मंगलवार को पांढुर्णा कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान जिले के दूरदराज के क्षेत्रों से आए 18 आवेदकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता के साथ त्वरित निराकरण के कड़े निर्देश दिए। जनसुनवाई में मुख्य रूप से भूमि संबंधी विवाद, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से जुड़े मामले, जाति एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही कठिनाइयां, नक्शा बटांकन सुधार तथा पेयजल की किल्लत जैसे मुद्दे सामने आए। ग्रामीणों ने अपनी कृषि भूमि तक आवाजाही के लिए रास्ते की मांग और अवैध अतिक्रमण हटाने जैसी महत्वपूर्ण शिकायतें भी दर्ज कराईं। कलेक्टर ने आंगनवाड़ी सहायिका की नियुक्ति से संबंधित एक प्रकरण पर नियमानुसार कार्रवाई करने और पात्र आवेदकों को तत्काल राहत प्रदान करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त समस्याओं का समय सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैध कार्यों के लिए किसी भी नागरिक को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, जिसके लिए विभागीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा और सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम श्रीमती अलका एक्का, प्रभारी तहसीलदार सुश्री प्रेक्षा पाठक और जनपद पंचायत के सीईओ श्री विनय प्रकाश ठाकुर सहित जिले के आला अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने आवेदकों को आश्वासन दिया कि उनके आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी उन्हें शीघ्र ही प्रदान कर दी जाएगी।
मंगलवार को पांढुर्णा कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान जिले के दूरदराज के क्षेत्रों से आए 18 आवेदकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता के साथ त्वरित निराकरण के कड़े निर्देश दिए। जनसुनवाई में मुख्य रूप से भूमि संबंधी विवाद, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से जुड़े मामले, जाति एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही कठिनाइयां, नक्शा बटांकन सुधार तथा पेयजल की किल्लत जैसे मुद्दे सामने आए। ग्रामीणों ने अपनी कृषि भूमि तक आवाजाही के लिए रास्ते की मांग और अवैध अतिक्रमण हटाने जैसी महत्वपूर्ण शिकायतें भी दर्ज कराईं। कलेक्टर ने आंगनवाड़ी सहायिका की नियुक्ति से संबंधित एक प्रकरण पर नियमानुसार कार्रवाई करने और पात्र आवेदकों को तत्काल राहत प्रदान करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त समस्याओं का समय सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैध कार्यों के लिए किसी भी नागरिक को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, जिसके लिए विभागीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा और सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम श्रीमती अलका एक्का, प्रभारी तहसीलदार सुश्री प्रेक्षा पाठक और जनपद पंचायत के सीईओ श्री विनय प्रकाश ठाकुर सहित जिले के आला अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने आवेदकों को आश्वासन दिया कि उनके आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी उन्हें शीघ्र ही प्रदान कर दी जाएगी।
- मंगलवार को पांढुर्णा कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ ने नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान जिले के दूरदराज के क्षेत्रों से आए 18 आवेदकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्राथमिकता के साथ त्वरित निराकरण के कड़े निर्देश दिए। जनसुनवाई में मुख्य रूप से भूमि संबंधी विवाद, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से जुड़े मामले, जाति एवं मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही कठिनाइयां, नक्शा बटांकन सुधार तथा पेयजल की किल्लत जैसे मुद्दे सामने आए। ग्रामीणों ने अपनी कृषि भूमि तक आवाजाही के लिए रास्ते की मांग और अवैध अतिक्रमण हटाने जैसी महत्वपूर्ण शिकायतें भी दर्ज कराईं। कलेक्टर ने आंगनवाड़ी सहायिका की नियुक्ति से संबंधित एक प्रकरण पर नियमानुसार कार्रवाई करने और पात्र आवेदकों को तत्काल राहत प्रदान करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त समस्याओं का समय सीमा के भीतर निराकरण सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैध कार्यों के लिए किसी भी नागरिक को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, जिसके लिए विभागीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई में अपर कलेक्टर श्री नीलमणि अग्निहोत्री, संयुक्त कलेक्टर सुश्री मेघा शर्मा और सुश्री नेहा सोनी, एसडीएम श्रीमती अलका एक्का, प्रभारी तहसीलदार सुश्री प्रेक्षा पाठक और जनपद पंचायत के सीईओ श्री विनय प्रकाश ठाकुर सहित जिले के आला अधिकारी उपस्थित थे। अधिकारियों ने आवेदकों को आश्वासन दिया कि उनके आवेदनों पर की गई कार्रवाई की जानकारी उन्हें शीघ्र ही प्रदान कर दी जाएगी।1
