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विराटनगर क्षेत्र के भोमिया जी की डूंगरीधाम, बीलवाड़ी में इस वर्ष भी वार्षिक धार्मिक कार्यक्रम और विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। हर साल की तरह, यह कार्यक्रम श्री मुरलीदास जी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रीराम, मुंगेज चेची, जयराम और हंसराज ने बताया कि धाम परिसर सुबह से ही बाबा के जयकारों से गूंज रहा था, जहाँ दूर-दराज से आए भक्तों ने ढोक लगाकर खुशहाली की मन्नतें मांगीं। इस भव्य आयोजन की सबसे खास बात बियावास और बीलवाड़ी गांव के निवासियों का सामूहिक सहयोग रहा। समस्त ग्रामवासियों ने एकजुट होकर सभी व्यवस्थाएं संभालीं, जिससे बाहर से आए हजारों श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन और सुचारू रूप से महाप्रसाद मिल सका। ग्रामीणों के इस सेवा भाव और आपसी भाईचारे की हर तरफ सराहना की जा रही है, जो सामुदायिक भावना की एक अनूठी मिसाल है। श्री मुरलीदास जी महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित इस उत्सव में दोपहर को हुए महाभंडारे में भक्तों ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित संतों ने लोक देवता भोमिया जी महाराज की महिमा और सामाजिक समरसता पर विस्तार से प्रकाश डाला। भारी संख्या में उमड़ी भीड़ को देखते हुए ग्रामीण युवाओं द्वारा सुरक्षा और अनुशासन के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। देर शाम तक चले इस सफल भंडारे के समापन पर सभी ग्रामवासियों ने महाराज श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया।

1 hr ago
user_Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
रिपोर्टर Viratnagar, Jaipur•
1 hr ago

विराटनगर क्षेत्र के भोमिया जी की डूंगरीधाम, बीलवाड़ी में इस वर्ष भी वार्षिक धार्मिक कार्यक्रम और विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। हर साल की तरह, यह कार्यक्रम श्री मुरलीदास जी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रीराम, मुंगेज चेची, जयराम और हंसराज ने बताया कि धाम परिसर सुबह से ही बाबा के जयकारों से गूंज रहा था, जहाँ दूर-दराज से आए भक्तों ने ढोक लगाकर खुशहाली की मन्नतें मांगीं। इस भव्य आयोजन की सबसे खास बात बियावास और बीलवाड़ी गांव के निवासियों का सामूहिक सहयोग रहा। समस्त ग्रामवासियों ने एकजुट होकर सभी व्यवस्थाएं संभालीं, जिससे बाहर से आए हजारों श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन और सुचारू रूप से महाप्रसाद मिल सका। ग्रामीणों के इस सेवा भाव और आपसी भाईचारे की हर तरफ सराहना की जा रही है, जो सामुदायिक भावना की एक अनूठी मिसाल है। श्री मुरलीदास जी महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित इस उत्सव में दोपहर को हुए महाभंडारे में भक्तों ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित संतों ने लोक देवता भोमिया जी महाराज की महिमा और सामाजिक समरसता पर विस्तार से प्रकाश डाला। भारी संख्या में उमड़ी भीड़ को देखते हुए ग्रामीण युवाओं द्वारा सुरक्षा और अनुशासन के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। देर शाम तक चले इस सफल भंडारे के समापन पर सभी ग्रामवासियों ने महाराज श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया।

