पदस्थापना की जाएं अन्यथा अजब धाम फतेहपुर के युवा आंदोलन के लिए विवश होगी आंदोलन की सम्पूर्ण जवावदारी शासन प्रशासन की होगी1
- घर में घुसे चोर का 12 घंटे में खुलासा, 5 लाख के सोने-चांदी के जेवरात सहित आरोपी गिरफ्तार हटा पुलिस की त्वरित कार्रवाई: चोरी का पूरा माल बरामद, आरोपी सीधी जिले का निवासी।1
- मिढ़ासन नदी में युवक ने लगाई पुल से छलांग, कारण अज्ञात मिढ़ासन नदी में अज्ञात कारणों के चलते युबक ने लगाई पुल से छालांग मोके पर एन डी आर एफ पहुंची भारी पुलिस बल मौजूट सूत्रो की जानकारी के अनुसार युबक का नाम सुशील सोनी बताया जा रहा है जो अमानगंज के बार्ड क्रमांक 8 का निवासी बताया जा रहा है मिढ़ासन नदी में युवक ने लगाई पुल से छलांग, कारण अज्ञात मिढ़ासन नदी में अज्ञात कारणों के चलते युबक ने लगाई पुल से छालांग मोके पर एन डी आर एफ पहुंची भारी पुलिस बल मौजूट सूत्रो की जानकारी के अनुसार युबक का नाम सुशील सोनी बताया जा रहा है जो अमानगंज के बार्ड क्रमांक 8 का निवासी बताया जा रहा है1
- ब्रेकिंग मिढ़ासन नदी में युवक ने लगाई पुल से छलांग कारण अज्ञात मिढ़ासन नदी में अज्ञात कारणों के चलते युबक ने लगाई पुल से छालांग मोके पर एन डी आर एफ पहुंची भारी पुलिस बल मौजूट सूत्रो की जानकारी के अनुसार युबक का नाम सुशील सोनी बताया जा रहा है जो अमानगंज के बार्ड क्रमांक 8का निवासी बताया जा रहा है3
- *वैष्णवी निस्वार्थ गौ सेवा समिति की सराहनीय पहल* *जली हुई गौ माता और बछिया का किया उपचार, अब खतरे से बाहर* *वैष्णवी निस्वार्थ गौ सेवा समिति की सराहनीय पहल* *जली हुई गौ माता और बछिया का किया उपचार, अब खतरे से बाहर* दमोह। शहर के पुराना थाना स्थित वैष्णवी निस्वार्थ गौ हॉस्पिटल में वैष्णवी निस्वार्थ गौ सेवा समिति विगत कई वर्षों से निरंतर कार्य कर रही है। समिति की पूरी टीम घायल, बीमार गायों के इलाज के लिए हमेशा 24 घंटे उपलब्ध रहती है ।सोमवार-मंगलवार की रात करीब 2 बजे रनेह से एक जली हुई गौ माता और उसकी बछिया को गंभीर हालत में गौ हॉस्पिटल लाया गया।जानकारी मिलते ही दीपक नेमा, सत्यम नेमा और उनकी पूरी टीम ने तत्काल उपचार शुरू किया। टीम ने हल्दी, चूना पेस्ट, आटा, एलोवेरा और फिटकरी को मिलाकर विशेष पेस्ट तैयार किया और उसे गौ माता के जले हुए हिस्सों पर लगाया। साथ ही एंटीबायोटिक इंजेक्शन भी लगाए गए।सेवा दल ने बताया कि उपचार के बाद अब गौ माता को काफी राहत है। उसकी बछिया भी कुछ जगहों पर जल गई थी, जिसे भी पेस्ट लगाकर उपचार किया गया है। दोनों अब बहुत राहत महसूस कर रही हैं।1