राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र के डुंगरीपाड़ा गांव में स्थित सती माता व हनुमान जी के वर्षों पुराने मंदिर पर दो सगे भाई-बहन अपनी छोटी सी उम्र में भी हनुमान चालीसा का नित्य और फर्राटेदार पाठ करके अपनी आस्था का संचार कर रहे हैं। इन नन्हे बच्चों में भगवान के प्रति गहरी श्रद्धा और भक्ति कूट-कूट कर भरी हुई है, जो आज के समय में मोबाइल और खेलकूद में व्यस्त रहने वाले बच्चों से भिन्न है। प्राइम न्यूज राजस्थान के रिपोर्टर धर्मेंद्र कुमार सोनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन भाई-बहन के माता-पिता, विकास पंचाल और रीना पंचाल ने उन्हें ऐसे संस्कारों में ढाला है कि पढ़ाई के साथ-साथ वे बिना किसी झिझक के ईश्वर के भजन-पूजन भी करते हैं। नन्हें बालक का नाम नीतांश है, जिसकी उम्र 9 साल है और वह कक्षा 7 में पढ़ता है, जबकि नन्ही बालिका का नाम ध्रुवी है, जिसकी उम्र 11 साल है और वह कक्षा 90 में अध्ययनरत है। डुंगरीपाड़ा गांव की साधना पंचाल ने भी इस बारे में जानकारी साझा की। यह प्रतिभा दिखाती है कि ठोस इरादा हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती, और भक्ति-भाव साधना पूर्व जन्म के कर्मों से मिलती है।
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ उपखंड क्षेत्र के डुंगरीपाड़ा गांव में स्थित सती माता व हनुमान जी के वर्षों पुराने मंदिर पर दो सगे भाई-बहन अपनी छोटी सी उम्र में भी हनुमान चालीसा का नित्य और फर्राटेदार पाठ करके अपनी आस्था का संचार कर रहे हैं। इन नन्हे बच्चों में भगवान के प्रति गहरी श्रद्धा और भक्ति कूट-कूट कर भरी हुई है, जो आज के
समय में मोबाइल और खेलकूद में व्यस्त रहने वाले बच्चों से भिन्न है। प्राइम न्यूज राजस्थान के रिपोर्टर धर्मेंद्र कुमार सोनी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन भाई-बहन के माता-पिता, विकास पंचाल और रीना पंचाल ने उन्हें ऐसे संस्कारों में ढाला है कि पढ़ाई के साथ-साथ वे बिना किसी झिझक के ईश्वर के भजन-पूजन भी करते हैं। नन्हें बालक का नाम नीतांश है, जिसकी उम्र 9
साल है और वह कक्षा 7 में पढ़ता है, जबकि नन्ही बालिका का नाम ध्रुवी है, जिसकी उम्र 11 साल है और वह कक्षा 90 में अध्ययनरत है। डुंगरीपाड़ा गांव की साधना पंचाल ने भी इस बारे में जानकारी साझा की। यह प्रतिभा दिखाती है कि ठोस इरादा हो तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती, और भक्ति-भाव साधना पूर्व जन्म के कर्मों से मिलती है।
- बांसवाड़ा से प्राप्त जानकारी के अनुसार, उन व्यक्तियों को न्यायालय द्वारा दंडित किया गया है जो झूठे मुकदमे दर्ज करवाते हैं।1
- Post by Bapulal Ahari1
- उज्जैन जिले के ग्राम रुन खेड़ा में रतलाम रोड की स्थिति पिछले दो साल से खराब बनी हुई है।1
- आसपुर के सोम कमला आबा बांध के ग्रामीण पिछले 40 वर्षों से आवासीय पट्टों का इंतजार कर रहे हैं, जिसके कारण वे विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। डूब क्षेत्र से विस्थापित हुए करीब 50 से 60 परिवार, जो अमृतिया ग्राम पंचायत क्षेत्र से उजाड़े गए थे, पिछले पांच दशकों से अपने आवासीय पट्टों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटते-काटते थक चुके हैं। ग्रामीणों के अनुसार, 1980 से ही उन्हें यह उम्मीद थी कि पूर्व में सरकार और प्रशासन