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भारत तिवारी के साथ गलत किया गया है, जबकि उन्होंने तो आत्मसमर्पण कर दिया था।
Suraj. sadana. toda
भारत तिवारी के साथ गलत किया गया है, जबकि उन्होंने तो आत्मसमर्पण कर दिया था।
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- news. good bharat tiwari..... ............................1
- बालोतरा जिले में संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे 'ऑपरेशन अश्ववेग' के तहत पचपदरा थाना पुलिस ने मोबाइल टावरों से चोरी करने वाली एक संगठित गैंग का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किया गया एल्युमिनियम उपकरण, अन्य सामान और वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक रमेश आईपीएस के निर्देशन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरफूल सिंह एवं वृत्ताधिकारी योगेश चौधरी के सुपरविजन में पचपदरा थानाधिकारी गीता कुमारी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने की। पुलिस के अनुसार, 22 मई और 4 जून 2026 को भीमलाई फांटा स्थित एयरटेल कंपनी के मोबाइल टावर से पावर बैक में लगे एल्युमिनियम उपकरण और अन्य सामग्री चोरी कर ली गई थी। इस संबंध में एयरटेल भारती एक्साकॉम कंपनी के स्टेट मैनेजर भरतसिंह ने 6 जून को पचपदरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण, मुखबिर तंत्र और पारंपरिक पुलिसिंग के आधार पर तीनों आरोपियों को चिन्हित कर गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी संगठित गिरोह बनाकर मोटरसाइकिल से वारदात स्थल पर पहुंचते थे और टावरों के पावर बैक में लगी बैटरियों की प्लेटें व एल्युमिनियम उपकरण चोरी कर लेते थे। चोरी का सामान वे कबाड़ियों और अन्य लोगों को बेचकर अवैध आर्थिक लाभ कमाते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दीपक कुमार (19), रोहितसिंह (18), और जसवंत (22) के रूप में हुई है, ये सभी बाड़मेर जिले के रिको थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और उनसे पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने जिले या अन्य क्षेत्रों में ऐसी कितनी वारदातों को अंजाम दिया है तथा इस गिरोह से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। मामले में गहन अनुसंधान जारी है। इस कार्रवाई में पचपदरा थानाधिकारी गीता कुमारी, हेड कांस्टेबल जसराम, कांस्टेबल खियाराम और कांस्टेबल चुनाराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।3
- वागड़ क्षेत्र में अच्छी बारिश की शुरुआत हो गई है, जिससे किसानों को हल्की राहत मिली है। इस अनुकूल मौसम के चलते किसानों के चेहरों पर मुस्कुराहट लौट आई है। बारिश के आगमन से आमजन को भी राहत महसूस हुई है।1
- उदयपुर की प्रसिद्ध फतेहसागर झील में एक 46 वर्षीय व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप मच गया है। इस सूचना के बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और अब इस मामले की गहराई से जांच में जुट गई है।1
- Available for Sale Brand : Kwid Model : Kwid 2022 Year of Registration : 2022 Price (₹) : 320000 City / Locality : Dungarpur Vehicle Type : Car Vehicle Condition : Like new Fuel Type : Petrol 2022 model good condition1
- डूंगरपुर में मोहर्रम का पर्व अकीदत और पूरे जोश के साथ मनाया गया, जहाँ 'या हुसैन' की गूंज के साथ 6 विशाल ताजिए निकाले गए। शहर के अलग-अलग मोहल्लों से आए अकीदतमंदों का हुजूम दोपहर में ऐतिहासिक कानेरा पोल पर एकत्रित हुआ। यहाँ से मुख्य जुलूस शुरू हुआ, जो दर्जीवाड़ा, माणक चौक और घाँटी सहित शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरा। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरा माहौल इमाम हुसैन की याद में डूबा रहा। जुलूस में शामिल युवाओं का उत्साह और श्रद्धा देखते ही बन रही थी। विशाल नगाड़ों की गूंज और उनकी थाप ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया, और हर कोई कर्बला के शहीदों को याद कर भावुक नजर आया। यह जुलूस पारंपरिक रास्तों से होता हुआ देर शाम प्रसिद्ध गेप सागर की पाल पर पहुँचा, जहाँ इसका शांतिपूर्ण तरीके से समापन हुआ। उल्लेखनीय है कि ये ताजिए हजरत इमाम हुसैन के कर्बला स्थित पवित्र रौज़े (मजार) का प्रतीक हैं। करीब 1400 साल पहले हजरत इमाम हुसैन ने इंसानियत, सत्य और न्याय की रक्षा के लिए अपने 72 साथियों के साथ कर्बला के मैदान में अपनी जान कुर्बान कर दी थी।3
- डूंगरपुर में अकीदत और जोश के साथ मोहर्रम का त्योहार मनाया गया, जिसमें 'या हुसैन' की गूंज के साथ 6 विशाल ताजिए निकाले गए। शहर के अलग-अलग मोहल्लों से आए अकीदतमंदों का हुजूम आज दोपहर ऐतिहासिक कानेरा पोल में उमड़ पड़ा, जहाँ सभी ताजिए एकत्रित हुए। यहाँ से मोहर्रम का मुख्य जुलूस शुरू हुआ, जो दर्जीवाड़ा, माणक चौक और घाँटी होते हुए शहर के मुख्य मार्गों से गुजरा। इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरा माहौल इमाम हुसैन की याद में डूबा रहा। जुलूस में शामिल युवाओं का जोश और अकीदत देखने लायक थी, विशाल नगाड़ों की गूंज और उनकी थाप ने समां बांध दिया। हर कोई कर्बला के शहीदों को याद कर भावुक नजर आया। यह जुलूस पारंपरिक रास्तों से होता हुआ देर शाम प्रसिद्ध गेप सागर की पाल पहुंचा, जहाँ इसका शांतिपूर्ण तरीके से समापन हुआ। उल्लेखनीय है कि ये ताजिए दरअसल हजरत इमाम हुसैन के कर्बला स्थित पवित्र रौज़े (मजार) का प्रतीक हैं। करीब 1400 साल पहले, हजरत इमाम हुसैन ने इंसानियत, सत्य और न्याय की रक्षा के लिए कर्बला के मैदान में अपने 72 साथियों के साथ अपनी जान कुर्बान कर दी थी।3
- भारत तिवारी के साथ गलत किया गया है, जबकि उन्होंने तो आत्मसमर्पण कर दिया था।1