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बरही में 25 अक्टूबर को जुटेंगे कांग्रेस के दिग्गज नेता, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार और हरीश चौधरी का होगा आगमन
विकास श्रीवास्तव
बरही में 25 अक्टूबर को जुटेंगे कांग्रेस के दिग्गज नेता, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार और हरीश चौधरी का होगा आगमन
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- बरही में 25 अक्टूबर को जुटेंगे कांग्रेस के दिग्गज नेता, जीतू पटवारी, उमंग सिंघार और हरीश चौधरी का होगा आगमन1
- एनओसी के बदले रिश्वत, नगर निगम का लिपिक गिरफ्तार कटनी नगर निगम में रिश्वतखोरी का मामला सामने आया है। ट्रांसपोर्ट नगर में बैंक लोन के लिए एनओसी जारी 💥*जिला कटनी से ज्योति तिवारी*💥//8103728933// करने के एवज में रिश्वत मांगने वाले नगर निगम के लिपिक आलोक गर्ग को लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने 20 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रांसपोर्टर अशोक कनकने को ट्रांसपोर्ट नगर पुरैनी में प्लॉट नंबर 137 आवंटित है। यहां निर्माण कार्य के लिए बैंक से ऋण लेने के दौरान नगर निगम की एनओसी मांगी गई थी। आरोप है कि एनओसी जारी करने के बदले संपदा शाखा में पदस्थ लिपिक आलोक गर्ग ने 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का सत्यापन किया और जाल बिछाकर कार्यवाही की। शुक्रवार को शिकायतकर्ता से 20 हजार रुपये लेते ही लोकायुक्त टीम ने आरोपी लिपिक को पकड़ लिया। फिलहाल, आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।3
- *प्रेस विज्ञप्ति* *प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ियों एवं मूल्यांकन प्रभारी पूर्णिमा शर्मा को हटाने की मांग को लेकर NSUI का प्रदर्शन, कुलपति का पुतला दहन कर जताया विरोध* पांच सूत्रीय मांगों को लेकर NSUI ने विश्वविद्यालय परिसर में किया प्रदर्शन, परीक्षा परिणाम में सुधार सहित विद्यार्थियों को राहत देने की मांग पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय, शहडोल द्वारा हाल ही में घोषित प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ियों एवं अनियमितताओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) जिला शहडोल ने जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी के नेतृत्व में विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण एवं पांच सूत्रीय मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर NSUI कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन करते हुए कुलपति का पुतला दहन किया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। NSUI ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय द्वारा घोषित प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को 90 प्रतिशत तक एटीकेटी (ATKT) दर्शाया गया है, जिससे छात्र-छात्राओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। संगठन ने परीक्षा परिणाम की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर आवश्यक सुधार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं और मांगों के बीच कुलपति विद्यार्थियों के आक्रोश का सामना करने के बजाय विश्वविद्यालय परिसर से चले गए। संगठन ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुने और उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करे। NSUI की पांच सूत्रीय प्रमुख मांगें 1. प्रथम वर्ष का संशोधित परीक्षा परिणाम जारी किया जाए। परीक्षा परिणाम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को एटीकेटी (ATKT) दर्शाए जाने के मामले की जांच कर आवश्यक सुधार किया जाए तथा विद्यार्थियों का संशोधित एवं सही परीक्षा परिणाम शीघ्र जारी किया जाए। 2. वर्तमान मूल्यांकन प्रभारी को पद से हटाया जाए। परीक्षा परिणाम में सामने आई कथित अनियमितताओं एवं विद्यार्थियों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान मूल्यांकन प्रभारी को उनके प्रभार से हटाकर निष्पक्ष मूल्यांकन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 3. पूरक परीक्षा का आवेदन शुल्क ₹1600 से घटाकर ₹700 किया जाए। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से सप्लीमेंट्री/पूरक परीक्षा का आवेदन शुल्क ₹1600 से घटाकर ₹700 किया जाए, ताकि विद्यार्थी आर्थिक परेशानी के बिना परीक्षा में शामिल हो सकें। 