मुजफ्फरनगर में जिला पंचायत सदस्य अमरकांत मलिक उर्फ चिकू द्वारा जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी योगेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित अनशन फिलहाल स्थगित हो गया है। दोनों पक्षों के बीच हुई आपसी बातचीत के बाद विवाद समाप्त होने और सहमति बनने की बात सामने आई है। अमरकांत चिकू ने बताया कि उनकी और अपर मुख्य अधिकारी योगेश कुमार की एक बैठक हुई, जिसमें सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा की गई। इस बातचीत के दौरान कई गलतफहमियां दूर हुईं, जिसके बाद उन्होंने अनशन पर बैठने का अपना निर्णय वापस ले लिया। चिकू ने यह भी कहा कि योगेश कुमार एक अच्छे और जिम्मेदार अधिकारी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस दिन उन्होंने योगेश कुमार पर कार्यालय नहीं आने का आरोप लगाया था, बाद में जानकारी मिली कि उस समय वह जिलाधिकारी के साथ एक महत्वपूर्ण मेले की बैठक में शामिल थे। इस तथ्य की जानकारी न होने के कारण ही गलतफहमी पैदा हुई थी। जिला पंचायत सदस्य ने उम्मीद जताई कि भविष्य में जिला पंचायत के विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी तथा जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बना रहेगा, क्योंकि जनहित के मुद्दों पर उनकी चिंता पहले की तरह बनी रहेगी, लेकिन समस्याओं का समाधान संवाद और आपसी समन्वय से निकालना ही बेहतर है।
मुजफ्फरनगर में जिला पंचायत सदस्य अमरकांत मलिक उर्फ चिकू द्वारा जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी योगेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित अनशन फिलहाल स्थगित हो गया है। दोनों पक्षों के बीच हुई आपसी बातचीत के बाद विवाद समाप्त होने और सहमति बनने की बात सामने आई है। अमरकांत चिकू ने बताया कि उनकी और अपर मुख्य अधिकारी योगेश कुमार की एक बैठक हुई, जिसमें सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा की
गई। इस बातचीत के दौरान कई गलतफहमियां दूर हुईं, जिसके बाद उन्होंने अनशन पर बैठने का अपना निर्णय वापस ले लिया। चिकू ने यह भी कहा कि योगेश कुमार एक अच्छे और जिम्मेदार अधिकारी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस दिन उन्होंने योगेश कुमार पर कार्यालय नहीं आने का आरोप लगाया था, बाद में जानकारी मिली कि उस समय वह जिलाधिकारी के साथ एक महत्वपूर्ण मेले की बैठक में
शामिल थे। इस तथ्य की जानकारी न होने के कारण ही गलतफहमी पैदा हुई थी। जिला पंचायत सदस्य ने उम्मीद जताई कि भविष्य में जिला पंचायत के विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी तथा जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बना रहेगा, क्योंकि जनहित के मुद्दों पर उनकी चिंता पहले की तरह बनी रहेगी, लेकिन समस्याओं का समाधान संवाद और आपसी समन्वय से निकालना ही बेहतर है।
- दिनांक 19.06.2026 को मुजफ्फरनगर के थाना सिविल लाइन में एक वादी ने अपनी नाबालिग बेटी के ओरा कार से अपहरण होने की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर अभियुक्त की गिरफ्तारी के लिए 10 टीमें गठित कीं। इन टीमों ने 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों, टोल बूथों और अन्य माध्यमों से अभियुक्त की पहचान सुनिश्चित की। दिनांक 22/23.06.2026 की रात को थाना सिविल लाइन पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम बामनहेड़ी रुड़की रोड पर चेकिंग कर रही थी, तभी एक संदिग्ध ओरा कार आती दिखाई दी। पुलिस द्वारा रुकने का इशारा करने पर अभियुक्त तेजी से भागने लगा, जिसके बाद पुलिस ने उसका पीछा कर घेराबंदी की। खुद को घिरा देख, बदमाश ने कार छोड़कर पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। इस फायरिंग में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए और पुलिस वाहन में भी गोली लगी। आत्मरक्षा में पुलिस टीम ने नियंत्रित जवाबी फायरिंग की, जिसमें बदमाश घायल हो गया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया। घायल/गिरफ्तार बदमाश की पहचान सतपाल उर्फ सत्तू पुत्र मुन्नु राम निवासी 365 रामदरबार थाना सैक्टर 32, चण्डीगढ के रूप में हुई। उसके कब्जे से अपहृता की 01 जोड़ी पीली धातु की बालियां, 01 ओरा कार (पीबी 01ई 5793), 01 कूटरचित आधार कार्ड, 01 मोबाइल फोन, और 01 पिस्टल 32 बोर के साथ 01 जिंदा व खोखा कारतूस 32 बोर बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, सतपाल उर्फ सत्तू एक शातिर और दुर्दांत अपराधी है, जिसके विरुद्ध हत्या, लूट, दुष्कर्म जैसे अपराधों में विभिन्न राज्यों में करीब 02 दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। वह पूर्व में लगभग 15 साल जेल में रह चुका है और उसके कुख्यात छोटा राजन गैंग से संबंध भी रहे हैं। अभियुक्त फरवरी माह से लुधियाना जेल से फरार था, और फरार होने के बाद उसने पंजाब से आकर उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर नाबालिग लड़कियों के अपहरण और दुष्कर्म की घटनाओं को अंजाम दिया है। अभियुक्त थाना सिविल लाइन पर पंजीकृत मु0अ0सं0- 149/2026 में वांछित था, जिसकी गिरफ्तारी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा द्वारा ₹25,000/- का इनाम घोषित किया गया था। घायल बदमाश और पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस मुठभेड़ में घायल अभियुक्त को हायर सेंटर रेफर किया गया है, जबकि घायल पुलिसकर्मी जिला अस्पताल में उपचाराधीन हैं और उनकी स्थिति स्थिर है। पुलिस अधीक्षक नगर श्री अमृत जैन ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिसकर्मियों के उपचार का निरीक्षण किया और उनके बेहतर इलाज के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।1
- मुजफ्फरनगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने एक मुठभेड़ के बाद कुख्यात अपराधी सतपाल उर्फ सत्तू को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया है। 22/23 जून 2026 की रात को बामनहेड़ी रुड़की रोड पर चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध ओरा कार को रोकने का इशारा किया गया, लेकिन चालक पुलिस पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करते हुए तेजी से भागने लगा। इस जवाबी कार्रवाई में बदमाश की गोली लगने से दो पुलिसकर्मी घायल हो गए और एक पुलिस वाहन में भी गोली लगी, जिसके बाद पुलिस टीम ने आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी फायरिंग की, जिसमें बदमाश घायल हो गया। पुलिस द्वारा घायल अवस्था में गिरफ्तार किए गए इस बदमाश की पहचान सतपाल उर्फ सत्तू पुत्र मुन्नु राम, निवासी 365 रामदरबार थाना सेक्टर 32, चंडीगढ़ के रूप में हुई। उसके कब्जे से एक जोड़ी पीली धातु की बालियां (अपहृता की), एक ओरा कार (PB 01E 5793), एक कूटरचित आधार कार्ड, एक मोबाइल फोन और एक 32 बोर की पिस्टल के साथ एक जिंदा व एक खोखा कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक नगर श्री अमृत जैन द्वारा दिए गए बयान के अनुसार, दिनांक 19.06.2026 को थाना सिविल लाइन में एक नाबालिग लड़की के अपहरण के संबंध में मिली तहरीर के आधार पर मु0अ0सं0- 149/2026 पंजीकृत किया गया था, जिसमें यह अभियुक्त वांछित था। इसकी गिरफ्तारी के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री संजय कुमार वर्मा द्वारा 25,000/- रुपये का इनाम घोषित किया गया था। अभियुक्त की पहचान और गिरफ्तारी के लिए 10 टीमें गठित की गई थीं, जिन्होंने 1000 से अधिक सीसीटीवी कैमरों, टोल बूथों और अन्य माध्यमों से उसकी पहचान की। पुलिस के अनुसार, सतपाल उर्फ सत्तू एक शातिर किस्म का दुर्दांत अपराधी है, जिसके विरुद्ध