मुजफ्फरनगर जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई एक पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ाने के लिए पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी टीम के घायल जवानों का हालचाल जाना तथा चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। एसपी सिटी ने डॉक्टरों को घायल पुलिसकर्मियों के समुचित और बेहतर उपचार के निर्देश दिए, साथ ही यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और उनका मनोबल विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घायल जवानों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका उत्साहवर्धन किया और उनकी बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा तथा साहस की सराहना की। अमृत जैन ने इस अवसर पर दोहराया कि मुजफ्फरनगर पुलिस अपराध और अपराधियों के विरुद्ध पूरी दृढ़ता से कार्रवाई कर रही है, और विश्वास व्यक्त किया कि घायल पुलिसकर्मी जल्द ही स्वस्थ होकर अपने कर्तव्यों का पुनः निर्वहन करेंगे।
मुजफ्फरनगर जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई एक पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ाने के लिए पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी टीम के घायल जवानों का हालचाल जाना तथा चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। एसपी सिटी ने डॉक्टरों को घायल पुलिसकर्मियों के समुचित और बेहतर उपचार के निर्देश दिए, साथ ही यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और उनका मनोबल विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घायल जवानों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका उत्साहवर्धन किया और उनकी बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा तथा साहस की सराहना की। अमृत जैन ने इस अवसर पर दोहराया कि मुजफ्फरनगर पुलिस अपराध और अपराधियों के विरुद्ध पूरी दृढ़ता से कार्रवाई कर रही है, और विश्वास व्यक्त किया कि घायल पुलिसकर्मी जल्द ही स्वस्थ होकर अपने कर्तव्यों का पुनः निर्वहन करेंगे।
- मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक मुठभेड़ के बाद कुख्यात अपराधी सतपाल उर्फ सत्तू को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। 22/23 जून 2026 की रात को बामनहेड़ी रुड़की रोड पर चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध ओरा कार को रोकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करते हुए तेजी से भागने लगा। इस जवाबी कार्रवाई में बदमाश की गोली लगने से दो पुलिसकर्मी घायल हो गए और एक पुलिस वाहन में भी गोली लगी, जिसके बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी फायरिंग की, जिसमें बदमाश घायल हो गया। पुलिस द्वारा घायल अवस्था में गिरफ्तार किए गए इस बदमाश की पहचान सतपाल उर्फ सत्तू पुत्र मुन्नु राम, निवासी 365 रामदरबार थाना सेक्टर 32, चंडीगढ़ के रूप में हुई। उसके कब्जे से एक जोड़ी पीली धातु की बालियां (अपहृता की), एक ओरा कार (PB 01E 5793), एक कूटरचित आधार कार्ड, एक मोबाइल फोन और एक 32 बोर की पिस्टल के साथ एक जिंदा व एक खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक नगर श्री अमृत जैन द्वारा दिए गए बयान के अनुसार, दिनांक 19.06.2026 को थाना सिविल लाइन में एक नाबालिग लड़की के अपहरण के संबंध में मिली तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0- 149/2026 पंजीकृत किया गया था, जिसमें यह अभियुक्त वांछित था। इसकी गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा द्वारा 25,000/- रुपये का इनाम घोषित किया गया था। अभियुक्त की पहचान और गिरफ्तारी के लिए 10 टीमें गठित की गई थीं, जिन्होंने 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों, टोल बूथों और अन्य माध्यमों से उसकी पहचान की। पुलिस के अनुसार, सतपाल उर्फ सत्तू एक शातिर किस्म का दुर्दांत अपराधी है, जिसके विरुद्ध हत्या, लूट और दुष्कर्म जैसे अपराधों में विभिन्न राज्यों में