आवासीय पट्टे देकर उन्हें पुनर्स्थापित करने का अपना वादा पूरा करेगा। पट्टे न मिलने के कारण इन ग्रामीणों ने अब पंचायत में लगे ग्राम सेवा शिविर में न्याय की गुहार लगाई है। इस मामले को लेकर विधायक उमेश डामोर ने जिला कलेक्टर देशल दान को ग्रामीणों की परेशानी से अवगत कराया है। विधायक ने कलेक्टर से आग्रह किया है कि गरीब लोगों को उनके आशियाने का मालिकाना हक दिया जाए, ताकि उनका 40 साल का लंबा इंतजार खत्म हो सके और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल पाए।1
- शुरू ऐप पर प्रभात प्रतापगढ़ न्यूज के संपादक परमेश्वर रेदास द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट देखी जा रही है।1
- आलीराजपुर जिले में अवैध शराब के विरुद्ध चलाए जा रहे प्रभावी अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक श्री रघुवंश सिंह के निर्देश पर उदयगढ़ पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में लगभग 9.80 लाख रुपये मूल्य की 40 पेटी अंग्रेजी शराब और इसे ले जा रहा एक इनोवा वाहन जब्त किया गया है। पुलिस ने आरोपी जयश पिता कैलाश चौहान (उम्र 28 वर्ष, निवासी ग्राम अंधारवड़ तड़वी फल्या) को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई 22 जून 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई। मुखबिर ने पुलिस टीम को बताया कि झीरण क्षेत्र से एक सफेद इनोवा कार में भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब भरकर जवानिया-मोरडूंडिया मार्ग की ओर ले जाई जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए, उदयगढ़ पुलिस टीम ने तत्काल ग्राम किलाना के कालापान फल्या फाटा के समीप नाकाबंदी की। कुछ देर बाद मुखबिर द्वारा बताई गई इनोवा कार दिखाई दी, जिसे पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। हालांकि, चालक ने वाहन को तेज गति से भगाया और रास्ते में एक मील के पत्थर से टकराने के बाद भी आगे निकल गया। पुलिस टीम ने करीब 4-5 किलोमीटर तक पीछा कर वाहन को रोकने में सफलता प्राप्त की। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें रॉयल स्टेज ब्राण्ड की अंग्रेजी शराब की 40 पेटियां पाई गईं। आरोपी चालक शराब परिवहन संबंधी कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इस पर पुलिस ने लगभग 2.80 लाख रुपये की 40 पेटी अंग्रेजी शराब और परिवहन में प्रयुक्त इनोवा कार (क्रमांक MP-09-R-0038) जिसकी कीमत लगभग 7 लाख रुपये है, जब्त कर ली। पुलिस ने थाना उदयगढ़ में आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 214/2026 के तहत आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) और 46 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर उसे गिरफ्तार कर लिया। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी उदयगढ़ निरीक्षक ब्रजभूषण हीरवे, चौकी प्रभारी कानाकाकड़ उप निरीक्षक पवन वास्केल, सउनि अजय भीण्डे, प्रधान आरक्षक लेखराम, आरक्षक आनंद, मुकेश एवं दीपेश का महत्वपूर्ण योगदान रहा।2
- पुलिस ने एक आरोपी को फिल्मी अंदाज में गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि पुलिस आठ दिनों तक वेश बदलकर आरोपी तक पहुंची और फिर उसे धर दबोचा।1
