रियांबड़ी कस्बे में गुरुवार को ईदुल जुहा (बकरीद) का पर्व अत्यधिक शांति और आपसी सौहार्द के साथ मनाया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सुबह ईदगाह में सामूहिक नमाज अदा की। सुबह करीब 7:30 बजे बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग ईदगाह पहुंचे, जहाँ मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी गई। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान कस्बे में सांप्रदायिक सौहार्द का माहौल देखने को मिला, जहाँ हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को बधाई देकर भाईचारे का संदेश दिया। कई स्थानों पर लोगों ने एक-दूसरे के घर पहुंचकर पर्व की खुशियां साझा कीं, जिसमें सेवइयां, मिठाइयां और विभिन्न पारंपरिक पकवान तैयार किए गए। बच्चों और युवाओं में पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। कस्बे में विभिन्न स्थानों पर कुर्बानी की रस्म भी शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई। पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। थानाधिकारी उमाशंकर शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम सुबह से ही ईदगाह परिसर और मुख्य मार्गों पर तैनात रही, जिसमें चौकी प्रभारी शंकर मीणा, नरेंद्र मेघवाल और राजकुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। सीआई उमाशंकर शर्मा ने स्वयं व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करते हुए हर गतिविधि पर नजर बनाए रखी। पुलिस की मुस्तैदी के चलते पूरे आयोजन के दौरान कहीं भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। ईद से पूर्व आयोजित शांति समिति बैठकों का सकारात्मक असर भी देखने को मिला, जहाँ सीएलजी सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने लोगों से सौहार्द बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की, जिसका आमजन ने जिम्मेदारी के साथ पालन किया। शहरवासियों ने प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर प्रबंधन के कारण पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
रियांबड़ी कस्बे में गुरुवार को ईदुल जुहा (बकरीद) का पर्व अत्यधिक शांति और आपसी सौहार्द के साथ मनाया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सुबह ईदगाह में सामूहिक नमाज अदा की। सुबह करीब 7:30 बजे बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग ईदगाह पहुंचे, जहाँ मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी गई। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान कस्बे में सांप्रदायिक सौहार्द का माहौल देखने को मिला, जहाँ हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को बधाई देकर भाईचारे का संदेश दिया। कई स्थानों पर लोगों ने एक-दूसरे के घर पहुंचकर पर्व की खुशियां साझा कीं, जिसमें सेवइयां, मिठाइयां और विभिन्न पारंपरिक पकवान तैयार किए गए। बच्चों और युवाओं में पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। कस्बे में विभिन्न स्थानों पर कुर्बानी की रस्म भी शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई। पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। थानाधिकारी उमाशंकर शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम सुबह से ही ईदगाह परिसर और मुख्य मार्गों पर तैनात रही, जिसमें चौकी प्रभारी शंकर मीणा, नरेंद्र मेघवाल और राजकुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। सीआई उमाशंकर शर्मा ने स्वयं व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करते हुए हर गतिविधि पर नजर बनाए रखी। पुलिस की मुस्तैदी के चलते पूरे आयोजन के दौरान कहीं भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। ईद से पूर्व आयोजित शांति समिति बैठकों का सकारात्मक असर भी देखने को मिला, जहाँ सीएलजी सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने लोगों से सौहार्द बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की, जिसका आमजन ने जिम्मेदारी के साथ पालन किया। शहरवासियों ने प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर प्रबंधन के कारण पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
- रियांबड़ी कस्बे में गुरुवार को ईदुल जुहा (बकरीद) का पर्व अत्यधिक शांति और आपसी सौहार्द के साथ मनाया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने सुबह ईदगाह में सामूहिक नमाज अदा की। सुबह करीब 7:30 बजे बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग ईदगाह पहुंचे, जहाँ मुल्क में अमन-चैन, खुशहाली और तरक्की के लिए विशेष दुआ मांगी गई। नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। इस दौरान कस्बे में सांप्रदायिक सौहार्द का माहौल देखने को मिला, जहाँ हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक-दूसरे को बधाई देकर भाईचारे का संदेश दिया। कई स्थानों पर लोगों ने एक-दूसरे के घर पहुंचकर पर्व की खुशियां साझा कीं, जिसमें सेवइयां, मिठाइयां और विभिन्न पारंपरिक पकवान तैयार किए गए। बच्चों और युवाओं में पर्व को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। कस्बे में विभिन्न स्थानों पर कुर्बानी की रस्म भी शांतिपूर्ण तरीके से अदा की गई। पर्व