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मुज़फ्फरनगर जनपद के चरथावल क्षेत्र स्थित बधाई कला गांव के निवासी राजबीर और गवाह रमेश मलिक ने अपनी जान-माल की सुरक्षा के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से गुहार लगाई है। पीड़ित राजबीर ने आरोप लगाया है कि उसे गांव के ही एक युवक नितिन से खतरा है। राजबीर ने एसएसपी कार्यालय में एक प्रार्थना पत्र सौंपते हुए पुलिस प्रशासन से सुरक्षा प्रदान करने और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
Vijay rathi
मुज़फ्फरनगर जनपद के चरथावल क्षेत्र स्थित बधाई कला गांव के निवासी राजबीर और गवाह रमेश मलिक ने अपनी जान-माल की सुरक्षा के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से गुहार लगाई है। पीड़ित राजबीर ने आरोप लगाया है कि उसे गांव के ही एक युवक नितिन से खतरा है। राजबीर ने एसएसपी कार्यालय में एक प्रार्थना पत्र सौंपते हुए पुलिस प्रशासन से सुरक्षा प्रदान करने और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
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- मुज़फ्फरनगर जनपद के चरथावल क्षेत्र स्थित बधाई कला गांव के निवासी राजबीर और गवाह रमेश मलिक ने अपनी जान-माल की सुरक्षा के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से गुहार लगाई है। पीड़ित राजबीर ने आरोप लगाया है कि उसे गांव के ही एक युवक नितिन से खतरा है। राजबीर ने एसएसपी कार्यालय में एक प्रार्थना पत्र सौंपते हुए पुलिस प्रशासन से सुरक्षा प्रदान करने और इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।2
- ईंट भट्ठों पर मजदूरों के शोषण के खिलाफ आज कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया गया। मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें निर्धारित 718 रुपये की जगह बहुत कम दिहाड़ी दी जा रही है। इस अन्यायपूर्ण व्यवहार के विरोध में मजदूरों ने अपनी आवाज बुलंद की।1
- प्रसूता की मौत के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं कि महिला का ऑपरेशन ट्रेनी डॉक्टरों द्वारा किया गया था और अस्पताल में भर्ती के दौरान उनके आभूषण भी गायब हो गए। इस घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश है, हालांकि, नवजात बच्ची सुरक्षित बताई जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच में जुट गई है, वहीं स्वास्थ्य विभाग की एक टीम भी अस्पताल की कार्यप्रणाली की पड़ताल कर रही है। इन शिकायतों के बाद अस्पताल प्रबंधन की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं।1
- मुजफ्फरनगर जनपद में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई एक पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए पुलिसकर्मियों का हौसला बढ़ाने के लिए पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी टीम के घायल जवानों का हालचाल जाना तथा चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। एसपी सिटी ने डॉक्टरों को घायल पुलिसकर्मियों के समुचित और बेहतर उपचार के निर्देश दिए, साथ ही यह भी कहा कि पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और उनका मनोबल विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घायल जवानों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनका उत्साहवर्धन किया और उनकी बहादुरी, कर्तव्यनिष्ठा तथा साहस की सराहना की। अमृत जैन ने इस अवसर पर दोहराया कि मुजफ्फरनगर पुलिस अपराध और अपराधियों के विरुद्ध पूरी दृढ़ता से कार्रवाई कर रही है, और विश्वास व्यक्त किया कि घायल पुलिसकर्मी जल्द ही स्वस्थ होकर अपने कर्तव्यों का पुनः निर्वहन करेंगे।1
- मुजफ्फरनगर में ईंट भट्ठों पर कार्यरत मजदूरों को राज्य सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी न मिलने के आरोप में मंगलवार को दर्जनों मजदूरों और पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन असंगठित मजदूर मोर्चा (ट्रेड यूनियन) के बैनर तले हुआ, जिसे समाजवादी पार्टी के नेता और शिक्षक सभा प्रदेश उपाध्यक्ष सत्येंद्र पाल का समर्थन मिला। सत्येंद्र पाल ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की समस्या का आज समाधान नहीं हुआ, तो वे एक बहुत बड़ा प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सुबह से धरने पर बैठे होने के बावजूद कोई सक्षम अधिकारी वार्ता करने नहीं आया। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी, उपश्रमायुक्त और सहायक श्रमायुक्त के नाम एक ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने आरोप लगाया है कि जिले में लगभग 300 ईंट भट्ठों पर लाखों मजदूर काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सरकार द्वारा निर्धारित ₹718 प्रति हजार ईंट की न्यूनतम मजदूरी के बजाय काफी कम भुगतान किया जा रहा है। उनका यह भी दावा है कि श्रम विभाग के कुछ कर्मचारी और अधिकारी ईंट भट्ठा संचालकों के साथ मिलीभगत कर मजदूरों का शोषण करवा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि मजदूरों को मजबूरी में बंधुआ मजदूरी जैसी परिस्थितियों में काम करना पड़ रहा है, जहां महिलाओं के लिए सुरक्षित शौचालय, पीने का साफ पानी, चिकित्सा सुविधा, श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा, लेबर रजिस्ट्रेशन, पीएफ, बोनस और अन्य कानूनी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। असंगठित मजदूर मोर्चा ने प्रशासन को सरकार द्वारा तय न्यूनतम मजदूरी की एक प्रति भी ज्ञापन के साथ सौंपी। उन्होंने मांग की है कि जिले के सभी ईंट भट्ठों की जांच कराई जाए और मजदूरों को तय मजदूरी तथा सभी श्रम कानूनों के तहत मिलने वाली सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।4
- हाल ही में नाज़िया इलाही नामक महिला द्वारा प्यारे पैगंबर की शान में इंतिहाई नाज़ेबा और तौहीनआमेज़ टिप्पणियाँ करने के बाद मुसलमानों में शदीद ग़ुस्सा और बेचैनी फैल गई है। यह बदज़ुबानी, जिसे 'नबी की शान में गुस्ताख़ी हरगिज़ बर्दाश्त नहीं!' के रूप में वर्णित किया गया है, ने दुनिया भर के मुसलमानों के दिलों को छलनी कर दिया है, जिससे देश का अमन-ओ-अमान दांव पर लगने का आरोप है। हुकूमत-ए-हिन्द और संबंधित पुलिस प्रशासन से पुरज़ोर मुतालिबा किया गया है कि नाज़िया इलाही को, जिसे मुल्क का अमन-ओ-अमान दांव पर लगाने वाली बताया गया है, बिना किसी देरी के तुरंत गिरफ्तार किया जाए। इसके अतिरिक्त, माँग की गई है कि उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर ऐसी इबरतनाक सज़ा दी जाए, ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति किसी भी धार्मिक रहनुमा के खिलाफ इस तरह की बकवास करने की हिम्मत न कर सके।1
- हनुमान बेनीवाल ने जाट समुदाय की शक्ति को रेखांकित करते हुए एक बयान जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जब जाट समुदाय सड़क पर आता है, तो सरकार 'डिप्रेशन' में चली जाती है।1
- मुज़फ्फरनगर जिले के ज्वालापुर बाज़ार से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें लोग सामान खरीदते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो में एक व्यक्ति को खरीददारी करते हुए और एक कार्यकर्ता कुलदीप कुमार बाबरा को बातचीत करते हुए देखा जा सकता है। यह जानकारी सोशल मीडिया पर एबीसी न्यूज़ के रिपोर्टर खड़के ने साझा की है, जिसमें ज्वालापुर बाज़ार में सामान लेते हुए व्यक्तियों की गतिविधियों और रविदास भक्ति का भी ज़िक्र किया गया है।1