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चान्हो प्रखंड मुख्यालय में आयोजित भारत रत्न स्व. राजीव गांधी प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर मेहनत और अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने डिजिटल युग में सामने आ रही चुनौतियों का उल्लेख करते हुए अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों का उचित मार्गदर्शन करें। इस समारोह में पूर्व मंत्री बंधु तिर्की सहित कई जनप्रतिनिधि, शिक्षक और अभिभावक भी मौजूद रहे।
Khurshid Parvez
चान्हो प्रखंड मुख्यालय में आयोजित भारत रत्न स्व. राजीव गांधी प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर मेहनत और अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने डिजिटल युग में सामने आ रही चुनौतियों का उल्लेख करते हुए अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों का उचित मार्गदर्शन करें। इस समारोह में पूर्व मंत्री बंधु तिर्की सहित कई जनप्रतिनिधि, शिक्षक और अभिभावक भी मौजूद रहे।
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- चान्हो प्रखंड मुख्यालय में आयोजित भारत रत्न स्व. राजीव गांधी प्रतिभा सम्मान समारोह के दौरान कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने मैट्रिक और इंटरमीडिएट के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर मंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए स्पष्ट लक्ष्य, निरंतर मेहनत और अनुशासन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने डिजिटल युग में सामने आ रही चुनौतियों का उल्लेख करते हुए अभिभावकों और शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों का उचित मार्गदर्शन करें। इस समारोह में पूर्व मंत्री बंधु तिर्की सहित कई जनप्रतिनिधि, शिक्षक और अभिभावक भी मौजूद रहे।1
- तेलो पश्चिमी पंचायत के मुखिया जितेंद्र शर्मा ने सोमवार को पंचायत सचिवालय में एक बैठक आयोजित कर ग्रामीणों को एसआईआर (SIR) फार्म के महत्व और उसे भरने की सही प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया। उन्होंने विशेष रूप से मतदाताओं से अपील की कि वे मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, हटवाने या उसमें किसी भी प्रकार का संशोधन करवाने के लिए भरे जाने वाले एसआईआर फार्म को पूरी सावधानी और गरिमा के साथ भरें। मुखिया शर्मा ने ग्रामीणों को फार्म भरते समय अपने सभी आवश्यक दस्तावेजों की ठीक से जांच करने और किसी भी स्थिति में गलत जानकारी न देने की सलाह दी। उन्होंने यह भी बताया कि फार्म भरने में किसी भी प्रकार की समस्या या दिक्कत आने पर ग्रामीण सीधे पंचायत कार्यालय या संबंधित बीएलओ (BLO) से संपर्क कर सकते हैं। जितेंद्र शर्मा ने इस प्रक्रिया को लोकतंत्र को मजबूत करने का एक महत्वपूर्ण कदम बताया, जिसमें सभी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। इसी क्रम में, मुखिया जितेंद्र शर्मा ने पंचायत सचिवालय में बीएलओ के साथ भी एक अलग बैठक की। इस बैठक में, बीएलओ को घर-घर जाकर एसआईआर फार्म का वितरण करने और उन्हें एकत्र करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, उन्हें वृद्ध, दिव्यांग और ऐसे नए मतदाताओं पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया, जिन्हें फार्म भरने या प्रक्रिया समझने में अधिक सहायता की आवश्यकता हो सकती है।1
- मंगलवार सुबह करीब 8 बजे कतरास के छाताबाद फुटबॉल ग्राउंड के पास एक तालाब में हुए भू-धंसान से इलाके में भारी अफरा-तफरी मच गई। इस घटना के बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। भू-धंसान के कारण तालाब का पूरा पानी एक विशाल गोफ में समा गया। इस घटना से आसपास के कई घरों में दरारें पड़ गईं, जिससे यहां रहने वाले लोगों के बीच दहशत और गहरा आक्रोश फैल गया। घटना से गुस्साए लोगों ने सोनारडीह-कतरास मुख्य मार्ग को भी जाम कर दिया। लोगों का आरोप है कि भू-धंसान स्थल के समीप अवैध तरीके से कोयला निकालने के कारण ही यह जगह अंदर से खोखली हो गई थी, जिसके चलते यह भयावह घटना हुई।1
