जिला शिक्षा अधिकारी ने अजीजी स्कूल पर लगाया एक लाख रुपए का जुर्माना बलरामपुर। जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर ने क्षेत्र में बिना मान्यता के संचालित अजीजी पब्लिक स्कूल, मदगुरी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए विद्यालय का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया है। साथ ही स्कूल प्रबंधन पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जारी आदेश के अनुसार, अजीजी पब्लिक स्कूल बिना शासकीय मान्यता के संचालित किया जा रहा था। जांच प्रतिवेदन में यह सामने आया कि स्कूल का संचालन समसुदीन अंसारी द्वारा असुरक्षित भवन में किया जा रहा था और इसके लिए किसी सक्षम प्राधिकारी से अनुमति नहीं ली गई थी। जांच टीम में तत्कालीन बीईओ रामपथ यादव, एबीईओ नंदकुमार गुप्ता, संकुल प्राचार्य एवं अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को गुमराह कर लगभग 4,49,950 रुपये की अवैध फीस की वसूली गई। इसके अलावा, विद्यालय के छात्रों का यू-डायस पोर्टल में पंजीयन नहीं किया गया, जिससे वे निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के लाभ से स्कूली बच्चे वंचित रहे। शिक्षा विभाग ने इस कृत्य को नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए अधिनियम की धारा 18(5) के तहत कार्रवाई की है। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि उल्लंघन जारी रहता है, तो प्रतिदिन 10,000 रुपये तक का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है। डीईओ ने निर्देश दिया है कि निर्धारित जुर्माना राशि तत्काल शासकीय खजाने में जमा कर उसकी रसीद प्रस्तुत की जाए। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। जांच के साल भर बाद हुई कार्यवाही :- संयुक्त टीम द्वारा जांच कर अग्रिम कार्यवाही के लिए प्रतिवेदन 1 अगस्त 2025 को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेजा था। जिसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। इस बीच संचालक द्वारा स्कूल का संचालन बेरोक- टोक, असुरक्षित भवन में ही स्कूल का संचालन किया जाते रहा। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के लाभ से भी स्कूली बच्चे वंचित रहे। फर्जी अनुसूची बेचने के मामले जेल जा चुका है संचालक :- शंकरगढ़ ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्रों में सहायिका के पदों पर फर्जी मार्कशीट के सहारे नियुक्ति के मामले में शंकरगढ़ पुलिस ने भी स्कूल संचालक समसुद्दीन अंसारी सहित पूरे गिरोह को गिरफ्तार करके जेल निरुद्ध किया था। जांच में स्कूल संचालक द्वारा अजीजी स्कूल भगवतपुर और कुसमी से फर्जी मार्कशीट जारी करके अभ्यर्थियों से सौदा करके बेचा गया था। अभ्यर्थी इन्हीं मार्कशीट के सहारे आंगनबाड़ी सहायिका पद भर्ती की गई थी। मामले में बलरामपुर कलेक्टर से शिकायत के बाद जांच में शंकरगढ़ ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्रों में फर्जी मार्कशीट के जरिए सहायिका के पद पर नियुक्ति होने का मामला उजागर हुआ था। एसडीएम पर अनैतिक दबाव बनाकर और संदिग्ध ऑडियो रिकॉर्डिंग मामले हुई थी प्रतिबंधात्मक कार्यवाही :- नगर के कुसमी स्थित अजीजी पब्लिक स्कूल खसरा नंबर 563/3 में संचालित है, उक्त भूमि सेटलमेंट में शासकीय भूमि है। इसकी जांच कुसमी के तत्कालीन एसडीएम करुण डहरिया द्वारा किया जा रहा था। स्कूल संचालक समसुद्दीन अंसारी द्वारा इसके निराकरण के लिए एसडीएम पर अनैतिक दबाव बनाकर