कोटा में माकपा कार्यकर्ताओं और मजदूरों-किसानों ने निकाली आक्रोश रैली कोटा। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जिला कमेटी कोटा के बैनर तले सोमवार को शहर में सैकड़ों की संख्या में मजदूर, किसान और पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। केंद्र की बीजेपी सरकार की आमजन विरोधी नीतियों के खिलाफ आक्रोश जताते हुए उन्होंने एक जोरदार रैली निकाली और जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। यह रैली 24 मार्च 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में माकपा द्वारा आयोजित होने वाली जन आक्रोश महारैली की तैयारी के तौर पर निकाली गई। छावनी चौराहे से शुरू हुई रैली गुमानपुरा, सब्जी मंडी, नयापुरा और अग्रसेन चौराहा होते हुए जिला कलेक्ट्रेट गेट तक पहुंची। इस दौरान कोटा जिले के इटावा, पीपल्दा और अन्य क्षेत्रों से दर्जनों मजदूर-किसान तथा सैकड़ों माकपा कार्यकर्ता शामिल हुए। रैली में महिलाएं, छात्र और नौजवान भी बड़ी संख्या में दिखे, जो सरकार की कारपोरेट-समर्थक नीतियों पर नाराजगी जता रहे थे। जिला कलेक्ट्रेट गेट पर आयोजित सभा को प्रमुख वक्ताओं किसान नेता कामरेड दुलीचंद बोरदा, सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर, माकपा तहसील सचिव कामरेड मुकुट बिहारी जंगम (इटावा-पीपल्दा) माकपा जिला सचिव कामरेड हबीब खान ने संबोधित किया। आम जनता को गुलाम बनाने की नीति माकपा संयुक्त सचिव कामरेड मुरारी लाल बैरवा ने बताया कि वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार कारपोरेट घरानों और पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है तथा आम जनता को गुलाम बनाने की नीति अपना रही है। नए लेबर कोड्स, मनरेगा खत्म करने की कोशिश, बिजली संशोधन विधेयक, बीज विधेयक और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते जैसी नीतियां जनता के खिलाफ हैं।वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन नीतियों को वापस नहीं लिया तो आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने 24 मार्च को दिल्ली की महारैली में कोटा जिले से हजारों की संख्या में मजदूर, किसान, महिलाएं, छात्र और नौजवान शामिल होने का आह्वान किया। कहा गया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो इससे भी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरेंगे। रैली के बाद सौंपा ज्ञापन रैली के बाद माकपा जिला कमेटी के प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें मजदूरों को बकाया वेतन भुगतान, अन्य मांगों के साथ-साथ दिल्ली महारैली के समर्थन में भागीदारी का उल्लेख था। प्रतिनिधि मंडल में ये रहे शामिल प्रतिनिधि मंडल में कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्र सिंह, कामरेड दुलीचंद बोरदा, कामरेड मुकुट बिहारी जंगम, कामरेड मुरारी लाल बैरवा शामिल रहे। रैली और प्रदर्शन में ये रहे शामिल रैली और प्रदर्शन में अशोक सिंह, कामरेड अली मोहम्मद, महावीर प्रसाद, गुलाबशंकर, सतीश चंद त्रिवेदी, गोपाल शर्मा, कालीचरण सोनी, केदार जोशी, प्रेम पेंटर, रामकुंवार, सूरजमल मीणा, गुलाब चंद, बाबूलाल, गोपाल लाल महावर, राजीविका संविदा कर्मचारी महिला मजदूर यूनियन सचिव गुड्डीबाई सहित दर्जनों अन्य मजदूर, किसान, महिलाएं और आमजन शामिल हुए। तेज होने वाला है आंदोलन माकपा संयुक्त सचिव कामरेड मुरारी लाल बैरवा ने बताया कि यह प्रदर्शन माकपा की राष्ट्रीय स्तर पर चल रही मुहिम का हिस्सा है, जिसमें 24 मार्च को दिल्ली में लाखों लोग जुटकर सरकार की नीतियों के खिलाफ जन आक्रोश दर्ज कराएंगे। कोटा में आज की रैली ने साफ संकेत दिया कि स्थानीय स्तर पर भी जनता में गहरा असंतोष है और आंदोलन तेज होने वाला है।
