logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

*मैहर में प्रशासन की सख्ती से 15 वर्षीय नाबालिग का बाल विवाह टला* अमरपाटन के रामगढ़ गांव में 15 साल की नाबालिग लड़की की शादी की सूचना पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। महिला एवं बाल विकास विभाग, थाना प्रभारी और नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और समझाइश देकर विवाह रुकवाया।लड़की के माता-पिता का निधन हो चुका है और उसकी देखभाल दादी कर रही थीं, जिन्होंने उम्र का हवाला देकर शादी कराने की कोशिश की थी। अधिकारियों ने बाल विवाह के कानून और नुकसान समझाए, जिसके बाद परिजन मान गए,पंचनामा कर निर्देश दिए गए कि लड़की की शादी 18 साल के बाद ही होगी

1 hr ago
user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
Court reporter Risod, Washim•
1 hr ago
eb4f6685-b706-480b-9fc5-758c9e234880
635ca95c-063c-465e-9636-441c52833fa7

*मैहर में प्रशासन की सख्ती से 15 वर्षीय नाबालिग का बाल विवाह टला* अमरपाटन के रामगढ़ गांव में 15 साल की नाबालिग लड़की की शादी की सूचना पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। महिला एवं बाल विकास विभाग, थाना प्रभारी और नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे और समझाइश देकर विवाह रुकवाया।लड़की के माता-पिता का निधन हो चुका है और उसकी देखभाल दादी कर रही थीं, जिन्होंने उम्र का हवाला देकर शादी कराने की कोशिश की थी। अधिकारियों ने बाल विवाह के कानून और नुकसान समझाए, जिसके बाद परिजन मान गए,पंचनामा कर निर्देश दिए गए कि लड़की की शादी 18 साल के बाद ही होगी

More news from Washim and nearby areas
  • मैहर: अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ा वार्ड क्रमांक 9, सफाई न होने पर नाली में उतरने को मजबूर हुए वार्डवासी *मैहर।* नगर पालिका परिषद मैहर के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 9, मानपुर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव और प्रशासनिक उदासीनता अब जनता के सब्र का बांध तोड़ रही है। वार्ड में लंबे समय से नालियों की सफाई न होने और पेयजल की किल्लत से आक्रोशित होकर आज वार्डवासियों ने स्वयं फावड़ा उठाकर नाली की सफाई शुरू कर दी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका प्रशासन को बार-बार अवगत कराने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से जनता में भारी रोष वार्डवासियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब से क्षेत्र में नए जनप्रतिनिधि चुनकर आए हैं, तब से उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। जनता का मानना है कि न तो कोई उनकी समस्याओं को सुनने वाला है और न ही धरातल पर कोई काम दिखाई दे रहा है। नागरिकों ने तंज कसते हुए कहा कि जिस नगर पालिका में 200 से अधिक सफाई कर्मचारी तैनात हों, वहां यदि आम जनता को खुद कीचड़ साफ करने के लिए नाली में उतरना पड़े, तो यह प्रशासन के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। विकास के दावों पर उठे सवाल सड़क पर बहता गंदा पानी और बंद पड़ी