पटना के डाकबंगला चौराहे पर शनिवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। छात्र किसी मांग को लेकर डाकबंगला पर एकत्र हुए थे और नारेबाजी कर रहे थे। देखते ही देखते मामला बिगड़ गया और स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाने का प्रयास विफल रहने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और छात्र इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान पुलिस ने कुछ छात्रों को हिरासत में भी ले लिया। घटना के बाद पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया था, जिसके चलते कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को मजबूरन बल का प्रयोग करना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी की गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस उन असामाजिक तत्वों की पहचान में जुटी है जिन्होंने हिंसा फैलाई, साथ ही यह जांच भी की जा रही है कि प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल किए गए पत्थर कहां से लाए गए थे और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे। पुलिस प्रशासन का कहना है कि शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। घटना के बाद डाकबंगला और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है और प्रशासन पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है।
पटना के डाकबंगला चौराहे पर शनिवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। छात्र किसी मांग को लेकर डाकबंगला पर एकत्र हुए थे और नारेबाजी कर रहे थे। देखते ही देखते मामला बिगड़
गया और स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाने का प्रयास विफल रहने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और छात्र इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान पुलिस ने कुछ छात्रों को हिरासत
में भी ले लिया। घटना के बाद पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया था, जिसके चलते कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को मजबूरन बल का प्रयोग करना पड़ा। उन्होंने
स्पष्ट किया कि इस मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी की गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस उन असामाजिक तत्वों की पहचान में जुटी है जिन्होंने हिंसा फैलाई, साथ ही यह जांच भी की जा रही है कि प्रदर्शन
के दौरान इस्तेमाल किए गए पत्थर कहां से लाए गए थे और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे। पुलिस प्रशासन का कहना है कि शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी
जाएगी। घटना के बाद डाकबंगला और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है और प्रशासन पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है।
- बंगला पंजी तिथि के सावन की दूसरी सोमवारी के अवसर पर जामताड़ा के कुकराहा दुबे बाबा मंदिर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। इस अवसर पर आयोजित वार्षिक पूजा महोत्सव में भाग लेने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्र हुए। मनोकामना पूर्ण करने वाले दुबे बाबा के दरबार में पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भारी भीड़ लगी रही।1
- धनबाद-कम-केंदुअडीह-कम-जगता क्षेत्र में लोगों को जल्दी थकान महसूस हो रही है? यह विटामिन B1 (थायमिन) की कमी का संकेत हो सकता है। विटामिन B1 भोजन को ऊर्जा में बदलने में मदद करता है और नसों को स्वस्थ रखता है। इसकी कमी से कमजोरी और तंत्रिका संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।1
- धनबाद जिले के बरोरा में मुखिया पर हुए हमले के बाद इलाके में भारी बवाल मच गया है। घटना से आक्रोशित लोग आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाना में धरना पर बैठ गए हैं।1
- कतरास स्थित श्री बैंकट हॉल में लायंस क्लब का छठवां पद स्थापना दिवस समारोह बड़ी धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का आयोजन पूरे उत्साह और हर्षोल्लास के साथ किया गया।1
- झारखंड के बोकारो, गिरिडीह और हजारीबाग क्षेत्रों में प्रवासी मजदूरों की मौत और विदेशों में फंसने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड के अंतर्गत मुंगो रंगामाटी निवासी चंद्रशेखर महतो के 22 वर्षीय पुत्र मनोज कुमार महतो की गोवा में काम के दौरान बिजली का करंट लगने से शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इस हादसे में इसी गांव के धनेश्वर महतो, जितेंद्र महतो और युगल महतो भी करंट लगने से घायल हो गए हैं। शनिवार सुबह घटना की सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। हादसे की खबर पाकर प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले समाजसेवी सिकन्दर मृतक के घर पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाते हुए कंपनी से उचित मुआवजे की मांग की। उन्होंने कहा कि रोजी-रोटी कमाने गए बेरोजगार युवकों की मौत के मुंह में समा जाने की यह पहली घटना नहीं है और इससे पहले भी कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। क्षेत्र के अन्य प्रवासी मजदूरों की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड अंतर्गत कतवारी निवासी सत्येंद्र महतो का शव एक महीने से सऊदी अरब में पड़ा है, जबकि गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र स्थित तिरला निवासी लालचंद महतो का शव 21 दिनों से दुबई में फंसा हुआ है। वहीं, गिरिडीह के बगोदर अंतर्गत मुंडरो निवासी द्वारिका महतो का शव एक महीने बाद आज सऊदी अरब से उनके घर पहुंचा है।1
- जामताड़ा से रविवार को 23 हाजियों का जत्था उमरा हज के लिए मक्का-मदीना रवाना हुआ। सभी हाजी ढेकीपाड़ा से बस द्वारा कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचे हैं, जहां से वे हवाई मार्ग द्वारा सऊदी अरब के लिए रवाना होंगे। विदाई के दौरान हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे और फूल-मालाओं व दुआओं के साथ हाजियों को भावभीनी विदाई दी। इस दौरान मौलाना अली अशरफ रजा ने सभी हाजियों के सुरक्षित, सफल और मकबूल सफर की दुआ की। विदाई के समय पूरे क्षेत्र में धार्मिक और भावनात्मक माहौल देखने को मिला। अब सभी हाजी मक्का-मदीना पहुंचकर उमरा की अदायगी करेंगे।1
- पटना के डाकबंगला चौराहे पर शनिवार को प्रदर्शन कर रहे छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। छात्र किसी मांग को लेकर डाकबंगला पर एकत्र हुए थे और नारेबाजी कर रहे थे। देखते ही देखते मामला बिगड़ गया और स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों द्वारा समझाने का प्रयास विफल रहने पर पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई और छात्र इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान पुलिस ने कुछ छात्रों को हिरासत में भी ले लिया। घटना के बाद पटना के एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ छात्रों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया था, जिसके चलते कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को मजबूरन बल का प्रयोग करना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में कुछ लोगों की गिरफ्तारी की गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस उन असामाजिक तत्वों की पहचान में जुटी है जिन्होंने हिंसा फैलाई, साथ ही यह जांच भी की जा रही है कि प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल किए गए पत्थर कहां से लाए गए थे और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे। पुलिस प्रशासन का कहना है कि शहर में शांति व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। घटना के बाद डाकबंगला और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है और प्रशासन पूरे मामले पर अपनी नजर बनाए हुए है।6