4. विद्यार्थियों को उत्तरपुस्तिका निःशुल्क दिखाई जाए। जिन विद्यार्थियों को अपने परीक्षा परिणाम पर संदेह है, उन्हें बिना किसी शुल्क के अपनी उत्तरपुस्तिका देखने की सुविधा प्रदान की जाए, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। 5. रीवैल्यूएशन एवं री-टोटलिंग की सुविधा निःशुल्क की जाए। विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुनर्मूल्यांकन (रीवैल्यूएशन) एवं पुनर्गणना (री-टोटलिंग) की प्रक्रिया निःशुल्क की जाए, ताकि आर्थिक कारणों से कोई भी विद्यार्थी अपने परीक्षा परिणाम की जांच कराने से वंचित न रहे। विद्यार्थियों के भविष्य से समझौता बर्दाश्त नहीं: सौरभ तिवारी NSUI जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी ने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता के कारण प्रभावित नहीं होना चाहिए। परीक्षा परिणाम में यदि गड़बड़ियां सामने आई हैं, तो विश्वविद्यालय प्रशासन को उनकी निष्पक्ष जांच कराकर तत्काल सुधार करना चाहिए। विद्यार्थियों को न्याय दिलाना और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना विश्वविद्यालय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आगे कहा कि NSUI हमेशा छात्र-छात्राओं के अधिकारों और उनके भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन को संगठन की पांच सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। यदि मांगों का जल्द निराकरण नहीं किया गया, तो NSUI विद्यार्थियों के हित में लोकतांत्रिक तरीके से आगामी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। बड़ी संख्या में NSUI कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी रहे उपस्थित आज के विरोध प्रदर्शन में NSUI जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी, जिला उपाध्यक्ष आशीष द्विवेदी, विश्वविद्यालय अध्यक्ष दीपांशु गुप्ता, सोशल मीडिया महासचिव आशु सिंह, महेंद्र यादव, हर्षित सिंह बघेल, अजय बैग, अर्पित सेन, योगेश साहू, क्रितेंद्र सिंह, ओम साहू, शिवम तिवारी, सुमित सिंगर, दीपक साहू, शुभांक पांडे, गुलशन पडवार, चंदन कुशवाहा, साहिल कुशवाहा, सुमित तिवारी सहित सैकड़ों की संख्या में NSUI कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। NSUI ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान होने तक संगठन छात्रहित में अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा। *प्रेस विज्ञप्ति* *प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ियों एवं मूल्यांकन प्रभारी पूर्णिमा शर्मा को हटाने की मांग को लेकर NSUI का प्रदर्शन, कुलपति का पुतला दहन कर जताया विरोध* पांच सूत्रीय मांगों को लेकर NSUI ने विश्वविद्यालय परिसर में किया प्रदर्शन, परीक्षा परिणाम में सुधार सहित विद्यार्थियों को राहत देने की मांग पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय, शहडोल द्वारा हाल ही में घोषित प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम में कथित गड़बड़ियों एवं अनियमितताओं को लेकर भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) जिला शहडोल ने जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी के नेतृत्व में विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की समस्याओं के निराकरण एवं पांच सूत्रीय मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर NSUI कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन करते हुए कुलपति का पुतला दहन किया और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। NSUI ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय द्वारा घोषित प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को 90 प्रतिशत तक एटीकेटी (ATKT) दर्शाया गया है, जिससे छात्र-छात्राओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। संगठन ने परीक्षा परिणाम की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर आवश्यक सुधार करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं और मांगों के बीच कुलपति विद्यार्थियों के आक्रोश का सामना करने के बजाय विश्वविद्यालय परिसर से चले गए। संगठन ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह विद्यार्थियों की समस्याओं को गंभीरता से सुने और उनका समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करे। NSUI की पांच सूत्रीय प्रमुख मांगें 1. प्रथम वर्ष का संशोधित परीक्षा परिणाम जारी किया जाए। परीक्षा परिणाम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को एटीकेटी (ATKT) दर्शाए जाने के मामले की जांच कर आवश्यक सुधार किया जाए तथा विद्यार्थियों का संशोधित एवं सही परीक्षा परिणाम शीघ्र जारी किया जाए। 