जितेंद्र राठौर नामक एक व्यक्ति अनोखे विरोध प्रदर्शन के तहत कॉकरोच की वेशभूषा पहनकर कोर्ट पहुंचे। उनका आरोप है कि 12 फरवरी 2024 को एक कथित नकल माफिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद उन्हें निशाना बनाया गया। राठौर के अनुसार, 9 जुलाई 2024 को संबंधित व्यक्ति ने अपनी बेटी को आगे कर उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न का एक झूठा मामला दर्ज करा दिया। जितेंद्र राठौर ने दावा किया कि जिस दिन की घटना बताई जा रही है, उस दिन वह जनपद महाराजगंज में अपनी सरकारी पोस्टिंग पर मौजूद थे और उनके पास अपनी मौजूदगी के प्रमाण भी हैं। कोर्ट परिसर में कॉकरोच की वेश में पहुंचकर उन्होंने न्याय की मांग की और कहा कि वह खुद को व्यवस्था में प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं, हालांकि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। फिलहाल, इस मामले की सच्चाई का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और जांच के बाद ही होगा। दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
जितेंद्र राठौर नामक एक व्यक्ति अनोखे विरोध प्रदर्शन के तहत कॉकरोच की वेशभूषा पहनकर कोर्ट पहुंचे। उनका आरोप है कि 12 फरवरी 2024 को एक कथित नकल माफिया के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के बाद उन्हें निशाना बनाया गया। राठौर के अनुसार, 9 जुलाई 2024 को संबंधित व्यक्ति ने अपनी बेटी को आगे कर उनके खिलाफ यौन उत्पीड़न का एक झूठा मामला दर्ज करा दिया। जितेंद्र राठौर ने दावा किया कि जिस दिन की घटना बताई जा रही है, उस दिन वह जनपद महाराजगंज में अपनी सरकारी पोस्टिंग पर मौजूद थे और उनके पास अपनी मौजूदगी के प्रमाण भी हैं। कोर्ट परिसर में कॉकरोच की वेश में पहुंचकर उन्होंने न्याय की मांग की और कहा कि वह खुद को व्यवस्था में प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं, हालांकि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। फिलहाल, इस मामले की सच्चाई का निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया और जांच के बाद ही होगा। दोनों पक्षों द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
- अरविंद केजरीवाल को थप्पड़ पड़ने की पुरानी घटना और हाल ही में 'कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)' के संस्थापक Abhijeet Deepke को थप्पड़ मारे जाने की घटना के बीच समानताओं को लेकर सवाल उठाया गया है।1
- जयपुर जिले के बस्सी क्षेत्र में झर के पास आगरा रोड पर एक गौ माता दुर्घटना का शिकार हो गईं। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल नई नाथ गौ रक्षा दल को इसकी सूचना दी। गौ रक्षा दल के सदस्य मौके पर पहुँचे और टोल प्रशासन की गाड़ी में गौ माता का इलाज करवाकर उन्हें सुरक्षित स्थान पर भिजवाया।4
- दौसा कोतवाली पुलिस ने कोतवाली थाने के सामने दोपहिया और चौपहिया वाहनों के खिलाफ चालान काटने की कार्रवाई की। यह कार्रवाई उन व्यक्तियों को लक्षित कर की गई थी जो यातायात नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। पुलिस द्वारा काटे गए चालानों में दोपहिया वाहनों पर तीन सवारियां होने या हेलमेट न पहनने जैसे उल्लंघन शामिल थे। इसके अतिरिक्त, चौपहिया वाहनों के चालान सीट बेल्ट का उपयोग न करने के कारण किए गए।3
- दौसा के कुण्डल तहसील मुख्यालय पर कोलवा थाना पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। राजस्थान पुलिस के सड़क सुरक्षा अभियान के तहत चलाए गए इस विशेष जांच अभियान में कुल 20 वाहनों के चालान काटे गए। इस कार्रवाई की अगुवाई एएसआई समय सिंह और एएसआई समुंदर सिंह ने की, जो राजस्थान पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देशों के तहत की जा रही है। अभियान के दौरान वाहनों पर लगी काली फिल्म, अवैध मॉडिफिकेशन, गलत लिखावट और अन्य अनियमितताओं की गहनता से जांच की गई। नियमों के विपरीत पाए जाने पर 9 मोटरसाइकिलों, 4 ट्रैक्टरों, 2 बोलरों, 3 लोडिंग टेम्पो और 2 पिकअप वाहनों पर चालान किए गए। इस विशेष जांच अभियान में, उल्लंघन करने वाले चालकों को भविष्य में यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई। एएसआई समय सिंह और एएसआई समुंदर सिंह ने सभी चालकों को हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और वाहन के आवश्यक दस्तावेज साथ रखने के लिए भी जानकारी दी तथा नियमों का सख्ती से पालन करने का अनुरोध किया। कोलवा थाना पुलिस की इस कार्रवाई की ग्रामीणों ने भी खूब सराहना की है, इसे नियमों की पालना के साथ-साथ लोगों को जागरूक करने वाली एक सराहनीय पहल बताया गया। कोलवा थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई लगातार होती रहेगी।2
- दौसा जिले के सैंथल उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बापी में मंगलवार, 16 जून को आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का जिला प्रभारी सचिव पीसी किशन ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और विभिन्न विभागों द्वारा प्रदान की जा रही सेवाओं एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। शिविर में प्रभारी सचिव ने लाभार्थियों को स्वामित्व योजना के तहत भूमि के पट्टे और मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना की पॉलिसियां वितरित कीं। उन्होंने लाभार्थियों से संवाद कर योजनाओं से मिले लाभ की जानकारी भी ली। इसी क्रम में, ग्राम बापी निवासी रिकी देवी बंजारा पत्नी कालूराम बंजारा को स्वामित्व योजना के अंतर्गत उनकी भूमि का पट्टा प्रदान किया गया। रिकी देवी ने बताया कि इस पट्टे से उनकी वर्षों पुरानी भूमि स्वामित्व से संबंधित समस्या का समाधान हो गया है, जिससे उन्हें अपनी भूमि का कानूनी अधिकार मिल गया है और भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। उन्होंने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण सेवा शिविर ने उन्हें उनका अधिकार दिलाने का काम किया है। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलक्टर अरविंद शर्मा और उपखंड अधिकारी सैंथल अमृता खंडेलवाल भी उपस्थित थे। प्रभारी सचिव पीसी किशन ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण सेवा शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करना और पात्र व्यक्तियों तक सरकारी योजनाओं का लाभ उनके गाँव में ही पहुँचाना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिविर में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ हल किया जाए। शिविर में विभिन्न विभागों ने अपनी सेवाएँ प्रदान कीं, जिससे बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने लाभ उठाया।1
- दौसा के कुण्डल तहसील मुख्यालय पर कोलवा थाना पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राजस्थान पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष सड़क सुरक्षा अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई, जिसमें कुल 20 वाहनों के चालान काटे गए। कोलवा थाना पुलिस ने इस अभियान के दौरान वाहनों पर लगी काली फिल्म, अवैध मॉडिफिकेशन, गलत लिखावट और अन्य अनियमितताओं की गहनता से जांच की। ASI समय सिंह और ASI समुंदर सिंह की अगुवाई में हुई यह कार्रवाई राजस्थान पुलिस के उच्च अधिकारियों के निर्देशों के तहत की गई। इस विशेष जांच अभियान में यातायात नियमों का उल्लंघन करने के कई मामले सामने आए, जिनमें 9 मोटरसाइकिल, 4 ट्रैक्टर, 2 बोलेरो, 3 लोडिंग टेम्पो और 2 पिकअप वाहन शामिल थे, जिनके चालान किए गए। सभी संबंधित चालकों को भविष्य में नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई। अभियान के दौरान ASI समय सिंह और ASI समुंदर सिंह ने चालकों को यातायात नियमों की जानकारी भी दी। उन्होंने सभी वाहन चालकों से हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और वाहन के आवश्यक दस्तावेज साथ रखने का अनुरोध करते हुए यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने पर जोर दिया। कोलवा थाना पुलिस की इस विशेष अभियान के तहत की गई कार्रवाई की ग्रामीणों ने बहुत सराहना की है। ग्रामीणों ने पुलिस के इस प्रयास को सराहनीय पहल बताया, जिसमें नियमों की पालना के साथ-साथ लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। कोलवा थाना पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़क सुरक्षा से समझौता करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।3