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  • विराटनगर क्षेत्र के भोमिया जी की डूंगरीधाम, बीलवाड़ी में इस वर्ष भी वार्षिक धार्मिक कार्यक्रम और विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। हर साल की तरह, यह कार्यक्रम श्री मुरलीदास जी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रीराम, मुंगेज चेची, जयराम और हंसराज ने बताया कि धाम परिसर सुबह से ही बाबा के जयकारों से गूंज रहा था, जहाँ दूर-दराज से आए भक्तों ने ढोक लगाकर खुशहाली की मन्नतें मांगीं। इस भव्य आयोजन की सबसे खास बात बियावास और बीलवाड़ी गांव के निवासियों का सामूहिक सहयोग रहा। समस्त ग्रामवासियों ने एकजुट होकर सभी व्यवस्थाएं संभालीं, जिससे बाहर से आए हजारों श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन और सुचारू रूप से महाप्रसाद मिल सका। ग्रामीणों के इस सेवा भाव और आपसी भाईचारे की हर तरफ सराहना की जा रही है, जो सामुदायिक भावना की एक अनूठी मिसाल है। श्री मुरलीदास जी महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित इस उत्सव में दोपहर को हुए महाभंडारे में भक्तों ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित संतों ने लोक देवता भोमिया जी महाराज की महिमा और सामाजिक समरसता पर विस्तार से प्रकाश डाला। भारी संख्या में उमड़ी भीड़ को देखते हुए ग्रामीण युवाओं द्वारा सुरक्षा और अनुशासन के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। देर शाम तक चले इस सफल भंडारे के समापन पर सभी ग्रामवासियों ने महाराज श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया।
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    विराटनगर क्षेत्र के भोमिया जी की डूंगरीधाम, बीलवाड़ी में इस वर्ष भी वार्षिक धार्मिक कार्यक्रम और विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया। हर साल की तरह, यह कार्यक्रम श्री मुरलीदास जी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रीराम, मुंगेज चेची, जयराम और हंसराज ने बताया कि धाम परिसर सुबह से ही बाबा के जयकारों से गूंज रहा था, जहाँ दूर-दराज से आए भक्तों ने ढोक लगाकर खुशहाली की मन्नतें मांगीं।

इस भव्य आयोजन की सबसे खास बात बियावास और बीलवाड़ी गांव के निवासियों का सामूहिक सहयोग रहा। समस्त ग्रामवासियों ने एकजुट होकर सभी व्यवस्थाएं संभालीं, जिससे बाहर से आए हजारों श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन और सुचारू रूप से महाप्रसाद मिल सका। ग्रामीणों के इस सेवा भाव और आपसी भाईचारे की हर तरफ सराहना की जा रही है, जो सामुदायिक भावना की एक अनूठी मिसाल है।

श्री मुरलीदास जी महाराज के मार्गदर्शन में आयोजित इस उत्सव में दोपहर को हुए महाभंडारे में भक्तों ने पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित संतों ने लोक देवता भोमिया जी महाराज की महिमा और सामाजिक समरसता पर विस्तार से प्रकाश डाला। भारी संख्या में उमड़ी भीड़ को देखते हुए ग्रामीण युवाओं द्वारा सुरक्षा और अनुशासन के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। देर शाम तक चले इस सफल भंडारे के समापन पर सभी ग्रामवासियों ने महाराज श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया।
    user_Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    रिपोर्टर Viratnagar, Jaipur•
    1 hr ago
  • Post by Manoj jat
    1
    Post by Manoj jat
    user_Manoj jat
    Manoj jat
    शाहपुरा, जयपुर, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • जयपुर जिले के शाहपुरा क्षेत्र में अपराध और चोरी की वारदातों पर लगाम कसने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसी क्रम में शाहपुरा पुलिस ने हाल ही में पकड़े गए शातिर चोरों को सीधे घटनास्थल पर ले जाकर उनकी पहचान (शिनाख्त) की कार्रवाई करवाई। इस दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों की मौजूदगी में चोरी के पूरे घटनाक्रम का री-क्रिएशन किया, ताकि मामले के हर पहलू और सबूतों को मजबूती से जोड़ा जा सके। पुलिस की प्रारंभिक जाँच और तकनीकी इनपुट के आधार पर, इस मामले में कुछ संवेदनशील कड़ियाँ सामने आ रही हैं। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और उसकी कृषि वाणिज्यिक शाखा के आस-पास के क्षेत्रों या उससे जुड़े लेनदेन के विवरणों की गहन पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही, सरकारी या वाणिज्यिक स्तर पर किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या संदेहास्पद भूमिका की जांच के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के इनपुट भी खंगाले जा रहे हैं। चोरों की निशानदेही पर पुलिस की विशेष टीम ने घटनास्थल से जुड़े कई डिजिटल और भौतिक साक्ष्य, जैसे सीसीटीवी फुटेज और रूट मैप, भी एकत्र किए हैं। पुलिस के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई का मुख्य आधार महत्वपूर्ण ऑडियो और वीडियो क्लिपिंग्स बनीं, जिनमें संदिग्धों की गतिविधि और बातचीत रिकॉर्ड थी। इन्हीं डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा। घटनास्थल पर शिनाख्त के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चोरी के तौर-तरीकों का पूरा खुलासा भी किया है। शाहपुरा पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए ऐसी सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही पुख्ता सबूतों के साथ कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, जिसका उद्देश्य चोरी किए गए माल की शत-प्रतिशत बरामदगी और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करना है।
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    जयपुर जिले के शाहपुरा क्षेत्र में अपराध और चोरी की वारदातों पर लगाम कसने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में है। इसी क्रम में शाहपुरा पुलिस ने हाल ही में पकड़े गए शातिर चोरों को सीधे घटनास्थल पर ले जाकर उनकी पहचान (शिनाख्त) की कार्रवाई करवाई। इस दौरान पुलिस टीम ने आरोपियों की मौजूदगी में चोरी के पूरे घटनाक्रम का री-क्रिएशन किया, ताकि मामले के हर पहलू और सबूतों को मजबूती से जोड़ा जा सके।

