दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था संभालने पहुंचे दिल्ली पुलिस के डीसीपी संदीप लांबा पर एक लड़की को थप्पड़ मारने का मामला सामने आया है। प्रोटेस्ट के दौरान जब भीड़ थोड़ी उग्र हुई, तो डीसीपी ने बातचीत करने के बजाय सीधे थप्पड़ जड़ दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही नेटिज़न्स ने पुलिस अधिकारी के इस रवैये और 'ऑन-स्पॉट एक्शन' पर जमकर तंज कसा। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी और व्यंग्यात्मक प्रतिक्रियाएं दीं। नेटिज़न्स ने चुटकी लेते हुए कहा कि अब पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कराने से पहले गाल पर रसीद करने की ट्रेनिंग अनिवार्य कर देनी चाहिए। कुछ लोगों ने इस एक्शन को बिना पेन-पेपर वाला 'त्वरित न्याय' बताया, तो कुछ ने मजाकिया लहजे में इसे ऑस्कर की बेस्ट एक्शन कोरियोग्राफी श्रेणी में भेजने की मांग कर दी। सोशल मीडिया पर बढ़ते चौतरफा दबाव के बाद प्रशासन ने कदम उठाते हुए डीसीपी संदीप लांबा को जंतर-मंतर से हटाकर दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया। स्थानांतरण की इस कार्रवाई पर कटाक्ष करते हुए कहा गया कि सिस्टम में अधिकारियों को गलती पर बर्खास्त करने के बजाय ट्रांसफर का 'पुरस्कार' देकर किसी और विभाग में सुधारने का मौका दिया जाता है। इसके साथ ही व्यंग्य करते हुए लोगों को सलाह दी गई कि वे भविष्य में किसी भी प्रोटेस्ट में जाते समय हेलमेट के साथ 'गाल रक्षक कवच' पहनना न भूलें।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था संभालने पहुंचे दिल्ली पुलिस के डीसीपी संदीप लांबा पर एक लड़की को थप्पड़ मारने का मामला सामने आया है। प्रोटेस्ट के दौरान जब भीड़ थोड़ी उग्र हुई, तो डीसीपी ने बातचीत करने के बजाय सीधे थप्पड़ जड़ दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही नेटिज़न्स ने पुलिस अधिकारी के इस रवैये और 'ऑन-स्पॉट एक्शन' पर जमकर तंज कसा। वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी और व्यंग्यात्मक प्रतिक्रियाएं दीं। नेटिज़न्स ने चुटकी लेते हुए कहा कि अब पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज कराने से पहले गाल पर रसीद करने की ट्रेनिंग अनिवार्य कर देनी चाहिए। कुछ लोगों ने इस एक्शन को बिना पेन-पेपर वाला 'त्वरित न्याय' बताया, तो कुछ ने मजाकिया लहजे में इसे ऑस्कर की बेस्ट एक्शन कोरियोग्राफी श्रेणी में भेजने की मांग कर दी। सोशल मीडिया पर बढ़ते चौतरफा दबाव के बाद प्रशासन ने कदम उठाते हुए डीसीपी संदीप लांबा को जंतर-मंतर से हटाकर दूसरी जगह स्थानांतरित कर दिया। स्थानांतरण की इस कार्रवाई पर कटाक्ष करते हुए कहा गया कि सिस्टम में अधिकारियों को गलती पर बर्खास्त करने के बजाय ट्रांसफर का 'पुरस्कार' देकर किसी और विभाग में सुधारने का मौका दिया जाता है। इसके साथ ही व्यंग्य करते हुए लोगों को सलाह दी गई कि वे भविष्य में किसी भी प्रोटेस्ट में जाते समय हेलमेट के साथ 'गाल रक्षक कवच' पहनना न भूलें।
- उत्तर प्रदेश पुलिस की जनसेवा और जनविश्वास की भावना को सशक्त करने के उद्देश्य से थाना महुली पुलिस द्वारा क्षेत्र के बच्चों और किशोरों के लिए "बच्चों की पाठशाला" का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान आत्मीय एवं प्रेरणादायी माहौल में बच्चों के साथ शिक्षा, संस्कार, तकनीक, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य से जुड़े विषयों पर लंबी चर्चा की गई। पुलिस ने बच्चों को मार्गदर्शन देते हुए बताया कि आज का समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का युग है और आने वाले समय में वही विद्यार्थी आगे बढ़ेंगे जो नई तकनीकों को सीखने