नालियां नगर पालिका के विकास के दावों की पोल खोल रही हैं। स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया कि आखिर यह कैसा विकास है जहाँ जनता को मूलभूत सुविधाओं (सफाई, पानी और बिजली) के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। वार्ड में पसरी गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष ने लिया संज्ञान, दी आंदोलन की चेतावनी वार्ड में व्याप्त इस अव्यवस्था की जानकारी मिलते ही ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रमेश प्रजापति.मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां की स्थिति का जायजा लिया और वार्डवासियों की व्यथा सुनी। श्री प्रजापति ने तत्काल संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से बात कर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, मैहर नगर पालिका में सफाई, पानी और बिजली जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। यदि जल्द ही इन समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया और वार्ड 9 सहित पूरे मैहर की स्थिति नहीं सुधरी, तो नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ आंदोलन छेड़ा जाएगा।
    1
    मैहर: अव्यवस्थाओं की भेंट चढ़ा वार्ड क्रमांक 9, सफाई न होने पर नाली में उतरने को मजबूर हुए वार्डवासी
*मैहर।* नगर पालिका परिषद मैहर के अंतर्गत आने वाले वार्ड क्रमांक 9, मानपुर में मूलभूत सुविधाओं का अभाव और प्रशासनिक उदासीनता अब जनता के सब्र का बांध तोड़ रही है। वार्ड में लंबे समय से नालियों की सफाई न होने और पेयजल की किल्लत से आक्रोशित होकर आज वार्डवासियों ने स्वयं फावड़ा उठाकर नाली की सफाई शुरू कर दी। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और नगर पालिका प्रशासन को बार-बार अवगत कराने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से जनता में भारी रोष
वार्डवासियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब से क्षेत्र में नए जनप्रतिनिधि चुनकर आए हैं, तब से उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। जनता का मानना है कि न तो कोई उनकी समस्याओं को सुनने वाला है और न ही धरातल पर कोई काम दिखाई दे रहा है। नागरिकों ने तंज कसते हुए कहा कि जिस नगर पालिका में 200 से अधिक सफाई कर्मचारी तैनात हों, वहां यदि आम जनता को खुद कीचड़ साफ करने के लिए नाली में उतरना पड़े, तो यह प्रशासन के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है।
विकास के दावों पर उठे सवाल
सड़क पर बहता गंदा पानी और बंद पड़ी नालियां नगर पालिका के विकास के दावों की पोल खोल रही हैं। स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया कि आखिर यह कैसा विकास है जहाँ जनता को मूलभूत सुविधाओं (सफाई, पानी और बिजली) के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। वार्ड में पसरी गंदगी के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष ने लिया संज्ञान, दी आंदोलन की चेतावनी