को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। थानाधिकारी उमाशंकर शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम सुबह से ही ईदगाह परिसर और मुख्य मार्गों पर तैनात रही, जिसमें चौकी प्रभारी शंकर मीणा, नरेंद्र मेघवाल और राजकुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। सीआई उमाशंकर शर्मा ने स्वयं व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी करते हुए हर गतिविधि पर नजर बनाए रखी। पुलिस की मुस्तैदी के चलते पूरे आयोजन के दौरान कहीं भी किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। ईद से पूर्व आयोजित शांति समिति बैठकों का सकारात्मक असर भी देखने को मिला, जहाँ सीएलजी सदस्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने लोगों से सौहार्द बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की, जिसका आमजन ने जिम्मेदारी के साथ पालन किया। शहरवासियों ने प्रशासन और पुलिस की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि बेहतर प्रबंधन के कारण पर्व शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।1
- रियांबड़ी उपखण्ड क्षेत्र के झींटियां गांव स्थित श्री रूप रजत गौशाला में बुधवार, 27 मई 2026 से श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ नानी बाई रो मायरो एवं मीरा चरित्र कथा का शुभारंभ हुआ। कथा आयोजन के पहले दिन सुबह एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस कलश यात्रा में साध्वी श्री मनुश्रीथा जी और गादी पति राजकुमारी बाई जी रथों में सवार होकर शामिल हुईं, जिससे पूरे गांव में भक्तिमय माहौल बन गया। ग्रामीणों ने जयकारों के साथ यात्रा का भव्य स्वागत किया।4
- रियांबड़ी क्षेत्र के ग्राम झींटियां स्थित रूप रजत गोशाला में नानी बाई का मायरा कथा का शुभारंभ हो गया है।1
- जैसलमेर में गायों की गंभीर दुर्दशा सामने आई है, जहाँ पानी की कमी के कारण वे प्यासी मर रही हैं। इस स्थिति के लिए सीधे तौर पर भाजपा सरकार पर निष्क्रियता का आरोप लगाया गया है और कहा गया है कि सरकार की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। इस गंभीर संकट के बीच, जैसलमेर के युवा विधायक रविंद्र सिंह भाटी से हस्तक्षेप करने और इस मामले में कुछ ठोस कदम उठाने की अपील की गई है, क्योंकि आरोप है कि पानी के अभाव में गायें प्यासी मर रही हैं और भाजपा सरकार कोई एक्शन नहीं ले रही है।1
- Post by Rajendra1
- दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर भाजपा सरकार अब केवल दावे करने के बजाय ज़मीन पर ठोस परिणाम दे रही है। सरकार एंटी-स्मॉग मशीनों और आधुनिक तकनीक का उपयोग कर धूल और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण कर रही है। दिल्ली के निवासी इन प्रयासों के सकारात्मक बदलाव को महसूस कर रहे हैं और सरकार के इस काम की सराहना कर रहे हैं।1
- अजमेर जिले के बोराड़ा थाना क्षेत्र में एक ही परिवार के चार लोगों की स्कॉर्पियो में जिंदा जलकर हुई मौत के मामले में पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती जांच में इस घटना को एक हादसा माना जा रहा था, लेकिन अब पुलिस की पड़ताल में यह मामला हत्या और साजिश का बन गया है।1
- नागौर जिले के रियांबड़ी क्षेत्र में स्थित ग्राम झींटियां की श्री रूप रजत गौशाला में बुधवार, 27 मई 2026 से सात दिवसीय धार्मिक आयोजन 'नानी बाई रो मायरो एवं मीरा चरित्र कथा' का भव्य शुभारंभ हुआ। इस धार्मिक अनुष्ठान के पहले दिन सुबह एक विशाल कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं, युवाओं और अन्य ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कलश यात्रा का मुख्य आकर्षण साध्वी श्री मनुश्रीथा जी और गादीपति राजकुमारी बाई जी रहीं, जो सजे-धजे रथों में विराजमान होकर यात्रा में शामिल हुईं। गांव के प्रमुख मार्गों से गुजरी इस शोभायात्रा का जगह-जगह पुष्प वर्षा और गर्मजोशी से स्वागत किया गया। भक्तजन इस दौरान भजन-कीर्तन करते हुए और जयकारों के साथ आगे बढ़ रहे थे, जिससे पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। गौशाला परिसर में कथा आयोजन के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा है। कथा के सात दिनों तक, प्रतिदिन धार्मिक प्रवचन, भजन संध्या और गौसेवा से संबंधित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। श्री रूप रजत गौशाला के सचिव बलदेव राम गोदारा ने जानकारी दी कि यह कथा 27 मई से शुरू होकर 2 जून 2026 तक चलेगी। उन्होंने क्षेत्र के सभी गौभक्तों और श्रद्धालुओं से इस धार्मिक आयोजन में अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म लाभ लेने का आग्रह किया। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए कोषाध्यक्ष सुशील आंवला, उपाध्यक्ष राकेश ककड़वा, सदस्य बाबूलाल प्रजापत, नरपत सिंह, सीताराम ककड़वा, शंकर जी कसवा, महेंद्र भंडारी, नाकोड़ा इवेंट और समस्त ग्रामवासी झींटियां सक्रिय रूप से व्यवस्थाओं में लगे हुए हैं। ग्रामीणों में कथा को लेकर भारी उत्साह देखने को मिल रहा है और आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है, जिससे पूरे गांव में एक धार्मिक और सकारात्मक माहौल बना हुआ है। आयोजकों का उद्देश्य है कि इस कथा के माध्यम से भक्ति, संस्कार और गौसेवा का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा सके।1