पोठिया प्रखंड मुख्यालय से चंद कदमों की दूरी पर नरकीय जीवन जीने को मजबूर राहगीर व व्यवसायी पोठिया प्रखंड मुख्यालय से महज कुछ मीटर की दूरी पर स्थित पोठिया बाजार (बुधरा पंचायत, वार्ड संख्या 14) इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत यह है कि यहाँ जलजमाव की समस्या ने राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों का जीना मुहाल कर दिया है। बाजार में जल निकासी के लिए नाले का निर्माण न होना स्थानीय प्रशासन की उदासीनता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। आलम यह है कि अभी मानसून ने पूरी तरह दस्तक भी नहीं दी है, लेकिन हल्की सी बारिश होते ही पोठिया बाजार की मुख्य सड़क टापू में तब्दील हो जाती है। सड़क पर जमा पानी किसी नदी की तरह बहने लगता है, जिससे न केवल पैदल चलने वालों को भारी परेशानी होती है, बल्कि दुकानों के सामने पानी जमा होने से व्यवसाय भी पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। कीचड़ और गंदे पानी के बीच से गुजरना राहगीरों की मजबूरी बन गई है। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय दुकानदार महबूब आलम, शाहबाज आलम, लक्ष्मण कुमार केसरी और रविंद्र सिन्हा ने गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि प्रखंड मुख्यालय के इतने करीब होने के बावजूद आज तक यहाँ नाला निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। थोड़ी सी बारिश होते ही पूरी सड़क जलमग्न हो जाती है, जिससे ग्राहकों का दुकान तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय निवासियों और व्यवसायियों ने जिला पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई है कि जनहित को देखते हुए अविलंब यहाँ पक्के नाले का निर्माण कराया जाए ताकि भविष्य में होने वाली बड़ी परेशानी से बचा जा सके।
पोठिया प्रखंड मुख्यालय से चंद कदमों की दूरी पर नरकीय जीवन जीने को मजबूर राहगीर व व्यवसायी पोठिया प्रखंड मुख्यालय से महज कुछ मीटर की दूरी पर स्थित पोठिया बाजार (बुधरा पंचायत, वार्ड संख्या 14) इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच जमीनी हकीकत यह है कि यहाँ जलजमाव की समस्या ने राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों का जीना मुहाल कर दिया है। बाजार में जल निकासी के लिए नाले का निर्माण न होना स्थानीय प्रशासन की उदासीनता को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। आलम यह है कि अभी मानसून ने पूरी तरह दस्तक भी नहीं दी है, लेकिन हल्की सी बारिश होते ही पोठिया बाजार की मुख्य सड़क टापू में तब्दील हो जाती है। सड़क पर जमा पानी किसी नदी की तरह बहने लगता है, जिससे न केवल पैदल चलने वालों को भारी
परेशानी होती है, बल्कि दुकानों के सामने पानी जमा होने से व्यवसाय भी पूरी तरह प्रभावित हो रहा है। कीचड़ और गंदे पानी के बीच से गुजरना राहगीरों की मजबूरी बन गई है। इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय दुकानदार महबूब आलम, शाहबाज आलम, लक्ष्मण कुमार केसरी और रविंद्र सिन्हा ने गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि प्रखंड मुख्यालय के इतने करीब होने के बावजूद आज तक यहाँ नाला निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। थोड़ी सी बारिश होते ही पूरी सड़क जलमग्न हो जाती है, जिससे ग्राहकों का दुकान तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय निवासियों और व्यवसायियों ने जिला पदाधिकारी एवं संबंधित अधिकारियों से गुहार लगाई है कि जनहित को देखते हुए अविलंब यहाँ पक्के नाले का निर्माण कराया जाए ताकि भविष्य में होने वाली बड़ी परेशानी से बचा जा सके।
- Post by I love1
- Post by Santosh kumar sah1
- आप को पता हैं। तो canmed1
- तोता अपने बच्चों को अनानास खिला रही है अब देख सकते हैं1