हत्या, लूट और दुष्कर्म जैसे अपराधों में विभिन्न राज्यों में करीब 2 दर्जन से अधिक अभियोग पंजीकृत हैं। वह पूर्व में करीब 15 वर्ष जेल में रह चुका है और उसके संबंध कुख्यात छोटा राजन गैंग से बताए गए हैं। फरवरी माह से लुधियाना जेल से फरार होने के बाद, अभियुक्त ने पंजाब से आकर उत्तर प्रदेश के कई स्थानों पर नाबालिग किशोरियों का अपहरण और दुष्कर्म करने की घटनाओं को अंजाम दिया है। घायल अभियुक्त और पुलिसकर्मियों को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है; अभियुक्त को उपचार के लिए उच्च केंद्र रेफर किया गया है, जबकि घायल पुलिसकर्मी जिला अस्पताल में उपचाराधीन हैं और उनकी स्थिति स्थिर है। पुलिस अधीक्षक नगर श्री अमृत जैन ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायल पुलिसकर्मियों के उपचार का निरीक्षण किया और चिकित्सकों को बेहतर उपचार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।1
- मुजफ्फरनगर में जिला पंचायत सदस्य अमरकांत मलिक उर्फ चिकू द्वारा जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी योगेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित अनशन फिलहाल स्थगित हो गया है। दोनों पक्षों के बीच हुई आपसी बातचीत के बाद विवाद समाप्त होने और सहमति बनने की बात सामने आई है। अमरकांत चिकू ने बताया कि उनकी और अपर मुख्य अधिकारी योगेश कुमार की एक बैठक हुई, जिसमें सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा की गई। इस बातचीत के दौरान कई गलतफहमियां दूर हुईं, जिसके बाद उन्होंने अनशन पर बैठने का अपना निर्णय वापस ले लिया। चिकू ने यह भी कहा कि योगेश कुमार एक अच्छे और जिम्मेदार अधिकारी हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस दिन उन्होंने योगेश कुमार पर कार्यालय नहीं आने का आरोप लगाया था, बाद में जानकारी मिली कि उस समय वह जिलाधिकारी के साथ एक महत्वपूर्ण मेले की बैठक में शामिल थे। इस तथ्य की जानकारी न होने के कारण ही गलतफहमी पैदा हुई थी। जिला पंचायत सदस्य ने उम्मीद जताई कि भविष्य में जिला पंचायत के विकास कार्यों को और अधिक गति मिलेगी तथा जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल बना रहेगा, क्योंकि जनहित के मुद्दों पर उनकी चिंता पहले की तरह बनी रहेगी, लेकिन समस्याओं का समाधान संवाद और आपसी समन्वय से निकालना ही बेहतर है।3
- मुजफ्फरनगर जनपद के भोपा थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बेहड़ा भू के निवासियों ने, जिनमें राजबीर सिंह की पुत्री भारती भी शामिल हैं, जानसठ के उपजिलाधिकारी को एक शिकायत पत्र सौंपा है। इस पत्र में खसरा संख्या 439, 440, 441 और 442 पर स्थित भूमि पर अवैध कब्जे का गंभीर आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, यह भूमि मृतक बच्चों के गार्डन और सार्वजनिक उपयोग के लिए निर्धारित बताई गई है। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा इस सार्वजनिक भूमि पर कथित तौर पर जबरन कब्जा कर लिया गया है। इस जमीन पर बिठौड़े, कूड़ा-कचरा, झोपड़ियां और अन्य अवैध निर्माण कर दिए गए हैं, जिसके कारण पूरे क्षेत्र में भारी गंदगी फैल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंदगी के चलते इलाके में बीमारियों का खतरा काफी बढ़ गया है। ग्रामवासियों ने उपजिलाधिकारी को बताया कि इस अवैध कब्जे के संबंध में पहले भी कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन उनके अनुसार अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने सीधे तौर पर राजस्व एवं विकास विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने भी इस मामले में अपेक्षित कदम उठाने में विफलता दिखाई है। उपजिलाधिकारी को सौंपे गए अपने प्रार्थना पत्र में, ग्रामीणों ने सख्त मांग की है कि भूमि से अवैध