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कटनी जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मरीजों और उनके परिजनों में लगातार नाराजगी देखने को मिल रही है। अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचने वाले लोगों को घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। समय पर चिकित्सकों की उपलब्धता न होने और व्यवस्थाओं की कमी के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच इलाज के लिए आ रहे बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे इस बदहाली से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। अस्पताल की इस दयनीय स्थिति से परेशान स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन से स्वास्थ्य सेवाओं में तत्काल सुधार करने, पर्याप्त डॉक्टरों की तैनाती करने और मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो जनआंदोलन की स्थिति बन सकती है।
आदिशक्ति माँ विंध्यवासिनी मंदि
कटनी जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मरीजों और उनके परिजनों में लगातार नाराजगी देखने को मिल रही है। अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचने वाले लोगों को घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। समय पर चिकित्सकों की उपलब्धता न होने और व्यवस्थाओं की कमी के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच इलाज के लिए आ रहे बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे इस बदहाली से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। अस्पताल की इस दयनीय स्थिति से परेशान स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन से स्वास्थ्य सेवाओं में तत्काल सुधार करने, पर्याप्त डॉक्टरों की तैनाती करने और मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो जनआंदोलन की स्थिति बन सकती है।
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- कटनी जिले के रीठी विकासखंड में प्रशासनिक कार्यों की गुणवत्ता और योजनाओं के क्रियान्वयन को परखने के लिए कलेक्टर आशीष तिवारी ने सोमवार को विभिन्न गांवों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ एसडीएम प्रमोद चतुर्वेदी भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने बिलहरी के उपतहसील कार्यालय पहुंचकर राजस्व मामलों की समीक्षा की और अतिरिक्त तहसीलदार अनुराधा सिंह से जानकारी लेकर खुद खसरा अभिलेखों से रिकॉर्ड का मिलान किया। इस जांच में लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने ग्राम नौआपटी के नामांतरण प्रकरण में आदेश का सही अमल न करने पर पटवारी आशीष शर्मा और ग्राम कैमोरी के सीमांकन कार्य को लंबित रखने वाले तत्कालीन पटवारी अवध मिश्रा (जो वर्तमान में कटनी शहर में पदस्थ हैं) को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों को सीमांकन के समय ही नक्शा बटांकन करने और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। प्रशासनिक सख्ती के बीच कलेक्टर आशीष तिवारी का एक संवेदनशील और प्रेरणादायी रूप भी देखने को मिला, जब वे शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बांधा की कक्षा 12वीं में पहुंचे। वहां उन्होंने खुद शिक्षक की भूमिका निभाते हुए छात्रों को अंग्रेजी का पाठ पढ़ाया, उसका हिंदी अनुवाद कराया और उच्चारण व अर्थ समझाकर बच्चों का मार्गदर्शन किया। इस दौरान छात्रा प्राची गुप्ता, सादिया बी और छात्र अभिषेक चौधरी व सतेंद्र विश्वकर्मा ने पाठ पढ़कर सुनाया। इसके साथ ही, कलेक्टर ने विद्यार्थियों को भारतीय संविधान में वर्णित नागरिकों के मूल कर्तव्यों का बोध कराया और उन्हें एक जिम्मेदार व जागरूक नागरिक बनने की प्रेरणा दी। इसके बाद उन्होंने हाई स्कूल की विज्ञान कक्षा में जाकर पाचन तंत्र अध्याय से जुड़े सवाल पूछे और स्कूल की मूलभूत सुविधाओं सहित डिजिटल पैनल के जरिए हो रही पढ़ाई की सराहना की।1
- सतना जिले के कोलगवां थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक रिश्तेदार के घर आयोजित तेरहवीं कार्यक्रम के दौरान 6 वर्षीय मासूम बालिका से दुष्कर्म के प्रयास की वारदात को अंजाम दिया गया। रविवार को हुए इस कार्यक्रम में भीड़भाड़ का फायदा उठाकर बबलू कोल नाम का आरोपी बच्ची को बहला-फुसलाकर घर से कुछ दूरी पर ले गया और उसके साथ गलत हरकत करने लगा। इसी दौरान एक अन्य रिश्तेदार की नजर उस पर पड़ गई, जिसके शोर मचाने पर घबराकर आरोपी बच्ची को वहीं छोड़कर मौके से भाग निकला। इस घिनौनी वारदात के बाद सहमे परिजन बच्ची को लेकर पहले बाबूपुर चौकी पहुंचे, लेकिन वहां किसी महिला अधिकारी के मौजूद न होने के कारण सुरक्षा और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए उन्हें कोलगवां थाने भेजा गया। कोलगवां थाना पुलिस ने बच्ची और परिजनों के बयानों के आधार पर आरोपी बबलू कोल के खिलाफ छेड़छाड़ और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुस्तैदी दिखाई और सोमवार देर रात घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में ले लिया, जिससे फिलहाल पूछताछ की जा रही है।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भाषण देते समय अचानक भावुक हो गए और मंच पर ही उनके आंसू छलक पड़े। उन्हें इस तरह भावुक देखकर मंच पर मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तुरंत उनका हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम में उपस्थित लोग भी डॉ. मिश्रा को देखकर भावुक हो उठे और उन्होंने भावुक होकर उनका अभिवादन किया। इसके बाद डॉ. मिश्रा ने अपनी भावनाओं पर काबू पाया और अपना संबोधन पूरा किया।1
- सतना के मैहर अंतर्गत ग्राम पंचायत लोधौती में चल रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि इस निर्माण कार्य को लेकर वे बार-बार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन उनकी किसी भी शिकायत पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। यहाँ सीधे तौर पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों का कहना है कि सब लोग पैसे में बिके हुए हैं और यहाँ लगातार परसेंटेज का खेल चल रहा है, जिसमें इंजीनियर साहब का भी बहुत-बहुत योगदान है।4
