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उत्तर प्रदेश में मौसम ने अपना रुख बदल लिया है, जिसका असर जौनपुर सहित पूरे राज्य में देखा जा रहा है। एक तरफ जहां गोरखपुर और जालौन जिलों में तेज बारिश हुई है, वहीं प्रदेश के कुल 14 शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया है, जो भीषण गर्मी का संकेत है।

2 hrs ago
user_Jitendra bahadur Dubey
Jitendra bahadur Dubey
Nurse केराकत, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

उत्तर प्रदेश में मौसम ने अपना रुख बदल लिया है, जिसका असर जौनपुर सहित पूरे राज्य में देखा जा रहा है। एक तरफ जहां गोरखपुर और जालौन जिलों में तेज बारिश हुई है, वहीं प्रदेश के कुल 14 शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया है, जो भीषण गर्मी का संकेत है।

More news from Varanasi and nearby areas
  • तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट के विजेता भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद को 50 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने प्रज्ञानानंद के साथ शतरंज की एक दोस्ताना बाजी भी खेली। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में मुख्यमंत्री विजय, प्रज्ञानानंद के साथ खेलते हुए नजर आ रहे हैं, और अंत में मुस्कुराते हुए अपनी हार स्वीकार करते दिखाई दे रहे हैं। प्रज्ञानानंद की इस उपलब्धि को भारतीय शतरंज के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
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    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट के विजेता भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानानंद को 50 लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने प्रज्ञानानंद के साथ शतरंज की एक दोस्ताना बाजी भी खेली। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में मुख्यमंत्री विजय, प्रज्ञानानंद के साथ खेलते हुए नजर आ रहे हैं, और अंत में मुस्कुराते हुए अपनी हार स्वीकार करते दिखाई दे रहे हैं।

प्रज्ञानानंद की इस उपलब्धि को भारतीय शतरंज के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
    user_गजेन्द्र कुमार सिंह
    गजेन्द्र कुमार सिंह
    Pindra, Varanasi•
    3 hrs ago
  • विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, भृगु की नगरी बलिया में शिक्षा शक्ति सहयोग संस्थान द्वारा एक व्यापक वृक्षारोपण एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान गंगा सफाई और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ शुरू हुआ, जिसमें संस्था के महिला मंडल, अधिकारीगण, सामाजिक कार्यकर्ता, साहित्यकार और गणमान्य नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी की। अभियान के तहत, भृगु मंदिर परिसर, जिला चिकित्सालय, कुँवर सिंह इंटर कॉलेज, ट्रेजरी कार्यालय और राष्ट्रीय राजमार्ग NH-31 के किनारे नीम, पीपल, आम, तुलसी और आंवला सहित कई आयुर्वेदिक एवं विटामिन युक्त पौधे लगाए गए। संस्था के सचिव विवेक कुमार सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में लोगों को औषधीय पौधों के महत्व, उनके गुणों और पर्यावरण में उनकी भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि, "पेड़ केवल प्रकृति की धरोहर नहीं, बल्कि मानव जीवन का आधार हैं। पर्यावरण की रक्षा ही भविष्य की सुरक्षा है।" इस अभियान में महिला मंडल की सदस्य प्रिय सिंह, पूजा, संजना, आशा, रानी, बीना देवी, रोशनी, प्रतिभा, नंदिनी एवं प्रगति ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त, आर्यन ने भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाने में विशेष सहयोग दिया। कार्यक्रम के दौरान, जिला चिकित्सा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधे भेंट किए गए। जिला अधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी और प्रोविजन अधिकारी समेत सभी अधिकारियों ने इस पहल की सराहना की और नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उपस्थित साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पर्यावरण प्रेमियों ने आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरित वातावरण बनाने का संकल्प लिया। अंत में, संस्था ने सभी सहयोगियों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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    विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, भृगु की नगरी बलिया में शिक्षा शक्ति सहयोग संस्थान द्वारा एक व्यापक वृक्षारोपण एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। यह अभियान गंगा सफाई और पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ शुरू हुआ, जिसमें संस्था के महिला मंडल, अधिकारीगण, सामाजिक कार्यकर्ता, साहित्यकार और गणमान्य नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी की।

