छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया क्षेत्र स्थित भीखमपुरा की सपेरा बस्ती का भ्रमण कर वहां के निवासियों से आत्मीय मुलाकात की गई। इस दौरान बस्ती के लोगों की पारंपरिक जीवनशैली, आजीविका, सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों की जानकारी ली गई और उनकी समस्याओं को भी गंभीरता से सुना गया। बातचीत में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। सपेरा समुदाय के लोगों ने बदलते समय के साथ अपने पारंपरिक व्यवसाय और जीवनशैली में आ रही चुनौतियों को साझा किया। मुलाकात के दौरान सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा गया कि समाज के प्रत्येक वर्ग का सम्मान और समावेशी विकास सरकार की प्राथमिकता है, जिसके तहत वंचित समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने, उनकी संस्कृति के संरक्षण और जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी इस आत्मीय मुलाकात पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए क्षेत्र के विकास से जुड़ी अपनी अपेक्षाएं साझा कीं।
छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के सरिया क्षेत्र स्थित भीखमपुरा की सपेरा बस्ती का भ्रमण कर वहां के निवासियों से आत्मीय मुलाकात की गई। इस दौरान बस्ती के लोगों की पारंपरिक जीवनशैली, आजीविका, सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों की जानकारी ली गई और उनकी समस्याओं को भी गंभीरता से सुना गया। बातचीत में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। सपेरा समुदाय के लोगों ने बदलते समय के साथ अपने पारंपरिक व्यवसाय और जीवनशैली में आ रही चुनौतियों को साझा किया। मुलाकात के दौरान सरकार की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए कहा गया कि समाज के प्रत्येक वर्ग का सम्मान और समावेशी विकास सरकार की प्राथमिकता है, जिसके तहत वंचित समुदायों को मुख्यधारा से जोड़ने, उनकी संस्कृति के संरक्षण और जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने भी इस आत्मीय मुलाकात पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए क्षेत्र के विकास से जुड़ी अपनी अपेक्षाएं साझा कीं।
- छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के भरतपुर-सोनहत विधानसभा क्षेत्र के दूरस्थ वनांचल स्थित ग्राम कुदरापा में बुनियादी सुविधाओं की कमी सरकारी दावों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। आजादी के दशकों बाद भी इस गाँव में प्राथमिक स्कूल नहीं बन सका है, जिसके कारण छोटे-छोटे बच्चों को पढ़ाई के लिए मजबूरन 20 से 25 किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। इसके साथ ही गाँव में उपस्वास्थ्य केंद्र भी नहीं है, जिससे ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। इन बुनियादी माँगों को लेकर अब गाँव के लोग अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।1
- मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) के चिरमिरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा पूरे धूमधाम के साथ निकाली गई।1
- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर क्षेत्र में मौसम ने अपनी चाल बदल ली है और अब ऐसा लग रहा है कि लगातार हो रही बारिश थमने का नाम नहीं लेगी। मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए अब झमाझम बारिश होने के पूरे आसार बने हुए हैं। यहाँ दिन और रात लगातार पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। बारिश ने अपना पूरा माहौल बना लिया है और लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है, जिसे स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।1
- Post by BHIMGE BUSSINESS GROUP. KCR1
- देश में हर जगह लगातार हो रहे लीक को लेकर गहरी चिंता और नाराजगी व्यक्त की जा रही है। देश में लीक होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है और हर तरफ इस तरह की चीजें सामने आ रही हैं, जिससे लोगों के मन में गहरी चिंता और सवाल बने हुए हैं।1
- छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के विरोध में पिछले 197 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी है।1
- भारत में हरित परिवहन के नए युग की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया है। इसके साथ ही भारत अब हाइड्रोजन फ्यूल से संचालित ट्रेन सेवा शुरू करने वाले दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है। हाइड्रोजन ईंधन से चलने वाली यह ट्रेन पर्यावरण के अनुकूल, कम प्रदूषणकारी और भविष्य की टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। यह पहल देश में स्वच्छ ऊर्जा, आधुनिक तकनीक और आत्मनिर्भर भारत के विजन को नई गति देने का प्रयास है।1
- मनेंद्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले के चिरमिरी रेंज अंतर्गत दुबछोला गांव में वन विभाग ने अवैध रूप से सेमर प्रजाति की लकड़ी से भरे एक ट्रक को जब्त किया है। जब्त किए गए इस ट्रक का पंजीयन क्रमांक UP-64 HN-9748 बताया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान जब वाहन से संबंधित जरूरी दस्तावेज और लकड़ी के वैध परिवहन से जुड़े कागजात नहीं मिले, तो वन विभाग ने ट्रक को अपने कब्जे में ले लिया। इस मामले में विभाग द्वारा भारतीय वन अधिनियम 1927 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है।1
- सरगुजा जिले के परसा में इस समय झमाझम बारिश हो रही है, जो किसान भाइयों के लिए बहुत ही अच्छी खबर लेकर आई है। इस बारिश के बाद अब किसान चैन की सांस लेने लगेंगे। पानी दिखाई देने और लगातार हो रही इस बारिश के बाद किसान अब अपनी फसलों को बहुत जल्दी-जल्दी लगा सकेंगे, जिससे वे जल्द ही इस काम से फ्री भी हो जाएंगे।1