करीब 2 दर्जन से अधिक अभियोग पंजीकृत हैं। वह पूर्व में करीब 15 वर्ष जेल में रह चुका है और उसके संबंध कुख्यात छोटा राजन गैंग से बताए गए हैं। फरवरी माह से लुधियाना जेल से फरार होने के बाद, अभियुक्त ने पंजाब से आकर उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर नाबालिग किशोरियों का अपहरण और दुष्कर्म करने की घटनाओं को अंजाम दिया है। घायल अभियुक्त और पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है; अभियुक्त को उपचार के लिए उच्च केंद्र रेफर किया गया है, जबकि घायल पुलिसकर्मी जिला अस्पताल में उपचाराधीन हैं और उनकी स्थिति स्थिर है। पुलिस अधीक्षक नगर श्री अमृत जैन ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिसकर्मियों के उपचार का निरीक्षण किया और चिकित्सकों को बेहतर उपचार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।1
- मुजफ्फरनगर में जिला पंचायत सदस्य अमरकांत मलिक उर्फ चिकू द्वारा जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी योगेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित अनशन फिलहाल स्थगित हो गया है। दोनों पक्षों के बीच हुई आपसी बातचीत के बाद विवाद समाप्त होने और सहमति बनने की बात सामने आई है। अमरकांत चिकू ने बताया कि उनकी और अपर मुख्य अधिकारी योगेश कुमार की एक बैठक हुई, जिसमें सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा की गई। इस बातचीत के दौरान कई गलतफहमियां दूर हुईं, जिसके बाद उन्होंने अनशन पर बैठने का अपना निर्णय वापस ले लिया। चिकू ने यह भी कहा कि योगेश कुमार एक अच्छे और जिम्मेदार अधिकारी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस दिन उन्होंने योगेश कुमार पर कार्यालय नहीं आने का आरोप लगाया था, बाद में जानकारी मिली कि उस समय वह जिलाधिकारी के साथ एक महत्वपूर्ण मेले की बैठक में शामिल थे। इस तथ्य की जानकारी न होने के कारण ही गलतफहमी पैदा हुई थी। जिला पंचायत सदस्य ने उम्मीद जताई कि भविष्य में जिला पंचायत के विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी तथा जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बना रहेगा, क्योंकि जनहित के मुद्दों पर उनकी चिंता पहले की तरह बनी रहेगी, लेकिन समस्याओं का समाधान संवाद और आपसी समन्वय से निकालना ही बेहतर है।3
- मुजफ्फरनगर जनपद के भोपा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बेहड़ा भू के निवासियों ने, जिनमें राजबीर सिंह की पुत्री भारती भी शामिल हैं, जानसठ के उपजिलाधिकारी को एक शिकायत पत्र सौंपा है। इस पत्र में खसरा संख्या 439, 440, 441 और 442 पर स्थित भूमि पर अवैध कब्जे का गंभीर आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, यह भूमि मृतक बच्चों के गार्डन और सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित बताई गई है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा इस सार्वजनिक भूमि पर कथित तौर पर जबरन कब्जा कर लिया गया है। इस जमीन पर बिठौड़े, कूड़ा-कचरा, झोपड़ियां और अन्य अवैध निर्माण कर दिए गए हैं, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में भारी गंदगी फैल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंदगी के चलते इलाके में बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया है। ग्रामवासियों ने उपजिलाधिकारी को बताया कि इस अवैध कब्जे के संबंध में पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन उनके अनुसार अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने सीधे तौर पर राजस्व एवं विकास विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने भी इस मामले में अपेक्षित कदम उठाने में विफलता दिखाई है। उपजिलाधिकारी को सौंपे गए अपने प्रार्थना पत्र में, ग्रामीणों ने सख्त मांग की है कि भूमि से अवैध कब्जा तुरंत हटवाया जाए और इसमें शामिल सभी संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि भूमि का तत्काल समतलीकरण किया जाए, उसकी मेड़बंदी की जाए और भविष्य