पुलिस की प्रारंभिक जाँच और तकनीकी इनपुट के आधार पर, इस मामले में कुछ संवेदनशील कड़ियाँ सामने आ रही हैं। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और उसकी कृषि वाणिज्यिक शाखा के आस-पास के क्षेत्रों या उससे जुड़े लेनदेन के विवरणों की गहन पड़ताल की जा रही है। इसके साथ ही, सरकारी या वाणिज्यिक स्तर पर किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी या संदेहास्पद भूमिका की जांच के लिए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) के इनपुट भी खंगाले जा रहे हैं। चोरों की निशानदेही पर पुलिस की विशेष टीम ने घटनास्थल से जुड़े कई डिजिटल और भौतिक साक्ष्य, जैसे सीसीटीवी फुटेज और रूट मैप, भी एकत्र किए हैं।

पुलिस के अनुसार, इस पूरी कार्रवाई का मुख्य आधार महत्वपूर्ण ऑडियो और वीडियो क्लिपिंग्स बनीं, जिनमें संदिग्धों की गतिविधि और बातचीत रिकॉर्ड थी। इन्हीं डिजिटल साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने आरोपियों की घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा। घटनास्थल पर शिनाख्त के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते हुए चोरी के तौर-तरीकों का पूरा खुलासा भी किया है।

