*450 दिन पूरे: निजीकरण वापसी तक संघर्ष का संकल्प, प्रदेशभर में बिजली कर्मियों का व्यापक प्रदर्शन* ✍️ *आशु सिंह* संत कबीर नगर। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के 450 दिन पूरे होने पर मंगलवार को प्रदेशभर में बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने निजीकरण का निर्णय वापस लिए जाने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर आयोजित प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में बिजली कर्मियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ढंग से चलाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी चंद्र केश मौर्य ने कहा कि पिछले 450 दिनों से कर्मचारी संयम के साथ आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए और आंदोलन के दौरान कर्मचारियों पर की गई सभी दंडात्मक व उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को निरस्त किया जाए। पदाधिकारी दिलीप मौर्य ने कहा कि यह आंदोलन उपभोक्ताओं और किसानों को साथ लेकर चलाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के बावजूद बिजली कर्मी किसानों और आम उपभोक्ताओं की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कर रहे हैं, ताकि विद्युत व्यवस्था प्रभावित न हो। धीरेन्द्र यादव ने चेतावनी दी कि पूर्वांचल और दक्षिणांचल वितरण निगमों के निजीकरण का सीधा असर किसानों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। इससे बिजली दरों में वृद्धि, सेवा गुणवत्ता में गिरावट और ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। आंदोलन के 450 दिन पूरे होने के अवसर पर कर्मचारियों ने प्रदेशभर में उपभोक्ताओं और किसानों से संपर्क कर निजीकरण के संभावित दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, आजमगढ़, मिर्जापुर, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, कानपुर, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, नोएडा, मुरादाबाद, बरेली, अयोध्या, देवीपाटन, सुल्तानपुर, झांसी और बांदा सहित अनेक जिलों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन आयोजित किए गए। संघर्ष समिति ने दोहराया कि यह आंदोलन उपभोक्ताओं के हित, किसानों के भविष्य और प्रदेश की सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है तथा निजीकरण का निर्णय वापस होने तक यह संघर्ष जारी रहेगा। संतकबीरनगर में आयोजित प्रदर्शन में सहायक लेखाकार संतोष गुप्ता, कार्यकारी सहायक दिलीप सिंह, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, धीरेन्द्र यादव, दिलीप मौर्य, मनोज यादव, प्रदुम कुमार, रंजन कुमार, आर्यन कुमार, वीरेंद्र मौर्य समेत अन्य बिजली कर्मी मौजूद रहे।
*450 दिन पूरे: निजीकरण वापसी तक संघर्ष का संकल्प, प्रदेशभर में बिजली कर्मियों का व्यापक प्रदर्शन* ✍️ *आशु सिंह* संत कबीर नगर। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के 450 दिन पूरे होने पर मंगलवार को प्रदेशभर में बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने निजीकरण का निर्णय वापस लिए जाने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर आयोजित प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में बिजली कर्मियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ढंग से चलाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी चंद्र केश मौर्य ने कहा कि पिछले 450 दिनों से कर्मचारी संयम के साथ आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए और आंदोलन के दौरान कर्मचारियों पर की गई सभी दंडात्मक व उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को निरस्त किया जाए। पदाधिकारी दिलीप मौर्य ने कहा कि यह आंदोलन उपभोक्ताओं और किसानों को साथ लेकर चलाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के बावजूद बिजली कर्मी किसानों