कोटा में माकपा कार्यकर्ताओं और मजदूरों-किसानों ने निकाली आक्रोश रैली कोटा। भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के जिला कमेटी कोटा के बैनर तले सोमवार को शहर में सैकड़ों की संख्या में मजदूर, किसान और पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे। केंद्र की बीजेपी सरकार की आमजन विरोधी नीतियों के खिलाफ आक्रोश जताते हुए उन्होंने एक जोरदार रैली निकाली और जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। यह रैली 24 मार्च 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में माकपा द्वारा आयोजित होने वाली जन आक्रोश महारैली की तैयारी के तौर पर निकाली गई। छावनी चौराहे से शुरू हुई रैली गुमानपुरा, सब्जी मंडी, नयापुरा और अग्रसेन चौराहा होते हुए जिला कलेक्ट्रेट गेट तक पहुंची। इस दौरान कोटा जिले के इटावा, पीपल्दा और अन्य क्षेत्रों से दर्जनों मजदूर-किसान तथा सैकड़ों माकपा कार्यकर्ता शामिल हुए। रैली में महिलाएं, छात्र और नौजवान भी बड़ी संख्या में दिखे, जो सरकार की कारपोरेट-समर्थक नीतियों पर नाराजगी जता रहे थे। जिला कलेक्ट्रेट गेट पर आयोजित सभा को प्रमुख वक्ताओं किसान नेता कामरेड दुलीचंद बोरदा, सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर, माकपा तहसील सचिव कामरेड मुकुट बिहारी जंगम (इटावा-पीपल्दा) माकपा जिला सचिव कामरेड हबीब खान ने संबोधित किया। आम जनता को गुलाम बनाने की नीति माकपा संयुक्त सचिव कामरेड मुरारी लाल बैरवा ने बताया कि वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार कारपोरेट घरानों और पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है तथा आम जनता को गुलाम बनाने की नीति अपना रही है। नए लेबर कोड्स, मनरेगा खत्म करने की कोशिश, बिजली संशोधन विधेयक, बीज विधेयक और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते जैसी नीतियां जनता के खिलाफ हैं।वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन नीतियों को वापस नहीं लिया तो आंदोलन और तेज होगा। उन्होंने 24 मार्च को दिल्ली की महारैली में कोटा जिले से हजारों की संख्या में मजदूर, किसान, महिलाएं, छात्र और नौजवान शामिल होने का आह्वान किया। कहा गया कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो इससे भी बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरेंगे। रैली के बाद सौंपा ज्ञापन रैली के बाद माकपा जिला कमेटी के प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें मजदूरों को बकाया वेतन भुगतान, अन्य मांगों के साथ-साथ दिल्ली महारैली के समर्थन में भागीदारी का उल्लेख था। प्रतिनिधि मंडल में ये रहे शामिल प्रतिनिधि मंडल में कामरेड हबीब खान, कामरेड उमाशंकर, कामरेड नरेंद्र सिंह, कामरेड दुलीचंद बोरदा, कामरेड मुकुट बिहारी जंगम, कामरेड मुरारी लाल बैरवा शामिल रहे। रैली और प्रदर्शन में ये रहे शामिल रैली और प्रदर्शन में अशोक सिंह, कामरेड अली मोहम्मद, महावीर प्रसाद, गुलाबशंकर, सतीश चंद त्रिवेदी, गोपाल शर्मा, कालीचरण सोनी, केदार