वार्ड में व्याप्त इस अव्यवस्था की जानकारी मिलते ही ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रमेश प्रजापति.मौके पर पहुंचे। उन्होंने वहां की स्थिति का जायजा लिया और वार्डवासियों की व्यथा सुनी। श्री प्रजापति ने तत्काल संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से बात कर अपनी कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा, मैहर नगर पालिका में सफाई, पानी और बिजली जैसी मूलभूत व्यवस्थाएं पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं। यदि जल्द ही इन समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया और वार्ड 9 सहित पूरे मैहर की स्थिति नहीं सुधरी, तो नगर पालिका प्रशासन के खिलाफ  आंदोलन छेड़ा जाएगा।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Risod, Washim•
    41 min ago
  • Post by Raghunath Aghao
    1
    Post by Raghunath Aghao
    user_Raghunath Aghao
    Raghunath Aghao
    Farmer लोणार, बुलढाणा, महाराष्ट्र•
    7 hrs ago
  • शेवटी फाट्याजवळ ट्रक चालकाचे ट्रक वरील नियंत्रण सुटून चालक जागीच ठार दि 29/4/26 प्राप्त माहितीनुसार सकाळी दीडच्या सुमारास जालना वरून कारंजा कडे येत असताना शेवटी फाट्याजवळ सदर ट्रक चालकाचे नियंत्रण सुटल्यामुळे ट्रक रोडच्या कडेला पलटी होऊन ट्रक चालक ट्रक खाली दाबून जागीच ठार झाला अपघाताची माहिती महाराष्ट्र पोलीस दीपक ढोबळे यांनी तात्काळ श्री गुरु मंदिर रुग्णवाहिकेचे रुग्णसेवक रमेश देशमुख यांना दिली त्यांनी तात्काळ कारंजा ॲम्बुलन्स चे शुभम खोड हे तात्काळ घटनास्थळी जाऊन ट्रक खाली दबून असलेल्या ट्रक चालकाला क्रेनच्या साह्याने बाहेर काढून चालकाला उपजिल्हा रुग्णालयाचे येथे आणले येथील वैद्यकीय अधिकारी त्यांना मृत घोषित केले त्यांचे नाव सुनील विष्णू पवार वय 48 रा सोनोशी तालुका सिंदखेड राजा जिल्हा बुलढाणा त्यावेळी मदतीसाठी कक्षा सेवक अमर सोनोने व कारंजा ग्रामीण पोलीस स्टेशनचे कर्मचारी हे प्रामुख्याने घटनास्थळी उपस्थित होते. पुढील तपास कारंजा ग्रामीण पोलीस स्टेशन करीत आहे. नेहमी आपल्या सेवेत श्री गुरु मंदिर रुग्णवाहिका सेवा रुग्णसेवक रमेश देशमुख
    3
    शेवटी फाट्याजवळ ट्रक चालकाचे ट्रक वरील नियंत्रण सुटून चालक जागीच ठार                                        दि 29/4/26 प्राप्त माहितीनुसार सकाळी दीडच्या सुमारास जालना वरून कारंजा कडे येत असताना शेवटी फाट्याजवळ सदर ट्रक चालकाचे नियंत्रण सुटल्यामुळे ट्रक रोडच्या कडेला पलटी होऊन ट्रक चालक ट्रक खाली दाबून जागीच ठार झाला अपघाताची माहिती महाराष्ट्र पोलीस दीपक ढोबळे यांनी तात्काळ श्री गुरु मंदिर रुग्णवाहिकेचे रुग्णसेवक रमेश देशमुख यांना दिली त्यांनी तात्काळ कारंजा ॲम्बुलन्स   चे शुभम खोड हे तात्काळ घटनास्थळी जाऊन ट्रक खाली दबून  असलेल्या ट्रक चालकाला क्रेनच्या साह्याने बाहेर काढून  चालकाला उपजिल्हा रुग्णालयाचे येथे आणले येथील वैद्यकीय अधिकारी त्यांना मृत घोषित केले त्यांचे नाव सुनील विष्णू पवार वय 48 रा सोनोशी तालुका सिंदखेड राजा जिल्हा बुलढाणा त्यावेळी मदतीसाठी कक्षा सेवक अमर सोनोने व कारंजा ग्रामीण पोलीस स्टेशनचे कर्मचारी हे प्रामुख्याने घटनास्थळी उपस्थित होते. पुढील तपास कारंजा ग्रामीण पोलीस स्टेशन करीत आहे.                                         नेहमी आपल्या सेवेत                 श्री गुरु मंदिर रुग्णवाहिका सेवा रुग्णसेवक रमेश देशमुख
