गृह विभाग, पटना से एक महत्वपूर्ण मांग की गई है कि निःशक्त अधिनियम-2016 को तत्काल और प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु जमीनी स्तर पर निर्देश जारी किए जाएं। यह मांग दिव्यांगजनों के प्रति अत्याचार, शोषण, उत्पीड़न और दुर्व्यवहार को रोकने तथा उन्हें आसानी से न्याय दिलाने के उद्देश्य से की गई है। इसमें निःशक्त अधिनियम-2016 की सुसंगत धाराओं को ध्यान में रखते हुए दिव्यांगजनों को आसानी से न्याय प्रदान करने, न्याय तक उनकी पहुँच सुनिश्चित करने, विशेष न्यायालयों की स्थापना करने, पुलिस की जिम्मेदारी तय करने, तथा दिव्यांगजन के प्रति हुए अत्याचार या अन्य किसी मामले को तुरंत जिला मजिस्ट्रेट तक पहुँचाने की जिम्मेदारी निर्धारित करने का आग्रह किया गया है। इसके अतिरिक्त, निःशक्तजन के अधिकार और संपत्ति की रक्षा हेतु प्रत्येक थाने में एक बोर्ड लगाने तथा प्राथमिकी में निःशक्त एक्ट का उल्लंघन करने वाले के लिए दंड और सुसंगत धाराओं, खासकर धारा-92 का उल्लेख आवश्यक रूप से करवाने हेतु निर्देश जारी करने की मांग की गई है। यह भी बताया गया है कि इस संबंध में वर्ष 2021 से ही हर स्तर पर पत्राचार किया जा रहा है। पूर्व पुलिस अधीक्षक महोदय श्री इनामुल हक सर से इस विषय पर पूरी गंभीरता से बातचीत भी हुई थी, जिसमें उन्होंने सकारात्मक आश्वासन दिया था। हालांकि, उनके स्थानांतरण के कारण यह कार्य पूरा नहीं हो सका। मांग करने वाले व्यक्ति ने जोर दिया कि जिस प्रकार अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर अधिनियम और सख्त धाराओं व नियमों का प्रावधान है, ठीक उसी तरह निःशक्त अधिनियम-2016 को उससे भी अधिक संवेदनशील और सख्त बनाया गया है। इसलिए, इसे अविलंब लागू करने की अपील की गई है।
गृह विभाग, पटना से एक महत्वपूर्ण मांग की गई है कि निःशक्त अधिनियम-2016 को तत्काल और प्रभावी ढंग से लागू करने हेतु जमीनी स्तर पर निर्देश जारी किए जाएं। यह मांग दिव्यांगजनों के प्रति अत्याचार, शोषण, उत्पीड़न और दुर्व्यवहार को रोकने तथा उन्हें आसानी से न्याय दिलाने के उद्देश्य से की गई है। इसमें निःशक्त अधिनियम-2016 की सुसंगत धाराओं को ध्यान में रखते हुए दिव्यांगजनों को आसानी से न्याय
प्रदान करने, न्याय तक उनकी पहुँच सुनिश्चित करने, विशेष न्यायालयों की स्थापना करने, पुलिस की जिम्मेदारी तय करने, तथा दिव्यांगजन के प्रति हुए अत्याचार या अन्य किसी मामले को तुरंत जिला मजिस्ट्रेट तक पहुँचाने की जिम्मेदारी निर्धारित करने का आग्रह किया गया है। इसके अतिरिक्त, निःशक्तजन के अधिकार और संपत्ति की रक्षा हेतु प्रत्येक थाने में एक बोर्ड लगाने तथा प्राथमिकी में निःशक्त एक्ट का उल्लंघन करने वाले
के लिए दंड और सुसंगत धाराओं, खासकर धारा-92 का उल्लेख आवश्यक रूप से करवाने हेतु निर्देश जारी करने की मांग की गई है। यह भी बताया गया है कि इस संबंध में वर्ष 2021 से ही हर स्तर पर पत्राचार किया जा रहा है। पूर्व पुलिस अधीक्षक महोदय श्री इनामुल हक सर से इस विषय पर पूरी गंभीरता से बातचीत भी हुई थी, जिसमें उन्होंने सकारात्मक आश्वासन दिया था।
हालांकि, उनके स्थानांतरण के कारण यह कार्य पूरा नहीं हो सका। मांग करने वाले व्यक्ति ने जोर दिया कि जिस प्रकार अनुसूचित जाति और जनजाति के लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर अधिनियम और सख्त धाराओं व नियमों का प्रावधान है, ठीक उसी तरह निःशक्त अधिनियम-2016 को उससे भी अधिक संवेदनशील और सख्त बनाया गया है। इसलिए, इसे अविलंब लागू करने की अपील की गई है।
