अपनी बची हुई शिवसेना को बचाने के लिए उद्धव ठाकरे हर संभव प्रयास कर रहे हैं और साम, दाम, दंड, भेद जैसे सभी सियासी दांव आजमा रहे हैं। उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष पद छोड़ने तक की पेशकश की है और बागी सांसदों को 'गद्दार' बताया है, साथ ही उनसे संवाद स्थापित करने के लिए संदेशवाहक भी भेजे हैं। 'आज तक' की रिपोर्ट के अनुसार, उद्धव ठाकरे ने विधायक कैलास पाटिल और वरुण सरदेसाई के माध्यम से बागी सांसद ओमप्रकाश राजे निंबालकर तक अपना संदेश पहुँचाया था, और आगे की बातचीत के लिए सभी विधायकों व विधान परिषद सदस्यों को भी बुलाया था। हालांकि, उद्धव ठाकरे के इस संदेश का ओमप्रकाश राजे निंबालकर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। उनके पिता पवनराजे निंबालकर की हत्या मामले में सभी आरोपियों के बरी होने के बाद, यह माना जा रहा था कि ओमप्रकाश राजे निंबालकर अपना मन बदल सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ओमप्रकाश राजे निंबालकर ने एकनाथ शिंदे के साथ जाने का ऐलान कर दिया है। महाराष्ट्र में चल रहे 'ऑपरेशन टाइगर' की जोरदार चर्चा के बीच, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने दावा किया कि वे कोई ऑपरेशन अधूरा नहीं छोड़ते, जिस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की भी प्रतिक्रिया आई कि 'ऑपरेशन सफल रहा है... रिपोर्ट आ जाएगी।' इस घटना से उद्धव ठाकरे की हालत एक बार फिर ममता बनर्जी जैसी हो गई है। जहाँ ममता बनर्जी को एक ही बार में जोरदार झटका लगा था, वहीं उद्धव ठाकरे चार साल बाद पहले से भी कहीं अधिक बड़ा दर्द झेल रहे हैं। पहले झटके में सत्ता और संगठन गँवा देने के बाद भी उन्हें कुछ राहत थी कि मुंबई में भले ही कम, लेकिन दिल्ली में उनके पास एकनाथ शिंदे से ज़्यादा सांसद थे, पर अब तो 'बर्बादी का नया काउंटडाउन' शुरू हो गया है। शिवसेना की स्थापना के 60 साल पूरे होने के अवसर पर मुंबई में हुए कार्यक्रम में, उद्धव ठाकरे पार्टी के चार साल बाद फिर उसी मोड़ पर पहुँच जाने को लेकर बेहद भावुक दिखे। इस दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं के अलावा सिर्फ तीन सांसद ही वहाँ मौजूद थे। मौके का फायदा उठाते हुए उद्धव ठाकरे ने एक भावनात्मक दांव चला और कहा, "पिछले 12-13 साल से मैं एक नेता के तौर पर आप लोगों की सुन रहा हूँ... अगर आपको लगता है कि जो आरोप मुझ पर लगाए जा रहे हैं, वे सच हैं तो मैं पार्टी प्रमुख से इस्तीफा देने के लिए तैयार हूँ।" उन्होंने आगाह करते हुए यह भी जोड़ा, "...लेकिन मेरी नज़र में एक चीज़ साफ़ है... सोने की शिवसेना चोरों के हाथों नहीं सौंपी जानी चाहिए... मेरे अंदर नेता बनने की लालसा नहीं है... मैं इस पद से इस्तीफ़ा देने के तैयार हूँ।" उन्होंने पार्टी बदलने वालों द्वारा खुद पर लगाए गए 'अनुपलब्ध रहने' और 'सांसदों को समय न देने' के आरोपों का ज़िक्र करते हुए जनता से पूछा कि क्या वे इन पर विश्वास करते हैं। उन्होंने चुनौती दी कि यदि जनता विश्वास करती है, तो वे तुरंत अध्यक्ष पद छोड़ने और किसी भी आगे आने वाले व्यक्ति को पार्टी सौंपने को तैयार हैं। उद्धव ने लोगों से 'गद्दारों' को जवाब देने की अपील करते हुए कहा, "मैं भागने वालों में से नहीं हूँ... मैं मज़बूती से खड़ा रहूँगा, लेकिन मुझे आपका साथ चाहिए।"
