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वाराणसी के पिंडरा से उठे इस स्वर में पूरे विश्वास और दृढ़ता के साथ यह बात कही गई है कि यह चीख जरूर बदलाव लेकर आएगी।
गजेन्द्र कुमार सिंह
वाराणसी के पिंडरा से उठे इस स्वर में पूरे विश्वास और दृढ़ता के साथ यह बात कही गई है कि यह चीख जरूर बदलाव लेकर आएगी।
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- प्रधानमंत्री आवास पर धरने पर बैठे नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से बातचीत करने के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री (PMO) जितेंद्र सिंह पहुंचे हैं। सरकार ने उन्हें अपना दूत बनाकर भेजा है।1
- जौनपुर के जलालगंज स्टेशन पर पंजाब से धनबाद जाने वाली गंगा सतजल एक्सप्रेस (गाड़ी संख्या 13308) अपने निर्धारित समय से एक घंटा की देरी से पहुंची। यह ट्रेन पंजाब से धनबाद के सफर पर थी और जलालगंज स्टेशन पर एक घंटा विलंब से पहुंचने के बाद अब स्टेशन से आगे के लिए रवाना हो चुकी है।1
- राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेविकाओं ने गांव-गांव पहुंचकर हरियाली का संदेश दिया है। स्वयंसेविकाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर लोगों तक हरियाली का संदेश पहुँचाने और उन्हें जागरूक करने का कार्य किया।1
- वाराणसी की ग्राम सभा छीतमपुर में लगातार हो रही बारिश के कारण एक परिवार का कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। इस हादसे में परिवार के सदस्य घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है जहां उनका एक्स-रे और अन्य आवश्यक चिकित्सीय परीक्षण कराया जा रही है। इस घटना में एक बकरे की भी मौत हो गई और घर में रखा घरेलू सामान व अन्य सामग्री पूरी तरह नष्ट हो गई है। घटना की जानकारी मिलते ही अजय सामाजिक सेवा समिति के कार्यकर्ता सक्रिय हो गए। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अजय सिंह के निर्देश पर समाजसेवी अनिल सिंह सिंटू बाबा तत्काल मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार का हालचाल जाना और राजस्व विभाग के लेखपाल सहित संबंधित अधिकारियों को घटना की सूचना देकर राहत और सहायता दिलाने की पहल की। उन्होंने कहा कि समाज सेवा सर्वोपरि है और पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता दिलाना उनकी प्राथमिकता है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित परिवार का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में शामिल है, लेकिन अभी तक उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल सका है। परिवार एक कमरे में किसी तरह जीवनयापन कर रहा था और मकान गिरने के बाद उनके सामने रहने तथा आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस संबंध में खंड विकास अधिकारी श्री शिवनारायण सिंह ने आश्वासन दिया है कि आपदा राहत के तहत शासन के नियमानुसार पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं, लेखपाल श्री भूपेंद्र प्रताप ने भी भरोसा दिलाया कि वे दोपहर 12 बजे मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करेंगे और आपदा राहत के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। अजय सामाजिक सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अजय सिंह ने कहा कि समिति पीड़ित परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है और प्रशासन के सहयोग से उन्हें शीघ्र राहत व सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता, आवास योजना का लाभ तथा अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए ताकि परिवार सामान्य जीवन की ओर लौट सके।1
- जनता न्यूज़ टीवी के ब्यूरो चीफ राजमणी पाण्डेय के अनुसार, चंदौली में जीवन ज्योति कंप्यूटर इंस्टीच्यूट का प्रथम स्थापना दिवस मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया है।1
- दिल्ली के लोक कल्याण मार्ग पर लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस नेताओं के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन किया। इस धरने में उनके साथ कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, के.सी. वेणुगोपाल और अन्य नेता शामिल हुए। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस अचानक धरनास्थल पर पहुंच गई। पुलिस ने धरनास्थल से नेताओं को डिटेन करना शुरू कर दिया, जिसके बाद प्रियंका गांधी को भी धरनास्थल से हिरासत में ले लिया गया।2
- नई दिल्ली में मानसून सत्र के पहले दिन सुरक्षा व्यवस्था में एक बड़ी चूक सामने आई है, जहां काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का संसद मार्च सोमवार दोपहर को सीधे लोकसभा संसद भवन के पास तक पहुंच गया। हाई प्रोफाइल सुरक्षा जोन में अचानक प्रदर्शनकारियों के घुसने से सुरक्षाबलों में अफरातफरी मच गई और उन्होंने आनन-फानन में संसद के मुख्य दरवाजे को बंद कर दिया। प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए सुरक्षाबलों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठीचार्ज भी करना पड़ा, जिससे वहां दिनभर भारी बवाल मचा रहा। इस घटना को लोकसभा संसद भवन की सुरक्षा में एक बड़ी लापरवाही माना जा रहा है, क्योंकि सोमवार को दिल्ली पुलिस के तमाम सुरक्षा इंतजाम पूरी तरह नाकाम साबित हुए। बीते कई वर्षों से पुलिस सभी प्रदर्शनकारियों को संसद मार्ग थाने के पास रोकने में कामयाब हो जाती थी, लेकिन सीजेपी का यह मार्च वास्तविकता में संसद भवन के बिल्कुल करीब पहुंच गया। इस पूरे हंगामे और जान बचाकर भागते हुए प्रदर्शनकारियों का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। गौरतलब है कि पूरे बीस साल बाद कोई प्रदर्शनकारी मार्च संसद तक इस तरह दखल देने में कामयाब हुआ है। इससे पहले साल 2004-2005 में समाजवादी पार्टी का संसद मार्च पटेल चौक तक पहुंचा था। उस वक्त भी सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए संसद के सामने बने रेल भवन और कृषि भवन के गोल चक्कर के पास लाठीचार्ज किया था और गैस के गोले दागे थे।1