- एक वायरल रील और रिपोर्टर व्लॉग में हैती को दुनिया का सबसे गरीब देश बताया गया है। इस पोस्ट के माध्यम से देश की गरीबी और उसके हालात पर ध्यान केंद्रित किया गया है।1
- बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ गई है, जहाँ 10 सर्कुलर रोड बंगला खाली करने को लेकर एक बड़ा विवाद शुरू हो गया है। इस मामले में राबड़ी देवी को यह बंगला खाली करने के लिए 15 दिन का अल्टीमेटम मिला है। इस अल्टीमेटम के बाद से सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर काफी तेज हो गया है, जिसके चलते यह सवाल उठ रहा है कि क्या बिहार में अब राजनीतिक लड़ाई और तेज होगी।1
- औरंगाबाद के हसपुरा में श्मशान घाट पर बाउंड्री वॉल निर्माण और सौंदर्यीकरण कार्य बाधित किए जाने के विरोध में बाजार बंद रहा। यह कार्य हसपुरा बस स्टैंड के समीप चल रहा था, जिसे एक जीप प्रतिनिधि ने सीओ के पास आवेदन देकर रुकवा दिया। इस कार्रवाई के विरोध स्वरूप, हसपुरा का बाजार पूर्णतः बंद रहा।1
- आज दिनांक 31 मई 2026 को करपी प्रखण्ड के रामपुर अईयारा में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के पूर्व जिला सचिव कॉमरेड राजेंद्र सिंह की स्मृति में एक भावभीनी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता भाकपा के जिला सचिव कॉमरेड अरुण कुमार ने की। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा के पूर्व जिला सचिव, बिहार राज कंट्रोल कमीशन के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता कॉमरेड गिरजानंद सिंह ने कॉमरेड राजेंद्र सिंह के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कॉमरेड राजेंद्र सिंह दलितों, अल्पसंख्यकों और वंचितों के सच्चे हितैषी थे। उन्होंने आजीवन कम्युनिस्ट आंदोलन को बढ़ाने के लिए क्षेत्र और इलाकों में लगातार काम किया और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य रहते हुए लाल झंडे को मजबूत करते रहे। अरवल जिला भाकपा द्वारा आयोजित इस श्रद्धांजलि सभा में भाकपा सचिव मंडल सदस्य कॉमरेड रामचंद्र पाठक, कॉमरेड सुशील कुमार, जिला परिषद सदस्य कॉमरेड दीनानाथ सिंह, कॉमरेड डॉ. शिवदत्त सिंह, सुरेश प्रसाद, सीपीएम के कॉमरेड उमेश ठाकुर, विजय सिंह के साथ दर्जनों पार्टी कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।4
- dhvh 🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻1
- रोहतास जिले के दावथ प्रखंड के मालियाबाग गाँव में पिछले पांच दिनों से चल रहे श्री शायर डिहवार महायज्ञ का रविवार को हवन, पूर्णाहुति और विशाल भंडारे के साथ भव्य समापन हो गया। समापन के दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने यज्ञ में आहुति देकर पुण्य लाभ अर्जित किया। सुबह से ही यज्ञ मंडप वैदिक मंत्रों की गूंज से पवित्र रहा, जहाँ मुख्य यजमानों ने आचार्य कामता बाबा के सान्निध्य में सवा लाख मंत्रों की पूर्णाहुति डाली। इसके बाद विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के दर्जनों गांवों से हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करने पहुंचे, जिससे आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। यज्ञ समिति के अध्यक्ष ने बताया कि पांच दिनों तक चले इस महायज्ञ में प्रतिदिन भागवत कथा का आयोजन किया गया था। इस यज्ञ का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की सुख-शांति बनाए रखना, अच्छी बारिश की कामना करना और विश्व कल्याण की प्रार्थना करना था। यज्ञ समिति ने इस सफल और शांतिपूर्ण आयोजन के लिए स्थानीय प्रशासन, पुलिस प्रशासन और सहयोग करने वाले सभी ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया, जिसके लिए समिति को सभी ने बधाई दी।4