अभियान के तहत, भृगु मंदिर परिसर, जिला चिकित्सालय, कुँवर सिंह इंटर कॉलेज, ट्रेजरी कार्यालय और राष्ट्रीय राजमार्ग NH-31 के किनारे नीम, पीपल, आम, तुलसी और आंवला सहित कई आयुर्वेदिक एवं विटामिन युक्त पौधे लगाए गए। संस्था के सचिव विवेक कुमार सिंह ने बताया कि कार्यक्रम में लोगों को औषधीय पौधों के महत्व, उनके गुणों और पर्यावरण में उनकी भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि, "पेड़ केवल प्रकृति की धरोहर नहीं, बल्कि मानव जीवन का आधार हैं। पर्यावरण की रक्षा ही भविष्य की सुरक्षा है।"

इस अभियान में महिला मंडल की सदस्य प्रिय सिंह, पूजा, संजना, आशा, रानी, बीना देवी, रोशनी, प्रतिभा, नंदिनी एवं प्रगति ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसके अतिरिक्त, आर्यन ने भी पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुँचाने में विशेष सहयोग दिया।

कार्यक्रम के दौरान, जिला चिकित्सा अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए पौधे भेंट किए गए। जिला अधिकारी, वरिष्ठ कोषाधिकारी और प्रोविजन अधिकारी समेत सभी अधिकारियों ने इस पहल की सराहना की और नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा उनकी देखभाल करने का आह्वान किया। इस अवसर पर उपस्थित साहित्यकारों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और पर्यावरण प्रेमियों ने आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरित वातावरण बनाने का संकल्प लिया। अंत में, संस्था ने सभी सहयोगियों एवं नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
    user_Sapna tomar thakur
    Sapna tomar thakur
    पिंडरा, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • व्यक्ति ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए दृढ़ता से कहा है कि उनका प्यार कभी झूठा नहीं था और उन्होंने लोगों से अपील की है कि उन्हें कभी गलत न समझा जाए। उन्होंने आगे स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई उनकी बुराई किसी के मुँह से सुनता है, तो उसे यह समझना चाहिए कि उन्होंने उस व्यक्ति को उसकी 'औकात' याद दिला दी है।
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    व्यक्ति ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हुए दृढ़ता से कहा है कि उनका प्यार कभी झूठा नहीं था और उन्होंने लोगों से अपील की है कि उन्हें कभी गलत न समझा जाए। उन्होंने आगे स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई उनकी बुराई किसी के मुँह से सुनता है, तो उसे यह समझना चाहिए कि उन्होंने उस व्यक्ति को उसकी 'औकात' याद दिला दी है।
    user_Ashish Kumar Bhardwaj
    Ashish Kumar Bhardwaj
    Actor जौनपुर, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र स्थित कैथी मार्कंडेय महादेव मंदिर में दर्शन के लिए लाइन में खड़ी एक महिला के गले से सोने की चेन काट ली गई। यह वारदात तब हुई जब महिला दर्शन के लिए पंक्तिबद्ध थी। घटना को अंजाम देने वाली एक अन्य महिला कैमरे में साफ तौर पर दिखाई दी, जिसने पीले रंग का शॉल पहना हुआ था और पीछे से इस कृत्य को अंजाम दिया। इस घटना के बाद कैथी चौकी की पुलिस की सफलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या वे इस महिला को पकड़ने में कामयाब होंगे। खबर के अनुसार, पुलिस अभी तक इस चेन छीनने वाली महिला या गिरोह का खुलासा नहीं कर पाई है। यह चिंता जताई जा रही है कि इसी तरह के गिरोह भीड़ का फायदा उठाकर कैथी मंदिर में दर्शन करने आई अन्य महिलाओं के गले से भी चेन काटते रह सकते हैं।
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    वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र स्थित कैथी मार्कंडेय महादेव मंदिर में दर्शन के लिए लाइन में खड़ी एक महिला के गले से सोने की चेन काट ली गई। यह वारदात तब हुई जब महिला दर्शन के लिए पंक्तिबद्ध थी। घटना को अंजाम देने वाली एक अन्य महिला कैमरे में साफ तौर पर दिखाई दी, जिसने पीले रंग का शॉल पहना हुआ था और पीछे से इस कृत्य को अंजाम दिया।