गोपनीय ऑडियो रिकॉर्डर से रिकॉर्डिंग किया जा रहा था, गतिविधि संदिग्ध लगने पर सुरक्षा कर्मियों द्वारा जांच करने पर रिकॉर्डर को नष्ट करने और वाद-विवाद करने पर पुलिस द्वारा प्रतिबंधात्मक कार्यवाही भी की गई थी। इसके पूर्व भी समसुद्दीन अंसारी अर्धविक्षिप्त आदिवासी बालिका का रेप में 7 वर्ष कारावास, आदिवासी व्यक्ति की हत्या के मामले 7 वर्ष कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया जा चुका है। स्कूल संचालक आपराधिक प्रवृति का व्यक्ति होने के बाद भी स्कूल संचालन किया जाना संदेह के घेरे में है
जिला शिक्षा अधिकारी ने अजीजी स्कूल पर लगाया एक लाख रुपए का जुर्माना बलरामपुर। जिला शिक्षा अधिकारी बलरामपुर ने क्षेत्र में बिना मान्यता के संचालित अजीजी पब्लिक स्कूल, मदगुरी के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए विद्यालय का संचालन तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश जारी किया है। साथ ही स्कूल प्रबंधन पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जारी आदेश के अनुसार, अजीजी पब्लिक स्कूल बिना शासकीय मान्यता के संचालित किया जा रहा था। जांच प्रतिवेदन में यह सामने आया कि स्कूल का संचालन समसुदीन अंसारी द्वारा असुरक्षित भवन में किया जा रहा था और इसके लिए किसी सक्षम प्राधिकारी से अनुमति नहीं ली गई थी। जांच टीम में तत्कालीन बीईओ रामपथ यादव, एबीईओ नंदकुमार गुप्ता, संकुल प्राचार्य एवं अन्य अधिकारियों ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्कूल प्रबंधन द्वारा अभिभावकों को गुमराह कर लगभग 4,49,950 रुपये की अवैध फीस की वसूली गई। इसके अलावा, विद्यालय के छात्रों का यू-डायस पोर्टल में पंजीयन नहीं किया गया, जिससे वे निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के लाभ से स्कूली बच्चे वंचित रहे। शिक्षा विभाग ने इस कृत्य को नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए अधिनियम की धारा 18(5) के तहत कार्रवाई की है। आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि उल्लंघन जारी रहता है, तो प्रतिदिन 10,000 रुपये तक का अतिरिक्त जुर्माना लगाया जा सकता है। डीईओ ने निर्देश दिया है कि निर्धारित जुर्माना राशि तत्काल शासकीय खजाने में जमा कर उसकी रसीद प्रस्तुत की जाए। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। जांच के साल भर बाद हुई कार्यवाही :- संयुक्त टीम द्वारा जांच कर अग्रिम कार्यवाही के लिए प्रतिवेदन 1 अगस्त 2025 को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेजा था। जिसके बाद मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। इस बीच संचालक द्वारा स्कूल का संचालन बेरोक- टोक, असुरक्षित भवन में ही स्कूल का संचालन किया जाते रहा। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के लाभ से भी स्कूली बच्चे वंचित रहे। फर्जी अनुसूची बेचने के मामले जेल जा चुका है संचालक :- शंकरगढ़ ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्रों में सहायिका के पदों पर फर्जी मार्कशीट के सहारे नियुक्ति के मामले में शंकरगढ़ पुलिस ने भी स्कूल संचालक समसुद्दीन अंसारी सहित पूरे गिरोह को गिरफ्तार करके जेल निरुद्ध किया था। जांच में स्कूल संचालक द्वारा अजीजी स्कूल भगवतपुर और कुसमी से फर्जी मार्कशीट जारी करके अभ्यर्थियों से सौदा करके बेचा गया था। अभ्यर्थी इन्हीं मार्कशीट के सहारे आंगनबाड़ी सहायिका पद भर्ती की गई थी। मामले में बलरामपुर कलेक्टर से