और आम उपभोक्ताओं की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कर रहे हैं, ताकि विद्युत व्यवस्था प्रभावित न हो। धीरेन्द्र यादव ने चेतावनी दी कि पूर्वांचल और दक्षिणांचल वितरण निगमों के निजीकरण का सीधा असर किसानों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। इससे बिजली दरों में वृद्धि, सेवा गुणवत्ता में गिरावट और ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। आंदोलन के 450 दिन पूरे होने के अवसर पर कर्मचारियों ने प्रदेशभर में उपभोक्ताओं और किसानों से संपर्क कर निजीकरण के संभावित दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, आजमगढ़, मिर्जापुर, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, कानपुर, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, नोएडा, मुरादाबाद, बरेली, अयोध्या, देवीपाटन, सुल्तानपुर, झांसी और बांदा सहित अनेक जिलों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन आयोजित किए गए। संघर्ष समिति ने दोहराया कि यह आंदोलन उपभोक्ताओं के हित, किसानों के भविष्य और प्रदेश की सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है तथा निजीकरण का निर्णय वापस होने तक यह संघर्ष जारी रहेगा। संतकबीरनगर में आयोजित प्रदर्शन में सहायक लेखाकार संतोष गुप्ता, कार्यकारी सहायक दिलीप सिंह, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, धीरेन्द्र यादव, दिलीप मौर्य, मनोज यादव, प्रदुम कुमार, रंजन कुमार, आर्यन कुमार, वीरेंद्र मौर्य समेत अन्य बिजली कर्मी मौजूद रहे।
- *450 दिन पूरे: निजीकरण वापसी तक संघर्ष का संकल्प, प्रदेशभर में बिजली कर्मियों का व्यापक प्रदर्शन* ✍️ *आशु सिंह* संत कबीर नगर। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के 450 दिन पूरे होने पर मंगलवार को प्रदेशभर में बिजली कर्मचारियों, संविदा कर्मियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं ने व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने निजीकरण का निर्णय वापस लिए जाने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर आयोजित प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में बिजली कर्मियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक ढंग से चलाया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों के खिलाफ उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में आक्रोश है। संघर्ष समिति के पदाधिकारी चंद्र केश मौर्य ने कहा कि पिछले 450 दिनों से कर्मचारी संयम के साथ आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि निजीकरण का निर्णय तत्काल वापस लिया जाए और आंदोलन के दौरान कर्मचारियों पर की गई सभी दंडात्मक व उत्पीड़नात्मक कार्रवाइयों को निरस्त किया जाए। पदाधिकारी दिलीप मौर्य ने कहा कि यह आंदोलन उपभोक्ताओं और किसानों को साथ लेकर चलाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के बावजूद बिजली कर्मी किसानों और आम उपभोक्ताओं की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण कर रहे हैं, ताकि विद्युत व्यवस्था प्रभावित न हो। धीरेन्द्र यादव ने चेतावनी दी कि पूर्वांचल और दक्षिणांचल वितरण निगमों के निजीकरण का सीधा असर किसानों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। इससे बिजली दरों में वृद्धि, सेवा गुणवत्ता में गिरावट और ग्रामीण क्षेत्रों की उपेक्षा जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। आंदोलन के 450 दिन पूरे होने के अवसर पर कर्मचारियों ने प्रदेशभर में उपभोक्ताओं और किसानों से संपर्क कर निजीकरण के संभावित दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, आजमगढ़, मिर्जापुर, आगरा, अलीगढ़, मथुरा, कानपुर, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, गाजियाबाद, नोएडा, मुरादाबाद, बरेली, अयोध्या, देवीपाटन, सुल्तानपुर, झांसी