    user_अनंता  लक्ष्मण घुगे
    अनंता लक्ष्मण घुगे
    Photographer वाशिम, वाशिम, महाराष्ट्र•
    7 hrs ago
  • प्रशासनाचे दुर्लक्ष चव्हाट्यावर; तक्रारदारांचे तहसीलसमोर अर्धनग्न आंदोलन मंठा (प्रतिनिधी) – पूर्णा नदीपात्रातील अवैध रेती उत्खननाच्या तक्रारींकडे प्रशासनाने वारंवार दुर्लक्ष केल्याचा गंभीर आरोप करत तक्रारदारांनी अखेर आक्रमक पवित्रा घेतला. मंगळवार, दि. २८ एप्रिल रोजी मंठा तहसील कार्यालयासमोर अर्धनग्न आंदोलन करत त्यांनी संताप व्यक्त केला. तक्रारदारांच्या म्हणण्यानुसार, जेसीबी व पोकलॅन्डसारख्या यंत्रांच्या साहाय्याने मोठ्या प्रमाणावर अवैध उत्खनन सुरू असून नियमांची सर्रास पायमल्ली होत आहे. याबाबत अनेकदा निवेदने देऊनही प्रशासनाकडून कोणतीही ठोस कारवाई करण्यात आलेली नसल्याने आंदोलनाचा मार्ग स्वीकारावा लागल्याचे त्यांनी स्पष्ट केले. आंदोलनादरम्यान प्रशासनाविरोधात जोरदार घोषणाबाजी करण्यात आली. दोषी अधिकारी आणि संबंधितांवर तात्काळ कडक कारवाई करावी, अशी मागणी आंदोलनकर्त्यांनी केली. तसेच, ड्रोनच्या माध्यमातून सर्व रेती घाटांचे मोजमाप करून निष्पक्ष चौकशी करावी आणि तोपर्यंत उत्खनन पूर्णपणे बंद ठेवावे, अशीही मागणी पुढे करण्यात आली. या आंदोलनामुळे तहसील कार्यालय परिसरात काही काळ तणावपूर्ण वातावरण निर्माण झाले होते. प्रशासनाने आंदोलनाची दखल घेत प्रकरणाची चौकशी करून योग्य ती कारवाई करण्यात येईल, असे आश्वासन दिल्याची माहिती मिळाली आहे. दरम्यान, “तक्रारींकडे दुर्लक्ष झाल्यास आंदोलन अधिक तीव्र करण्यात येईल,” असा इशारा आंदोलनकर्त्यांनी प्रशासनाला दिला आहे.
    1
    प्रशासनाचे दुर्लक्ष चव्हाट्यावर; तक्रारदारांचे तहसीलसमोर अर्धनग्न आंदोलन
मंठा (प्रतिनिधी) – पूर्णा नदीपात्रातील अवैध रेती उत्खननाच्या तक्रारींकडे प्रशासनाने वारंवार दुर्लक्ष केल्याचा गंभीर आरोप करत तक्रारदारांनी अखेर आक्रमक पवित्रा घेतला. मंगळवार, दि. २८ एप्रिल रोजी मंठा तहसील कार्यालयासमोर अर्धनग्न आंदोलन करत त्यांनी संताप व्यक्त केला.
तक्रारदारांच्या म्हणण्यानुसार, जेसीबी व पोकलॅन्डसारख्या यंत्रांच्या साहाय्याने मोठ्या प्रमाणावर अवैध उत्खनन सुरू असून नियमांची सर्रास पायमल्ली होत आहे. याबाबत अनेकदा निवेदने देऊनही प्रशासनाकडून कोणतीही ठोस कारवाई करण्यात आलेली नसल्याने आंदोलनाचा मार्ग स्वीकारावा लागल्याचे त्यांनी स्पष्ट केले.
आंदोलनादरम्यान प्रशासनाविरोधात जोरदार घोषणाबाजी करण्यात आली. दोषी अधिकारी आणि संबंधितांवर तात्काळ कडक कारवाई करावी, अशी मागणी आंदोलनकर्त्यांनी केली. तसेच, ड्रोनच्या माध्यमातून सर्व रेती घाटांचे मोजमाप करून निष्पक्ष चौकशी करावी आणि तोपर्यंत उत्खनन पूर्णपणे बंद ठेवावे, अशीही मागणी पुढे करण्यात आली.
या आंदोलनामुळे तहसील कार्यालय परिसरात काही काळ तणावपूर्ण वातावरण निर्माण झाले होते. प्रशासनाने आंदोलनाची दखल घेत प्रकरणाची चौकशी करून योग्य ती कारवाई करण्यात येईल, असे आश्वासन दिल्याची माहिती मिळाली आहे.