शिकायत के बाद जांच में शंकरगढ़ ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्रों में फर्जी मार्कशीट के जरिए सहायिका के पद पर नियुक्ति होने का मामला उजागर हुआ था। एसडीएम पर अनैतिक दबाव बनाकर और संदिग्ध ऑडियो रिकॉर्डिंग मामले हुई थी प्रतिबंधात्मक कार्यवाही :- नगर के कुसमी स्थित अजीजी पब्लिक स्कूल खसरा नंबर 563/3 में संचालित है, उक्त भूमि सेटलमेंट में शासकीय भूमि है। इसकी जांच कुसमी के तत्कालीन एसडीएम करुण डहरिया द्वारा किया जा रहा था। स्कूल संचालक समसुद्दीन अंसारी द्वारा इसके निराकरण के लिए एसडीएम पर अनैतिक दबाव बनाकर गोपनीय ऑडियो रिकॉर्डर से रिकॉर्डिंग किया जा रहा था, गतिविधि संदिग्ध लगने पर सुरक्षा कर्मियों द्वारा जांच करने पर रिकॉर्डर को नष्ट करने और वाद-विवाद करने पर पुलिस द्वारा प्रतिबंधात्मक कार्यवाही भी की गई थी। इसके पूर्व भी समसुद्दीन अंसारी अर्धविक्षिप्त आदिवासी बालिका का रेप में 7 वर्ष कारावास, आदिवासी व्यक्ति की हत्या के मामले 7 वर्ष कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया जा चुका है। स्कूल संचालक आपराधिक प्रवृति का व्यक्ति होने के बाद भी स्कूल संचालन किया जाना संदेह के घेरे में है
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- Post by Ashish parihar Parihar1
- गरियाबंद_पुलिया निर्माण की मांग को लेकर फिर नेशनल हाइवे जाम किया नेशनल हाइवे 130 सी को जुगाड़ के पास जाम किया गया है पट्टाबहाल नाला पर पुलिया निर्माण की मांग को लेकर जाम किया ग्राम पंचायत अमाड़ के ग्रामीण कर रहे प्रदर्शन सड़क के दोनों छोर लगी है वाहनों की लंबी कतार जिला पंचायत सदस्य संजय नेताम और लोकेश्वरी नेताम के नेतृत्व में महिला स्कूली बच्चे भी है प्रदर्शन में शामिल मंजूर पुलिया के निर्माण के लिए तोड़ फोड़ कर काम बंद करने से आक्रोशित हैं ग्रामीण कलेक्टर को ज्ञापन देकर पखवाड़े भर पहले अवगत करा चुके थे समस्या4
- दुर्ग में पारिवारिक कलह का खौफनाक अंत जमानत पर छूटकर आए पति की पत्नी ने सिलबट्टे से की हत्या दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ छावनी थाना क्षेत्र के कैंप-2 स्थित दुर्गा पारा (वार्ड 35) में एक पत्नी ने विवाद के बाद अपने ही पति की हत्या कर दी। आरोपी महिला ने सिलबट्टे से हमला कर पति को मौत के घाट उतार दिया। मृतक की पहचान 40 वर्षीय डोमन साहू के रूप में हुई है। घटना के पीछे की कहानी बेहद चौंकाने वाली है। जानकारी के अनुसार, मृतक डोमन साहू अक्सर शराब के नशे में अपनी पत्नी हीरामणी साहू (35 वर्ष) और बच्चों के साथ मारपीट करता था। लगातार प्रताड़ना से तंग आकर हीरामणी ने 19 अप्रैल को जामुल थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने डोमन को गिरफ्तार कर एसडीएम कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे जमानत मिल गई। जमानत पर घर लौटने के बाद डोमन और हीरामणी के बीच फिर से तीखी बहस शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि गुस्से में आकर हीरामणी ने घर में रखे पत्थर के सिलबट्टे से डोमन के सिर पर जोरदार प्रहार कर दिया। चोट इतनी गंभीर थी कि डोमन की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के भाई महेंद्र साहू ने बताया कि डोमन की शराब की लत के कारण घर में हमेशा तनाव का माहौल रहता था। दुर्ग एसएसपी विजय अग्रवाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब हत्या के वास्तविक कारणों और घटनाक्रम की विस्तृत जांच कर रही है। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।1
