सिद्धार्थनगर जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत त्रिलोकपुर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में लंबे समय से वांछित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया है। पुलिस टीम ने गुरुवार को चिताही तिराहे पर घेराबंदी कर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद और क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक हरेकृष्ण उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस ने यह सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपियों में सिद्धार्थनगर के भवानीगंज थाना क्षेत्र के बनकटी निवासी जगतराम और बलरामपुर जिले के गैडास बुजुर्ग थाना क्षेत्र के रसूलाबाद निवासी सुनील गुप्ता शामिल हैं। दोनों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम की धारा 2(ख)/3(1) के तहत मुकदमा संख्या 134/2026 दर्ज था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में बिस्कोहर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अमित कुमार शाही, हेड कांस्टेबल अदनान शेख और आरक्षी धर्मेंद्र कुमार गोंड शामिल रहे।
सिद्धार्थनगर जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत त्रिलोकपुर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में लंबे समय से वांछित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया है। पुलिस टीम ने गुरुवार को चिताही तिराहे पर घेराबंदी कर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद और क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक हरेकृष्ण उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस ने यह सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपियों में सिद्धार्थनगर के भवानीगंज थाना क्षेत्र के बनकटी निवासी जगतराम और बलरामपुर जिले के गैडास बुजुर्ग थाना क्षेत्र के रसूलाबाद निवासी सुनील गुप्ता शामिल हैं। दोनों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम की धारा 2(ख)/3(1) के तहत मुकदमा संख्या 134/2026 दर्ज था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में बिस्कोहर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अमित कुमार शाही, हेड कांस्टेबल अदनान शेख और आरक्षी धर्मेंद्र कुमार गोंड शामिल रहे।
- सिद्धार्थनगर जिले के शिवनगर डिंडई थाना क्षेत्र अंतर्गत एनएच 28 बस्ती-बांसी मार्ग के खुटहना चौराहे पर पुलिस की कथित लापरवाही से आक्रोशित ग्रामीणों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दी। लगभग दो घंटे तक चले इस हंगामे के कारण यातायात पूरी तरह बाधित रहा और भड़के लोग लगातार 'पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद' के नारे लगाते रहे। घटना की सूचना मिलते ही मय फोर्स मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष बृजेश सिंह ने उग्र ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग नहीं हटे। स्थिति को देखते हुए एसडीएम विश्वमित्र सिंह और सीओ शुभेंदु सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाते हुए दोषी व लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का ठोस आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम हटाया। इस पूरे विवाद की जड़ 3 जुलाई को करही चौराहे पर हुई एक सड़क दुर्घटना और उसमें पुलिस की ढिलाई से जुड़ी है। नदांव गाँव निवासी रामनरेश गुप्ता (पुत्र पल्टूराम) 3 जुलाई को अपनी मोटरसाइकिल से बेटी के घर जाने के लिए निकले थे। उनके बेटी के घर न पहुँचने पर परिजनों ने 4 जुलाई को थाना शिवनगर डिंडई में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने हाल ही में उन्हें थाने बुलाकर बताया कि 3 जुलाई को ही रामनरेश का एक्सीडेंट हो गया था और उनकी बाइक थाने में जमा थी। पुलिस के अनुसार, घायल रामनरेश को पहले सीएचसी तिलौली और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। शिनाख्त न होने की बात कहकर पुलिस ने शव का लावारिस में अंतिम संस्कार भी करवा दिया। जब परिजनों को पता चला कि 4 जुलाई को गुमशुदगी दर्ज होने और बाइक थाने में मौजूद होने के बावजूद पुलिस ने समय रहते सूचना नहीं दी, तो ग्रामीण भड़क उठे। अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम खुलने पर बस्ती-बांसी मार्ग पर वाहनों का आवागमन सामान्य हो सका। हालांकि, शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए और एहतियात के तौर पर मौके पर सर्किल के चार थानों की पुलिस तैनात की गई है।1