दरम्यान, “तक्रारींकडे दुर्लक्ष झाल्यास आंदोलन अधिक तीव्र करण्यात येईल,” असा इशारा आंदोलनकर्त्यांनी प्रशासनाला दिला आहे.
    user_Sandip Gaikwad
    Sandip Gaikwad
    Accountant मंठा, जालना, महाराष्ट्र•
    21 hrs ago
  • • 'जनगणना २०२७' अंतर्गत घरयादी व घरगणनेची स्वगणना लातूर : जनगणनेची प्रक्रिया अधिक सुलभ आणि पारदर्शक करण्यासाठी प्रशासनाने स्व-गणना सुविधा उपलब्ध करून दिली आहे. राज्यात १ मे ते १५ मे २०२६ या कालावधीत स्व-गणनेची सुविधा उपलब्ध राहणार आहे. यासाठी नागरिकांनी सर्वप्रथम व्हिडिओ मध्ये दिलेल्या लिंक वरती क्लिक करून या अधिकृत पोर्टलला भेट देऊन कुटुंब प्रमुखाचे नाव व मोबाईल क्रमांकासह नोंदणी पूर्ण करावी, असे आवाहन जिल्हाधिकारी डॉ. भारत बास्टेवाड यांनी केले आहे. भारताची जनगणना २०२७ ही देशाच्या विकासासाठी अत्यंत महत्त्वाची प्रक्रिया असून ही प्रक्रिया दोन टप्प्यांमध्ये राबवली जाणार आहे. या जनगणनेचा पहिला टप्पा घरयादी व घरगणना १६ मे २०२६ ते १४ जून २०२६ या कालावधीत पार पडेल, तर दुसरा टप्पा प्रत्यक्ष लोकसंख्या गणना फेब्रुवारी २०२७ मध्ये आयोजित करण्यात आला आहे. पहिल्या टप्प्यात घरी येणाऱ्या प्रगणकांना एकूण ३४ प्रश्नांची योग्य उत्तरे देऊन सहकार्य करावे. तसेच, भारत सरकारने या प्रक्रियेत 'स्वगणनेचा' विशेष पर्याय उपलब्ध करून दिला असून महाराष्ट्रासाठी हा कालावधी १ मे २०२६ ते १५ मे २०२६ असा राहणार आहे. स्व-गणनासाठी पोर्टलवर नोंदणी करताना एकदा निश्चित केलेले कुटुंब प्रमुखाचे नाव बदलता येणार नाही, तसेच एका मोबाईल क्रमांकावरून केवळ एकाच कुटुंबाची नोंदणी करता येईल, याची नागरिकांनी नोंद घ्यावी. नोंदणीनंतर प्राप्त झालेला ओटीपी प्रविष्ट करून आपली भाषा निवडावी आणि जिल्ह्यासह राहत्या ठिकाणचा पिन कोड भरून नकाशावरील लाल मार्करद्वारे घराचे अचूक स्थान निश्चित करावे. पुढील टप्प्यात, पोर्टलवरील मार्गदर्शक सूचनांनुसार घरयादी व घरगणनेची सविस्तर प्रश्नावली भरून सर्व माहितीची पडताळणी करावी आणि माहिती अचूक असल्याची खात्री पटल्यावर ती अंतिम सादर (सबमिट) करावी. एकदा माहिती अंतिम सादर केल्यानंतर त्यात कोणताही बदल करता येणार नाही आणि त्यानंतर नागरिकांना त्यांच्या मोबाईलवर 'H' या अक्षराने सुरू होणारा ११-अंकी 'SE ID' प्राप्त होईल. जनगणनेची ही प्रक्रिया पूर्ण करण्यासाठी १६ मे ते १४ जून २०२६ या कालावधीत जेव्हा शासकीय प्रगणक प्रत्यक्ष घराला भेट देतील, तेव्हा त्यांना हा SE ID सांगणे आवश्यक आहे, जेणेकरून डिजिटल माहितीची प्रत्यक्ष पडताळणी होऊन जनगणनेची नोंद यशस्वीरीत्या पूर्ण होईल. तरी सर्व नागरिकांनी विचारलेल्या प्रश्नांची बिनचूक उत्तरे देऊन या राष्ट्रीय कार्यात आपला सहभाग नोंदवावा, असे आवाहन लातूर जिल्हाधिकारी कार्यालयातर्फे करण्यात येत आहे.