में ऐसे किसी भी अवैध कब्जे से बचाने के लिए उसका संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। इस पूरे मामले में, फिलहाल प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- लखनऊ अग्निकांड में अब तक 18 लोगों की मौत की सूचना मिली है। इस भयावह घटना का एक और वीडियो सामने आया है, जो कमर्शियल बिल्डिंग में मची अफरा-तफरी और विकट हालात को दर्शाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपनी जान बचाने के लिए कई बच्चों ने बिजली के केबल का सहारा लिया और उसे पकड़कर नीचे उतरने में सफल रहे। इन बच्चों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए अपनी जान बचाई। हालांकि, कुछ बच्चे घबराहट में बाथरूम के अंदर बंद हो गए और धुएं के कारण दम घुटने से उनकी दुखद मौत हो गई। बताया गया है कि दो बच्चों ने जान बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग लगा दी थी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका इलाज फिलहाल ट्रॉमा सेंटर में जारी है।1
- मुजफ्फरनगर जनपद के चरथावल थाना पुलिस ने न्यायालय द्वारा जारी गैर जमानती वारंट के अनुपालन में एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रभारी निरीक्षक चरथावल के नेतृत्व में उपनिरीक्षक परविन्दर सिंह और उनकी टीम द्वारा की गई। टीम ने ग्राम सैदपुरकलां निवासी जानू उर्फ जान मोहम्मद पुत्र शमी को उसके घर से दबोचा। आरोपी जानू उर्फ जान मोहम्मद के विरुद्ध मुजफ्फरनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा वाद संख्या 04/9/2023 और मुकदमा अपराध संख्या 645/22, धारा 379/411 आईपीसी (भारतीय दंड संहिता) से संबंधित गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी का आपराधिक इतिहास भी है और उसके खिलाफ चोरी तथा चोरी का माल रखने से जुड़े मामले दर्ज हैं। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आवश्यक वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसमें उपनिरीक्षक परविन्दर सिंह, कांस्टेबल रजत कुमार और रिटायर्ड कांस्टेबल अरविंद कुमार शामिल रहे।1
- मुजफ्फरनगर जनपद में बंधुआ मजदूरी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री अक्षय संजय महाडीक के नेतृत्व में तितावी पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त टीम ने एक दोना पत्तल फैक्ट्री पर छापा मारा। इस अभियान के दौरान पुलिस ने 12 श्रमिकों को बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराया और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विभिन्न राज्यों से श्रमिकों को नौकरी, अच्छे वेतन, भोजन और रहने की सुविधाओं का लालच देकर फैक्ट्री में लाते थे। हालाँकि, फैक्ट्री पहुँचने पर इन श्रमिकों को बंधुआ मजदूर बनाकर उनसे 24 घंटे तक काम कराया जाता था। मुक्त कराए गए श्रमिकों ने बताया कि उन्हें दिन में केवल एक बार सूखी रोटी दी जाती थी और वेतन माँगने या फैक्ट्री से बाहर जाने की कोशिश करने पर उनके साथ मारपीट की जाती तथा उन्हें डराया-धमकाया जाता था। सूचना मिलने पर, श्री अक्षय संजय महाडीक के निर्देशन में तितावी पुलिस और एसओजी देहात ने यह संयुक्त अभियान चलाया, जिसके फलस्वरूप 12 श्रमिकों को सकुशल मुक्त कराया जा सका और दोनों आरोपियों को धर दबोचा गया।1
- मुज़फ्फरनगर जनपद के चरथावल क्षेत्र स्थित बधाई कला गांव के निवासी राजबीर और गवाह रमेश मलिक ने अपनी जान-माल की सुरक्षा के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से गुहार लगाई है। पीड़ित राजबीर ने आरोप लगाया है कि उसे गांव के ही एक युवक नितिन से खतरा है। राजबीर ने एसएसपी कार्यालय में एक प्रार्थना पत्र सौंपते हुए पुलिस प्रशासन से सुरक्षा प्रदान करने और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।2
- मुजफ्फरनगर में एसपी सिटी अमृत जैन जिला चिकित्सालय पहुंचे और घायल पुलिसकर्मियों के साथ-साथ घायल अपराधी सतपाल उर्फ सत्तू का भी हाल जाना। इस दौरान, उन्होंने घटना के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की।2