पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड परिसर से किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से शनिवार को बिरसा कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस कृषि रथ को प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ शंकर यादव एवं अंचलाधिकारी संजय कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से रवाना किया। यह बिरसा कृषि रथ अगले छह दिनों तक महेशपुर प्रखंड की विभिन्न पंचायतों और गांवों का भ्रमण कर कृषि से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी देगा। इस अभियान के दौरान किसानों को आधुनिक खेती के साथ-साथ जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए जागरूक किया जाएगा। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, किसानों को उन्नत बीजों के चयन, संतुलित उर्वरक के उपयोग, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जल संरक्षण, कीट एवं रोग नियंत्रण, प्राकृतिक खेती तथा मिलेट मिशन योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाएगी और उन्हें सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी राकेश कुमार, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, आत्मा के सहायक तकनीकी प्रबंधक अश्वनी कुमार, आनंद साहिल सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
पाकुड़ जिले के महेशपुर प्रखंड परिसर से किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से शनिवार को बिरसा कृषि रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस कृषि रथ को प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. सिद्धार्थ शंकर यादव एवं अंचलाधिकारी संजय कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से रवाना किया। यह बिरसा कृषि रथ अगले छह दिनों तक महेशपुर प्रखंड की विभिन्न पंचायतों और गांवों का भ्रमण कर कृषि से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी देगा। इस अभियान के दौरान किसानों को आधुनिक खेती के साथ-साथ जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए जागरूक किया जाएगा। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, किसानों को उन्नत बीजों के चयन, संतुलित उर्वरक के उपयोग, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जल संरक्षण, कीट एवं रोग नियंत्रण, प्राकृतिक खेती तथा मिलेट मिशन योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी दी जाएगी और उन्हें सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी राकेश कुमार, प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, आत्मा के सहायक तकनीकी प्रबंधक अश्वनी कुमार, आनंद साहिल सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
- साहिबगंज जिले के उधवा शहर की सड़कों की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। इस रास्ते से नेता, पुलिस और मुखिया समेत सभी लोग गुजरते हैं, लेकिन उधवा के इस हाल पर किसी की भी नजर नहीं पड़ रही है। इस बदहाली को लेकर निराशा जताई गई है कि आखिर जिम्मेदार लोग और आम जनता उधवा की इस खस्ताहाल स्थिति की लगातार अनदेखी कर रहे हैं।1
- झारखंड के गोड्डा में प्यार की एक ऐसी अंधी कहानी सामने आई है, जहां एक मौसी को बेटी से प्यार हो गया। इस अनोखे रिश्ते को देखकर लोग पूरी तरह हैरान रह गए, जिसके बाद दोनों ने आपस में शादी भी कर ली। मौसी और बेटी के बीच हुई यह शादी अब हर तरफ जमकर वायरल हो रही है और लोग इसे देखकर दंग हैं।1
- झारखंड के गोड्डा जिले के मेहरमा में जंगल का एक खतरनाक दृश्य सामने आया है, जो इस दुनिया में छुपी बातों को दर्शाता है।1
- follow me guys aisi video ke liye like karo comment kar lo bhai log1
- साहिबगंज के लाल बथानी के एक बच्चे ने कबड्डी खेलते हुए बड़ी जीत हासिल की है। इस शानदार उपलब्धि पर बच्चे का हौसला बढ़ाते हुए लोगों से पूछा गया है कि क्या वे इस बड़ी जीत पर उसे बधाई नहीं देंगे। संदेश में खेल के महत्व पर जोर देते हुए कहा गया है कि अगर खेल है तो जिंदगी मस्त है। खेल खेलने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और इंसान स्वस्थ रहता है।1
- गोड्डा के मेहरमा में आधी रात को एटीएम से पैसे निकालने के बाद बिहार पुलिस के एक गार्ड और आम जनता (पब्लिक) के बीच हुई बातचीत का मामला सामने आया है। इस घटना में देखा जा सकता है कि आधी रात को एटीएम से पैसे निकालने के निर्णय को गार्ड ने किस रूप में लिया और इसके बाद सुरक्षा में तैनात गार्ड व पब्लिक के बीच किस तरह की बातचीत और बहस हुई।1
- गंगा जलमार्ग के माध्यम से बिहार के बेगूसराय स्थित बरौनी रिफाइनरी को एक बड़ी सौगात मिली है। कोलकाता के डायमंड हार्बर बंदरगाह से भेजा गया 1,668 मीट्रिक टन वजनी डेप्रोपेनाइजर स्प्लिटर और डीथेनाइजर तीन कार्गो जलयानों के जरिए 713 किलोमीटर की लंबी यात्रा तय करके बेगूसराय के सिमरिया पहुंच गया है। ये अत्याधुनिक इकाइयां बरौनी रिफाइनरी के विस्तार और आधुनिकीकरण के कार्यों में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।1
- बिहार में एक चलती ट्रेन में चोरी की वारदात को अंजाम देना बेहद भारी पड़ गया। ट्रेन में चोरी की घटना के बाद यात्रियों ने आरोपी को पकड़ लिया और उसे सजा के तौर पर खिड़की के बाहर लटका दिया। यात्री उसे इसी तरह चलती ट्रेन की खिड़की से बाहर लटकाकर खगड़िया तक ले गए।1