शाहपुरा पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों में खौफ पैदा करने के लिए ऐसी सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही पुख्ता सबूतों के साथ कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, जिसका उद्देश्य चोरी किए गए माल की शत-प्रतिशत बरामदगी और गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करना है।
    user_Breaking Live News
    Breaking Live News
    Shahpura, Jaipur•
    22 hrs ago
  • देश की रक्षा में समर्पित वीर जवानों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता से कार्य कर रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता की अध्यक्षता में सैनिक समस्या सुनवाई कार्यक्रम के तहत एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिला कलक्टर ने सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों से जुड़े लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की, साथ ही संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्र सेवा में योगदान देने वाले सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक में पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं की कृषि एवं आवासीय भूमि, आम रास्तों पर अतिक्रमण, सुरक्षा से जुड़े मामलों सहित विभिन्न प्रकरणों पर चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने बहरोड़, नीमराना, बानसूर, नारायणपुर, मांढ़ण और कोटपूतली तहसीलों में सैनिक परिवारों से संबंधित भूमि विवादों और अवैध कब्जों के मामलों में संबंधित उपखण्ड अधिकारियों और तहसीलदारों को आवश्यक कार्यवाही करते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूर्व सैनिक परिवारों पर हमले, प्रताड़ना और झूठे मुकदमों से संबंधित शिकायतों पर पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर त्वरित कानूनी कार्यवाही करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, आमजन से जुड़े नामान्तरण (म्यूटेशन), आधार कार्ड संशोधन सहित अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित प्रकरणों को भी समयबद्ध रूप से निस्तारित करने के लिए कहा गया। अमर शहीदों के सम्मान से जुड़े मामलों पर भी विशेष चर्चा हुई। जिला स्तर पर लंबित शहीद स्मारकों और सरकारी विद्यालयों तथा सार्वजनिक संस्थानों का नामकरण शहीद सैनिकों के नाम पर किए जाने वाले प्रकरणों की समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी और संबंधित विभागों को इन प्रकरणों में प्राथमिकता से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील मुख्यालय बहरोड़ में सैनिकों की पर्याप्त संख्या को देखते हुए भव्य शहीद स्मारक के निर्माण के लिए भूमि चिह्नित करने तथा लंबित न्यायिक प्रकरणों के समाधान के लिए प्रभावी पैरवी करने के निर्देश भी दिए। सैनिक कल्याण कार्यालय के सामने खुले नाले और गंदे पानी के भराव की समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद आयुक्त को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया। बैठक के दौरान, जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को सैनिक कल्याण से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विंग कमांडर ऋषिदेव यादव, मेंबर जिला सैनिक बोर्ड कर्नल अशोक यादव, एएसपी नाजिम अली, कोटपूतली एसडीएम योगेश सिंह देवल, एसडीएम नारायणपुर दिनेश शर्मा, नगर परिषद आयुक्त बहरोड़ नूर मोहम्मद, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के संयुक्त निदेशक जब्बार खान, नगर परिषद कोटपूतली सचिव अभिषेक सैनी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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    देश की रक्षा में समर्पित वीर जवानों, पूर्व सैनिकों और शहीद परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और गंभीरता से कार्य कर रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को जिला कलेक्ट्रेट सभागार में जिला कलक्टर अपर्णा गुप्ता की अध्यक्षता में सैनिक समस्या सुनवाई कार्यक्रम के तहत एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिला कलक्टर ने सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों से जुड़े लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की, साथ ही संबंधित अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्र सेवा में योगदान देने वाले सैनिकों और उनके परिवारों की समस्याओं की अनदेखी किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी।

बैठक में पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं की कृषि एवं आवासीय भूमि, आम रास्तों पर अतिक्रमण, सुरक्षा से जुड़े मामलों सहित विभिन्न प्रकरणों पर चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने बहरोड़, नीमराना, बानसूर, नारायणपुर, मांढ़ण और कोटपूतली तहसीलों में सैनिक परिवारों से संबंधित भूमि विवादों और अवैध कब्जों के मामलों में संबंधित उपखण्ड अधिकारियों और तहसीलदारों को आवश्यक कार्यवाही करते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पूर्व सैनिक परिवारों पर हमले, प्रताड़ना और झूठे मुकदमों से संबंधित शिकायतों पर पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष जांच कर त्वरित कानूनी कार्यवाही करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, आमजन से जुड़े नामान्तरण (म्यूटेशन), आधार कार्ड संशोधन सहित अन्य नागरिक सुविधाओं से संबंधित प्रकरणों को भी समयबद्ध रूप से निस्तारित करने के लिए कहा गया।

अमर शहीदों के सम्मान से जुड़े मामलों पर भी विशेष चर्चा हुई। जिला स्तर पर लंबित शहीद स्मारकों और सरकारी विद्यालयों तथा सार्वजनिक संस्थानों का नामकरण शहीद सैनिकों के नाम पर किए जाने वाले प्रकरणों की समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी और संबंधित विभागों को इन प्रकरणों में प्राथमिकता से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। उन्होंने तहसील मुख्यालय बहरोड़ में सैनिकों की पर्याप्त संख्या को देखते हुए भव्य शहीद स्मारक के निर्माण के लिए भूमि चिह्नित करने तथा लंबित न्यायिक प्रकरणों के समाधान के लिए प्रभावी पैरवी करने के निर्देश भी दिए। सैनिक कल्याण कार्यालय के सामने खुले नाले और गंदे पानी के भराव की समस्या के समाधान के लिए नगर परिषद आयुक्त को आवश्यक कार्यवाही करने के लिए निर्देशित किया गया।

