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लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड के मामले में निलंबित FSSO कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में कमलेंद्र सिंह ने अपनी कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया है, उनका कहना है कि यह एक छोटे स्तर के अधिकारी पर की गई कार्रवाई है। कमलेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि उनका कार्यक्षेत्र सीमित है, जबकि मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) के पास सारे अधिकार होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) CFO द्वारा ही जारी किए जाते हैं और अग्निशमन दल के देर से पहुंचने के लिए भी CFO ही जिम्मेदार हैं। कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि CFO की जिम्मेदारी तय की जाए और उन पर की गई कार्रवाई पर पुनर्विचार किया जाए।
Anand News
लखनऊ के अलीगंज में हुए अग्निकांड के मामले में निलंबित FSSO कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री योगी को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में कमलेंद्र सिंह ने अपनी कार्रवाई को अन्यायपूर्ण बताया है, उनका कहना है कि यह एक छोटे स्तर के अधिकारी पर की गई कार्रवाई है। कमलेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया है कि उनका कार्यक्षेत्र सीमित है, जबकि मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) के पास सारे अधिकार होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) CFO द्वारा ही जारी किए जाते हैं और अग्निशमन दल के देर से पहुंचने के लिए भी CFO ही जिम्मेदार हैं। कमलेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि CFO की जिम्मेदारी तय की जाए और उन पर की गई कार्रवाई पर पुनर्विचार किया जाए।
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- मुजफ्फरनगर के कृष्णापुरी में मकान खरीद को लेकर एक विवाद गर्मा गया है। यह मामला मेरठ के कृष्णापुरी क्षेत्र से जुड़ा है, जहाँ एक मुस्लिम व्यक्ति द्वारा कथित रूप से मकान खरीदे जाने की सूचना मिली। इस जानकारी के बाद हिंदू संघर्ष समिति के संयोजक नरेंद्र पंवार मौके पर पहुँचे और उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत की। नरेंद्र पंवार ने प्रशासन से माँग की है कि 24 घंटे के भीतर इस मामले की निष्पक्ष जाँच कर उचित कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो हिंदू संघर्ष समिति मोहल्ले के निवासियों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन करेगी और क्षेत्र में तालाबंदी जैसा कदम भी उठाया जा सकता है। फिलहाल, प्रशासन इस मामले की जाँच कर रहा है और स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है।1
- मुजफ्फरनगर में थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई के दौरान हुई एक मुठभेड़ में 25 हजार रुपये का इनामी और कुख्यात अपहरणकर्ता सतपाल उर्फ सत्तू घायल हो गया, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार, सतपाल एक नाबालिग किशोरी के अपहरण और पॉक्सो एक्ट के मामले में वांछित था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस चेकिंग के दौरान सतपाल ने पुलिस टीम को देखकर कार से भागने का प्रयास किया। जब पुलिस ने घेराबंदी की, तो उसने टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में सतपाल के दोनों पैरों में गोली लगी। मृतक अभियुक्त के कब्जे से एक पिस्टल, तमंचा, कारतूस, घटना में प्रयुक्त कार, एक फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल फोन, नकदी और अपहृत किशोरी की कान की बालियां बरामद की गईं। पुलिस के मुताबिक, सतपाल पर उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब सहित विभिन्न राज्यों में हत्या, लूट, अपहरण, दुष्कर्म, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट के करीब तीन दर्जन मुकदमे दर्ज थे। इसके अलावा, वह फरवरी 2026 में पुलिस कस्टडी से भी फरार हो गया था।1
- भीम आर्मी के समर्थन में 'जय भीम' और 'चंद्रशेखर भाई जिंदाबाद' के उद्घोष के साथ ज़ोरदार नारे लगाए गए। यह उद्घोष चंद्रशेखर भाई के प्रति गहरे उत्साह और दृढ़ समर्थन को व्यक्त करता है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुज़फ्फरनगर-हरिद्वार RRTS (रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम) कॉरिडोर के लिए एएआर/डीपीआर (एनालिसिस ऑफ अल्टरनेटिव्स/डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कराने को सैद्धांतिक सहमति दे दी है। इस महत्वपूर्ण निर्णय पर व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने इस कॉरिडोर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के विकास को नई दिशा और गति देने वाला बताया। उनके अनुसार, यह परियोजना मुज़फ्फरनगर, रुड़की और हरिद्वार के बीच आवागमन को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाएगी। इस कॉरिडोर से व्यापार, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, धार्मिक पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही, हरिद्वार जैसे तीर्थ स्थल तक सीधी और तेज कनेक्टिविटी मिलने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विशेष लाभ होगा। मंत्री अग्रवाल ने यह भी कहा कि यह कॉरिडोर क्षेत्र में घरेलू और विदेशी निवेश को बढ़ावा देगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के समग्र आर्थिक और सामाजिक विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।1
- मुजफ्फरनगर में अपराध और अवैध शस्त्रों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे एक अभियान के तहत, थाना कोतवाली नगर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने अवैध शस्त्रों की खरीद-फरोख्त में संलिप्त चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से भारी मात्रा में अवैध हथियार तथा अन्य सामग्री बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों से 9 अवैध तमंचे और उनके साथ 9 जिंदा कारतूस (.315 बोर), 3 पिस्टल (.32 बोर), 3 मैगजीन (.32 बोर), 4 मोबाइल फोन और 4,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। बरामद किए गए हथियारों के संबंध में पूछताछ की जा रही है कि उन्हें कहां से प्राप्त किया गया था और किन व्यक्तियों को इनकी आपूर्ति की जानी थी। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और अवैध शस्त्रों के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि जनपद में अपराध और अवैध हथियारों के कारोबार को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा।1
- ईंट भट्ठों पर मजदूरों के शोषण के खिलाफ आज कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें निर्धारित 718 रुपये की जगह बहुत कम दिहाड़ी दी जा रही है। इस अन्यायपूर्ण व्यवहार के विरोध में मजदूरों ने अपनी आवाज बुलंद की।1
- प्रसूता की मौत के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि महिला का ऑपरेशन ट्रेनी डॉक्टरों द्वारा किया गया था और अस्पताल में भर्ती के दौरान उनके आभूषण भी गायब हो गए। इस घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है, हालांकि, नवजात बच्ची सुरक्षित बताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच में जुट गई है, वहीं स्वास्थ्य विभाग की एक टीम भी अस्पताल की कार्यप्रणाली की पड़ताल कर रही है। इन शिकायतों के बाद अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।1
- मुज़फ्फरनगर जिले के ज्वालापुर बाज़ार से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें लोग सामान खरीदते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो में एक व्यक्ति को खरीददारी करते हुए और एक कार्यकर्ता कुलदीप कुमार बाबरा को बातचीत करते हुए देखा जा सकता है। यह जानकारी सोशल मीडिया पर एबीसी न्यूज़ के रिपोर्टर खड़के ने साझा की है, जिसमें ज्वालापुर बाज़ार में सामान लेते हुए व्यक्तियों की गतिविधियों और रविदास भक्ति का भी ज़िक्र किया गया है।1