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*जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ई-रिक्शा संचालन के नियमन हेतु व्यापक कार्ययोजना तैयार करने की जिलाधिकारी द्वारा की गयी स्वीकृत।* जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटना न्यूनीकरण अनुस्वरण की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा पर्वतन की स्थिति तथा सुधारात्मक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक जिलाधिकारी ने ई-रिक्शा के अनियमित संचालन, यातायात अव्यवस्था एवं सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए ई-रिक्शा सत्यापन एवं निरीक्षण हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अंतर्गत निर्णय लिया गया कि ई-रिक्शा निरीक्षण एवं सत्यापन अभियान दिनांक 19 जनवरी 2026 से 18 फरवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा।यह अभियान हरिद्वार एवं रुड़की में आयोजित किया जाएगा। ई-रिक्शा चालकों एवं स्वामियों को पुलिस सत्यापन कराने हेतु एक माह का दिया गया समय। दिनांक 19 जनवरी से प्रतिदिन लगभग 500 ई-रिक्शाओं को चरणबद्ध रूप से भौतिक निरीक्षण हेतु बुलाया जाएगा।केवल वही ई-रिक्शा, जिनका पुलिस सत्यापन पूर्ण होगा एवं जिनका वाहन निरीक्षण परिवहन विभाग द्वारा सफलतापूर्वक किया जाएगा, उन्हें विशेष पहचान स्टिकर जारी किया जाएगा। स्टिकर प्राप्त ई-रिक्शा ही नगर क्षेत्र में संचालन हेतु अधिकृत होंगे। नगर क्षेत्र को विभिन्न जोनों में विभाजित किया जाएगा तथा प्रत्येक चालक अपने निर्धारित जोन में ही ई-रिक्शा संचालन कर सकेगा। जिलाधिकारी द्वारा स्पष्ट किया गया कि यह व्यवस्था ई-रिक्शा संचालन को सुव्यवस्थित करने, अवैध एवं अनियमित ई-रिक्शाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा यात्रियों एवं अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। *अन्य महत्वपूर्ण निर्देशः-* बैठक में जिलाधिकारी द्वारा हेलमेट अनुपालन को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने तथा ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध सख्त प्रवर्तन कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, हरिद्वार-लक्सर मार्ग के निरीक्षण से संबंधित रिपोर्ट भी बैठक में प्रस्तुत की गई। निरीक्षण में चिन्हित कमियों के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग (एनएच खंड) को निर्देशित किया कि सभी अनुशंसित सुधारात्मक कार्य एक सप्ताह के भीतर पूर्ण किए जाएं, ताकि दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सके। जिलाधिकारी द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि सड़क सुरक्षा के संबंध में प्रवर्तन, इंजीनियरिंग एवं जन-जागरूकता तीनों स्तरों पर निरंतर कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में भी ऐसे समन्वित प्रयास जारी रहेंगे। बैठक में अधीक्षण अभियन्ता लोनिवि डीके सिंह, अधिशासी अभियन्ता लोनिवि दीपक कुमार, अधिशासी अभियन्ता एनएचआई अतुल शर्मा, सहायक परिवहन अधिकारी नेहा झा, निखील शर्मा, कृष्ण चंद्र पलाड़िया सहित सभी उपजिलाधिकारी वीसी के माध्यम जुडे रहे।

on 15 December
user_लोकल न्यूज़ हरिद्वार  शहर की खबर शहर को खबर
लोकल न्यूज़ हरिद्वार शहर की खबर शहर को खबर
Journalist Hardwar, Haridwar•
on 15 December
31bec54e-2324-4e76-a292-326a6bec4865

*जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ई-रिक्शा संचालन के नियमन हेतु व्यापक कार्ययोजना तैयार करने की जिलाधिकारी द्वारा की गयी स्वीकृत।* जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में सड़क सुरक्षा एवं दुर्घटना न्यूनीकरण अनुस्वरण की बैठक आयोजित की गयी। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा पर्वतन की स्थिति तथा सुधारात्मक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक जिलाधिकारी ने ई-रिक्शा के अनियमित संचालन, यातायात अव्यवस्था एवं सड़क सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए ई-रिक्शा सत्यापन एवं निरीक्षण हेतु मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अंतर्गत निर्णय लिया गया कि ई-रिक्शा निरीक्षण एवं सत्यापन अभियान दिनांक 19 जनवरी 2026 से 18 फरवरी 2026 तक संचालित किया जाएगा।यह अभियान हरिद्वार एवं रुड़की में आयोजित किया जाएगा। ई-रिक्शा चालकों एवं स्वामियों को पुलिस सत्यापन कराने हेतु एक माह का दिया गया समय। दिनांक 19 जनवरी से प्रतिदिन लगभग 500 ई-रिक्शाओं को चरणबद्ध रूप से भौतिक निरीक्षण हेतु बुलाया जाएगा।केवल वही ई-रिक्शा, जिनका पुलिस सत्यापन पूर्ण होगा एवं जिनका वाहन निरीक्षण परिवहन विभाग द्वारा सफलतापूर्वक किया जाएगा, उन्हें विशेष पहचान स्टिकर जारी किया जाएगा। स्टिकर प्राप्त ई-रिक्शा ही नगर क्षेत्र में संचालन हेतु अधिकृत होंगे। नगर क्षेत्र को विभिन्न जोनों में विभाजित किया जाएगा तथा प्रत्येक चालक अपने निर्धारित जोन में ही ई-रिक्शा संचालन कर सकेगा। जिलाधिकारी द्वारा स्पष्ट किया गया कि यह व्यवस्था ई-रिक्शा संचालन को सुव्यवस्थित करने, अवैध एवं अनियमित ई-रिक्शाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा यात्रियों एवं अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। *अन्य महत्वपूर्ण निर्देशः-* बैठक में जिलाधिकारी द्वारा हेलमेट अनुपालन को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने तथा ओवरलोड वाहनों के विरुद्ध सख्त प्रवर्तन कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त, हरिद्वार-लक्सर मार्ग के निरीक्षण से संबंधित रिपोर्ट भी बैठक में प्रस्तुत की गई। निरीक्षण में चिन्हित कमियों के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग (एनएच खंड) को निर्देशित किया कि सभी अनुशंसित सुधारात्मक कार्य एक सप्ताह के भीतर पूर्ण किए जाएं, ताकि दुर्घटनाओं की संभावनाओं को कम किया जा सके। जिलाधिकारी द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि सड़क सुरक्षा के संबंध में प्रवर्तन, इंजीनियरिंग एवं जन-जागरूकता तीनों स्तरों पर निरंतर कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में भी ऐसे समन्वित प्रयास जारी रहेंगे। बैठक में अधीक्षण अभियन्ता लोनिवि डीके सिंह, अधिशासी अभियन्ता लोनिवि दीपक कुमार, अधिशासी अभियन्ता एनएचआई अतुल शर्मा, सहायक परिवहन अधिकारी नेहा झा, निखील शर्मा, कृष्ण चंद्र पलाड़िया सहित सभी उपजिलाधिकारी वीसी के माध्यम जुडे रहे।

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  • Post by Dpk Chauhan
    1
    Post by Dpk Chauhan
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    8 hrs ago
  • प्रशासन के दावों के बावजूद घरेलू गैस को लेकर आज भी गैस एजेंसियों पर गैस लेने और बुक कराने को लेकर लोगों की मारामारी रही।इसको लेकर कई जगह विवाद भी हुए। हालांकि जिला प्रशासन ने इसको लेकर कल हेल्पलाइन नंबर जारी किए थे लेकिन नंबरों पर रिप्लाई नहीं मिलने से इनका कोई लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिला, इसके बाद गैस एजेंसियों पर ओर भीड़ जुटने लगी। हालात की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी म्यूर दीक्षित ने इसको लेकर आज एक के बाद एक मैराथन बैठकें की और उपभोक्ताओं को राहत के लिए कई कदम उठाए। इसमें प्रमुख निर्णय तो ये रहा कि गैस संबंधी शिकायतों और समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय पर ही एक कंट्रोल रूम बना दिया गया। इस कंट्रोल रूम में सभी गैस एजेंसियों के एक एक प्रतिनिधि की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है, जिससे कि कंट्रोल रूम को मिलने वाली किसी भी शिकायत और समस्या का संबंधित एजेंसी द्वारा तत्काल समाधान किया जा सके। लोगों में पैनिक, गैस कालाबाजारी, अवैध भंडारण, गैस एजेंसियों पर सुरक्षा को लेकर भी अनेक निर्णय आज बैठकों में लिए गए। हालांकि इन फैसलों से कितनी राहत उपभोक्ताओं को मिलेगी, यह अभी देखना होगा। (-कुमार दुष्यंत)
