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मेरठ जिले की सरधना तहसील के सभी ग्रामीण और शहरी बिजली उपभोक्ताओं को अपना बकाया बिल जल्द से जल्द जमा करने का निर्देश दिया गया है। संबंधित अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिल भुगतान समय पर न करने की स्थिति में बिजली कनेक्शन काटे जा सकते हैं। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे समय से भुगतान सुनिश्चित करें ताकि बिजली सेवा बाधित होने से बचा जा सके।
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मेरठ जिले की सरधना तहसील के सभी ग्रामीण और शहरी बिजली उपभोक्ताओं को अपना बकाया बिल जल्द से जल्द जमा करने का निर्देश दिया गया है। संबंधित अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिल भुगतान समय पर न करने की स्थिति में बिजली कनेक्शन काटे जा सकते हैं। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे समय से भुगतान सुनिश्चित करें ताकि बिजली सेवा बाधित होने से बचा जा सके।
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- मेरठ में ललिता गौतम हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे सांसद चंद्रशेखर आज़ाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में चंद्रशेखर आज़ाद अधिकारियों के साथ बातचीत करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिसके दौरान मौके पर मौजूद एक कार्यकर्ता ने कहा कि 'बूढ़ी मां को भी धक्का दिया जा रहा है।' इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए चंद्रशेखर आज़ाद ने उस कार्यकर्ता को बीच में रोकते हुए कहा, 'तेरे जैसे महापुरुष थे वहां, हमारा कार्यकर्ता होता तो एक बार में ही मान जाता... चलो, इसके पीछे करो।' यह वीडियो वर्तमान में सोशल मीडिया पर चर्चा और प्रतिक्रियाओं का विषय बना हुआ है।1
- मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय ने हालिया घटनाक्रम और सोशल मीडिया पर मिल रही धमकियों के मद्देनजर स्पष्ट किया है कि पुलिस की तमाम कार्रवाई पूरी तरह से साक्ष्यों पर आधारित है और यह केवल अपराधियों के विरुद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी घटना को जाति, दल या समुदाय के चश्मे से देखकर समाज का माहौल खराब करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एसएसपी ने चेतावनी दी है कि जो लोग भ्रामक बयानबाजी कर रहे हैं या पुलिस की छवि को धूमिल कर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की साजिश रच रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस के पास ऐसे लोगों के भी पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं जो बाहर से आकर क्षेत्र का माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। पर्यावरण संरक्षण को लेकर एसएसपी अविनाश पांडेय ने एक अनूठी अपील की है। उन्होंने कहा कि उनके समर्थकों को एक पेड़ लगाना चाहिए, जबकि उनके विरोध में या गुस्से में रहने वाले लोगों को दो पेड़ लगाने चाहिए। उन्होंने पर्यावरण बचाने की इस मुहिम को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी बताया और नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में पौधे लगाने का आह्वान किया।1
- राकेश टिकैत ने कहा है कि लोगों के हक के लिए आंदोलन करने पड़ते हैं और यह देश केवल आंदोलन से ही बचेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी आंदोलनकारी पेट से पैदा नहीं होता है। इस दौरान राकेश टिकैत ने रवि गौतम के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए उनके नोएडा स्थित घर जाने और उनसे मुलाकात करने की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सभी आंदोलनकारियों का पूरा समर्थन करते हैं।1
- गुरुग्राम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कॉमेडी के नाम पर महिलाओं का अपमान किए जाने का आरोप लगाया गया है। इस वीडियो में हिमांशु जांगड़ा और प्रणित मोरे शामिल हैं, जिनके इस तथाकथित मनोरंजन के तरीके पर अब तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस वायरल घटना के बाद संबंधित लोगों की कंपनी से टर्मिनेशन से लेकर उनके सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट होने तक की खबरें सामने आई हैं। विवाद के केंद्र में एक बिरयानी वाला मामला भी है, जिसमें ₹370 की बिरयानी और ₹5,000 के इनाम का जिक्र है। लोग अब इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इस घिनौने खेल के पीछे की असल सच्चाई क्या है। क्या कॉमेडी की कोई सीमा होनी चाहिए, इसे लेकर सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई है और लोग इस पूरे मामले पर अपनी राय रख रहे हैं।1
- प्रयागराज के नगर पंचायत लालगोपालगंज श्रृंगवेरपुरधाम में चल रहे भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। एक वीडियो के माध्यम से इस कथित भ्रष्टाचार को उजागर किया गया है, जिसमें नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इस वीडियो को जारी करने वालों ने देश की सम्मानित जनता से इसे पूरा देखने की अपील की है। साथ ही, आम नागरिकों से जिम्मेदारी निभाते हुए इस पूरे मामले के सच को पहचानने का आग्रह किया गया है, ताकि नगर पंचायत लालगोपालगंज श्रृंगवेरपुरधाम में व्याप्त भ्रष्टाचार की परतें खुल सकें।1
- मेरठ के चर्चित ललिता हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन करने वाले रवि गौतम और अन्य आंदोलनकारियों को गुरुवार को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया गया। इन प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शन के बाद की गई थी। इस गिरफ्तारी को लेकर समर्थकों में भारी आक्रोश है। समर्थकों का आरोप है कि आंदोलनकारी शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जैसे वे अपराधी या आतंकवादी हों। समर्थकों ने इस बात पर जोर दिया कि लोकतंत्र में न्याय की मांग करना कोई अपराध नहीं है, इसलिए आंदोलनकारियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस मामले में पुलिस प्रशासन का पक्ष भी सामने आया है, जिसे निष्पक्षता के साथ प्रकाशित किया गया है ताकि लोगों तक दोनों पक्षों की बात पहुंच सके।1
- मेरठ के लिसाड़ी गेट इलाके में नसरीन नाम की महिला की मौत के साढ़े तीन साल बाद एक खौफनाक सच सामने आया है। साल 2022 में नसरीन की मौत के बाद ससुराल वालों ने इसे बीमारी का नाम दिया था, लेकिन मायके वालों के शक के आधार पर कब्र खोदकर शव निकाला गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि नसरीन की मौत बीमारी से नहीं, बल्कि गला दबाकर की गई थी। न्याय की इस प्रक्रिया में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब 13 साल की मासूम बेटी ने अदालत के सामने गवाही दी। अपनी माँ की मौत के लिए उसने सीधे अपने पिता को जिम्मेदार ठहराते हुए कांपती आवाज में कहा कि उसी ने मेरी माँ को मारा था। अब इस पूरे घटनाक्रम के बाद पुलिस की शुरुआती जांच में बरती गई कथित लापरवाही पर भी सवाल उठ रहे हैं और हर कोई नसरीन के लिए इंसाफ की मांग कर रहा है।1