और खुद को अपडेट रखने का प्रयास करेंगे। बच्चों को यह भी समझाया गया कि मोबाइल केवल मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि इसका सकारात्मक उपयोग करके ग्रामीण क्षेत्र का छात्र भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकता है। संवाद के दौरान बच्चों को सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए स्पष्ट किया गया कि यदि उनके साथ उत्पीड़न, धमकी, साइबर ठगी, नशे का दबाव, छेड़छाड़ या बुलिंग जैसी कोई भी घटना होती है तो उसे छिपाएं नहीं। पुलिस ने कहा कि घटना छिपाने से समस्या गंभीर हो सकती है, इसलिए माता-पिता, अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को तत्काल सूचित करें। इसके अलावा बच्चों को सोशल मीडिया का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने, फर्जी खबरों व अफवाहों से बचने, अनजान व्यक्तियों से ऑनलाइन संपर्क में सावधानी बरतने, सड़क सुरक्षा, नशे से दूर रहने, अच्छे मित्रों का चयन करने और कानून का सम्मान करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में बच्चों को असफलताओं से न घबराते हुए मेहनत, अनुशासन, ईमानदारी और गुरुजनों व माता-पिता के सम्मान को सफलता की नींव बनाने की सीख दी गई। महुली पुलिस ने कहा कि शिक्षित, जागरूक और जिम्मेदार बच्चे ही एक मजबूत परिवार, सुरक्षित समाज और प्रगतिशील राष्ट्र का निर्माण करते हैं। कार्यक्रम के अंत में बच्चों ने खुलकर अपने विचार साझा किए और भविष्य में भी ऐसे सत्र आयोजित करने की इच्छा जताई, जिस पर पुलिस ने आगे भी ऐसे प्रेरणादायी और जनजागरूकता कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने का भरोसा दिया।4
- संतकबीरनगर के महुली थाना क्षेत्र में पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना के निर्देशन में महुली पुलिस द्वारा बच्चों और किशोरों के लिए 'बच्चों की पाठशाला' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को शिक्षा, तकनीक, साइबर सुरक्षा, नैतिक मूल्यों तथा सुरक्षित और सफल भविष्य के प्रति जागरूक करना रहा। संवाद के दौरान पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के दौर में खुद को तैयार करने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में बच्चों को मोबाइल फोन का सदुपयोग कर ज्ञान और कौशल अर्जित करने की सलाह दी गई। पुलिस ने कहा कि तकनीक के सही उपयोग से ग्रामीण क्षेत्र के छात्र भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। इसके साथ ही बच्चों को साइबर अपराध, सोशल मीडिया के जिम्मेदार उपयोग, फर्जी खबरों और अफवाहों से बचाव, ऑनलाइन ठगी, सड़क सुरक्षा और नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। पुलिस ने जोर देकर कहा कि यदि उनके साथ उत्पीड़न, धमकी, साइबर ठगी, बुलिंग या छेड़छाड़ जैसी कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसे छिपाने के बजाय तुरंत अपने अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को जानकारी दें। सत्र में अनुशासन, ईमानदारी, समय के सदुपयोग और असफलताओं से सीख लेकर बड़े लक्ष्य हासिल करने की बात भी समझाई गई। संवाद के अंत में बच्चों ने पुलिस के साथ खुलकर अपने विचार साझा किए और भविष्य में भी ऐसे मार्गदर्शन सत्र आयोजित करने की इच्छा जताई। महुली पुलिस ने भरोसा दिलाया कि बच्चों के शिक्षित और सुरक्षित भविष्य के लिए इस प्रकार के प्रेरणादायी कार्यक्रम आगे भी आयोजित होते रहेंगे, क्योंकि आज का जागरूक बच्चा ही कल का जिम्मेदार नागरिक और राष्ट्र निर्माता बनेगा।1