    1
    • 'जनगणना २०२७' अंतर्गत घरयादी व घरगणनेची स्वगणना
लातूर : जनगणनेची प्रक्रिया अधिक सुलभ आणि पारदर्शक करण्यासाठी प्रशासनाने स्व-गणना सुविधा उपलब्ध करून दिली आहे. राज्यात १ मे ते १५ मे २०२६ या कालावधीत स्व-गणनेची सुविधा उपलब्ध राहणार आहे. यासाठी नागरिकांनी सर्वप्रथम व्हिडिओ मध्ये दिलेल्या लिंक वरती क्लिक करून या अधिकृत पोर्टलला भेट देऊन कुटुंब प्रमुखाचे नाव व मोबाईल क्रमांकासह नोंदणी पूर्ण करावी, असे आवाहन जिल्हाधिकारी डॉ. भारत बास्टेवाड यांनी केले आहे.
भारताची जनगणना २०२७ ही देशाच्या विकासासाठी अत्यंत महत्त्वाची प्रक्रिया असून ही प्रक्रिया दोन टप्प्यांमध्ये राबवली जाणार आहे. या जनगणनेचा पहिला टप्पा घरयादी व घरगणना १६ मे २०२६ ते १४ जून २०२६ या कालावधीत पार पडेल, तर दुसरा टप्पा प्रत्यक्ष लोकसंख्या गणना फेब्रुवारी २०२७ मध्ये आयोजित करण्यात आला आहे. पहिल्या टप्प्यात घरी येणाऱ्या प्रगणकांना एकूण ३४ प्रश्नांची योग्य उत्तरे देऊन सहकार्य करावे. तसेच, भारत सरकारने या प्रक्रियेत 'स्वगणनेचा' विशेष पर्याय उपलब्ध करून दिला असून महाराष्ट्रासाठी हा कालावधी १ मे २०२६ ते १५ मे २०२६ असा राहणार आहे. स्व-गणनासाठी पोर्टलवर नोंदणी करताना एकदा निश्चित केलेले कुटुंब प्रमुखाचे नाव बदलता येणार नाही, तसेच एका मोबाईल क्रमांकावरून केवळ एकाच कुटुंबाची नोंदणी करता येईल, याची नागरिकांनी नोंद घ्यावी. नोंदणीनंतर प्राप्त झालेला ओटीपी प्रविष्ट करून आपली भाषा निवडावी आणि जिल्ह्यासह राहत्या ठिकाणचा पिन कोड भरून नकाशावरील लाल मार्करद्वारे घराचे अचूक स्थान निश्चित करावे. पुढील टप्प्यात, पोर्टलवरील मार्गदर्शक सूचनांनुसार घरयादी व घरगणनेची सविस्तर प्रश्नावली भरून सर्व माहितीची पडताळणी करावी आणि माहिती अचूक असल्याची खात्री पटल्यावर ती अंतिम सादर (सबमिट) करावी. एकदा माहिती अंतिम सादर केल्यानंतर त्यात कोणताही बदल करता येणार नाही आणि त्यानंतर नागरिकांना त्यांच्या मोबाईलवर 'H' या अक्षराने सुरू होणारा ११-अंकी 'SE ID' प्राप्त होईल. जनगणनेची ही प्रक्रिया पूर्ण करण्यासाठी १६ मे ते १४ जून २०२६ या कालावधीत जेव्हा शासकीय प्रगणक प्रत्यक्ष घराला भेट देतील, तेव्हा त्यांना हा SE ID सांगणे आवश्यक आहे, जेणेकरून डिजिटल माहितीची प्रत्यक्ष पडताळणी होऊन जनगणनेची नोंद यशस्वीरीत्या पूर्ण होईल. तरी सर्व नागरिकांनी विचारलेल्या प्रश्नांची बिनचूक उत्तरे देऊन या राष्ट्रीय कार्यात आपला सहभाग नोंदवावा, असे आवाहन लातूर जिल्हाधिकारी कार्यालयातर्फे करण्यात येत आहे.