- सीबीएसई कक्षा 10वीं के मेधावी विद्यार्थियों का जिला कार्यालय में हुआ सम्मान कोंडागांव :- जिला कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना के मार्गदर्शन में एवं जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा सीबीएसई बोर्ड कक्षा 10वीं परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 40 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना और पुलिस अधीक्षक श्री आकाश श्रीमाल ने विद्यार्थियों को सम्मानित किया और शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सम्मान पाकर विद्यार्थियों में हर्ष एवं उमंग का माहौल रहा और पालक एवं शिक्षक भी गौरवान्चित नजर आए। विद्यार्थियों ने कलेक्टर से वादा किया कि वे कक्षा 12वीं में और बेहतर प्रदर्शन करेंगे। बच्चों ने कहा कि इस सम्मान से उन्हे आगामी कक्षाओं में और अधिक प्रतिशत् लाने की प्रेरणा मिली है। कलेक्टर के इस पहल की सभी ने सराहना की। इससे बच्चों में उत्साह और पढाई के प्रति नई ऊर्जा का संचार हुआ है। इस दौरान विद्यालय जवाहर नवोदय विद्यालय, केन्द्रीय विद्यालय, चावरा हायर सेकेण्डरी स्कूल, डीएव्ही, एकलव्य सहित जिले के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं सहित विद्यार्थियों के साथ उनके पालक एवं शिक्षकगण शामिल हुए। नवोदय विद्यालय कोण्डागांव में अध्ययनरत् छात्रा कु० वंदना कश्यप 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, डी०ए०व्ही० बड़ेडोंगर फरसगांव की छात्रा कु० प्रीति सरकार 94.40 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय एवं डी०ए०व्ही० केशकाल की छात्रा कु० वनशिखा खबास, चावरा हायर सेकेण्डरी स्कूल कोण्डागांव का छात्र आर्यन जायसवाल एवं नवोदय विद्यालय कोण्डागांव का छात्र देवदत्त सोम इन तीनों ने 94 प्रतिशत् अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान पर रहे। इन सभी विद्यार्थियों की उज्जवल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री चित्रकांत चाली ठाकुर, जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान के साथ जिला शिक्षा कार्यालय से श्री सियाराम नेताम्, श्री अजय राठौर, श्री गुलशन भारद्वाज, श्री रविंद्र देवांगन एवं श्रीमती शीला शार्दुल सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में धर्मांतरण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। नारायणपुर के बाजार स्थल पर आज हजारों की संख्या में सर्व समाज और आदिवासी समुदाय के लोग एकजुट हुए। मौका था—प्रदेश सरकार के 'धर्म स्वतंत्रता विधेयक' का खुला समर्थन। आदिवासी समाज के पारंपरिक प्रमुखों से लेकर भाजपा के दिग्गज नेताओं तक, मंच से एक ही आवाज गूंजी कि हमारी संस्कृति और परंपरा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभा में न केवल धर्मांतरित लोगों को 30 अप्रैल तक की वापसी का अल्टीमेटम याद दिलाया गया, बल्कि प्रशासन के दावों पर भी तीखे सवाल दागे गए।1
- नारायणपुर में एक अनोखा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक पालतू तोते को पकड़ने के लिए फायर ब्रिगेड की टीम को बुलाना पड़ा। तोता पेड़ पर जा बैठा था, जिसे सुरक्षित नीचे उतारने के लिए फायर टीम ने मशक्कत की और आखिरकार उसे पकड़ लिया गया। इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। #Narayanpur #CGNews #FireBrigade #ViralVideo #Chhattisgarh #LocalNews1
- Post by Ashish parihar Parihar1