इन्फ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और जनकल्याण फोकस है बजट अमित गोयल स्थान जयपुर जयपुर। राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास की दिशा में एक दूरदर्शी व ऐतिहासिक बजट है। यह बजट मुख्यमंत्री जी भजनलाल जी के कुशल नेतृत्व एवं उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी जी की दूरदृष्टि का प्रमाण है, जो “विकसित राजस्थान” के संकल्प को साकार करेगा। भाजपा जिला अध्यक्ष अमित गोयल ने राजस्थान के बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह बजट सड़कों, बिजली, पानी, आवास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को मजबूती प्रदान करेगा। 28 लाख परिवारों के लिए आवास, युवाओं के लिए स्वरोजगार योजना, तकनीकी भर्ती, स्मार्ट बिजली व्यवस्था, बाढ़ सुरक्षा, ड्रेनेज सिस्टम और औद्योगिक पार्क जैसी अनेक योजनाएं आमजन के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में सहायक होंगी। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत एक लाख युवाओं को 10 लाख तक ऋण पर ब्याज अनुदान जैसी योजनाएं रोजगार के देंगी। सरकार द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 1000 करोड़ रुपए, ब्याज-रहित लोन सुविधा तथा 30 हजार युवाओं को लाभ देने की योजना शिक्षा को रोजगार से जोड़ने का प्रभावी प्रयास है। एआई आधारित बिजली ग्रिड, रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम, ऑनलाइन टेस्ट सेंटर्स, और राज्य स्तरीय एजेंसी की स्थापना जैसे नवाचार राजस्थान को तकनीकी रूप से सशक्त बनाएंगे। उन्होंने कहा कि बजट में वर्ष 2027 तक सड़क दुर्घटना से होने वाली मौतों में 90 प्रतिशत कमी का लक्ष्य तय किया गया है, जो सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। किसानों के लिए सिंचाई, पेयजल, सूक्ष्म सिंचाई योजना, फार्म पोंड और आर्थिक सहायता जैसी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगी। वहीं, बुजुर्गों के लिए तीर्थ यात्रा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और महिला-बाल कल्याण योजनाएं सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती हैं। सड़क, पुल, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम और शहरी विकास परियोजनाओं से आमजन को अच्छी सुविधाएं मिलेंगी। *टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा* श्री गोयल ने कहा कि सरकार द्वारा हेरिटेज, इको-टूरिज्म और रूरल टूरिज्म को बढ़ावा देने की पहल सराहनीय है। ग्रामीण क्षेत्रों में होम-स्टे और गेस्ट हाउस को प्रोत्साहन मिलने से स्थानीय लोगों को सीधा रोजगार और आय के अवसर प्राप्त होंगे। यह बजट राजस्थान को “पर्यटन की वैश्विक राजधानी” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। *महिलाओं को प्रदेश के विकास में भागीदार बनाना* श्री गोयल ने इस बजट को महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा और सामाजिक सम्मान देने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि इससे आंगनबाड़ी केंद्रों को नंद घर में बदलने, महिला-बाल शक्ति संकुल की स्थापना, अमृत पोषण वाटिकाओं और बच्चों के पोषण कार्यक्रमों से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूती मिलेगी। महिला कार्मिकों के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री वात्सल्य सदन, जरूरतमंद बच्चों के लिए चिल्ड्रन होम तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में सुविधाओं का विस्तार होना अच्छी बात है
इन्फ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और जनकल्याण फोकस है बजट अमित गोयल स्थान जयपुर जयपुर। राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास की दिशा में एक दूरदर्शी व ऐतिहासिक बजट है। यह बजट मुख्यमंत्री जी भजनलाल जी के कुशल नेतृत्व एवं उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी जी की दूरदृष्टि का प्रमाण है, जो “विकसित राजस्थान” के संकल्प को साकार करेगा। भाजपा जिला अध्यक्ष अमित गोयल ने राजस्थान के बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह बजट सड़कों, बिजली, पानी, आवास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को मजबूती प्रदान करेगा। 28 लाख परिवारों के लिए आवास, युवाओं के लिए स्वरोजगार योजना, तकनीकी भर्ती, स्मार्ट बिजली व्यवस्था, बाढ़ सुरक्षा, ड्रेनेज सिस्टम और औद्योगिक पार्क जैसी अनेक योजनाएं आमजन के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में सहायक होंगी। