Shuru
Apke Nagar Ki App…
ईंट भट्ठों पर मजदूरों के शोषण के खिलाफ आज कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें निर्धारित 718 रुपये की जगह बहुत कम दिहाड़ी दी जा रही है। इस अन्यायपूर्ण व्यवहार के विरोध में मजदूरों ने अपनी आवाज बुलंद की।
KHULASHA NEWS
ईंट भट्ठों पर मजदूरों के शोषण के खिलाफ आज कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें निर्धारित 718 रुपये की जगह बहुत कम दिहाड़ी दी जा रही है। इस अन्यायपूर्ण व्यवहार के विरोध में मजदूरों ने अपनी आवाज बुलंद की।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- ईंट भट्ठों पर मजदूरों के शोषण के खिलाफ आज कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें निर्धारित 718 रुपये की जगह बहुत कम दिहाड़ी दी जा रही है। इस अन्यायपूर्ण व्यवहार के विरोध में मजदूरों ने अपनी आवाज बुलंद की।1
- प्रसूता की मौत के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि महिला का ऑपरेशन ट्रेनी डॉक्टरों द्वारा किया गया था और अस्पताल में भर्ती के दौरान उनके आभूषण भी गायब हो गए। इस घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है, हालांकि, नवजात बच्ची सुरक्षित बताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच में जुट गई है, वहीं स्वास्थ्य विभाग की एक टीम भी अस्पताल की कार्यप्रणाली की पड़ताल कर रही है। इन शिकायतों के बाद अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।1
- मुजफ्फरनगर जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई एक पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ाने के लिए पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी टीम के घायल जवानों का हालचाल जाना तथा चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। एसपी सिटी ने डॉक्टरों को घायल पुलिसकर्मियों के समुचित और बेहतर उपचार के निर्देश दिए, साथ ही यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और उनका मनोबल विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घायल जवानों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका उत्साहवर्धन किया और उनकी बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा तथा साहस की सराहना की। अमृत जैन ने इस अवसर पर दोहराया कि मुजफ्फरनगर पुलिस अपराध और अपराधियों के विरुद्ध पूरी दृढ़ता से कार्रवाई कर रही है, और विश्वास व्यक्त किया कि घायल पुलिसकर्मी जल्द ही स्वस्थ होकर अपने कर्तव्यों का पुनः निर्वहन करेंगे।1
- मुजफ्फरनगर में ईंट भट्ठों पर कार्यरत मजदूरों को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी न मिलने के आरोप में मंगलवार को दर्जनों मजदूरों और पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन असंगठित मजदूर मोर्चा (ट्रेड यूनियन) के बैनर तले हुआ, जिसे समाजवादी पार्टी के नेता और शिक्षक सभा प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येंद्र पाल का समर्थन मिला। सत्येंद्र पाल ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की समस्या का आज समाधान नहीं हुआ, तो वे एक बहुत बड़ा प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सुबह से धरने पर बैठे होने के बावजूद कोई सक्षम अधिकारी वार्ता करने नहीं आया। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी, उपश्रमायुक्त और सहायक श्रमायुक्त के नाम एक ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने आरोप लगाया है कि जिले में लगभग 300 ईंट भट्ठों पर लाखों मजदूर काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित ₹718 प्रति हजार ईंट की न्यूनतम मजदूरी के बजाय काफी कम भुगतान किया जा रहा है। उनका यह भी दावा है कि श्रम विभाग के कुछ कर्मचारी और अधिकारी ईंट भट्ठा संचालकों के साथ मिलीभगत कर मजदूरों का शोषण करवा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि मजदूरों को मजबूरी में बंधुआ मजदूरी जैसी परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है, जहां महिलाओं के लिए सुरक्षित शौचालय, पीने का साफ पानी, चिकित्सा सुविधा, श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, लेबर रजिस्ट्रेशन, पीएफ, बोनस और अन्य कानूनी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। असंगठित मजदूर मोर्चा ने प्रशासन को सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी की एक प्रति भी ज्ञापन के साथ सौंपी। उन्होंने मांग की है कि जिले के सभी ईंट भट्ठों की जांच कराई जाए और मजदूरों को तय मजदूरी तथा सभी श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।4
- मुजफ्फरनगर के तितावी थाना क्षेत्र के ग्राम मांडी स्थित एक फैक्ट्री में पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त कार्रवाई के दौरान 12 श्रमिकों को बंधक बनाकर रखे जाने से मुक्त कराया गया है। इस अभियान में पुलिस ने मौके से 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया गया है कि इन श्रमिकों को नौकरी, अच्छे वेतन, भोजन और रहने की सुविधा का लालच देकर विभिन्न राज्यों से लाया गया था। आरोप है कि उन्हें बंधुआ मजदूर बनाकर दिन-रात 24 घंटे तक काम कराया जाता था, जबकि उन्हें दिन में केवल एक बार सूखी रोटी दी जाती थी। यदि वे वेतन की मांग करते या बाहर जाने की बात करते, तो उनके साथ मारपीट की जाती थी। प्रारंभिक जांच में यह भी पता चला है कि कुछ श्रमिकों को लगभग डेढ़ वर्ष से फैक्ट्री में बंधक बनाकर रखा गया था, और मुक्त कराए गए श्रमिकों में कुछ नाबालिग भी शामिल हैं। सूचना मिलने पर पुलिस, एसओजी, श्रम विभाग और प्रशासन की एक संयुक्त टीम ने फैक्ट्री पर छापा मारा। मुक्त कराए गए श्रमिक बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा और राजस्थान के निवासी बताए जा रहे हैं। मामले में आगे की विवेचनात्मक कार्रवाई जारी है।3
- मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक दोना पत्तल फैक्ट्री से बंधक बनाकर रखे गए श्रमिकों को सफलतापूर्वक मुक्त करा लिया है, जिसके बाद इन श्रमिकों ने पुलिस के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। मुक्त कराए गए श्रमिकों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा और पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अक्षय संजय महाडीक सहित पूरी पुलिस टीम को धन्यवाद देते हुए कहा कि पुलिस ने उन्हें एक नई ज़िंदगी दी है। श्रमिकों ने बताया कि उन्हें नौकरी, अच्छे वेतन, भोजन और रहने की सुविधाओं का झांसा देकर फैक्ट्री में लाया गया था, जहाँ उनसे जबरन काम कराया जा रहा था और उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर तितावी थाना पुलिस और एसओजी देहात की एक संयुक्त टीम ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई करते हुए फैक्ट्री में छापा मारा और 12 श्रमिकों को बंधन से मुक्त कराया। इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस की इस मुस्तैद कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है।1
- मुज़फ्फरनगर जिले के ज्वालापुर बाज़ार से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें लोग सामान खरीदते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो में एक व्यक्ति को खरीददारी करते हुए और एक कार्यकर्ता कुलदीप कुमार बाबरा को बातचीत करते हुए देखा जा सकता है। यह जानकारी सोशल मीडिया पर एबीसी न्यूज़ के रिपोर्टर खड़के ने साझा की है, जिसमें ज्वालापुर बाज़ार में सामान लेते हुए व्यक्तियों की गतिविधियों और रविदास भक्ति का भी ज़िक्र किया गया है।1