बैठक के दौरान, जिला कलक्टर ने सभी अधिकारियों को सैनिक कल्याण से संबंधित मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्य करते हुए प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी विंग कमांडर ऋषिदेव यादव, मेंबर जिला सैनिक बोर्ड कर्नल अशोक यादव, एएसपी नाजिम अली, कोटपूतली एसडीएम योगेश सिंह देवल, एसडीएम नारायणपुर दिनेश शर्मा, नगर परिषद आयुक्त बहरोड़ नूर मोहम्मद, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग के संयुक्त निदेशक जब्बार खान, नगर परिषद कोटपूतली सचिव अभिषेक सैनी सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
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    Social Media Rajasthan-1
    Pavta, Jaipur•
    23 hrs ago
  • कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बीलवाडी में स्थित भोमिया जी की डूंगरीधाम पर आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। विराटनगर क्षेत्र के बियावास स्थित इस धाम पर वार्षिक धार्मिक कार्यक्रम एवं विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। यह कार्यक्रम हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री मुरलीदास जी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें भारी संख्या में भक्तगण शामिल हुए।
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    कोटपूतली-बहरोड़ जिले के बीलवाडी में स्थित भोमिया जी की डूंगरीधाम पर आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ पड़ा। विराटनगर क्षेत्र के बियावास स्थित इस धाम पर वार्षिक धार्मिक कार्यक्रम एवं विशाल भंडारे का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। यह कार्यक्रम हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री मुरलीदास जी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न हुआ, जिसमें भारी संख्या में भक्तगण शामिल हुए।
    user_Kotputli-Behror Breaking Live
    Kotputli-Behror Breaking Live
    Kotputli, Jaipur•
    2 hrs ago
  • भिवाड़ी बिलाहेड़ी के रास्ते में पानी भर गया है, जिससे वहां से निकलने का कोई समाधान नहीं मिल पा रहा है।
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    भिवाड़ी बिलाहेड़ी के रास्ते में पानी भर गया है, जिससे वहां से निकलने का कोई समाधान नहीं मिल पा रहा है।
    user_लियाकत
    लियाकत
    बानसूर, अलवर, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • आज के दौर में स्वास्थ्य संबंधी खर्च आम आदमी के बजट पर भारी बोझ बन गए हैं, जहाँ गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा बीमारियों के इलाज और महंगी दवाओं पर चला जाता है। ऐसे में केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना' (PMBJP) गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरी है। इस योजना के तहत देश भर में खुले जन औषधि केंद्रों पर दवाएं 50% से 90% तक कम दाम पर मिलती हैं। हालांकि, जागरूकता की कमी या अफवाहों के कारण कई बार लोग इन सस्ती दवाओं की गुणवत्ता पर शक करने लगते हैं। इन केंद्रों पर मिलने वाली दवाएं जेनेरिक होती हैं, जिसका अर्थ है कि ये किसी ब्रांड नाम के बजाय दवा में मौजूद मूल सॉल्ट या रासायनिक नाम से बेची जाती हैं। ब्रांडेड दवाओं की ऊँची कीमत में कंपनियों के रिसर्च, पेटेंट, मार्केटिंग और विज्ञापनों का खर्च शामिल होता है, जबकि जेनेरिक दवाओं में ऐसे खर्च नहीं होते, जिससे वे बेहद कम दाम पर उपलब्ध होती हैं और उनका असर ब्रांडेड दवाओं जितना ही प्रभावी होता है। जन औषधि केंद्रों पर सर्दी-खांसी जैसी सामान्य बीमारियों के साथ-साथ कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोग और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं भी किफायती दरों पर उपलब्ध हैं। वर्तमान में यहाँ लगभग 1,759 प्रकार की दवाएं और 280 सर्जिकल उत्पाद शामिल हैं, जिन्हें मार्च 2025 तक बढ़ाकर क्रमशः 2,000 दवाओं और 300 सर्जिकल उत्पादों तक पहुँचाने का लक्ष्य है। दवाओं के अलावा, यहाँ एंटी-डायबिटिक, कार्डियोवैस्कुलर ड्रग्स, एंटी-कैंसर, एनाल्जेसिक, प्रोटीन पाउडर, सैनिटाइजर, मास्क और ऑक्सीमीटर जैसे आधुनिक स्वास्थ्य उत्पाद भी मिलते हैं। इन दवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाता; ये आम जनता तक पहुँचने से पहले कंपनी स्तर पर और NABL (National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories) द्वारा प्रमाणित स्वतंत्र प्रयोगशालाओं में दो कड़े स्तरों की जाँच से गुजरती हैं, जिसमें लगभग एक हफ्ता लगता है। पूरी तरह खरी उतरने के बाद ही इन्हें बिक्री के लिए भेजा जाता है, जिससे ये 100% सुरक्षित और प्रभावी सुनिश्चित होती हैं। यह परियोजना देश की करोड़ों महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता में भी क्रांतिकारी भूमिका निभा रही है, जहाँ मात्र ₹1 प्रति पैड की दर से उच्च गुणवत्ता वाले सैनिट्री नैपकिन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, और अब तक 31 करोड़ से अधिक पैड्स बेचे जा चुके हैं। इस योजना का मूल उद्देश्य केवल दवाएं बेचना नहीं, बल्कि देश के स्वास्थ्य ढांचे में सकारात्मक बदलाव लाना है; आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक चिकित्सा सेवाओं को पहुँचाना, उनकी बचत बढ़ाकर जीवन स्तर में सुधार लाना और स्थानीय युवाओं, फार्मासिस्टों तथा उद्यमियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। देश के 764 जिलों में से 743 जिलों को कवर करते हुए, जन औषधि केंद्रों का नेटवर्क बढ़कर 9,082 तक पहुँच चुका है। जेनेरिक दवाओं के फायदों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और गुणवत्ता संबंधी भ्रांतियों को दूर करने के लिए फार्मास्यूटिकल्स विभाग हर साल 1 से 7 मार्च तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता है, जिसका समापन 7 मार्च को 'औषधि दिवस' के रूप में होता है। कोरोना महामारी जैसी वैश्विक आपदाओं ने कई देशों के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को चुनौती दी थी, लेकिन भारत ने अपने नागरिकों को स्वास्थ्य और बेहतर इलाज की गारंटी दी, साथ ही जन औषधि केंद्रों के माध्यम से बेहद सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं हर घर तक पहुँचाईं। यदि आप अब तक बाजार से महंगी ब्रांडेड दवाएं खरीद रहे थे, तो अपने पैसों की बचत करें और अगली बार डॉक्टर द्वारा लिखे गए सॉल्ट के अनुसार अपने नजदीकी जन औषधि केंद्र से ही दवाएं खरीदें।
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    आज के दौर में स्वास्थ्य संबंधी खर्च आम आदमी के बजट पर भारी बोझ बन गए हैं, जहाँ गाढ़ी कमाई का बड़ा हिस्सा बीमारियों के इलाज और महंगी दवाओं पर चला जाता है। ऐसे में केंद्र सरकार की 'प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना' (PMBJP) गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए एक बड़ी राहत बनकर उभरी है। इस योजना के तहत देश भर में खुले जन औषधि केंद्रों पर दवाएं 50% से 90% तक कम दाम पर मिलती हैं। हालांकि, जागरूकता की कमी या अफवाहों के कारण कई बार लोग इन सस्ती दवाओं की गुणवत्ता पर शक करने लगते हैं। इन केंद्रों पर मिलने वाली दवाएं जेनेरिक होती हैं, जिसका अर्थ है कि ये किसी ब्रांड नाम के बजाय दवा में मौजूद मूल सॉल्ट या रासायनिक नाम से बेची जाती हैं।