- उत्तर प्रदेश के जनपद संत कबीर नगर अंतर्गत खलीलाबाद क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 17 औद्योगिक नगर में एक नहीं बल्कि कई जगहों पर सड़कें टूटी हुई हैं। खलीलाबाद से मोखलिसपुर फ्लाईओवर के नीचे की पूरी सड़क टूटी पड़ी है। इसके अलावा मधु कुंज टाकीज के ऑपोजिट, नारायण बुक डिपो के बाजू वाली गली की सड़क पर लगातार पानी जमा रहता है, जहाँ कंक्रीट अथवा राबिट डालना अति आवश्यक हो गया है। सड़कों की इस बदहाली के कारण यातायात बाधित हो रहा है और आने-जाने में लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे स्थानीय लोग काफी परेशान हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद नगर निगम के अधिकारी सो रहे हैं। परिस्थितियाँ अति गंभीर हैं और शासन-प्रशासन को इस मामले को तुरंत संज्ञान में लेकर सड़क की मरम्मत करानी चाहिए।1
- संत कबीर नगर जनपद के धनघटा विधानसभा क्षेत्र स्थित मुखलिसपुर में भारतीय जनता पार्टी का बूथ अध्यक्ष सम्मेलन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजेश श्रीवास्तव मौजूद रहे, जिनका माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान खलीलाबाद के पूर्व सांसद माननीय अष्टभुजा प्रसाद शुक्ला जी, पूर्व जिला अध्यक्ष बद्री प्रसाद यादव जी, खलीलाबाद नगर अध्यक्ष जज्जी जी, जिला उपाध्यक्ष अमरनाथ राय जी और अशोक यादव जी सहित हजारों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने देश की एकता और अखंडता को कायम रखने के लिए प्रत्येक बूथ पर सशक्त दावेदारी करने की बात कही। उन्होंने 'हमारा बूथ सबसे मजबूत' का नारा देते हुए कहा कि क्षेत्र की सम्मानित जनता और बूथ प्रमुख ही हमारे शिरोमणि हैं, जिनकी बदौलत सभी लोग आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि बूथ अध्यक्षों का उन पर हमेशा आभार रहेगा। कार्यक्रम के दौरान विधायक गणेश चंद चौहान ने प्रत्येक बूथ अध्यक्ष के लिए ₹2,00,000 का सुरक्षा बीमा कराने का बड़ा वादा किया। उन्होंने सभी मंडल अध्यक्षों, शक्ति प्रमुखों और बूथ अध्यक्षों का आभार जताते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने की बात कही। कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह और जुनून देखा गया और अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।2
- अम्बेडकरनगर जिले के गौहन्ना गांव में विवादित जमीन पर प्रशासन ने कार्रवाई की है। इस दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन द्वारा सात मकानों को सील करने की कार्रवाई की गई है।1
- सिद्धार्थनगर जिले के थाना शिवनगर डिंडई क्षेत्र अंतर्गत एनएच 28 बस्ती-बांसी मार्ग के खुंटहना चौराहे पर ग्रामीणों ने पुलिस की लापरवाही को लेकर जमकर हंगामा किया और बस्ती-बांसी रोड को पूरी तरह जाम कर दिया। सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष बृजेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने-बुझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित लोग सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए। इस दौरान ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों का गुस्सा चरम पर दिखा और उग्र लोगों ने 'पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद' के नारे भी लगाए। दरअसल, 03 जुलाई को करही चौराहे पर हुई एक दुर्घटना में पुलिस की लापरवाही को लेकर लोग भड़के। नदांव गाँव निवासी रामनरेश गुप्ता (पुत्र पल्टूराम) 03 जुलाई को अपनी मोटरसाइकिल से बेटी के घर जाने की बात कहकर निकले थे। जब वह अपनी बेटी के घर नहीं पहुंचे और कोई जानकारी नहीं मिली, तो परिजनों ने 04 जुलाई को थाना शिवनगर में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। परिजन चिंता में पड़े थे, इसी बीच पुलिस ने परिजनों को थाने बुलाकर सूचना दी कि रामनरेश गुप्ता का 03 जुलाई को