    user_Latur 24
    Latur 24
    Local News Reporter सेलू, परभणी, महाराष्ट्र•
    9 hrs ago
  • Post by तुकाराम आश्रय वृद्धाश्रम
    1
    Post by तुकाराम आश्रय वृद्धाश्रम
    user_तुकाराम आश्रय वृद्धाश्रम
    तुकाराम आश्रय वृद्धाश्रम
    Social services organisation चिखली, बुलढाणा, महाराष्ट्र•
    11 hrs ago
  • टाकळी कुंभकर्ण ग्रामपंचायतीत प्रियंका मुंडे सरपंचपदी विजयी; 132 मतांनी दणदणीत विजय, गावात जल्लोष
    1
    टाकळी कुंभकर्ण ग्रामपंचायतीत प्रियंका मुंडे सरपंचपदी विजयी; 132 मतांनी दणदणीत विजय, गावात जल्लोष
    user_Sayad Jamil
    Sayad Jamil
    Parbhani, Maharashtra•
    10 hrs ago
  • नशा मुक्त अभियान का खोखला दावा,जगह-जगह खुले अहाते, पुलिसिया कार्यवाही बनी मजाक...! आबकारी विभाग और पुलिस का खुला संरक्षण हुआ जगजाहिर...! सतना। केंद्र की मोदी और मध्य प्रदेश की मोहन सरकार सहित आईजी रीवा द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जाने वाले नशा मुक्ति अभियान की जमीनी हकीकत सतना जिले में चौंकाने वाली है। सतना जिले में अवैध शराब का कारोबार जनता के लिए सबसे गंभीर समस्या बन गई है। आए दिन शराब की वजह से मारपीट और विवाद की घटनाएं सामने आ रही हैं,एक तरफ आईजी रीवा के नशा मुक्ति अभियान के तहत अवैध कारोबारी भूमिगत दिखाई दे रहे हैं, लेकिन सतना सिटी में इस अभियान का कोई अशर देखने को नहीं मिल रहा। आखिर अभियान चालाने के बाद भी आईजी रीवा सतना सिटी में बेकाबू अवैध शराब कारोबार पर कब नियंत्रण लगवा रहे हैं..? सतना सिटी में संचालित होने वाली शराब दुकान के समीप अवैध अहाते का संचालन सतना जिले में पुलिस की नाकामी का सबसे बड़ा प्रमाण साबित हो रही है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आदेश पर सभी अहातों को बंद करवा दिया गया था, लेकिन उनके जाते ही अवैध अहातों की सतना जिले में बाढ़ आ गई है। एक तरफ भाजपा सरकार शराब कारोबार से सरकारी खजाना भर रही है तो वहीं दूसरी ओर सतना जिले के समाजसेवी अवैध अहातों को लेकर कार्यवाही की वकालत कर रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि जब समाजसेवी की बातों पर ही मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार गंभीरता नहीं बरत रही है तो फिर आम जनता को होने वाली परेशानी का समाधान कैसे हो पाएगा..? जिला आबकारी विभाग और पुलिस के संरक्षण में पूरे सिटी के अंदर शराब का अवैध कारोबार डंके की चोंट पर किया जा रहा है। शराब ठेकेदारों से मिलने वाले नजराना की वजह से पुलिस और आबकारी विभाग केवल तमाशा देखने और कागजी घोड़े दौड़ाने तक सीमित रह गए हैं। आबकारी विभाग- थाना पुलिस का यहां संयुक्त संरक्षण..! गहरा नाला, सर्किट हाउस, स्टेशन रोड़, जय स्तम्भ चौक,सिविल लाइन कोठी मोड़,सहित धवारी स्टेडियम में अंग्रेजी शराब दुकान खुलने के उपरांत पूरी आवोहवा खराब हो गई है। कलेक्ट्रेट, अस्पताल, स्कूल का आसपास संचालन होने के बाद भी न तो शराब दुकान को यहां से हटाने का काम किया गया और न ही अवैध अहातो को बंद करवाया गया। स्थानीय रहवासियों की जिंदगी पर बराबर संकट बना रहता है। जिला आबकारी विभाग और पुलिस के संयुक्त संरक्षण में शराबखोरी के अवैध अहातो को चलाया जा रहा है।
    1
    नशा मुक्त अभियान का खोखला दावा,जगह-जगह खुले अहाते, पुलिसिया कार्यवाही बनी मजाक...!