- उज्जैन जिले की खच्चर तहसील में रतलाम रोड पर स्थित रन खेड़ा दामोदर रास्ता ग्राउंड खेड़ा का मार्ग पिछले दो साल से खराब स्थिति में है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की हालत ऐसी है कि बारिश के पानी की निकासी ठीक से न होने के कारण यह और भी समस्याग्रस्त हो जाता है, जिससे राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।1
- उदयपुर संभाग के दूसरे सबसे बड़े सोम कमला आंबा बांध के निर्माण को करीब 40 साल बीत चुके हैं, लेकिन इसके डूब क्षेत्र से विस्थापित हुए परिवारों को आज भी आवासीय पट्टे नहीं मिल पाए हैं। अमृतिया पंचायत क्षेत्र से उजाड़े गए करीब 50 से 60 परिवार पिछले पांच दशकों से अपने आवासीय पट्टों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, जिसके कारण वे सरकार की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से भी पूरी तरह वंचित हैं। ग्रामीणों ने अब अमृतिया पंचायत में लगे ग्राम सेवा शिविर में न्याय की गुहार लगाई है। सोम कमला आंबा बांध का निर्माण कार्य वर्ष 1980 के दशक में हुआ था। उस दौरान डूब क्षेत्र में आने वाले कई बड़े गांवों के लोगों को मुआवजा देकर अन्यत्र विस्थापित किया गया था। तब सरकार और प्रशासन ने इन प्रभावित परिवारों को आवासीय पट्टे देकर पुनर्स्थापित करने का पक्का वादा किया था, लेकिन आधी सदी बीत जाने के बाद भी इन परिवारों को जमीन का मालिकाना हक (पट्टा) नसीब नहीं हो सका है। पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी इस मांग को लेकर ग्राम पंचायत से लेकर तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय और सरकार द्वारा समय-समय पर आयोजित होने वाले महंगाई राहत या प्रशासन गांवों के संग जैसे शिविरों में दर्जनों बार गुहार लगा चुके हैं। कई बार ज्ञापन सौंपने के बावजूद प्रशासनिक अधिकारियों की कथित हठधर्मिता और ढुलमुल रवैये के कारण फाइलें आगे नहीं बढ़ पाईं। ग्रामीणों ने बताया कि आवासीय पट्टा जैसे वैध दस्तावेज नहीं होने के कारण उन्हें किसी भी सरकारी योजना का सीधा लाभ नहीं मिल पा रहा है, चाहे वह आवास योजना हो या अन्य मूलभूत सुविधाएं। पट्टे के अभाव में सब अटक जाता है, और ऐसे में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं इन परिवारों के लिए महज एक दिखावा साबित हो रही हैं। अमृतिया पंचायत में लगे ग्राम सेवा शिविर में पहुंचे ग्रामीणों ने शासन व प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। इस गंभीर मामले को लेकर जब प्रशासनिक अधिकारियों से बात की गई तो कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं। आसपुर एसडीएम ने बताया कि प्रभावित ग्रामीणों के आवासीय पट्टों की फाइल तहसीलदार द्वारा उनके पास भेजी गई है, जिसमें कुछ खामियां हैं, जिन्हें दूर करवाते हुए जल्द ही ग्रामीणों को राहत दी जाएगी। वहीं, गांव में आयोजित हुए 'ग्राम सेवा शिविर' में पहुंचे जिला कलेक्टर के सामने भी ग्रामीणों ने अपनी यह व्यथा रखी, जिस पर कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि पूरे प्रकरण को दिखवाया जा रहा है और नियमानुसार जल्द से जल्द ग्रामीणों को राहत प्रदान की जाएगी। अमृतिया पंचायत के इस 'ग्राम सेवा शिविर' में जिला कलेक्टर के आश्वासन और तहसीलदार द्वारा फाइल आगे बढ़ाने से न्याय की एक उम्मीद तो जगी है, लेकिन यह देखना होगा कि क्या यह आश्वासन वाकई हकीकत में बदलता है या फिर इन विस्थापित ग्रामीणों का इंतजार और बढ़ेगा।3