ब्रांडेड दवाओं की ऊँची कीमत में कंपनियों के रिसर्च, पेटेंट, मार्केटिंग और विज्ञापनों का खर्च शामिल होता है, जबकि जेनेरिक दवाओं में ऐसे खर्च नहीं होते, जिससे वे बेहद कम दाम पर उपलब्ध होती हैं और उनका असर ब्रांडेड दवाओं जितना ही प्रभावी होता है। जन औषधि केंद्रों पर सर्दी-खांसी जैसी सामान्य बीमारियों के साथ-साथ कैंसर, डायबिटीज, हृदय रोग और ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं भी किफायती दरों पर उपलब्ध हैं। वर्तमान में यहाँ लगभग 1,759 प्रकार की दवाएं और 280 सर्जिकल उत्पाद शामिल हैं, जिन्हें मार्च 2025 तक बढ़ाकर क्रमशः 2,000 दवाओं और 300 सर्जिकल उत्पादों तक पहुँचाने का लक्ष्य है। दवाओं के अलावा, यहाँ एंटी-डायबिटिक, कार्डियोवैस्कुलर ड्रग्स, एंटी-कैंसर, एनाल्जेसिक, प्रोटीन पाउडर, सैनिटाइजर, मास्क और ऑक्सीमीटर जैसे आधुनिक स्वास्थ्य उत्पाद भी मिलते हैं। इन दवाओं की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाता; ये आम जनता तक पहुँचने से पहले कंपनी स्तर पर और NABL (National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories) द्वारा प्रमाणित स्वतंत्र प्रयोगशालाओं में दो कड़े स्तरों की जाँच से गुजरती हैं, जिसमें लगभग एक हफ्ता लगता है। पूरी तरह खरी उतरने के बाद ही इन्हें बिक्री के लिए भेजा जाता है, जिससे ये 100% सुरक्षित और प्रभावी सुनिश्चित होती हैं।