ही करही चौराहे पर एक्सीडेंट हो गया था और उनकी बाइक थाने लाई गई थी। पुलिस द्वारा घायल रामनरेश को सीएचसी तिलौली और फिर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई और शव का लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना की जानकारी के बाद उपजे जनाक्रोश को देखते हुए एसडीएम विश्वमित्र सिंह और सीओ शुभेन्दु सिंह मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को समझाया और लापरवाह पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद लोग सड़क से हटने को तैयार हुए और प्रशासन ने राहत की सांस ली। आवागमन बहाल होने के बाद भी एहतियात के तौर पर मौके पर सर्किल के चार थानों की पुलिस तैनात रही।1
- उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के नगर थाना क्षेत्र स्थित कौठवा भरतपुर गांव (रामापुर के पास) में दबंगों ने 80 वर्षीय एक बुजुर्ग पर बर्बरतापूर्वक जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में बुजुर्ग इतने गंभीर रूप से चोटिल हुए कि वे अचेत हो गए। गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें इलाज के लिए लखनऊ रेफर किया गया, जहां वे लंबे समय तक कोमा में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करते रहे। ईश्वर की कृपा और डॉक्टरों की कोशिशों से होश में आने के बाद पीड़ित बुजुर्ग की याददाश्त वापस लौट आई और उन्होंने खुद पर हमला करने वाले दबंगों के नाम उजागर किए। बुजुर्ग के बयान के बाद परिजनों ने नगर थाने में नामजद आरोपियों के खिलाफ लिखित तहरीर दी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज करना मुनासिब नहीं समझा है। खाकी की इस सुस्ती और हीला-हवाली के कारण नामजद दबंग बेखौफ घूम रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार न्याय पाने के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग के बयान के बाद भी मुकदमा दर्ज न होने से नगर थाने की कार्यशैली, थाना अध्यक्ष की मंशा और बस्ती पुलिस की संवेदनशीलता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस का यह रवैया पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने और अपराधियों के हौसले बढ़ाने का काम कर रहा है। अब देखना यह है कि मामले में उच्च अधिकारी संज्ञान लेकर कड़ी कार्रवाई करते हैं या फिर पीड़ित परिवार को न्याय के लिए यूं ही भटकना पड़ेगा।1
- सिद्धार्थनगर जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत त्रिलोकपुर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में लंबे समय से वांछित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया है। पुलिस टीम ने गुरुवार को चिताही तिराहे पर घेराबंदी कर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद और क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक हरेकृष्ण उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस ने यह सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपियों में सिद्धार्थनगर के भवानीगंज थाना क्षेत्र के बनकटी निवासी जगतराम और बलरामपुर जिले के गैडास बुजुर्ग थाना क्षेत्र के रसूलाबाद निवासी सुनील गुप्ता शामिल हैं। दोनों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम की धारा 2(ख)/3(1) के तहत मुकदमा संख्या 134/2026 दर्ज था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में बिस्कोहर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अमित कुमार शाही, हेड कांस्टेबल अदनान शेख और आरक्षी धर्मेंद्र कुमार गोंड शामिल रहे।1
- अम्बेडकरनगर जिले के भीटी थाना क्षेत्र का रहने वाला एक युवक अयोध्या जनपद के मयाबजार में स्थित हाई-टेंशन बिजली के खंभे पर चढ़ गया।1