जोशी, प्रेम पेंटर, रामकुंवार, सूरजमल मीणा, गुलाब चंद, बाबूलाल, गोपाल लाल महावर, राजीविका संविदा कर्मचारी महिला मजदूर यूनियन सचिव गुड्डीबाई सहित दर्जनों अन्य मजदूर, किसान, महिलाएं और आमजन शामिल हुए। तेज होने वाला है आंदोलन माकपा संयुक्त सचिव कामरेड मुरारी लाल बैरवा ने बताया कि यह प्रदर्शन माकपा की राष्ट्रीय स्तर पर चल रही मुहिम का हिस्सा है, जिसमें 24 मार्च को दिल्ली में लाखों लोग जुटकर सरकार की नीतियों के खिलाफ जन आक्रोश दर्ज कराएंगे। कोटा में आज की रैली ने साफ संकेत दिया कि स्थानीय स्तर पर भी जनता में गहरा असंतोष है और आंदोलन तेज होने वाला है।
- कोटा। शिक्षा नगरी के एक पॉश अपार्टमेंट में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब लिफ्ट के अंदर लगे CCTV कैमरे में एक बेहद डरावनी और रहस्यमयी महिला कैद हुई। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही अपार्टमेंट के निवासियों में दहशत का माहौल है और लोग लिफ्ट का इस्तेमाल करने से कतरा रहे हैं। क्या है पूरा मामला? वायरल हो रहे फुटेज में देखा जा सकता है कि आधी रात के वक्त लिफ्ट के अंदर एक महिला दिखाई दे रही है। महिला का हुलिया किसी को भी डराने के लिए काफी है: चेहरा धुंधला: कैमरे में उसका चेहरा साफ नहीं दिख रहा, जो इसे और भी संदिग्ध बनाता है। बिखरे बाल और अजीब हरकतें: महिला के बाल पूरी तरह बिखरे हुए हैं और वह लिफ्ट के अंदर बेहद असामान्य तरीके से हरकतें कर रही है। चुड़ैल या कोई गहरी साजिश? इस घटना को लेकर अपार्टमेंट के लोगों में दो तरह की राय बनी हुई है: अंधविश्वास और डर: कुछ लोग इसे 'साया' या 'चुड़ैल' बता रहे हैं, जिससे इलाके में तंत्र-मंत्र और डर की चर्चाएं तेज हो गई हैं। शातिर अपराधी की चाल: समझदार तबके का मानना है कि यह कोई शातिर महिला हो सकती है, जो जानबूझकर दहशत फैला रही है। मुमकिन है कि सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देने या किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए यह 'डरावना नाटक' रचा गया हो। सुरक्षा पर सवाल इतनी कड़ी सुरक्षा और गार्ड्स की तैनाती के बावजूद यह रहस्यमयी महिला लिफ्ट तक कैसे पहुंची? क्या वह अपार्टमेंट की ही कोई निवासी है या बाहर से घुसी कोई घुसपैठिये? फिलहाल यह जांच का विषय है।1
- हम जानते हैं कि किसने हमारा शोषण किया: हमने देखा कि कौन आया और कौन गया और उन नामों की सूची पीड़ितों द्वारा ही बनाई जाएगी: Epstein पीड़ितों ने घोषणा की है कि वे खुद सारे नामों की सूची जारी करेंगी:1
- कोटा में 28 साल बाद भी नहीं हुआ फैसला, जीके कर्मचारियों ने परिवार सहित छावनी से लेकर कलेक्ट्री तक जोरदार प्रदर्शन किया, कलेक्ट्री पहुंचने पर ज्ञापन दिया गया1
- Post by VKH NEWS1
- कोटा की सड़कों पर महिलाओं की रफ्तार: ऑटो चलाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रहीं एक दर्जन से अधिक महिलाएं स्क्रिप्ट: कोटा शहर आज महिला सशक्तिकरण की एक अनोखी और प्रेरणादायक तस्वीर पेश कर रहा है। यहां एक दर्जन से अधिक महिलाएं शहर की व्यस्त सड़कों पर बेखौफ होकर ऑटो चलाती नजर आती हैं। ये महिलाएं न केवल अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभा रही हैं, बल्कि समाज में यह मजबूत संदेश भी दे रही हैं कि महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ऐसी महिलाओं की कहानी और भी खास हो जाती है, जिन्होंने समाज की