सतना जिले के मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से प्रशासनिक लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ अधिकारियों के संरक्षण में एक नाबालिग छात्र मरीजों की ओपीडी पर्ची काटते हुए कैमरे में कैद हुआ है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, मझगवां CHC के ब्लॉक बीएमओ के सरकारी वाहन चालक का बेटा, जो वर्तमान में 9वीं कक्षा का छात्र है, अस्पताल के अति संवेदनशील ओपीडी काउंटर पर बैठकर मरीजों की पर्चियाँ बना रहा था। यह काउंटर वह पहला स्थान है जहाँ मरीजों का प्राथमिक डेटा दर्ज होता है और इसी पर्ची के आधार पर उनका आगे का इलाज तय होता है। हमेशा अपनी अव्यवस्थाओं और कारनामों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले इस स्वास्थ्य केंद्र में एक अप्रशिक्षित और नाबालिग बच्चे को ऐसे महत्वपूर्ण और जिम्मेदार पद पर बिठाकर शासकीय नियमों को ताक पर रखने से अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है।
सतना जिले के मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) से प्रशासनिक लापरवाही का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ अधिकारियों के संरक्षण में एक नाबालिग छात्र मरीजों की ओपीडी पर्ची काटते हुए कैमरे में कैद हुआ है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, मझगवां CHC के ब्लॉक बीएमओ के सरकारी वाहन चालक का बेटा, जो वर्तमान में 9वीं कक्षा का छात्र है, अस्पताल के अति संवेदनशील ओपीडी काउंटर पर बैठकर मरीजों की पर्चियाँ बना रहा था। यह काउंटर वह पहला स्थान है जहाँ मरीजों का प्राथमिक डेटा दर्ज होता है और इसी पर्ची के आधार पर उनका आगे का इलाज तय होता है। हमेशा अपनी अव्यवस्थाओं और कारनामों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले इस स्वास्थ्य केंद्र में एक अप्रशिक्षित और नाबालिग बच्चे को ऐसे महत्वपूर्ण और जिम्मेदार पद पर बिठाकर शासकीय नियमों को ताक पर रखने से अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही उजागर हुई है।
- सतना के रामपुर बघेलान बाईपास पर स्थित एक शराब दुकान के पास एक घटना सामने आई है।1
- एक सवाल उठाया गया है कि क्या मंत्री भर्ती की सीटों को मैनेज कर रहे हैं। इस विषय पर लोगों से उनके विचार और राय कमेंट में बताने का आग्रह किया गया है।1
- पुष्कर गैस एजेंसी अपने उपभोक्ताओं से गैस से संबंधित एक अनिवार्य प्रक्रिया करवा रही है। यह कदम रसोईघरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद ज़रूरी बताया गया है।1
- जिला बनने के बाद मऊगंज पुलिस को नई ताकत मिली है। इस बदलाव के तहत, 30 आरक्षकों को प्रधान आरक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है, जिससे पुलिस बल की क्षमता और मजबूत हुई है।1
- रीवा जिले की तहसील जवा के ग्राम पंचायत किरहाई के सुंदर नगर स्थित प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाओं का घोर अभाव है, जिसकी स्थिति एक गौशाला से भी बदतर प्रतीत होती है। विद्यालय का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है और कभी भी छत व दीवारें गिर सकती हैं, जिससे कई मासूम बच्चे मलबे में दबकर अपनी जान गँवा सकते हैं। यहाँ न तो पर्याप्त जलापूर्ति की व्यवस्था है, न ही सड़क, न मध्याह्न भोजन, न उचित बैठने की व्यवस्था, न शौचालय और न ही विद्यालय का गेट मौजूद है। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, शिक्षकों ने कथित तौर पर अपनी सुविधा के लिए अलग से व्यवस्था कर ली है, जो बच्चों की सुरक्षा पर उनकी व्यक्तिगत सहूलियत को प्राथमिकता देने का संकेत देता है। जवा तहसील और रीवा जिला प्रशासन के अधिकारी इस अत्यंत चिंताजनक मामले पर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं, जबकि उनकी लापरवाही के कारण मासूमों की जान को सीधा खतरा है। युवा समाजसेवी दयानाथ दिलजीत ने इस ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए यह सवाल उठाया है कि यदि कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा।1
- रीवा में जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुन रहे हैं। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी और तहसीलदार शिव शंकर शुक्ला सहित कई अन्य अधिकारी भी उपस्थित होकर लोगों की शिकायतों का निवारण कर रहे हैं।1
- रीवा में कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजेंद्र शर्मा ने पत्रकारों से बात करते हुए मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन निरस्त किए जाने को केवल एक उम्मीदवार के साथ अन्याय नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया, निष्पक्ष चुनाव और संवैधानिक मूल्यों पर गंभीर प्रहार बताया है। कांग्रेस का आरोप है कि जिन आपत्तियों और व्याख्याओं के आधार पर यह नामांकन रद्द किया गया, उससे पूरे देश में चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। कांग्रेस नेतृत्व लगातार यह प्रश्न उठा रहा है कि क्या चुनावी प्रक्रिया कानून के अनुसार चलेगी या राजनीतिक दबावों के अनुरूप। कांग्रेस पार्टी ने इस मामले में उल्लेख किए गए निजी परिवाद पर भी सवाल उठाए हैं, जिसमें मीनाक्षी नटराजन को अभियुक्त नहीं, बल्कि प्रतिवादी के रूप में दर्शाया गया है। पार्टी का कहना है कि प्रतिवादी और अभियुक्त की कानूनी स्थिति अलग-अलग होती है, और दोनों को समान मानकर की गई व्याख्या से गंभीर कानूनी प्रश्न उत्पन्न होते हैं। कांग्रेस के अनुसार, जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 33A और फॉर्म-26 का उद्देश्य ऐसे आपराधिक मामलों की जानकारी प्राप्त करना है जिनमें उम्मीदवार के विरुद्ध विधिवत आपराधिक कार्यवाही चल रही हो और कानून के अनुरूप प्रकटीकरण अपेक्षित हो। कांग्रेस का मत है कि नामांकन निरस्त करने का आधार इन प्रावधानों की मूल भावना और व्याख्या से मेल नहीं खाता। पार्टी ने चेताया कि यदि किसी उम्मीदवार का नामांकन ऐसे आधारों पर निरस्त किया जाता है, जिनकी स्पष्ट अपेक्षा नामांकन प्रपत्र में नहीं है, तो यह भविष्य में किसी भी उम्मीदवार के लिए अनिश्चितता और मनमानी की स्थिति पैदा कर सकता है। कांग्रेस ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र की आत्मा प्रतिस्पर्धी और निष्पक्ष चुनाव में निहित है। यदि विपक्षी दलों के उम्मीदवारों को तकनीकी और विवादित आधारों पर चुनावी मैदान से बाहर किया जाने लगे, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था की विश्वसनीयता को गंभीर आघात पहुंचेगा। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश की जनता को आश्वस्त किया है कि संविधान, लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा, क्योंकि लोकतंत्र केवल चुनाव से नहीं, बल्कि निष्पक्ष चुनाव से चलता है।2
- सतना जिले के कोठी में हुए गोली कांड से संबंधित एक नया वीडियो सामने आया है। इस नए वीडियो को लेकर यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि इस पूरे मामले का वास्तविक सच क्या है।1
- रीवा के समान थाना में रात्रि के दौरान पुलिस और आम नागरिकों के बीच हुई कहासुनी का एक वीडियो सामने आया है। इस घटना के बाद, मुंशी जी की समझाइश पर यह मामला शांत कराया गया।1