यह परियोजना देश की करोड़ों महिलाओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता में भी क्रांतिकारी भूमिका निभा रही है, जहाँ मात्र ₹1 प्रति पैड की दर से उच्च गुणवत्ता वाले सैनिट्री नैपकिन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, और अब तक 31 करोड़ से अधिक पैड्स बेचे जा चुके हैं। इस योजना का मूल उद्देश्य केवल दवाएं बेचना नहीं, बल्कि देश के स्वास्थ्य ढांचे में सकारात्मक बदलाव लाना है; आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों तक चिकित्सा सेवाओं को पहुँचाना, उनकी बचत बढ़ाकर जीवन स्तर में सुधार लाना और स्थानीय युवाओं, फार्मासिस्टों तथा उद्यमियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना है। देश के 764 जिलों में से 743 जिलों को कवर करते हुए, जन औषधि केंद्रों का नेटवर्क बढ़कर 9,082 तक पहुँच चुका है। जेनेरिक दवाओं के फायदों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और गुणवत्ता संबंधी भ्रांतियों को दूर करने के लिए फार्मास्यूटिकल्स विभाग हर साल 1 से 7 मार्च तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करता है, जिसका समापन 7 मार्च को 'औषधि दिवस' के रूप में होता है।

कोरोना महामारी जैसी वैश्विक आपदाओं ने कई देशों के हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को चुनौती दी थी, लेकिन भारत ने अपने नागरिकों को स्वास्थ्य और बेहतर इलाज की गारंटी दी, साथ ही जन औषधि केंद्रों के माध्यम से बेहद सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं हर घर तक पहुँचाईं। यदि आप अब तक बाजार से महंगी ब्रांडेड दवाएं खरीद रहे थे, तो अपने पैसों की बचत करें और अगली बार डॉक्टर द्वारा लिखे गए सॉल्ट के अनुसार अपने नजदीकी जन औषधि केंद्र से ही दवाएं खरीदें।
    user_जन औषधि केन्द्र अजीतगढ़
    जन औषधि केन्द्र अजीतगढ़
    Medical centre अजीतगढ़•
    12 hrs ago
  • कोटपूतली-बहरोड़ के विराटनगर नगर पालिका के समस्त कर्मचारी पिछले दो महीनों से वेतन न मिलने के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जो आज 21वें दिन भी जारी रही। लंबे समय से मानदेय या सैलरी न मिलने के कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोश है और उनके घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। आर्थिक तंगी से परेशान सफाईकर्मियों और प्रशासनिक कर्मचारियों ने नगर पालिका प्रशासन और स्वायत्त शासन विभाग (DLB) के खिलाफ उग्र आक्रोश व्यक्त किया है। इस 21 दिवसीय हड़ताल के कारण कस्बे में व्यवस्थाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं। लगातार तीन हफ्तों से सफाई न होने के चलते मुख्य बाजारों, चौराहों और रिहायशी वार्डों में गंदगी के ढेर लग गए हैं, जिससे शहर 'कचरा डिपो' में तब्दील हो गया है। नालियां कचरे से अटी पड़ी हैं और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिसके कारण मौसमी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इसके अलावा, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पट्टे जारी करने और अन्य आवश्यक राजस्व कार्यों सहित सभी प्रशासनिक कार्य भी पूरी तरह बंद पड़े हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वे अधिकारियों को बजट जारी करने के लिए पहले भी कई बार मौखिक और लिखित में चेतावनी दे चुके थे। कर्मचारियों के अनुसार, पिछले दो महीनों से वेतन न मिलने के कारण उनके बच्चों की स्कूल फीस, राशन का सामान और लोन की किस्तें (EMI) रुक गई हैं। उनका आरोप है कि अधिकारी सिर्फ बजट की कमी का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं, जबकि धरातल पर कर्मचारियों का जीना दूभर हो चुका है। कर्मचारियों ने दोटूक चेतावनी दी है कि जब तक उनके पूरे दो महीने का बकाया वेतन सीधे उनके बैंक खातों में नहीं आ जाता, तब तक 'झाड़ू डाउन हड़ताल' और विरोध प्रदर्शन समाप्त नहीं किया जाएगा।
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    कोटपूतली-बहरोड़ के विराटनगर नगर पालिका के समस्त कर्मचारी पिछले दो महीनों से वेतन न मिलने के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं, जो आज 21वें दिन भी जारी रही। लंबे समय से मानदेय या सैलरी न मिलने के कारण कर्मचारियों में भारी आक्रोश है और उनके घरों में चूल्हा जलना मुश्किल हो गया है। आर्थिक तंगी से परेशान सफाईकर्मियों और प्रशासनिक कर्मचारियों ने नगर पालिका प्रशासन और स्वायत्त शासन विभाग (DLB) के खिलाफ उग्र आक्रोश व्यक्त किया है।

इस 21 दिवसीय हड़ताल के कारण कस्बे में व्यवस्थाएं बुरी तरह चरमरा गई हैं। लगातार तीन हफ्तों से सफाई न होने के चलते मुख्य बाजारों, चौराहों और रिहायशी वार्डों में गंदगी के ढेर लग गए हैं, जिससे शहर 'कचरा डिपो' में तब्दील हो गया है। नालियां कचरे से अटी पड़ी हैं और गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिसके कारण मौसमी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। इसके अलावा, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पट्टे जारी करने और अन्य आवश्यक राजस्व कार्यों सहित सभी प्रशासनिक कार्य भी पूरी तरह बंद पड़े हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि वे अधिकारियों को बजट जारी करने के लिए पहले भी कई बार मौखिक और लिखित में चेतावनी दे चुके थे। कर्मचारियों के अनुसार, पिछले दो महीनों से वेतन न मिलने के कारण उनके बच्चों की स्कूल फीस, राशन का सामान और लोन की किस्तें (EMI) रुक गई हैं। उनका आरोप है कि अधिकारी सिर्फ बजट की कमी का हवाला देकर पल्ला झाड़ लेते हैं, जबकि धरातल पर कर्मचारियों का जीना दूभर हो चुका है। कर्मचारियों ने दोटूक चेतावनी दी है कि जब तक उनके पूरे दो महीने का बकाया वेतन सीधे उनके बैंक खातों में नहीं आ जाता, तब तक 'झाड़ू डाउन हड़ताल' और विरोध प्रदर्शन समाप्त नहीं किया जाएगा।
    user_Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    Raj.JANTA SEVA-84 NEWS
    रिपोर्टर Viratnagar, Jaipur•
    23 hrs ago
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