इस घटना के बाद कैथी चौकी की पुलिस की सफलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि क्या वे इस महिला को पकड़ने में कामयाब होंगे। खबर के अनुसार, पुलिस अभी तक इस चेन छीनने वाली महिला या गिरोह का खुलासा नहीं कर पाई है। यह चिंता जताई जा रही है कि इसी तरह के गिरोह भीड़ का फायदा उठाकर कैथी मंदिर में दर्शन करने आई अन्य महिलाओं के गले से भी चेन काटते रह सकते हैं।
    user_NEWS 2 INDIA (NTI)
    NEWS 2 INDIA (NTI)
    Court reporter सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र स्थित सरसौली वार्ड में, मकान नंबर एस-25/250 के पास, कई सीवर चैंबर भरे हुए हैं और उनका गंदा पानी सड़क पर फैला हुआ है। कुछ दिन पहले जब नगर निगम कर्मचारियों और उनके हेल्पलाइन नंबर पर सफाई के लिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने तुरंत सफाई का आश्वासन दिया। हालांकि, मौके पर आए कर्मचारियों ने प्रति चैंबर ₹400 की मांग की और कहा कि पैसा दिए बिना सफाई नहीं की जाएगी। इस मामले में, नगर निगम और जलकल विभाग के कर्मचारी मनीष वर्मा (मोबाइल नंबर 9151803279) से संपर्क करने पर, उन्होंने स्थानीय सुपरवाइजर विकास (मोबाइल 9305029522) को दो कर्मचारियों के साथ घटनास्थल पर भेजा। वहाँ भी कर्मचारियों ने एक चैंबर साफ करने के लिए ₹400 की मांग की। पैसा न देने और कुछ कम करने की बात करने पर, सफाईकर्मी बिना सीवर चैंबर साफ किए ही नाराज़ होकर वापस चले गए। बार-बार शिकायत के बावजूद, गंदा पानी अभी भी सड़क पर भरा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है। आने-जाने वाले यात्रियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और बदबू के कारण आसपास के लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। इस गंदगी से गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। यदि कोई इस वजह से गंभीर रूप से बीमार होता है, तो इसके लिए जलकल विभाग, नगर निगम विभाग और उनके स्थानीय कर्मचारी जिम्मेदार होंगे। यह स्थिति तब है जब एक तरफ सरकार जनता के हित में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम और जलकल विभाग के कर्मचारी बिना घूस या पैसा लिए कोई काम करने को तैयार नहीं हैं। इससे सरकार की कथनी और करनी के बीच का अंतर स्पष्ट होता है। अब यह देखना है कि विभाग इन कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है, या आम जनता इसी तरह परेशान रहेगी और कर्मचारी घूसखोरी कर अपनी जेब भरते रहेंगे, या स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी और कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
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    प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र स्थित सरसौली वार्ड में, मकान नंबर एस-25/250 के पास, कई सीवर चैंबर भरे हुए हैं और उनका गंदा पानी सड़क पर फैला हुआ है। कुछ दिन पहले जब नगर निगम कर्मचारियों और उनके हेल्पलाइन नंबर पर सफाई के लिए संपर्क किया गया, तो उन्होंने तुरंत सफाई का आश्वासन दिया। हालांकि, मौके पर आए कर्मचारियों ने प्रति चैंबर ₹400 की मांग की और कहा कि पैसा दिए बिना सफाई नहीं की जाएगी। इस मामले में, नगर निगम और जलकल विभाग के कर्मचारी मनीष वर्मा (मोबाइल नंबर 9151803279) से संपर्क करने पर, उन्होंने स्थानीय सुपरवाइजर विकास (मोबाइल 9305029522) को दो कर्मचारियों के साथ घटनास्थल पर भेजा। वहाँ भी कर्मचारियों ने एक चैंबर साफ करने के लिए ₹400 की मांग की।