और बांदा सहित अनेक जिलों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन आयोजित किए गए। संघर्ष समिति ने दोहराया कि यह आंदोलन उपभोक्ताओं के हित, किसानों के भविष्य और प्रदेश की सार्वजनिक बिजली व्यवस्था को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है तथा निजीकरण का निर्णय वापस होने तक यह संघर्ष जारी रहेगा। संतकबीरनगर में आयोजित प्रदर्शन में सहायक लेखाकार संतोष गुप्ता, कार्यकारी सहायक दिलीप सिंह, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, धीरेन्द्र यादव, दिलीप मौर्य, मनोज यादव, प्रदुम कुमार, रंजन कुमार, आर्यन कुमार, वीरेंद्र मौर्य समेत अन्य बिजली कर्मी मौजूद रहे।1
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- गीता भवन: सनातन धर्म की धरोहर पर संकट______________________ राघवेंद्र त्रिपाठी संवाददाता विधान केसरी संत कबीर नगर 20 फरवरी2026, विश्वासपात्र द्वारा प्राप्त खबरों एवं वीडियो क्लिप के आधार पर देश के उत्तराखंड प्रदेश के ऋषिकेश जनपद में बड़ा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। ऋषिकेश में स्थित गीता भवन सनातन धर्म की एक महत्वपूर्ण धरोहर है, जो श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क ठहरने की सुविधा प्रदान करता है। लेकिन हाल ही में, गीता भवन में रहने वाले लोगों के अधिकारों पर कुठाराघात करने और मैनेजर गौतम की मनमानी के आरोप लगे हैं। गीता भवन में रहने वाले लोगों का आरोप है कि मैनेजर गौतम उनकी समस्याओं को नहीं सुन रहे हैं और उनके अधिकारों का हनन कर रहे हैं। इससे श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है और उनकी आस्था को ठेस पहुंच रही है। इस विषय पर सरकार को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए और कठिनाइयों को दूर करते हुए सनातन धर्मियों के ऊपर हो रहे अत्याचार को रोकने का प्रयास करना चाहिए। गीता भवन सनातन धर्म की धरोहर है और कितनों का सहारा है, इसलिए इसकी सुरक्षा और प्रबंधन में सुधार करना आवश्यक है। उत्तराखंड की धामी सरकार द्वारा इस मामले में उदासीपन दर्शाना चिंताजनक है। वहां रहने वाले लोग बहुत परेशान हैं और मैनेजर की वजह से उनकी समस्याएं बढ़ रही हैं। ट्रस्टी लोग भी उनकी बात नहीं सुन रहे हैं, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। गीता भवन की समस्याओं का समाधान करने के लिए सरकार, ट्रस्टी और स्थानीय प्रशासन को मिलकर काम करना होगा। श्रद्धालुओं के अधिकारों की रक्षा करना और गीता भवन की गरिमा को बनाए रखना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इस विषय पर जल्द से जल्द कार्रवाई करने की आवश्यकता है ताकि सनातन धर्म की इस महत्वपूर्ण धरोहर को बचाया जा सके।2
- Khalilabad Sant Kabir Nagar Bajrang Dal ke karykartaon ne Diya1
- आकाशवाणी 20 02 2026 ई0 रमजान का महीना मुबारक हो ! आप सभी को हमारी शुभकामनाएं! जकात निकालिए दान कीजिए ,और रोजा, उपवास रखिए!1
- बेलघाट प्राचीन दक्षिण मुखी हनुमान मंदिर के प्रांगण में कथा व्यास श्री रवीश महाराज ने राक्षसों का संहार करने के लिए राजा दशरथ राम लक्ष्मण को मांगने के लिए अयोध्या आए हुए हैं राम के अलावा राक्षसों का संहार और कौन कर सकता है। राम सर्व समर्थ है ऐसा सोचकर गांधी पुत्र विश्वामित्र सर्व समर्थ होते हुए भी एक याचक की भांति राजा दशरथ से यज्ञ रक्षा के लिए राम की याचना कर रहे हैं 1
- पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर के निर्देशन में थानाध्यक्ष महुली द्वारा थाना महुली अन्तर्गत कस्बा नाथनगर में किया गया पैदल गश्त • *सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु आमजन से किया गया संवाद* • *दुकानदारों से अपने प्रतिष्ठानों पर CCTV कैमरे लगाने हेतु किया गया प्रोत्साहित* पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक *श्री सुशील कुमार सिंह* के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी धनघटा *श्री अभयनाथ मिश्र* के मार्गदर्शन में थानाध्यक्ष महुली *श्री दुर्गेश पाण्डेय* द्वारा थाना महुली क्षेत्रान्तर्गत सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने एवं जनता में सुरक्षा की भावना को बढ़ाने हेतु कस्बा नाथनगर में पुलिस बल के साथ पैदल गश्त किया गया । पैदल गश्त के दौरान आम नागरिकों से संवाद स्थापित कर सुरक्षा का भरोसा दिलाया गया । थानाध्यक्ष महुली द्वारा गश्त के दौरान बाजार एवं मुख्य मार्गों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। इस दौरान स्थानीय नागरिकों एवं व्यापारियों से संवाद स्थापित करते हुए उन्हें आगामी होली पर्व को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं भाईचारे के साथ मनाने हेतु प्रेरित किया गया। सभी से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। साथ ही, सड़क किनारे अतिक्रमण न फैलाने एवं सार्वजनिक मार्गों को अवरुद्ध न करने के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए गए। अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी दी गई कि सार्वजनिक मार्ग पर अवैध कब्जा पाए जाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। थाना महुली पुलिस द्वारा क्षेत्र में सतत गश्त एवं निगरानी की जा रही है, जिससे आमजन को सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जा सके। थानाध्यक्ष महुली द्वारा आम जनमानस को यातायात जागरुकता के नियमों के बारें में जागरुक करते हुए वाहन चलाते समय तीन सवारी न बैठने, बिना नम्बर प्लेट लगी वाहन न चलाने, नशे की हालत में गाड़ी न चलाने, वाहन को ओवर स्पीड से न चलाने के साथ लोगों से अपील भी किया गया कि वे अपने परिवार वालों एवं रिश्तेदारों तथा आसपास के लोगों को वाहन चलाते समय हेलमेट व सीट बेल्ट के प्रयोग करने हेतु प्रेरित करें ।1
- *कस्बा नाथनगर में पुलिस का पैदल गश्त, सुरक्षा का दिलाया भरोसा* *दुकानदारों को सीसीटीवी लगाने के लिए किया गया प्रेरित, अतिक्रमण भी हटवाया* ✍️ *आशु सिंह* संतकबीरनगर। संदीप कुमार मीना के निर्देशन में थाना महुली पुलिस द्वारा कस्बा नाथनगर में व्यापक पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया गया। इस दौरान पुलिस ने आमजन से संवाद स्थापित कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाया तथा कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की। अपर पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार सिंह के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी धनघटा अभयनाथ मिश्र के मार्गदर्शन में थानाध्यक्ष महुली दुर्गेश पाण्डेय ने पुलिस बल के साथ बाजार क्षेत्र में पैदल भ्रमण किया। गश्त के दौरान दुकानदारों एवं स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर सुरक्षा संबंधी सुझाव लिए गए। थानाध्यक्ष ने व्यापारियों से अपने प्रतिष्ठानों एवं घरों पर सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कम से कम एक कैमरा सड़क की ओर अवश्य लगाया जाए, जिससे असामाजिक व आपराधिक तत्वों पर प्रभावी निगरानी रखी जा सके। उन्होंने बताया कि नागरिकों का यह छोटा सा प्रयास कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा। पुलिस टीम द्वारा फुटपाथ किनारे लगाए गए ठेले तथा अनियमित ढंग से खड़े वाहनों के कारण हुए अतिक्रमण को भी हटवाया गया। साथ ही यातायात नियमों के प्रति जागरूक करते हुए लोगों से तीन सवारी न बैठाने, बिना नंबर प्लेट वाहन न चलाने, नशे की हालत में वाहन न चलाने तथा ओवरस्पीड से बचने की अपील की गई। पुलिस ने आमजन से हेलमेट व सीट बेल्ट के नियमित प्रयोग के लिए स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ परिवार एवं परिचितों को भी प्रेरित करने का आह्वान किया। पुलिस की इस पहल से क्षेत्र में सुरक्षा का माहौल मजबूत होता नजर आया।1