- धनबाद के छाताबाद फुटबॉल ग्राउंड के पास तालाब किनारे मंगलवार सुबह करीब 8:00 बजे एक जोरदार आवाज के साथ आधा दर्जन से अधिक घर जमींदोज हो गए। इस भयावह घटना में तालाब का एक किनारा भी गहरी खाई में तब्दील हो गया, जिसमें तालाब का पूरा पानी समा गया। अचानक हुए इस हादसे से घर के लोग अपना लाखों का सामान भी नहीं निकाल पाए, जिससे उन्हें भारी नुकसान हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र में लगातार हो रहे अवैध उत्खनन के कारण वे हमेशा डर के साए में जीते हैं। उन्हें जमीन फटने और गैस रिसाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लोगों ने इस स्थिति के लिए बीसीसीएल और जिला प्रशासन की कड़ी आलोचना की है, आरोप लगाया है कि प्रशासन केवल बड़ी-बड़ी बातें करता है, लेकिन वास्तविक कार्रवाई कुछ नहीं होती। बाघमारा क्षेत्र में आधे से अधिक मध्यम वर्ग के लोग निवास करते हैं, और उनके जीवन यापन के बीच क्षेत्र के कोने-कोने में अवैध उत्खनन धड़ल्ले से चल रहा है। इससे लोग डरे हुए और सहमे हुए हैं, हर रात यह प्रार्थना करते हुए गुजारते हैं कि उनके क्षेत्र में कोई अनहोनी न हो। ऐसी घटनाओं के बाद लोग गुस्से में सड़क जाम करते हैं और हो-हल्ला करते हैं, लेकिन कुछ ही घंटों में यह विरोध शांत हो जाता है और रोजमर्रा की दिनचर्या फिर से उसी तरह चलने लगती है। लोग बेबस महसूस करते हैं और उन्हें नहीं पता कि वे अब कहां जाएं, क्योंकि प्रशासन और जिम्मेदार निकाय इस गंभीर समस्या पर मौन हैं।1
- हजारीबाग जिले के बिष्णुगढ़ थाना क्षेत्र में एक युवक को पुलिस स्टेशन के अंदर घुसकर सोशल मीडिया रील्स बनाना बेहद महंगा पड़ गया। बताया गया है कि इस हरकत के बाद पुलिसकर्मियों ने उक्त युवक का "अच्छे से इलाज कर दिया", जिसके परिणामस्वरूप उसे अपने इस कार्य की भारी कीमत चुकानी पड़ी।1
- धनबाद में ढुल्लू महतो ने एक प्रेस वार्ता का आयोजन कर विधायक अरूप चटर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।1
- सोमवार को बोकारो जिले के तारानारी स्थित पुराने पंचायत भवन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तेलो मंडल ने पार्टी के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर एक मासिक बैठक का आयोजन किया। यह कार्यक्रम शाम 5 बजे शुरू हुआ और इसकी अध्यक्षता तेलो मंडल अध्यक्ष सुरेश कुमार कुशवाहा ने की। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर भाजपा के पूर्व किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष सुभाष गिरी ने डॉ. मुखर्जी के जीवन, विचारों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को स्मरण किया। उन्होंने डॉ. मुखर्जी को एक राष्ट्रवादी नेता बताया, जिन्होंने "एक देश, एक विधान, एक निशान" का नारा दिया था, और कहा कि पार्टी कार्यकर्ता उनके दिखाए मार्ग पर चलकर ही देश और समाज की सेवा कर सकते हैं। तेलो मंडल अध्यक्ष सुरेश महतो ने बताया कि भाजपा केंद्रीय समिति के आदेश के अनुसार, पार्टी के विस्तार पर चर्चा के लिए हर महीने बैठकें आयोजित की जाएंगी।1
- झारखंड के धनबाद जिले के छाताबाद में भू-धंसान का कहर देखने को मिला है, जहाँ अचानक जमीन धंसने से एक तालाब पूरी तरह से भू-गर्भ में समा गया। इस गंभीर घटना ने लगभग आधा दर्जन परिवारों के जीवन पर गहरा संकट ला दिया है। ग्रामीणों का यह दर्दनाक अनुभव क्षेत्र में कई बड़े और अनसुलझे सवाल खड़े कर रहा है।1