पैसा न देने और कुछ कम करने की बात करने पर, सफाईकर्मी बिना सीवर चैंबर साफ किए ही नाराज़ होकर वापस चले गए। बार-बार शिकायत के बावजूद, गंदा पानी अभी भी सड़क पर भरा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरी नाराजगी है। आने-जाने वाले यात्रियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और बदबू के कारण आसपास के लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। इस गंदगी से गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। यदि कोई इस वजह से गंभीर रूप से बीमार होता है, तो इसके लिए जलकल विभाग, नगर निगम विभाग और उनके स्थानीय कर्मचारी जिम्मेदार होंगे।

यह स्थिति तब है जब एक तरफ सरकार जनता के हित में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम और जलकल विभाग के कर्मचारी बिना घूस या पैसा लिए कोई काम करने को तैयार नहीं हैं। इससे सरकार की कथनी और करनी के बीच का अंतर स्पष्ट होता है। अब यह देखना है कि विभाग इन कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है, या आम जनता इसी तरह परेशान रहेगी और कर्मचारी घूसखोरी कर अपनी जेब भरते रहेंगे, या स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी और कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।
    user_Deepak Sahani
    Deepak Sahani
    सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र के सरसौली वार्ड में, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र भी है, मकान नंबर s-25/250 के पास कई सीवर चैंबर (मेनहोल) लंबे समय से भरे हुए हैं, जिससे गंदा पानी सड़क पर जमा हो गया है। स्थानीय निवासियों ने इसकी सफाई के लिए नगर निगम के कर्मचारियों और उनके हेल्पलाइन नंबर पर कुछ दिन पहले संपर्क किया था, जिस पर उन्हें तत्काल सफाई का आश्वासन दिया गया। हालांकि, जब कर्मचारी मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने प्रति चैंबर ₹400 की मांग करते हुए कहा कि जब तक यह राशि नहीं दी जाएगी, तब तक चैंबर साफ नहीं किए जाएंगे। इस संबंध में, नगर निगम एवं जलकल विभाग के कर्मचारी मनीष वर्मा (मोबाइल नंबर 9151803279) से संपर्क करने पर उन्होंने स्थानीय सुपरवाइजर विकास (मोबाइल नंबर 9305029522) को दो कर्मचारियों के साथ घटनास्थल पर भेजा। लेकिन इन कर्मचारियों ने भी एक चैंबर साफ करने के लिए ₹400 की मांग दोहराई। पैसा न देने या कुछ कम करने की बात करने पर, सफाईकर्मी नाराज होकर बिना काम किए ही वापस चले गए। बार-बार शिकायत के बावजूद सीवर का गंदा पानी अभी भी सड़क पर भरा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। इससे आने-जाने वाले यात्रियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और गंदे पानी से इतनी बदबू हो रही है कि आसपास के निवासियों का जीना दूभर हो गया है, साथ ही गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। यदि कोई इसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से बीमार होता है, तो इसके लिए जलकल विभाग, नगर निगम विभाग और उनके स्थानीय कर्मचारी जिम्मेदार होंगे। यह स्थिति सरकार के स्वच्छता अभियान के दावों के ठीक विपरीत है, क्योंकि एक ओर सरकार जनता के हित के लिए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम और जलकल विभाग के कर्मचारी बिना घूस या पैसे लिए कोई काम करने को तैयार नहीं हैं। यह सरकार की कथनी और करनी के बीच बड़े अंतर को दर्शाता है। अब देखना यह होगा कि विभाग इन कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है: क्या आम जनता इसी तरह परेशान होती रहेगी और कर्मचारी घूसखोरी करके अपनी जेब भरते रहेंगे, या स्थानीय लोगों को कुछ राहत मिलेगी और दोषी कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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    वाराणसी के कैंट थाना क्षेत्र के सरसौली वार्ड में, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र भी है, मकान नंबर s-25/250 के पास कई सीवर चैंबर (मेनहोल) लंबे समय से भरे हुए हैं, जिससे गंदा पानी सड़क पर जमा हो गया है। स्थानीय निवासियों ने इसकी सफाई के लिए नगर निगम के कर्मचारियों और उनके हेल्पलाइन नंबर पर कुछ दिन पहले संपर्क किया था, जिस पर उन्हें तत्काल सफाई का आश्वासन दिया गया। हालांकि, जब कर्मचारी मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने प्रति चैंबर ₹400 की मांग करते हुए कहा कि जब तक यह राशि नहीं दी जाएगी, तब तक चैंबर साफ नहीं किए जाएंगे।

