Shuru
Apke Nagar Ki App…
उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में संविदा डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी दो महीने से वेतन न मिलने पर हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते जिले की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रिपोर्टर /रामबाबू श्रीवास
उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में संविदा डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी दो महीने से वेतन न मिलने पर हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते जिले की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- कौशाम्बी में बकरीद पर्व से पहले पुलिस लाइन में दंगा नियंत्रण के लिए हाई इंटेंसिटी बलवा ड्रिल का अभ्यास किया गया। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत की देखरेख में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह रिहर्सल कराया गया, ताकि पुलिस किसी भी आपदा स्थिति से निपटने के लिए तत्पर रहे।1
- उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले में संविदा डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी दो महीने से वेतन न मिलने पर हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते जिले की स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
- कौशांबी के बदनपुर घाट पर गंगा स्नान के दौरान 15 वर्षीय किशोर कल्लू गहरे पानी में डूब गया। पुलिस और गोताखोरों ने उसे बाहर निकाला, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जिससे परिवार में कोहराम मच गया। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए गंगा घाटों पर सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।1
- बकरीद के त्योहार से ठीक पहले कौशाम्बी जिले में अचानक भारी खलबली मच गई। पुलिस की अचानक बढ़ी सक्रियता से पूरे इलाके में गहमा-गहमी का माहौल है।1
- Post by कौशाम्बी एक्सप्रेस न्यूज1
- नीट पेपर लीक मामले में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कौशांबी में बैलगाड़ी के ज़रिए अनोखे अंदाज़ में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जो इस राष्ट्रीय मुद्दे पर बढ़ते आक्रोश को दर्शाता है।1
- कौशांबी के कड़ा धाम में बिजली को लेकर अजब-गजब हाल है; रात होते ही बिजली गुल हो जाती है और दिन में वापस आती है। इससे गर्मी में जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोग प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं।1
- कौशांबी पुलिस ने पुलिस लाइन में बलवा ड्रिल का अभ्यास किया। यह अभ्यास दंगों और आपात स्थितियों से निपटने के लिए पुलिस की तैयारियों और उनकी क्षमता को परखने के उद्देश्य से किया गया था। इसमें पुलिस कर्मियों के समन्वय का भी मूल्यांकन किया गया।1