रीवा जिले की तहसील जवा के ग्राम पंचायत किरहाई के सुंदर नगर स्थित प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाओं का घोर अभाव है, जिसकी स्थिति एक गौशाला से भी बदतर प्रतीत होती है। विद्यालय का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है और कभी भी छत व दीवारें गिर सकती हैं, जिससे कई मासूम बच्चे मलबे में दबकर अपनी जान गँवा सकते हैं। यहाँ न तो पर्याप्त जलापूर्ति की व्यवस्था है, न ही सड़क, न मध्याह्न भोजन, न उचित बैठने की व्यवस्था, न शौचालय और न ही विद्यालय का गेट मौजूद है। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, शिक्षकों ने कथित तौर पर अपनी सुविधा के लिए अलग से व्यवस्था कर ली है, जो बच्चों की सुरक्षा पर उनकी व्यक्तिगत सहूलियत को प्राथमिकता देने का संकेत देता है। जवा तहसील और रीवा जिला प्रशासन के अधिकारी इस अत्यंत चिंताजनक मामले पर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं, जबकि उनकी लापरवाही के कारण मासूमों की जान को सीधा खतरा है। युवा समाजसेवी दयानाथ दिलजीत ने इस ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए यह सवाल उठाया है कि यदि कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा।
रीवा जिले की तहसील जवा के ग्राम पंचायत किरहाई के सुंदर नगर स्थित प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाओं का घोर अभाव है, जिसकी स्थिति एक गौशाला से भी बदतर प्रतीत होती है। विद्यालय का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है और कभी भी छत व दीवारें गिर सकती हैं, जिससे कई मासूम बच्चे मलबे में दबकर अपनी जान गँवा सकते हैं। यहाँ न तो पर्याप्त जलापूर्ति की व्यवस्था है, न ही सड़क, न मध्याह्न भोजन, न उचित बैठने की व्यवस्था, न शौचालय और न ही विद्यालय का गेट मौजूद है। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, शिक्षकों ने कथित तौर पर अपनी सुविधा के लिए अलग से व्यवस्था कर ली है, जो बच्चों की सुरक्षा पर उनकी व्यक्तिगत सहूलियत को प्राथमिकता देने का संकेत देता है। जवा तहसील और रीवा जिला प्रशासन के अधिकारी इस अत्यंत चिंताजनक मामले पर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं, जबकि उनकी लापरवाही के कारण मासूमों की जान को सीधा खतरा है। युवा समाजसेवी दयानाथ दिलजीत ने इस ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए यह सवाल उठाया है कि यदि कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा।
- रीवा जिले की तहसील जवा के ग्राम पंचायत किरहाई के सुंदर नगर स्थित प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाओं का घोर अभाव है, जिसकी स्थिति एक गौशाला से भी बदतर प्रतीत होती है। विद्यालय का भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है और कभी भी छत व दीवारें गिर सकती हैं, जिससे कई मासूम बच्चे मलबे में दबकर अपनी जान गँवा सकते हैं। यहाँ न तो पर्याप्त जलापूर्ति की व्यवस्था है, न ही सड़क, न मध्याह्न भोजन, न उचित बैठने की व्यवस्था, न शौचालय और न ही विद्यालय का गेट मौजूद है। इस गंभीर स्थिति के बावजूद, शिक्षकों ने कथित तौर पर अपनी सुविधा के लिए अलग से व्यवस्था कर ली है, जो बच्चों की सुरक्षा पर उनकी व्यक्तिगत सहूलियत को प्राथमिकता देने का संकेत देता है। जवा तहसील और रीवा जिला प्रशासन के अधिकारी इस अत्यंत चिंताजनक मामले पर ध्यान देने को तैयार नहीं हैं, जबकि उनकी लापरवाही के कारण मासूमों की जान को सीधा खतरा है। युवा समाजसेवी दयानाथ दिलजीत ने इस ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए यह सवाल उठाया है कि यदि कोई अनहोनी होती है तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा।1
- रीवा जिले के अतरैला थाना अंतर्गत ग्राम लूक में एक दुखद घटना सामने आई, जहाँ चक्की में फँस जाने से एक युवक का हाथ कट गया। गंभीर रूप से घायल युवक को आनन-फानन में संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे जबलपुर रेफर कर दिया। हालांकि, इलाज के कुछ दिनों बाद युवक की मृत्यु हो गई। युवक की मृत्यु से आक्रोशित ग्रामीणों ने अतरैला चौराहे पर जाम लगा दिया। सूचना मिलने पर जवा तहसीलदार राजेंद्र तिवारी मौके पर पहुँचे और परिवारजनों को उचित आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त कर दिया और रास्ता खुलवाया जा सका।1
- सतना में नशे का एक बड़ा जखीरा बरामद किया गया है। इस कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने ढाई क्विंटल गांजा और 60 पेटी कोरेक्स जब्त की है।1
- सिटी यस न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, एक रेंजर को उसकी पत्नी ने होटल में उसकी प्रेमिका के साथ 'रंगरलियां' मनाते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। इस घटना के बाद मौके पर 'हाईवोल्टेज ड्रामा' देखने को मिला, जहाँ रेंजर अपनी प्रेमिका के साथ एक ट्रक में बैठकर वहाँ से भाग निकला।1
- पुष्कर गैस एजेंसी अपने उपभोक्ताओं से गैस से संबंधित एक अनिवार्य प्रक्रिया करवा रही है। यह कदम रसोईघरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद ज़रूरी बताया गया है।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले में सिरमौर से डभौरा तक सड़क निर्माण में कथित घोटाले को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में जिम्मेदारी को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की जा रही है, खास तौर पर यह पूछा जा रहा है कि क्या ठेकेदार संजय द्विवेदी ने अकेले ही इस कथित घोटाले को अंजाम दिया है, या फिर सिरमौर विधानसभा के विधायक दिव्यराज सिंह की भी इसमें कोई भूमिका है? जनता की तरफ से यह सवाल उठाया गया है कि इस पूरे मामले के पीछे कौन है—विधायक, ठेकेदार या फिर दोनों? यह भी पूछा जा रहा है कि सिरमौर विधानसभा की जनता कब तक ऐसे जनप्रतिनिधियों के चंगुल में फंसी रहेगी, और क्या इस क्षेत्र की जनता के लिए कोई भी जिम्मेदार नहीं है? आक्रोशित स्वर में यह भी पूछा गया कि क्या जनता सिर्फ वोट देने के लिए ही है? इस कथित घोटाले को लेकर नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश डॉ. मोहन यादव और राजेंद्र शुक्ल से इस मामले का संज्ञान लेने की अपील की गई है।3
- कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके को जयपुर में चल रहे एक प्रोटेस्ट में शामिल होने के दौरान एक शख्स ने थप्पड़ मार दिया। यह घटना उस समय हुई जब अभिजीत दीपके प्रोटेस्ट में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे थे।1