इस संबंध में, नगर निगम एवं जलकल विभाग के कर्मचारी मनीष वर्मा (मोबाइल नंबर 9151803279) से संपर्क करने पर उन्होंने स्थानीय सुपरवाइजर विकास (मोबाइल नंबर 9305029522) को दो कर्मचारियों के साथ घटनास्थल पर भेजा। लेकिन इन कर्मचारियों ने भी एक चैंबर साफ करने के लिए ₹400 की मांग दोहराई। पैसा न देने या कुछ कम करने की बात करने पर, सफाईकर्मी नाराज होकर बिना काम किए ही वापस चले गए। बार-बार शिकायत के बावजूद सीवर का गंदा पानी अभी भी सड़क पर भरा हुआ है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश है। इससे आने-जाने वाले यात्रियों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, और गंदे पानी से इतनी बदबू हो रही है कि आसपास के निवासियों का जीना दूभर हो गया है, साथ ही गंभीर बीमारियों के फैलने का खतरा भी बढ़ गया है। यदि कोई इसकी चपेट में आकर गंभीर रूप से बीमार होता है, तो इसके लिए जलकल विभाग, नगर निगम विभाग और उनके स्थानीय कर्मचारी जिम्मेदार होंगे।

यह स्थिति सरकार के स्वच्छता अभियान के दावों के ठीक विपरीत है, क्योंकि एक ओर सरकार जनता के हित के लिए साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने की बात का ढिंढोरा पीट रही है, वहीं दूसरी ओर नगर निगम और जलकल विभाग के कर्मचारी बिना घूस या पैसे लिए कोई काम करने को तैयार नहीं हैं। यह सरकार की कथनी और करनी के बीच बड़े अंतर को दर्शाता है। अब देखना यह होगा कि विभाग इन कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई करता है: क्या आम जनता इसी तरह परेशान होती रहेगी और कर्मचारी घूसखोरी करके अपनी जेब भरते रहेंगे, या स्थानीय लोगों को कुछ राहत मिलेगी और दोषी कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
    user_अचूक रणनीति अख़बार
    अचूक रणनीति अख़बार
    Newspaper publisher सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश में मौसम ने अपना रुख बदल लिया है, जिसका असर जौनपुर सहित पूरे राज्य में देखा जा रहा है। एक तरफ जहां गोरखपुर और जालौन जिलों में तेज बारिश हुई है, वहीं प्रदेश के कुल 14 शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया है, जो भीषण गर्मी का संकेत है।
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    उत्तर प्रदेश में मौसम ने अपना रुख बदल लिया है, जिसका असर जौनपुर सहित पूरे राज्य में देखा जा रहा है। एक तरफ जहां गोरखपुर और जालौन जिलों में तेज बारिश हुई है, वहीं प्रदेश के कुल 14 शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया है, जो भीषण गर्मी का संकेत है।
    user_Jitendra bahadur Dubey
    Jitendra bahadur Dubey
    Nurse केराकत, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • हरियाणवी लोक संस्कृति और रागनी मंच के प्रसिद्ध कलाकार पेप्सी शर्मा का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि उन्हें सीने में दर्द की शिकायत के बाद उनकी मौत हुई। उनके आकस्मिक निधन की खबर से हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोक कलाकारों तथा प्रशंसकों में गहरे शोक की लहर दौड़ गई है। पेप्सी शर्मा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के पतला गांव के रहने वाले थे। उन्होंने रागनी और लोक मंचों पर अपनी दमदार प्रस्तुतियों के माध्यम से एक खास पहचान बनाई थी, जिससे दर्शकों का भरपूर प्यार मिलता था। यूपी और हरियाणा में आयोजित होने वाले रागनी कार्यक्रमों में उनकी परफॉर्मेंस काफी लोकप्रिय थी। लोक कला जगत पेप्सी शर्मा के निधन को एक बड़ी क्षति मान रहा है, क्योंकि उन्होंने हरियाणवी लोक कला को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
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    हरियाणवी लोक संस्कृति और रागनी मंच के प्रसिद्ध कलाकार पेप्सी शर्मा का निधन हो गया है। बताया जा रहा है कि उन्हें सीने में दर्द की शिकायत के बाद उनकी मौत हुई। उनके आकस्मिक निधन की खबर से हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोक कलाकारों तथा प्रशंसकों में गहरे शोक की लहर दौड़ गई है।