- गाजियाबाद के इंदिरापुरम में रविवार तड़के हुई पुलिस मुठभेड़ में सूर्या हत्याकांड के मुख्य आरोपी असद को मार गिराया गया। 17 साल के मासूम सूर्या की हत्या के बाद से पूरा इलाका गुस्से में था। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब लोग कह रहे हैं कि अपराध कितना भी बड़ा हो, कानून का हाथ आखिर उस तक पहुंच ही जाता है।1
- अरवल जिले के मेहंदिया थाना क्षेत्र अंतर्गत गोपालपुर गांव में जलनिकासी की समस्या का समाधान करने के नाम पर मुख्य सड़क को काट दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ लोगों ने अपने घरों से नाली का पानी निकालने के लिए, बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और वैकल्पिक व्यवस्था के, जेसीबी से सड़क कटवा दी। इस गैर-जिम्मेदाराना कदम के कारण इस्माइलपुर और कोयल भूपत गांव के हजारों लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं, जिससे दोनों गांवों का संपर्क मार्ग बाधित हो गया। बताया गया है कि गोपालपुर में नाली का पानी जाम होने से कई घरों में जलजमाव की स्थिति बन गई थी, और पानी निकासी के लिए पाइप डालने की योजना थी, लेकिन पाइप व निर्माण सामग्री की व्यवस्था करने से पहले ही सीधे सड़क काट दी गई। सड़क काटे जाने के कारण इस्माइलपुर और कोयल भूपत गांव का आवागमन लगभग 18 घंटे तक पूरी तरह ठप रहा। मरीजों, स्कूली बच्चों और दैनिक मजदूरी करने वालों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी, और कई लोग घंटों तक फंसे रहे। मामले की सूचना मिलने पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) डॉ. मनोज कुमार ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद कटे हुए हिस्से में मिट्टी भराई कराई गई। हालांकि, तीन दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी है; फिलहाल केवल साइकिल और बाइक ही किसी तरह गुजर पा रही हैं, जबकि चारपहिया वाहन, एंबुलेंस और अन्य बड़े वाहनों का आवागमन अब भी बंद है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरी नाराजगी है कि एक गांव की समस्या को हल करने के लिए दो गांवों की जीवनरेखा को ही काट दिया गया। उनका कहना है कि यदि जलनिकासी की समस्या थी तो संबंधित विभाग और प्रशासन को सूचना देकर तकनीकी समाधान निकाला जाना चाहिए था, न कि बिना तैयारी और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के सड़क काट देनी चाहिए थी। ग्रामीण प्रशासन और संबंधित विभाग की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं कि सार्वजनिक सड़क काटे जाने के दौरान वे कहां थे, और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कब होगी। इस संबंध में पूछे जाने पर कलेर के अंचलाधिकारी सर्वेश कुमार ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क को तत्काल पूरी तरह दुरुस्त कर सभी प्रकार के वाहनों के आवागमन योग्य बनाने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।1