- पांढुर्णा में खाटू श्याम बाबा के एक नव्य, दिव्य और भव्य मंदिर के निर्माण के लिए भूमि पूजन कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर पांढुर्णा नगर पालिका अध्यक्ष संदीप घाटोडे ने कार्यक्रम में सहभागी बनकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। भूमि पूजन विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया, जिसके साथ ही मंदिर निर्माण कार्य का शुभारंभ हो गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और श्याम भक्त उपस्थित रहे, जिससे पूरा वातावरण श्याम बाबा के जयघोष और भक्ति भाव से सराबोर हो गया। संदीप घाटोडे ने इस अवसर पर कहा कि यह मंदिर क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और श्रद्धालुओं की आस्था का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। उन्होंने मंदिर निर्माण में सहयोग देने वाले सभी भक्तों और आयोजकों को बधाई दी और सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं भी अर्पित कीं। घाटोडे ने खाटू श्याम बाबा से सभी क्षेत्रवासियों के सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और मंगलमय जीवन की कामना की।3
- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के समाजसेवी मोहन नगर को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में पद्मश्री सम्मान से अलंकृत किया गया। यह सम्मान उन्हें जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उनके दशकों के उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया, जिससे बैतूल और पूरे प्रदेश के लिए गौरव का क्षण आया। मोहन नगर के कार्यों और प्रकृति संरक्षण के प्रति उनके समर्पण को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है, और उन्हें ‘जननायक’ के रूप में सराहा गया है। मोहन नगर ने जैव विविधता संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के लिए एक अभिनव जमीनी मॉडल विकसित किया, जिसमें स्वैच्छिक श्रमदान, स्थानीय परंपराओं और जनभागीदारी को प्रमुखता दी गई। उनके प्रयासों से मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में नदियों, जंगलों और पहाड़ियों के संरक्षण के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हुई। उन्होंने ग्रामीण समुदायों को प्रशिक्षित किया, सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया, और जल संरक्षण को एक जनआंदोलन का स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बैतूल जिले का बांचा गांव उनके सबसे उल्लेखनीय कार्यों में से एक है, जिसे उन्होंने गोद लेकर एक आदर्श ग्राम में बदल दिया। आज यह गांव ग्रामीण पर्यटन, होम-स्टे व्यवस्था, जल संरक्षण और स्वावलंबी आजीविका मॉडल के लिए पूरे प्रदेश में जाना जाता है, जहाँ महिला स्व-सहायता समूहों ने स्थानीय लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त किया है। जल संरक्षण और भूजल संवर्धन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए मोहन नगर को इससे पहले वर्ष 2019 में राष्ट्रीय जल प्रहरी पुरस्कार और वर्ष 2020 में जल नायक पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, उन्हें वर्ष 2024-25 में भाऊराव देवरस सेवा सम्मान भी प्राप्त हुआ। सामाजिक और पर्यावरणीय कार्यों के साथ-साथ, मोहन नगर ने साहित्य के क्षेत्र में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है; उनकी चर्चित कविता ‘चतुर्मास’ को वर्ष 2014 में मध्यप्रदेश सरकार के प्रतिष्ठित दुष्यंत कुमार कृति साहित्य अकादमी पुरस्कार से नवाजा गया था, जिसमें उन्होंने ग्रामीण जीवन, पर्यावरण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया है। मोहन नगर का पद्मश्री सम्मान केवल उनके व्यक्तिगत योगदान की पहचान नहीं है, बल्कि यह जल, जंगल, जमीन और प्रकृति संरक्षण के लिए समर्पित लाखों लोगों के प्रयासों का भी सम्मान है। उनके सम्मानित होने से बैतूल जिले और पूरे मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ा है, और नई पीढ़ी को समाज तथा पर्यावरण के लिए कार्य करने की प्रेरणा मिली है। इस सम्मान ने यह साबित कर दिया है कि जनभागीदारी से किया गया छोटा प्रयास भी देश की दिशा बदल सकता है, और मोहन नगर आज जल, जंगल तथा ग्रामीण विकास की नई सोच के प्रतीक बन चुके हैं।1