- भारत के विपक्ष को एक तीखी टिप्पणी में 'तिलचट्टों की पीठ पर सवार' बताया गया है, जो 'विजय पाने के सपने देख रहा है जो असम्भव है'। इस स्थिति की तुलना महाभारत काल से की गई है, जहाँ दुर्योधन ने भीष्म, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे महारथियों के मारे जाने के बाद भी अपनी उम्मीद नहीं छोड़ी थी। उस समय दुर्योधन ने शल्य को सेनापति बनाकर युद्ध जीतने के सपने देखे थे। ठीक इसी प्रकार, मौजूदा समय में भारत का विपक्ष भी 'तिलचट्टों की पीठ पर चढ़कर' जीत हासिल करने के सपने देख रहा है, जिसे पूरी तरह से 'असम्भव' बताया गया है।1
- शाहपुरा में अभूतपूर्व पार्षद रोशन बागड़ी और भूतपूर्व पार्षद पुनीत भगेरिया के नेतृत्व में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। यह हड़ताल सफाई कर्मचारियों को पीएफ और तनख्वाह न दिए जाने के कारण हुई थी, जिसे 'टेंडर फर्म का हर साल का नाटक' बताया गया है। जानकारी के अनुसार, संबंधित टेंडर फर्म हर वर्ष तीन-चार बार ऐसी हड़तालों का कारण बनती है, जिसमें गरीब मजदूर सफाई कर्मचारियों को उनके पीएफ और तनख्वाह से वंचित किया जाता है, उनके हक और अधिकार का हनन होता है। इस गंभीर स्थिति के बाद, मीडिया को विवश होकर हरिद्वार टूरिस्ट विभाग से अनुमति लेनी पड़ी। मीडिया ने विभाग से पूछा कि क्या वे उनके विभाग में कार्यरत एक संवेदक का सफाई टेंडर रद्द करवा दें? अनुमति मिलने और खबर चलने के बाद ही संवेदक को 'ज्ञान आया' कि हरिद्वार टूरिस्ट विभाग तो केवल 'ट्रेलर' है और 'पिक्चर का असली क्लाइमैक्स और द एंड तो गया जी में होता है', जहां असली मोक्ष प्राप्त होता है। इसके बाद, संवेदक आधे रास्ते से ही 'बैक टू पवेलियन' हो गए, और अंततः यह मामला सुलझ गया।1
- दौसा में मंगलवार, 16 जून को जिला प्रभारी सचिव पीसी किशन ने जिला कलेक्ट्रेट सभागार में अधिकारियों की बैठक ली। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी सेवा शिविरों की प्रगति की समीक्षा करना और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना था, ताकि आमजन को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का अधिकतम लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके। प्रभारी सचिव ने उपखंड अधिकारियों से पिछले तीन दिनों में आयोजित शिविरों का फीडबैक लिया और राजस्व संबंधी प्रकरणों में त्वरित राहत प्रदान करने के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि शिविरों के आयोजन के साथ-साथ विभागों के नियमित कार्य भी प्रभावित न हों। विभागवार प्रदान की जा रही सेवाओं की जानकारी लेते हुए, उन्होंने शिविरों के सफल संचालन के लिए पूर्व तैयारियां सुनिश्चित करने और उन्हें निर्धारित समय पर प्रारंभ कर तय समय तक नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान देखे गए शिविरों की प्रगति पर प्रभारी सचिव ने संतोष व्यक्त किया। प्रभारी सचिव ने निर्देश दिए कि शिविरों से कम से कम 10 दिन पहले प्री-कैंप गतिविधियां आयोजित की जाएं, जिससे आमजन को योजनाओं एवं सेवाओं की विस्तृत जानकारी देकर लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता पर विशेष बल दिया, साथ ही घुमंतू, वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया। वन विभाग को शिविरों में आने वाले लोगों को पौधों का वितरण करने के लिए भी कहा गया। जिला कलक्टर डॉ. सौम्या झा ने बताया कि शिविरों के प्रभावी आयोजन हेतु प्री-कैंप गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं। जिन स्थानों पर प्री-कैंप आयोजित नहीं हो पाए, वहां फॉलो-अप शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पंचायतवार ऑनलाइन प्राप्त लंबित आवेदनों को सूचीबद्ध कर उनके त्वरित निस्तारण के प्रयास जारी हैं। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर दौसा अरविंद शर्मा, अतिरिक्त जिला कलक्टर लालसोट मनमोहन मीणा, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार मीणा, उपखंड अधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।1