2. वर्तमान मूल्यांकन प्रभारी को पद से हटाया जाए। परीक्षा परिणाम में सामने आई कथित अनियमितताओं एवं विद्यार्थियों की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान मूल्यांकन प्रभारी को उनके प्रभार से हटाकर निष्पक्ष मूल्यांकन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। 3. पूरक परीक्षा का आवेदन शुल्क ₹1600 से घटाकर ₹700 किया जाए। आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से सप्लीमेंट्री/पूरक परीक्षा का आवेदन शुल्क ₹1600 से घटाकर ₹700 किया जाए, ताकि विद्यार्थी आर्थिक परेशानी के बिना परीक्षा में शामिल हो सकें। 4. विद्यार्थियों को उत्तरपुस्तिका निःशुल्क दिखाई जाए। जिन विद्यार्थियों को अपने परीक्षा परिणाम पर संदेह है, उन्हें बिना किसी शुल्क के अपनी उत्तरपुस्तिका देखने की सुविधा प्रदान की जाए, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। 5. रीवैल्यूएशन एवं री-टोटलिंग की सुविधा निःशुल्क की जाए। विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए पुनर्मूल्यांकन (रीवैल्यूएशन) एवं पुनर्गणना (री-टोटलिंग) की प्रक्रिया निःशुल्क की जाए, ताकि आर्थिक कारणों से कोई भी विद्यार्थी अपने परीक्षा परिणाम की जांच कराने से वंचित न रहे। विद्यार्थियों के भविष्य से समझौता बर्दाश्त नहीं: सौरभ तिवारी NSUI जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी ने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता के कारण प्रभावित नहीं होना चाहिए। परीक्षा परिणाम में यदि गड़बड़ियां सामने आई हैं, तो विश्वविद्यालय प्रशासन को उनकी निष्पक्ष जांच कराकर तत्काल सुधार करना चाहिए। विद्यार्थियों को न्याय दिलाना और परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना विश्वविद्यालय प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने आगे कहा कि NSUI हमेशा छात्र-छात्राओं के अधिकारों और उनके भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन को संगठन की पांच सूत्रीय मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। यदि मांगों का जल्द निराकरण नहीं किया गया, तो NSUI विद्यार्थियों के हित में लोकतांत्रिक तरीके से आगामी आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। बड़ी संख्या में NSUI कार्यकर्ता एवं विद्यार्थी रहे उपस्थित आज के विरोध प्रदर्शन में NSUI जिलाध्यक्ष सौरभ तिवारी, जिला उपाध्यक्ष आशीष द्विवेदी, विश्वविद्यालय अध्यक्ष दीपांशु गुप्ता, सोशल मीडिया महासचिव आशु सिंह, महेंद्र यादव, हर्षित सिंह बघेल, अजय बैग, अर्पित सेन, योगेश साहू, क्रितेंद्र सिंह, ओम साहू, शिवम तिवारी, सुमित सिंगर, दीपक साहू, शुभांक पांडे, गुलशन पडवार, चंदन कुशवाहा, साहिल कुशवाहा, सुमित तिवारी सहित सैकड़ों की संख्या में NSUI कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। NSUI ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान होने तक संगठन छात्रहित में अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।3
- कटनी में एनओसी के बदले रिश्वत लेते नगर निगम का लिपिक गिरफ्तार। लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने 20 हजार रुपये लेते रंगे हाथों पकड़ा। एनओसी के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते नगर निगम का लिपिक गिरफ्तार लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा, बैंक से ऋण लेने के लिए एनओसी जारी करने के एवज में 25 हजार रुपये मांगने का आरोप कटनी। नगर निगम में अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) जारी करने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने शुक्रवार को कार्रवाई करते हुए नगर निगम के लिपिक आलोक गर्ग को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी नगर निगम की संपदा शाखा में पदस्थ बताया गया है। कार्रवाई के बाद लोकायुक्त टीम आरोपी के विरुद्ध वैधानिक प्रक्रिया में जुट गई है। बैंक से ऋण लेने के लिए मांगी थी एनओसी प्राप्त जानकारी के अनुसार, ट्रांसपोर्टर अशोक कनकने को ट्रांसपोर्ट नगर, पुरैनी में प्लॉट नंबर 137 आवंटित है। उक्त प्लॉट पर निर्माण कार्य कराने के लिए उन्होंने बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया शुरू की थी। बैंक प्रबंधन ने ऋण स्वीकृति के लिए नगर निगम से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने को कहा था। इसी सिलसिले में अशोक कनकने नगर निगम की संपदा शाखा में पदस्थ लिपिक आलोक गर्ग के पास एनओसी के लिए पहुंचे थे। 