कब्जा तुरंत हटवाया जाए और इसमें शामिल सभी संबंधित लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि भूमि का तत्काल समतलीकरण किया जाए, उसकी मेड़बंदी की जाए और भविष्य में ऐसे किसी भी अवैध कब्जे से बचाने के लिए उसका संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। इस पूरे मामले में, फिलहाल प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- लखनऊ अग्निकांड में अब तक 18 लोगों की मौत की सूचना मिली है। इस भयावह घटना का एक और वीडियो सामने आया है, जो कमर्शियल बिल्डिंग में मची अफरा-तफरी और विकट हालात को दर्शाता है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अपनी जान बचाने के लिए कई बच्चों ने बिजली के केबल का सहारा लिया और उसे पकड़कर नीचे उतरने में सफल रहे। इन बच्चों ने साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए अपनी जान बचाई। हालांकि, कुछ बच्चे घबराहट में बाथरूम के अंदर बंद हो गए और धुएं के कारण दम घुटने से उनकी दुखद मौत हो गई। बताया गया है कि दो बच्चों ने जान बचाने के लिए पहली मंजिल से छलांग लगा दी थी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनका इलाज फिलहाल ट्रॉमा सेंटर में जारी है।1
- मुजफ्फरनगर के चरथावल विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी की विधानसभा स्तरीय पीडीए पंचायत रोहाना तिराहे स्थित कमला फार्म हाउस में आयोजित की गई, जो राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का मंच बन गई। इस पंचायत में पार्टी नेताओं ने एकजुटता का संदेश देते हुए वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए कार्यकर्ताओं में जोश भरा और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चरथावल विधायक पंकज मलिक ने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को घेरा, जोर देकर कहा कि कानून सभी नागरिकों के लिए समान होना चाहिए और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई उनके अपराध के आधार पर की जानी चाहिए, न कि जाति और धर्म के आधार पर। उन्होंने संविधान, सामाजिक न्याय और सभी वर्गों के सम्मान की बात करते हुए पीडीए समाज से एकजुट रहने का आह्वान किया। सपा के राष्ट्रीय सचिव राम आसरे विश्वकर्मा ने भाजपा सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार को लेकर निशाना साधा और आरोप लगाया कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है। वहीं, मुजफ्फरनगर सांसद हरेंद्र मलिक ने इस बात पर प्रकाश डाला कि समाजवादी पार्टी हमेशा किसानों, मजदूरों, युवाओं और गरीबों की आवाज उठाती रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी चुनावों के मद्देनजर पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। इस पंचायत में 2027 के विधानसभा चुनाव की रणनीति, बूथ प्रबंधन और पीडीए समाज की अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष जिया चौधरी, मास्टर इस्लामुद्दीन, सतेंद्र त्यागी, नौशाद अली, कामिल प्रधान, सत्तार प्रधान, दीपक प्रधान, सुखपाल पुंडीर सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।1
- मुज़फ्फरनगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के बामनहेड़ी गांव में पुलिस और एक बदमाश के बीच मुठभेड़ हुई है, जिसमें ₹25 हजार का इनामी अपराधी सतपाल उर्फ सत्तू घायल हो गया। जवाबी कार्रवाई के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मुठभेड़ में एक सब-इंस्पेक्टर और एक सिपाही भी घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी सतपाल उर्फ सत्तू पर अपहरण, दुष्कर्म, लूट, हत्या, रंगदारी और डकैती समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उसके कब्जे से हथियार, कारतूस और एक कार बरामद की है, और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।1