- सिद्धार्थनगर जिले के थाना शिवनगर डिंडई क्षेत्र अंतर्गत एनएच 28 बस्ती-बांसी मार्ग के खुंटहना चौराहे पर ग्रामीणों ने पुलिस की लापरवाही को लेकर जमकर हंगामा किया और बस्ती-बांसी रोड को पूरी तरह जाम कर दिया। सूचना मिलने पर थानाध्यक्ष बृजेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर लोगों को समझाने-बुझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित लोग सड़क से हटने को तैयार नहीं हुए। इस दौरान ग्रामीणों और क्षेत्रवासियों का गुस्सा चरम पर दिखा और उग्र लोगों ने 'पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद' के नारे भी लगाए। दरअसल, 03 जुलाई को करही चौराहे पर हुई एक दुर्घटना में पुलिस की लापरवाही को लेकर लोग भड़के। नदांव गाँव निवासी रामनरेश गुप्ता (पुत्र पल्टूराम) 03 जुलाई को अपनी मोटरसाइकिल से बेटी के घर जाने की बात कहकर निकले थे। जब वह अपनी बेटी के घर नहीं पहुंचे और कोई जानकारी नहीं मिली, तो परिजनों ने 04 जुलाई को थाना शिवनगर में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई। परिजन चिंता में पड़े थे, इसी बीच पुलिस ने परिजनों को थाने बुलाकर सूचना दी कि रामनरेश गुप्ता का 03 जुलाई को ही करही चौराहे पर एक्सीडेंट हो गया था और उनकी बाइक थाने लाई गई थी। पुलिस द्वारा घायल रामनरेश को सीएचसी तिलौली और फिर जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई और शव का लावारिस में अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना की जानकारी के बाद उपजे जनाक्रोश को देखते हुए एसडीएम विश्वमित्र सिंह और सीओ शुभेन्दु सिंह मौके पर पहुंचे। प्रशासनिक अधिकारियों ने पीड़ित परिवार को समझाया और लापरवाह पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद लोग सड़क से हटने को तैयार हुए और प्रशासन ने राहत की सांस ली। आवागमन बहाल होने के बाद भी एहतियात के तौर पर मौके पर सर्किल के चार थानों की पुलिस तैनात रही।1
- सिद्धार्थ नगर जिले की आदर्श नगर पालिका परिषद बांसी के आजाद नगर वार्ड में बरसात के कारण मुख्य सड़क की स्थिति बेहद दयनीय हो गई है। पूरी सड़क गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, जिसकी वजह से आम जनता को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है और जनहित में समस्या उत्पन्न हो रही है। वहीं वार्ड में स्थित आंगनवाड़ी कार्यालय की स्थिति भी बड़े नाले के कारण ठीक नहीं बनी हुई है। नाले की वजह से आंगनवाड़ी कार्यालय की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि यह बिल्डिंग कभी भी गिर सकती है।1
- उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के जिला अध्यक्ष उमेश चंद्रा राजभर के नेतृत्व में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी आलोक कुमार को ज्ञापन सौंपा है। इसमें अति पिछड़ा एवं दलित समाज के विरुद्ध की गई कथित जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणियों के मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। सुभासपा नेताओं ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर अति पिछड़ा एवं दलित समाज की भावनाओं को आहत करने वाले बयान देने का सीधा आरोप लगाया है। पार्टी पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की टिप्पणियां सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करती हैं, इसलिए इस मामले में उचित और कठोर कदम उठाए जाने चाहिए। ज्ञापन सौंपने के इस अवसर पर सुभासपा के प्रदेश सचिव अब्दुल अजीम सहित पार्टी के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।1
- महाराजगंज में भारत-नेपाल सीमा पर एसएसबी की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए तस्कर को गिरफ्तार किया है। इस दौरान टीम ने कार्रवाई करते हुए तस्कर के साथ एक पिकअप गाड़ी को भी पकड़ा है।1
- सिद्धार्थनगर जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत त्रिलोकपुर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में लंबे समय से वांछित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया है। पुलिस टीम ने गुरुवार को चिताही तिराहे पर घेराबंदी कर इस कार्रवाई को अंजाम दिया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजन के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक प्रशान्त कुमार प्रसाद और क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज बृजेश कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक हरेकृष्ण उपाध्याय के नेतृत्व में पुलिस ने यह सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपियों में सिद्धार्थनगर के भवानीगंज थाना क्षेत्र के बनकटी निवासी जगतराम और बलरामपुर जिले के गैडास बुजुर्ग थाना क्षेत्र के रसूलाबाद निवासी सुनील गुप्ता शामिल हैं। दोनों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम की धारा 2(ख)/3(1) के तहत मुकदमा संख्या 134/2026 दर्ज था। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी करने वाली टीम में बिस्कोहर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक अमित कुमार शाही, हेड कांस्टेबल अदनान शेख और आरक्षी धर्मेंद्र कुमार गोंड शामिल रहे।1
- पुलिस विभाग के रवैये पर कड़ा गुस्सा जताते हुए कहा गया है कि पुलिस वाले निर्दोष लोगों को भी नहीं छोड़ते और उन्हें झूठ-मूठ में परेशान करते हैं। इस कार्यशैली और उत्पीड़न पर अंकुश लगाने के लिए सरकार से मांग की गई है कि पुलिसकर्मियों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता कम से कम स्नातकोत्तर कर दी जानी चाहिए।1