उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के नगर थाना क्षेत्र स्थित कौठवा भरतपुर गांव (रामापुर के पास) में दबंगों ने 80 वर्षीय एक बुजुर्ग पर बर्बरतापूर्वक जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में बुजुर्ग इतने गंभीर रूप से चोटिल हुए कि वे अचेत हो गए। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया, जहां वे लंबे समय तक कोमा में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते रहे। ईश्वर की कृपा और डॉक्टरों की कोशिशों से होश में आने के बाद पीड़ित बुजुर्ग की याददाश्त वापस लौट आई और उन्होंने खुद पर हमला करने वाले दबंगों के नाम उजागर किए। बुजुर्ग के बयान के बाद परिजनों ने नगर थाने में नामजद आरोपियों के खिलाफ लिखित तहरीर दी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज करना मुनासिब नहीं समझा है। खाकी की इस सुस्ती और हीला-हवाली के कारण नामजद दबंग बेखौफ घूम रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार न्याय पाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग के बयान के बाद भी मुकदमा दर्ज न होने से नगर थाने की कार्यशैली, थाना अध्यक्ष की मंशा और बस्ती पुलिस की संवेदनशीलता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का यह रवैया पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने और अपराधियों के हौसले बढ़ाने का काम कर रहा है। अब देखना यह है कि मामले में उच्च अधिकारी संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई करते हैं या फिर पीड़ित परिवार को न्याय के लिए यूं ही भटकना पड़ेगा।
उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के नगर थाना क्षेत्र स्थित कौठवा भरतपुर गांव (रामापुर के पास) में दबंगों ने 80 वर्षीय एक बुजुर्ग पर बर्बरतापूर्वक जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में बुजुर्ग इतने गंभीर रूप से चोटिल हुए कि वे अचेत हो गए। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया, जहां वे लंबे समय तक कोमा में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते रहे। ईश्वर की कृपा और डॉक्टरों की कोशिशों से होश में आने के बाद पीड़ित बुजुर्ग की याददाश्त वापस लौट आई और उन्होंने खुद पर हमला करने वाले दबंगों के नाम उजागर किए। बुजुर्ग के बयान के बाद परिजनों ने नगर थाने में नामजद आरोपियों के खिलाफ लिखित तहरीर दी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज करना मुनासिब नहीं समझा है। खाकी की इस सुस्ती और हीला-हवाली के कारण नामजद दबंग बेखौफ घूम रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार न्याय पाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग के बयान के बाद भी मुकदमा दर्ज न होने से नगर थाने की कार्यशैली, थाना अध्यक्ष की मंशा और बस्ती पुलिस की संवेदनशीलता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का यह रवैया पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने और अपराधियों के हौसले बढ़ाने का काम कर रहा है। अब देखना यह है कि मामले में उच्च अधिकारी संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई करते हैं या फिर पीड़ित परिवार को न्याय के लिए यूं ही भटकना पड़ेगा।
- आगामी चुनावी तैयारियों के मद्देनजर बस्ती जिले के 308 कप्तानगंज विधानसभा क्षेत्र स्थित वायरलेस चौराहा के सावित्री मैरिज हॉल में भारतीय जनता पार्टी का बूथ अध्यक्ष सम्मेलन आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में संगठन को बूथ स्तर तक और अधिक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व विधायक सीए चंद्र प्रकाश शुक्ल ने कहा कि भाजपा की वास्तविक शक्ति उसके बूथ कार्यकर्ता हैं और चुनाव में जीत की मजबूत नींव बूथ स्तर पर ही रखी जाती है। उन्होंने प्रत्येक बूथ अध्यक्ष से पूरी निष्ठा, समर्पण और अनुशासन के साथ काम करने तथा आमजन से निरंतर संवाद बनाकर केंद्र व प्रदेश सरकार की उपलब्धियों को हर परिवार तक पहुंचाने का आह्वान किया। सम्मेलन के दौरान मौजूद बूथ अध्यक्षों और कार्यकर्ताओं ने संगठन हित को सर्वोपरि रखते हुए आगामी चुनावों में पार्टी को सफलता दिलाने का संकल्प लिया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, बूथ अध्यक्ष और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- Post by नाम बबलू कुमार1
- समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव जंतर-मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में शामिल हुईं। इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार और अहंकार के मुद्दे को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला और जमकर निशाना साधा।1
- उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के जिला अध्यक्ष उमेश चंद्रा राजभर के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी आलोक कुमार को ज्ञापन सौंपा है। इसमें अति पिछड़ा एवं दलित समाज के विरुद्ध की गई कथित जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणियों के मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। सुभासपा नेताओं ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर अति पिछड़ा एवं दलित समाज की भावनाओं को आहत करने वाले बयान देने का सीधा आरोप लगाया है। पार्टी पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की टिप्पणियां सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करती हैं, इसलिए इस मामले में उचित और कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। ज्ञापन सौंपने के इस अवसर पर सुभासपा के प्रदेश सचिव अब्दुल अजीम सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।1
- संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद में लंबे समय से बदहाल पड़ी विधियानी रोड के पुनर्निर्माण का काम शुरू हो गया है। सदर विधायक अंकुर राज तिवारी ने करीब 6 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क का शुभारंभ विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया। इस दौरान विधायक ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया और स्वयं जेसीबी चलाकर कार्य का श्रीगणेश किया। मौके पर बुलडोजर, जेसीबी और निर्माण सामग्री से लदे वाहन तैनात रहे। वर्षों से जर्जर पड़ी इस सड़क की वजह से स्थानीय लोगों और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। खास तौर पर बरसात के दिनों में बड़े-बड़े गड्ढों और जलभराव के कारण रास्ता बेहद जोखिम भरा हो जाता था। विधायक अंकुर राज तिवारी ने कहा कि क्षेत्र का समग्र विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और बेहतर सड़कों से व्यापार, शिक्षा व स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुगम होगी। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को तय समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा कराने का निर्देश दिया। सड़क का निर्माण कार्य शुरू होने से क्षेत्र के लोगों और जनप्रतिनिधियों में खुशी का माहौल है। स्थानीय नागरिकों ने विधायक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पुरानी समस्या के समाधान से हजारों ग्रामीणों और शहरवासियों को सीधा फायदा मिलेगा तथा खलीलाबाद के विकास को नई रफ्तार मिलेगी।1
- प्रयागराज (इलाहाबाद) के छात्र देश के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ और प्रशासनिक लापरवाहियों के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर एक बार फिर मुखर हो उठे हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही धांधली, पेपर लीक और बदहाल शिक्षा व्यवस्था से उपजे भारी आक्रोश के बीच छात्रों का सब्र अब टूटता नजर आ रहा है। इसी के विरोध में छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए 24 तारीख तक का अल्टीमेटम जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में इस्तीफा नहीं दिया गया, तो आगामी 25 तारीख से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया जाएगा। छात्रों का साफ कहना है कि यह सिर्फ एक व्यक्ति के इस्तीफे की मांग नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य को बचाने की लड़ाई है। जब तक व्यवस्था में बैठे जिम्मेदार लोग जवाबदेह नहीं होंगे, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। इलाहाबाद की धरती हमेशा से छात्र आंदोलनों का प्रमुख केंद्र रही है, ऐसे में अब देखना यह होगा कि सरकार इस अल्टीमेटम पर क्या रुख अपनाती है और आने वाले दिनों में यह आंदोलन क्या रूप लेता है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था संभालने पहुंचे दिल्ली पुलिस के डीसीपी संदीप लांबा पर एक लड़की को थप्पड़ मारने का मामला सामने आया है। प्रोटेस्ट के दौरान जब भीड़ थोड़ी उग्र हुई, तो डीसीपी ने बातचीत करने के बजाय सीधे थप्पड़ जड़ दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही नेटिज़न्स ने पुलिस अधिकारी के इस रवैये और 'ऑन-स्पॉट एक्शन' पर जमकर तंज कसा। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी और व्यंग्यात्मक प्रतिक्रियाएं दीं। नेटिज़न्स ने चुटकी लेते हुए कहा कि अब पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कराने से पहले गाल पर रसीद करने की ट्रेनिंग अनिवार्य कर देनी चाहिए। कुछ लोगों ने इस एक्शन को बिना पेन-पेपर वाला 'त्वरित न्याय' बताया, तो कुछ ने मजाकिया लहजे में इसे ऑस्कर की बेस्ट एक्शन कोरियोग्राफी श्रेणी में भेजने की मांग कर दी। सोशल मीडिया पर बढ़ते चौतरफा दबाव के बाद प्रशासन ने कदम उठाते हुए डीसीपी संदीप लांबा को जंतर-मंतर से हटाकर दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया। स्थानांतरण की इस कार्रवाई पर कटाक्ष करते हुए कहा गया कि सिस्टम में अधिकारियों को गलती पर बर्खास्त करने के बजाय ट्रांसफर का 'पुरस्कार' देकर किसी और विभाग में सुधारने का मौका दिया जाता है। इसके साथ ही व्यंग्य करते हुए लोगों को सलाह दी गई कि वे भविष्य में किसी भी प्रोटेस्ट में जाते समय हेलमेट के साथ 'गाल रक्षक कवच' पहनना न भूलें।1