पेप्सी शर्मा उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के पतला गांव के रहने वाले थे। उन्होंने रागनी और लोक मंचों पर अपनी दमदार प्रस्तुतियों के माध्यम से एक खास पहचान बनाई थी, जिससे दर्शकों का भरपूर प्यार मिलता था। यूपी और हरियाणा में आयोजित होने वाले रागनी कार्यक्रमों में उनकी परफॉर्मेंस काफी लोकप्रिय थी।

लोक कला जगत पेप्सी शर्मा के निधन को एक बड़ी क्षति मान रहा है, क्योंकि उन्होंने हरियाणवी लोक कला को पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
    user_गजेन्द्र कुमार सिंह
    गजेन्द्र कुमार सिंह
    Pindra, Varanasi•
    3 hrs ago
  • औरैया जिले के नगर पंचायत दिबियापुर में एक सरकारी परियोजना, ओवर ब्रिज के नीचे बन रहे जिम के निर्माण में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। ठेकेदार पर मनमाना रवैया अपनाने का आरोप है, जिसके चलते निर्माण कार्य में न तो मानकों का उचित आकलन किया जा रहा है और न ही इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की पुष्टि की जा रही है। ईंटों के निर्माण से लेकर अन्य सभी निर्माण सामग्री प्रश्नचिन्ह के घेरे में है। विशेष रूप से, पूर्व में भी सवाल उठाए जाने के बावजूद, इस प्रोजेक्ट में लगातार घटिया और दोयम दर्जे की ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है, जो सरकार की मंशा के अनुरूप बनने वाले इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
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    औरैया जिले के नगर पंचायत दिबियापुर में एक सरकारी परियोजना, ओवर ब्रिज के नीचे बन रहे जिम के निर्माण में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। ठेकेदार पर मनमाना रवैया अपनाने का आरोप है, जिसके चलते निर्माण कार्य में न तो मानकों का उचित आकलन किया जा रहा है और न ही इस्तेमाल की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की पुष्टि की जा रही है। ईंटों के निर्माण से लेकर अन्य सभी निर्माण सामग्री प्रश्नचिन्ह के घेरे में है। विशेष रूप से, पूर्व में भी सवाल उठाए जाने के बावजूद, इस प्रोजेक्ट में लगातार घटिया और दोयम दर्जे की ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है, जो सरकार की मंशा के अनुरूप बनने वाले इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
    user_Sapna tomar thakur
    Sapna tomar thakur
    पिंडरा, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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