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत एक लाख युवाओं को 10 लाख तक ऋण पर ब्याज अनुदान जैसी योजनाएं रोजगार के देंगी। सरकार द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 1000 करोड़ रुपए, ब्याज-रहित लोन सुविधा तथा 30 हजार युवाओं को लाभ देने की योजना शिक्षा को रोजगार से जोड़ने का प्रभावी प्रयास है। एआई आधारित बिजली ग्रिड, रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम, ऑनलाइन टेस्ट सेंटर्स, और राज्य स्तरीय एजेंसी की स्थापना जैसे नवाचार राजस्थान को तकनीकी रूप से सशक्त बनाएंगे। उन्होंने कहा कि बजट में वर्ष 2027 तक सड़क दुर्घटना से होने वाली मौतों में 90 प्रतिशत कमी का लक्ष्य तय किया गया है, जो सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। किसानों के लिए सिंचाई, पेयजल, सूक्ष्म सिंचाई योजना, फार्म पोंड और आर्थिक सहायता जैसी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगी। वहीं, बुजुर्गों के लिए तीर्थ यात्रा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और महिला-बाल कल्याण योजनाएं सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती हैं। सड़क, पुल, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम और शहरी विकास परियोजनाओं से आमजन को अच्छी सुविधाएं मिलेंगी। *टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा* श्री गोयल ने कहा कि सरकार द्वारा हेरिटेज, इको-टूरिज्म और रूरल टूरिज्म को बढ़ावा देने की पहल सराहनीय है। ग्रामीण क्षेत्रों में होम-स्टे और गेस्ट हाउस को प्रोत्साहन मिलने से स्थानीय लोगों को सीधा रोजगार और आय के अवसर प्राप्त होंगे। यह बजट राजस्थान को “पर्यटन की वैश्विक राजधानी” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। *महिलाओं को प्रदेश के विकास में भागीदार बनाना* श्री गोयल ने इस बजट को महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा और सामाजिक सम्मान देने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि इससे आंगनबाड़ी केंद्रों को नंद घर में बदलने, महिला-बाल शक्ति संकुल की स्थापना, अमृत पोषण वाटिकाओं और बच्चों के पोषण कार्यक्रमों से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूती मिलेगी। महिला कार्मिकों के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री वात्सल्य सदन, जरूरतमंद बच्चों के लिए चिल्ड्रन होम तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में सुविधाओं का विस्तार होना अच्छी बात है
- जयपुर : बजट 2026 को लेकर मीडिया के समक्ष बोली उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी1
- स्थान जयपुर जयपुर। राजस्थान सरकार के उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत बजट 2026-27 प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास की दिशा में एक दूरदर्शी व ऐतिहासिक बजट है। यह बजट मुख्यमंत्री जी भजनलाल जी के कुशल नेतृत्व एवं उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दिया कुमारी जी की दूरदृष्टि का प्रमाण है, जो “विकसित राजस्थान” के संकल्प को साकार करेगा। भाजपा जिला अध्यक्ष अमित गोयल ने राजस्थान के बजट को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह बजट सड़कों, बिजली, पानी, आवास, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और औद्योगिक विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को मजबूती प्रदान करेगा। 28 लाख परिवारों के लिए आवास, युवाओं के लिए स्वरोजगार योजना, तकनीकी भर्ती, स्मार्ट बिजली व्यवस्था, बाढ़ सुरक्षा, ड्रेनेज सिस्टम और औद्योगिक पार्क जैसी अनेक योजनाएं आमजन के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने में सहायक होंगी। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत एक लाख युवाओं को 10 लाख तक ऋण पर ब्याज अनुदान जैसी योजनाएं रोजगार के देंगी। सरकार द्वारा मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 1000 करोड़ रुपए, ब्याज-रहित लोन सुविधा तथा 30 हजार युवाओं को लाभ देने की योजना शिक्षा को रोजगार से जोड़ने का प्रभावी प्रयास है। एआई आधारित बिजली ग्रिड, रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम, ऑनलाइन टेस्ट सेंटर्स, और राज्य स्तरीय एजेंसी की स्थापना जैसे नवाचार राजस्थान को तकनीकी रूप से सशक्त बनाएंगे। उन्होंने कहा कि बजट में वर्ष 2027 तक सड़क दुर्घटना से होने वाली मौतों में 90 प्रतिशत कमी का लक्ष्य तय किया गया है, जो सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। किसानों के लिए सिंचाई, पेयजल, सूक्ष्म सिंचाई योजना, फार्म पोंड और आर्थिक सहायता जैसी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करेंगी। वहीं, बुजुर्गों के लिए तीर्थ यात्रा, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और महिला-बाल कल्याण योजनाएं सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाती हैं। सड़क, पुल, ड्रेनेज, स्ट्रीट लाइट, स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम और शहरी विकास परियोजनाओं से आमजन को अच्छी सुविधाएं मिलेंगी। *टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा* श्री गोयल ने कहा कि सरकार द्वारा हेरिटेज, इको-टूरिज्म और रूरल टूरिज्म को बढ़ावा देने की पहल सराहनीय है। ग्रामीण क्षेत्रों में होम-स्टे और गेस्ट हाउस को प्रोत्साहन मिलने से स्थानीय लोगों को सीधा रोजगार और आय के अवसर प्राप्त होंगे। यह बजट राजस्थान को “पर्यटन की वैश्विक राजधानी” के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है। *महिलाओं को प्रदेश के विकास में भागीदार बनाना* श्री गोयल ने इस बजट को महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सुरक्षा और सामाजिक सम्मान देने वाला बताया है। उन्होंने कहा कि इससे आंगनबाड़ी केंद्रों को नंद घर में बदलने, महिला-बाल शक्ति संकुल की स्थापना, अमृत पोषण वाटिकाओं और बच्चों के पोषण कार्यक्रमों से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को मजबूती मिलेगी। महिला कार्मिकों के बच्चों के लिए मुख्यमंत्री वात्सल्य सदन, जरूरतमंद बच्चों के लिए चिल्ड्रन होम तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में सुविधाओं का विस्तार होना अच्छी बात है1
- जयपुर। राजस्थान सरकार द्वारा पेश किए गए बजट से प्रदेश के लाखों कर्मचारियों में भारी नाराज़गी देखने को मिल रही है। अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बजट को कर्मचारी विरोधी बताते हुए सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया है। राठौड़ ने कहा कि बजट पूर्व मुख्यमंत्री के साथ हुई वार्ता में कर्मचारियों की जिन मांगों पर सकारात्मक संकेत दिए गए थे, उनका बजट में कहीं भी उल्लेख नहीं किया गया। इससे प्रदेश के लगभग 8 लाख कर्मचारियों में गहरा रोष और निराशा है। निराशा के प्रमुख कारण वेतन विसंगति, पदोन्नति और भत्तों जैसी मूल मांगों पर बजट पूरी तरह मौन नई कमेटी गठन की घोषणा को कर्मचारियों ने समय टालने की रणनीति बताया बजट भाषण में कर्मचारी संवर्ग का उल्लेख तक नहीं, जिसे अपमानजनक बताया गया महासंघ कार्यालय में आयोजित बैठक में विभिन्न संवर्गों के प्रदेशाध्यक्षों और पदाधिकारियों ने बजट पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। सभी ने एक स्वर में इसे कर्मचारियों के हितों की अनदेखी बताया। महासंघ की चेतावनी प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा, “हम मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि वे इस स्थिति का संज्ञान लें और शीघ्र द्विपक्षीय वार्ता कर कर्मचारियों की जायज मांगों का ठोस समाधान करें। यदि मांगों का जल्द निराकरण नहीं हुआ तो महासंघ आंदोलन के लिए मजबूर होगा।”1
- गंगापुर सिटी में अरावली संरक्षण यात्रा का भव्य स्वागत युवा संवाद में ‘जंगल-जमीन-जल’ बचाने का आह्वान सरकार की विस्थापन नीति पर वक्ताओं का तीखा हमला आदिवासी-किसान-मजदूर एकजुट होने का संकल्प अरावली बचाने की सामूहिक शपथ के साथ कार्यक्रम संपन्न1
- बजट के बाद डोटासरा और बालमुकुंद आचार्य के बीच मजाकिया चर्चा....1
- shyam baba ke payre darshan jisne kiye uska shyam baba rakhe shyam jai shree shyam....1
- Post by Radha M.k3
- जयपुर । राजस्थान सरकार के बजट 2026 - 27 को लेकर गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि भाजपा को सत्ता में आए 2 साल से अधिक हो गए, राजस्थान को अब 'घोषणाओं' और 'नीतियों' के ड्राफ्ट नहीं, नतीजे चाहिए। आज विधानसभा में पेश किया गया राजस्थान बजट 2026-27 सिर्फ घोषणाओं और नीतियों के ड्रॉफ्ट का नाकाम बजट है। राजस्थान की बदहाल स्थिति, बढ़ते कर्ज़, रिकॉर्ड महंगाई, चरम पर भ्रष्टाचार, बच्चियों से दुराचार, शिक्षक भर्ती और युवाओं को नौकरी देने पर भाजपा सरकार पूरी तरह मौन रही। स्कूलों के लिए 21000 करोड़ चाहिए, लेकिन मिले सिर्फ 550 करोड़। सड़कों के बजट में ऐसी केंची चलाई है कि पिछले बजट से आधा कर दिया। किसान कल्याण बजट से गायब रहा, ERCP पर एक शब्द का वाचन तक नहीं हुआ, यमुना के पानी के लिए भी कोई बजट नहीं, और न ही पत्रकारों की कोई बात। सच्चाई ये है कि भाजपा सरकार की पिछली 26% घोषणाएं भी आज तक धरातल पर नहीं उतरीं, और इस बजट में फिर वही घोषणाएं और नीति बनाने की बातें। राजस्थान की आम जनता हाशिए पर हैं, डबल इंजन सरकार ट्रबल इंजन सरकार बन चुकी है। भाजपा की प्राथमिकता सिर्फ प्रचार व घोषणाएं हैं।1