- आखिर कब जागेगा प्रशासन? #sntnewspinch आखिर कब जागेगा प्रशासन? #sntnewspinch आखिर कब जागेगा प्रशासन? #sntnewspinch आखिर कब जागेगा प्रशासन? #sntnewspinch आखिर कब जागेगा प्रशासन? #sntnewspinch आखिर कब जागेगा प्रशासन? #sntnewspinch आखिर कब जागेगा प्रशासन? #sntnewspinch आखिर कब जागेगा प्रशासन? #sntnewspinch आखिर कब जागेगा प्रशासन? #sntnewspinch आखिर कब जागेगा प्रशासन? #sntnewspinch1
- कटनी जिला अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर मरीजों और उनके परिजनों में लगातार नाराजगी देखने को मिल रही है। अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचने वाले लोगों को घंटों लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। समय पर चिकित्सकों की उपलब्धता न होने और व्यवस्थाओं की कमी के कारण मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भीषण गर्मी के बीच इलाज के लिए आ रहे बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे इस बदहाली से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। अस्पताल की इस दयनीय स्थिति से परेशान स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रशासन से स्वास्थ्य सेवाओं में तत्काल सुधार करने, पर्याप्त डॉक्टरों की तैनाती करने और मरीजों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का स्पष्ट कहना है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो जनआंदोलन की स्थिति बन सकती है।1
- कटनी जिले की रीठी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत केना के ग्राम उजयारपुरा में पुलिया निर्माण न होने से ग्रामीणों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। वर्षों से पुलिया की मांग कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि हर बरसात में गांव का संपर्क मार्ग बाधित हो जाता है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही देता रहा है। सोमवार दोपहर करीब 3 बजे ग्रामीणों ने अपनी समस्या बताते हुए कहा कि पुलिया के अभाव में बारिश के दौरान नाला उफान पर आ जाता है, जिससे गांव का आवागमन पूरी तरह ठप हो जाता है। इस समस्या के कारण सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों, किसानों, गर्भवती महिलाओं, मरीजों और रोजमर्रा के काम से आने-जाने वाले लोगों को उठानी पड़ती है, जिन्हें कई बार जान जोखिम में डालकर पानी पार करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों को आवेदन देकर पुलिया निर्माण की मांग की, लेकिन लगातार अनदेखी की गई। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से तत्काल पुलिया निर्माण कार्य स्वीकृत कर शुरू कराने की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्माण शुरू नहीं हुआ तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।1
- सतना जिले के नागौद स्थित प्रसिद्ध 'खैरुआ सरकार' मंदिर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ श्रद्धालुओं द्वारा मन्नत पूरी होने की कामना के साथ चढ़ाए गए नारियलों को गुपचुप तरीके से बेचने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले में स्थानीय निवासियों और श्रद्धालुओं ने नारियलों से भरी एक गाड़ी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया है। मंदिर के पुजारी प्रशांत तिवारी और उनके भाई मोहित तिवारी पर इन मन्नत के नारियलों को ₹7,000 में बेचने का आरोप लगाया गया है। नियमों के मुताबिक, न्यायालय द्वारा नियुक्त रिसीवर (एसडीएम नागौद) की अनुमति के बिना मंदिर परिसर में ऐसी किसी भी सामग्री की खरीद-बिक्री प्रतिबंधित है। इस प्रतिबंध के बावजूद मन्नत के नारियलों का सौदा करने पर नागौद पुलिस ने दोनों आरोपी भाइयों के खिलाफ अमानत में खयानत (Breach of Trust) का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।1
- सतना जिले के सभापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत बाँधी से पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ गाँव के ही दबंगों द्वारा शीला द्विवेदी नामक एक अकेली महिला के घर में घुसकर कुल्हाड़ी, फरसा और तलवार लेकर मारपीट और अभद्रता करने का आरोप लगा है। हैरान करने वाली बात यह है कि पीड़िता द्वारा घटना की बार-बार सूचना दिए जाने के बावजूद स्थानीय पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। घटना की पृष्ठभूमि में पूर्व से चल रहा जमीनी विवाद बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला शीला द्विवेदी के पति नागपुर में काम करते हैं और घटना के वक्त वह घर पर अकेली थीं। इसी दौरान गाँव के ही दबंग फूल सिंह, राहुल सिंह और उनके परिवार की तीन से चार महिलाओं ने लाठी-डंडों एवं धारदार हथियारों के साथ शीला द्विवेदी के घर में घुसकर हमला कर दिया। दबंगों ने न सिर्फ महिला के साथ मारपीट की, बल्कि उनके साथ जमकर अभद्रता व गाली-गलौज करते हुए उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के वक्त और उसके बाद आपातकालीन नंबर 112 पर कई बार कॉल कर पुलिस को सूचना दी गई और सभापुर थाने में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई गई। इसके बावजूद न तो पुलिस मौके पर पहुंची और न ही आरोपियों पर कोई कार्रवाई हुई। पुलिस के इस अड़ियल और उदासीन रवैये से परेशान होकर अब पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए उच्च अधिकारियों का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। वे जल्द ही सतना पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय जाकर मामले की शिकायत सौंपेंगे और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के साथ अपने परिवार के लिए सुरक्षा की मांग करेंगे।1