25 हजार रुपये की मांग, 20 हजार लेते ही लोकायुक्त की दबिश आरोप है कि एनओसी जारी करने के एवज में लिपिक ने शिकायतकर्ता से 25 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। रिश्वत की कथित मांग से परेशान होकर अशोक कनकने ने लोकायुक्त जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का सत्यापन किया और आरोपी को पकड़ने के लिए योजना तैयार की। शुक्रवार को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए टीम ने शिकायतकर्ता को आरोपी के पास भेजा। बताया गया कि जैसे ही अशोक कनकने ने आरोपी लिपिक को 20 हजार रुपये दिए, लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के बाद आरोपी को सिविल लाइन स्थित रेस्ट हाउस ले जाया गया, जहां उसके विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई से नगर निगम में मची हलचल नगर निगम के लिपिक के विरुद्ध लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद विभाग में हलचल का माहौल है। बैंक ऋण के लिए आवश्यक एनओसी जारी करने के मामले में रिश्वत की कथित मांग सामने आने से सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोकायुक्त टीम मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। आरोपी के विरुद्ध आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों और वैधानिक प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।1
- मनुवादी जातिवादियों खटमलों की मानसिकता कितनी गंदी है जो दूसरों को छोटा समझ रहे जाति के आधार पर छुआछूत ऊंच नीच भेदभाव जात पात करने lमुख्य अपराधी खटमल सतीश तिवारी है जिसने हमारे समाज के पंडित पुरोहित विद्वान आचार्य के साथ पीछे से हमला किया मारपीट की ऐसे खटमल को कड़ी से कड़ी सजा हो1
- *पंडित राम निवास उरमलिया ने क्षेत्र वासियों को दी एंबुलेंस की सौगात* *जन्मदिवस पर पंडित रामनिवास उरमलिया की अनूठी पहल, मैहर और ग्रामीण क्षेत्रों को मिली निःशुल्क एंबुलेंस सेवा की सौगात* *पंडित राम निवास उरमलिया ने क्षेत्र वासियों को दी एंबुलेंस की सौगात* *जन्मदिवस पर पंडित रामनिवास उरमलिया की अनूठी पहल, मैहर और ग्रामीण क्षेत्रों को मिली निःशुल्क एंबुलेंस सेवा की सौगात* *स्व. श्रीमती सिया रामावतार उरमलिया की स्मृति में समर्पित एंबुलेंस का संतों ने पूजा-अर्चन कर किया शुभारंभ* मैहर। सिद्ध बाबा मैहर में वरिष्ठ कांग्रेस नेता पंडित रामनिवास उर्मलिया के जन्मदिवस के अवसर पर मैहर क्षेत्र सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में सराहनीय पहल की गई। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों की सुविधा के लिए निःशुल्क एंबुलेंस सेवा समर्पित की गई। यह एंबुलेंस स्वर्गीय श्रीमती सिया रामावतार उरमलिया की स्मृति में प्रदान की गई है। एंबुलेंस सेवा का शुभारंभ धार्मिक विधि-विधान के साथ किया गया। फलाहारी आश्रम देवीजी के रामलोचन शरण जी महाराज तथा श्रीरामजानकी बड़ा अखाड़ा मंदिर के पुजारी दीनदयाल शरण जी महाराज ने एंबुलेंस का पूजन-अर्चन कर सेवा का शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य मैहर नगर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में सहायता मिल सके। जन्मदिवस के अवसर पर शुरू की गई यह सेवा समाज के प्रति संवेदनशीलता और जनसेवा की भावना का संदेश देती है। कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता पंडित रामनिवास उरमलिया, श्रीनिवास उरमलिया, श्रीधर उरमलिया, विष्णुधर उरमलिया, अधिवक्ता बालेंद्र सिंह, प्रदीप तिवारी, शिव सम्मत शास्त्री, रजनीश शर्मा,दीपक अग्रवाल गोलू, मुकेश तिवारी,राजू उरमलिया,राजा अग्रवाल,रमारमण प्रताप सिंह, समर्पण शुक्ला, नित्यानंद तिवारी, नागेंद्र सराफ सहित स्थानीय नागरिक एवं पत्रकार उपस्थित रहे। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने निःशुल्क एंबुलेंस सेवा की पहल को क्षेत्र के लिए उपयोगी बताते हुए उम्मीद जताई कि इससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। जनसेवा को समर्पित इस पहल के माध्यम से जन्मदिवस को जरूरतमंदों की सहायता और मानव सेवा के संकल्प के रूप में मनाया गया।4
- रेत से भरे ओवरलोड वाहनों की आवाजाही से यातायात पर दबाव, मानपुर में बाईपास निर्माण की जरूरत महसूस कर रहे लोग।1
- gay man Ko itna kaun maarta hai bhai Philips support karo 😭😭😭 maa man mante Hain fir bhi maarte hain 😭😭🙏🙏 itna please ser kar do bhai comment1