- जोकीहाट प्रखंड के सिसौना वार्ड संख्या 7 में दो पक्षों के बीच भूमि विवाद को लेकर हुई मारपीट की घटना में एक पक्ष के पति पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए जिसे स्थानीय लोगों व परिजनों के सहयोग से आनन- फानन में शुक्रवार को शाम 6:00 के करीब सदर अस्पताल अररिया लाया गया जहाज चिकित्सक के देखरेख में दोनों पति-पत्नी का इलाज किया जा रहा है वही दोनों पति-पत्नी जोकीहाट प्रखंड के सिसौना वार्ड संख्या 7 निवासी मोहम्मद मंजूर आलम व उनकी पत्नी बीवी रेशमा बताई जा रही है।1
- Post by Razi Anwar1
- कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार एवं जिला प्रशासन अररिया के संयुक्त तत्वावधान में संचालित आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र में सत्र 2026–27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया 02 मई से प्रारंभ की जा रही है। इस सत्र में एक वर्षीय डिप्लोमा प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम हेतु नामांकन लिया जाएगा, जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को व्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। केंद्र में हिन्दुस्तानी शास्त्रीय गायन (खयाल), हिन्दुस्तानी शास्त्रीय नृत्य (कथक, भरतनाट्यम्) एवं तबला वादन की विधाओं में प्रशिक्षण उपलब्ध रहेगा। प्रशिक्षण प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से साध्या 06 बजे तक संचालित होगा, जबकि प्रत्येक सोमवार को केंद्र बंद रहेगा यह प्रशिक्षण एवं प्रवेश प्रक्रिया पूर्णतः निःशुल्क है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी भारतीय शास्त्रीय कलाओं से जुड़कर अपनी प्रतिभा को निखार सकें। प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 06 वर्ष निर्धारित की गई है तथा किसी भी वर्ग या समुदाय के इच्छुक अभ्यर्थी नामांकन के पात्र हैं। इच्छुक विद्यार्थी 02 मई 2026 से आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र, द्वितीय तल, विजय मिश्रा मार्केट, रानीगंज रोड, अररिया में स्वयं उपस्थित होकर प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं। नामांकन के समय पासपोर्ट आकार के फोटो, आधार कार्ड की प्रति एवं आवश्यक सामान्य विवरण प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी अररिया सान्याल कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण सीमित सीटों के आधार पर संचालित किया जाएगा, इसलिए इच्छुक अभ्यर्थियों को समय पर नामांकन कराने की सलाह दी जाती है। यह पहल जिले में सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने, युवा प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने तथा भारतीय शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। अधिक जानकारी के लिए इच्छुक अभ्यर्थी जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय सह आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।1
- Post by Kunal1
- कसबा (पूर्णिया) मजदूर दिवस के अवसर पर स्थानीय मज़दूरों ने अंतर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन जिला अध्यक्ष सह मजदूर क्रांति संघ के संयोजक बमबम साह के अगुवाई में प्रभात फेरी निकाल कर अपने हक की आवाज बुलंद की। प्रभात फेरी के माध्यम से बमबम साह ने मजदूरों के हित में सरकार से सरकारी मजदूर रजिस्ट्रेशन के साथ मुफ्त बीमा एवं मजदूरी दर बढ़ाने की मांग किया। बमबम साह ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सभी पंचायत एवं नगर के वार्ड स्तर पर शिविर आयोजित कर आम मजदूरों का रजिस्ट्रेशन करने तथा अन्य राज्यों की तरह मुफ्त मजदूर बीमा करने की प्रक्रिया सुनिश्चित किया जाए। बमबम साह ने कहा कि पूरे विश्व मजदूर के भरोसे ही आगे बढ़ रहा है और विकसित हो रही हैं। जिसमें मजदूरों की ही भूमिका अहम है। आज आम मजदूरों की समुचित रजिस्ट्रेशन नहीं होने के कारण प्रदेश में मजदूरी कर रहे मजदूरों की श्रम करने के दौरान हो रहे मौत पर उनके आश्रित परिजनों को उचित सरकारी मुआवजा मिलने से वंचित होना पड़ रहा है।1