- बैतूल में कोतवाली पुलिस ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को घटना के 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया। पुलिस की इस तत्पर कार्रवाई को जिले में महिला एवं बाल अपराधों के विरुद्ध एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अधीक्षक बैतूल वीरेन्द्र जैन ने इस प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे और एसडीओपी बैतूल सुनील लाटा के मार्गदर्शन में कोतवाली पुलिस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की शिकायत पर 22 जून 2026 को थाना कोतवाली बैतूल में सतीश उर्फ छोटू सिरसाम (23 वर्ष), निवासी ग्राम हिवरखेड़ी के खिलाफ अपराध क्रमांक 525/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64(2)(एम), 65(1), 351(3) और पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एल) एवं 6 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी फरार होने की कोशिश में था, लेकिन पुलिस टीम ने लगातार तलाश कर उसे महाराष्ट्र के परतवाड़ा क्षेत्र से अभिरक्षा में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी सतीश उर्फ छोटू सिरसाम ने अपना अपराध स्वीकार किया। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर 23 जून 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक देवकरण डेहरिया, उप निरीक्षक राकेश कुमार सरयाम, प्रधान आरक्षक अजय भलावी, आरक्षक उज्जवल दुबे, ओमकार और साइबर सेल के आरक्षक पंकज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने टीम की इस तत्परता और पेशेवर कार्यप्रणाली की सराहना की है। बैतूल पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि महिला एवं बाल अपराधों के मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे सभी मामलों में त्वरित जांच के साथ आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।2
- बैतूल में कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर लगाए जाने के विरोध में एक ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने इस बात पर कड़ी आपत्ति व्यक्त की है कि स्मार्ट मीटर लोगों की सहमति के बिना स्थापित किए जा रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और कांग्रेस के कार्यकर्ता शामिल रहे।1
- ग्राम पंचायत हर्निया के टांडी ठाना क्षेत्र में बिजली विभाग की घोर लापरवाही ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता और खतरे का कारण बन गई है। क्षेत्र में अनेक स्थानों पर बिजली के तार अत्यंत जर्जर और खुले हुए लटके हैं, जिनसे लगातार चिंगारियां निकल रही हैं। इस स्थिति ने ग्रामीणों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है और किसी भी वक्त एक बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, तेज हवा और बारिश के दौरान यह समस्या और भी विकराल रूप ले लेती है, जब तार आपस में टकराने से चिंगारियां अधिक निकलती हैं, जिससे आग लगने और करंट फैलने का गंभीर खतरा बना रहता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने इस खतरनाक स्थिति की जानकारी कई बार बिजली विभाग के अधिकारियों को दी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। खुले तार आबादी वाले क्षेत्रों, गलियों और मुख्य रास्तों के ठीक ऊपर से गुजर रहे हैं, जहाँ बच्चों और मवेशियों का आवागमन लगातार जारी रहता है, जिससे हर पल बड़े हादसे की आशंका बढ़ जाती है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, ग्रामीणों ने बिजली विभाग से तत्काल इन जर्जर तारों को बदलने और आवश्यक मरम्मत कार्य कराने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का समाधान शीघ्र नहीं किया गया, तो वे प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ ज्ञापन सौंपकर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप करने और क्षेत्र के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की है।2
- सौंसर स्थित ब्लॉक कांग्रेस कमेटी कार्यालय में जिले के पूर्व सांसद नकुलनाथ का जन्मदिन बड़े हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सौंसर विधायक विजय चौरे सहित कांग्रेस परिवार के वरिष्ठजन, पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने केक काटकर पूर्व सांसद नकुलनाथ जी के स्वस्थ, सुखद और दीर्घायु जीवन की कामना की, साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य और जनसेवा के प्रति निरंतर समर्पण की सराहना भी की। इस कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने नकुलनाथ जी को जन्मदिन की शुभकामनाएं प्रेषित करने के साथ-साथ संगठन की मजबूती और जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।1
- ग्राम पंचायत रजाड़ा के डोलाढाना मोहल्ले में सड़क की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है, जिसके कारण बारिश के मौसम में वहां के किसानों और स्कूल जाने वाले बच्चों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। खराब रास्ते की वजह से वाहनों के फिसलने और गिरने की घटनाएं लगातार हो रही हैं, साथ ही स्कूल आते-जाते समय बच्चे भी अक्सर गिर जाते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत द्वारा इस सड़क का निर्माण कार्य नहीं करवाया गया है, और सरपंच को बार-बार कहने के बाद भी इसे पक्का नहीं किया जा रहा। जब सरपंच से इस मुद्दे पर बात की जाती है, तो वे सरकारी फंड न होने का बहाना बनाते हैं। स्थानीय लोगों ने सरकार से जल्द से जल्द इस रास्ते का काम करवाने की अपील की है।4