पुरानी धारणाओं और बेड़ियों को तोड़ते हुए अपने हौसले से नई राह बनाई है। महानगरों की तर्ज पर अब कोटा में भी महिलाएं फर्राटे से ऑटो चलाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश कर रही हैं। इन महिलाओं ने खुले आसमान के नीचे ऑटो की स्टेयरिंग थामकर यह साबित कर दिया है कि अगर हौसला बुलंद हो तो कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। शहर की सड़कों पर आत्मविश्वास के साथ ऑटो चलाते हुए ये महिलाएं न सिर्फ अपने परिवार का सहारा बन रही हैं, बल्कि समाज को सकारात्मक सोच और बदलाव का संदेश भी दे रही हैं।1
- Post by Journalist Asif khan KOTA City NEWS1
- विश्व महिला दिवस के उपलक्ष्य पर कोटा में सर्व हिंदू समाज महिला मंडल महासंघ के तत्वावधान में किशोर सागर स्थित सत्येश्वर महादेव मंदिर प्रांगण में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कोटा शहर के 88 विभिन्न महिला संगठनों को “अखंड भारत हिंदू राष्ट्र मातृशक्ति गौरव सम्मान” से अलंकृत कर नारी शक्ति का सम्मान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य संयोजक एवं अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल ने बताया कि समारोह में कोटा शहर के सर्व हिंदू समाज के विभिन्न संगठनों की प्रतिनिधि महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें सर्व ब्राह्मण समाज, अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन, माहेश्वरी महिला मंडल, राजस्थान गुर्जर महासभा, भारतीय सिंधु सभा, सिख समाज रामगढ़िया वेलफेयर सोसाइटी तथा नेपाली संस्कृति अंतरराष्ट्रीय परिषद सहित अनेक प्रमुख संगठन शामिल रहे। समारोह के दौरान प्रत्येक संगठन से आमंत्रित पांच-पांच महिलाओं को स्मृति चिन्ह, दुपट्टा एवं मोतियों की माला पहनाकर सम्मानित किया गया। अपने संबोधन में अध्यक्ष गोविंद नारायण अग्रवाल ने कहा कि आज के बदलते दौर में महिलाएं हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा, मेहनत और क्षमता का लोहा मनवा रही हैं। शिक्षा, चिकित्सा, प्रशासन, खेल, व्यापार और विज्ञान जैसे क्षेत्रों में महिलाएं उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर समाज के लिए नई मिसाल कायम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आज की महिला आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी और सशक्त बनकर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। कर्मयोगी सेवा संस्थान के संस्थापक राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मौजी बाबा पावन धाम आश्रम की पूजनीय महामंडलेश्वर हेमा सरस्वती महाराज (हरिद्वार), पंचदसनाम जूना अखाड़ा से महामंडलेश्वर मैत्रय गिरी महाराज, कुलम शक्ति पीठ से महामंडलेश्वर माता नीति अंबा तथा प्रजापिता ब्रह्माकुमारी विश्वविद्यालय से उर्मिला दीदी उपस्थित रहीं। अतिथियों ने अपने कर-कमलों से महिला मंडलों को सम्मानित कर मातृशक्ति की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन लंकेश अश्वत्थामा दाधीच एवं नरेश कारा द्वारा किया गया। अंत में समिति के पदाधिकारी अनिल कुमार शर्मा, लक्ष्मी नारायण गर्ग, महिमा बंसल, महेश पंचोली और बृजनंदन गौतम सहित अन्य सदस्यों ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया।1
- कोटा में गौ माता के संरक्षण पर इंजीनियर नंदकिशोर मेहरा से वरिष्ठ पत्रकार श्याम सुंदर शर्मा की चर्चा1