अपनी बची हुई शिवसेना को बचाने के लिए उद्धव ठाकरे हर संभव प्रयास कर रहे हैं और साम, दाम, दंड, भेद जैसे सभी सियासी दांव आजमा रहे हैं। उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) अध्यक्ष पद छोड़ने तक की पेशकश की है और बागी सांसदों को 'गद्दार' बताया है, साथ ही उनसे संवाद स्थापित करने के लिए संदेशवाहक भी भेजे हैं। 'आज तक' की रिपोर्ट के अनुसार, उद्धव ठाकरे ने विधायक कैलास पाटिल और वरुण सरदेसाई के माध्यम से बागी सांसद ओमप्रकाश राजे निंबालकर तक अपना संदेश पहुँचाया था, और आगे की बातचीत के लिए सभी विधायकों व विधान परिषद सदस्यों को भी बुलाया था। हालांकि, उद्धव ठाकरे के इस संदेश का ओमप्रकाश राजे निंबालकर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। उनके पिता पवनराजे निंबालकर की हत्या मामले में सभी आरोपियों के बरी होने के बाद, यह माना जा रहा था कि ओमप्रकाश राजे निंबालकर अपना मन बदल सकते हैं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ओमप्रकाश राजे निंबालकर ने एकनाथ शिंदे के साथ जाने का ऐलान कर दिया है। महाराष्ट्र में चल रहे 'ऑपरेशन टाइगर' की जोरदार चर्चा के बीच, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने दावा किया कि वे कोई ऑपरेशन अधूरा नहीं छोड़ते, जिस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की भी प्रतिक्रिया आई कि 'ऑपरेशन सफल रहा है... रिपोर्ट आ जाएगी।' इस घटना से उद्धव ठाकरे की हालत एक बार फिर ममता बनर्जी जैसी हो गई है। जहाँ ममता बनर्जी को एक ही बार में जोरदार झटका लगा था, वहीं उद्धव ठाकरे चार साल बाद पहले से भी कहीं अधिक बड़ा दर्द झेल रहे हैं। पहले झटके में सत्ता और संगठन गँवा देने के बाद भी उन्हें कुछ राहत थी कि मुंबई में भले ही कम, लेकिन दिल्ली में उनके पास एकनाथ शिंदे से ज़्यादा सांसद थे, पर अब तो 'बर्बादी का नया काउंटडाउन' शुरू हो गया है। शिवसेना की स्थापना के 60 साल पूरे होने के अवसर पर मुंबई में हुए कार्यक्रम में, उद्धव ठाकरे पार्टी के चार साल बाद फिर उसी मोड़ पर पहुँच जाने को लेकर बेहद भावुक दिखे। इस दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं के अलावा सिर्फ तीन सांसद ही वहाँ मौजूद थे। मौके का फायदा उठाते हुए उद्धव ठाकरे ने एक भावनात्मक दांव चला और कहा, "पिछले 12-13 साल से मैं एक नेता के तौर पर आप लोगों की सुन रहा हूँ... अगर आपको लगता है कि जो आरोप मुझ पर लगाए जा रहे हैं, वे सच हैं तो मैं पार्टी प्रमुख से इस्तीफा देने के लिए तैयार हूँ।" उन्होंने आगाह करते हुए यह भी जोड़ा, "...लेकिन मेरी नज़र में एक चीज़ साफ़ है... सोने की शिवसेना चोरों के हाथों नहीं सौंपी जानी चाहिए... मेरे अंदर नेता बनने की लालसा नहीं है... मैं इस पद से इस्तीफ़ा देने के तैयार हूँ।" उन्होंने पार्टी बदलने वालों द्वारा खुद पर लगाए गए 'अनुपलब्ध रहने' और 'सांसदों को समय न देने' के आरोपों का ज़िक्र करते हुए जनता से पूछा कि क्या वे इन पर विश्वास करते हैं। उन्होंने चुनौती दी कि यदि जनता विश्वास करती है, तो वे तुरंत अध्यक्ष पद छोड़ने और किसी भी आगे आने वाले व्यक्ति को पार्टी सौंपने को तैयार हैं। उद्धव ने लोगों से 'गद्दारों' को जवाब देने की अपील करते हुए कहा, "मैं भागने वालों में से नहीं हूँ... मैं मज़बूती से खड़ा रहूँगा, लेकिन मुझे आपका साथ चाहिए।"