आबकारी विभाग और पुलिस का खुला संरक्षण हुआ जगजाहिर...! 
सतना। केंद्र की मोदी और मध्य प्रदेश की मोहन सरकार सहित आईजी रीवा द्वारा संयुक्त रूप से चलाए जाने वाले नशा मुक्ति अभियान की जमीनी हकीकत सतना जिले में चौंकाने वाली है। सतना जिले में अवैध शराब का कारोबार जनता के लिए सबसे गंभीर समस्या बन गई है। आए दिन शराब की वजह से मारपीट और विवाद की घटनाएं सामने आ रही हैं,एक तरफ आईजी रीवा के नशा मुक्ति अभियान के तहत अवैध कारोबारी भूमिगत दिखाई दे रहे हैं, लेकिन सतना सिटी में इस अभियान का कोई अशर देखने को नहीं मिल रहा। आखिर अभियान चालाने के बाद भी आईजी रीवा सतना सिटी में बेकाबू अवैध शराब कारोबार पर कब नियंत्रण लगवा रहे हैं..? सतना सिटी में संचालित होने वाली शराब दुकान के समीप अवैध अहाते का संचालन सतना जिले में पुलिस की नाकामी का सबसे बड़ा प्रमाण साबित हो रही है। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के आदेश पर सभी अहातों को बंद करवा दिया गया था, लेकिन उनके जाते ही अवैध अहातों की सतना जिले में बाढ़ आ गई है। एक तरफ भाजपा सरकार शराब कारोबार से सरकारी खजाना भर रही है तो वहीं दूसरी ओर सतना जिले के समाजसेवी अवैध अहातों को लेकर कार्यवाही की वकालत कर रहे हैं। अब सवाल यह उठता है कि जब समाजसेवी की बातों पर ही मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार गंभीरता नहीं बरत रही है तो फिर आम जनता को होने वाली परेशानी का समाधान कैसे हो पाएगा..? जिला आबकारी विभाग और पुलिस के संरक्षण में  पूरे सिटी के अंदर शराब का अवैध कारोबार डंके की चोंट पर किया जा रहा है। शराब ठेकेदारों से मिलने वाले नजराना की वजह से पुलिस और आबकारी विभाग केवल तमाशा देखने और कागजी घोड़े दौड़ाने तक सीमित रह गए हैं।
आबकारी विभाग- थाना पुलिस का यहां संयुक्त संरक्षण..!
गहरा नाला, सर्किट हाउस, स्टेशन रोड़, जय स्तम्भ चौक,सिविल लाइन कोठी मोड़,सहित धवारी स्टेडियम में अंग्रेजी शराब दुकान खुलने के उपरांत पूरी आवोहवा खराब हो गई है। कलेक्ट्रेट, अस्पताल, स्कूल का आसपास संचालन होने के बाद भी न तो शराब दुकान को यहां से हटाने का काम किया गया और न ही अवैध अहातो को बंद करवाया गया। स्थानीय रहवासियों की जिंदगी पर बराबर संकट बना रहता है। जिला आबकारी विभाग और  पुलिस के संयुक्त संरक्षण में शराबखोरी के अवैध अहातो को चलाया जा रहा है।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Shiv Singh rajput dahiya journalist MP
    Court reporter Risod, Washim•
    43 min ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.