- दिल्ली की सड़क पर एक दर्दनाक हादसा हुआ है, जहाँ गीता कॉलोनी फ्लाईओवर से एक बाइक सवार व्यक्ति अपनी नाबालिग बेटियों के साथ लगभग 50 फीट ऊँचे फ्लाईओवर से नीचे आ गिरा। इस हादसे में, आप से जुड़े बताए जा रहे बाइक सवार पिता और उनकी बेटियां गंभीर रूप से घायल हो गई हैं, और तीनों की हालत नाजुक बनी हुई है। पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।1
- Post by RASHTRA SEARCH NEWS1
- अम्बेडकर नगर जिले में 22 जून को दोपहर 2 बजे के आसपास तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। इस मौसमी बदलाव के कारण, स्थानीय लोगों को पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी से काफी राहत मिली।1
- मुख्यमंत्री योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा है कि जातिवाद की राजनीति का लाभ केवल परिवारों को ही मिलता है। अपने इस बयान के माध्यम से उन्होंने विपक्ष की नीतियों पर सवाल उठाए।1
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- Alam_malik143143 ने लोगों से उनके यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक चैनलों को फॉलो करने की अपील की है। उन्होंने अपनी पोस्ट के माध्यम से इन सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपने चैनलों को फॉलो करने का सीधा आग्रह किया है।1
- रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के लिए एक कड़ा कदम उठाते हुए जुर्माने की राशि को दोगुना कर दिया है। अब ट्रेन में बिना टिकट यात्रा करते पकड़े जाने पर या यात्रा का प्रयास करने पर 250 रुपये के बजाय 500 रुपये का अतिरिक्त जुर्माना भरना होगा। इसी तरह, अनियमित यात्रा से संबंधित मामलों में भी न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। यह कठोर संशोधन केवल टिकट संबंधी उल्लंघनों तक सीमित नहीं है। रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रेलवे परिसर में अनधिकृत प्रवेश, अनधिकृत फेरी लगाने, महिलाओं के लिए आरक्षित डिब्बों में पुरुषों के जबरन प्रवेश और रेलवे कर्मचारियों के निर्देशों की अवहेलना जैसे विभिन्न उल्लंघनों के लिए भी दंड प्रावधानों और जुर्माना राशि में कड़ा बदलाव किया गया है। रेलवे में अनुशासन बनाए रखने, यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने और रेल सेवाओं के सुरक्षित संचालन के उद्देश्य से रेल अधिनियम में संशोधित दंड एवं जुर्माना प्रावधान लागू किए गए हैं। रेल मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, 'जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अधिनियम, 2026' के तहत रेल अधिनियम, 1989 की विभिन्न धाराओं में किए गए ये महत्वपूर्ण बदलाव 19 जून से प्रभावी हो चुके हैं। यह कदम लंबे समय से अपरिवर्तित चली आ रही दंड राशियों को वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप और अधिक व्यावहारिक बनाने के लिए उठाया गया है।1
- थाना करोल बाग पुलिस ने एक सराहनीय कार्य को अंजाम देते हुए बैरिया गैंग के दो कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है।1