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    प्रशासन के दावों के बावजूद घरेलू गैस को लेकर आज भी गैस एजेंसियों पर गैस लेने और बुक कराने को लेकर लोगों की मारामारी रही।इसको लेकर कई जगह विवाद भी हुए। हालांकि जिला प्रशासन ने इसको लेकर कल हेल्पलाइन नंबर जारी किए थे लेकिन नंबरों पर रिप्लाई नहीं मिलने से इनका कोई लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिला, इसके बाद गैस एजेंसियों पर ओर भीड़ जुटने लगी। हालात की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी म्यूर दीक्षित ने इसको लेकर आज एक के बाद एक मैराथन बैठकें की और उपभोक्ताओं को राहत के लिए कई कदम उठाए। इसमें प्रमुख निर्णय तो ये रहा कि गैस संबंधी शिकायतों और समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय पर ही एक कंट्रोल रूम बना दिया गया। इस कंट्रोल रूम में सभी गैस एजेंसियों के एक एक प्रतिनिधि की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है, जिससे कि कंट्रोल रूम को मिलने वाली किसी भी शिकायत और समस्या का संबंधित एजेंसी द्वारा तत्काल समाधान किया जा सके। लोगों में पैनिक, गैस कालाबाजारी, अवैध भंडारण, गैस एजेंसियों पर सुरक्षा को लेकर भी अनेक निर्णय आज बैठकों में लिए गए। हालांकि इन फैसलों से कितनी राहत उपभोक्ताओं को मिलेगी, यह अभी देखना होगा।
(-कुमार दुष्यंत)
    user_लोकल न्यूज़ हरिद्वार  शहर की खबर शहर को खबर
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    Journalist हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    12 hrs ago
  • Post by A Bharat News 10
    1
    Post by A Bharat News 10
    user_A Bharat News 10
    A Bharat News 10
    Local News Reporter हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    12 hrs ago
  • शीर्षक: धर्म की राजधानी हरिद्वार में संतों की रसोई पर संकट! गीता कुटीर का अन्नक्षेत्र गैस सिलेंडर के अभाव में बंद होने की कगार पर उपशीर्षक: तीन–चार दशकों से हजारों तपस्वी संतों को मिल रहा भोजन प्रसाद, अब गैस सिलेंडर न मिलने से खड़ी हुई बड़ी धार्मिक चुनौती हरिद्वार। (स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़) धर्म की राजधानी कही जाने वाली तीर्थ नगरी हरिद्वार में जहां गंगा तट पर हजारों तपस्वी संत एकांत में रहकर भगवान का भजन, जप, तप और ध्यान करते हैं, वहीं इन संतों के भोजन की व्यवस्था करने वाला प्रसिद्ध गीता कुटीर तपोवन का अन्नक्षेत्र आज एक गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है। गंगा किनारे झोपड़ियों में रहकर तपस्या करने वाले संतों के लिए वर्षों से जीवनरेखा बना यह अन्नक्षेत्र अब गैस सिलेंडर की कमी के कारण बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हजारों तपस्वी संतों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो सकता है। गंगा तट के तपस्वियों का सहारा बना गीता कुटीर हरिद्वार को भगवान का द्वार कहा जाता है। इसी कारण इस तीर्थ नगरी में देशभर से आए हजारों संत गंगा किनारे साधना करते हैं। ये संत न तो दुनिया की दौड़ में शामिल हैं और न ही सांसारिक सुख-सुविधाओं की चाह रखते हैं। उनका एकमात्र लक्ष्य भगवान का भजन, जप और ध्यान है। ऐसे तपस्वी संतों की सेवा के उद्देश्य से स्वामी गीतानंद जी महाराज ने तपोवन स्थित गीता कुटीर में अन्नक्षेत्र की शुरुआत की थी। उनकी भावना थी कि हरिद्वार में कोई संत भूखा न रहे और भजन में लीन साधुओं को भोजन की चिंता न करनी पड़े। चार दशक से एक दिन भी बंद नहीं हुआ अन्नक्षेत्र बताया जाता है कि पिछले लगभग तीन से चार दशकों से गीता कुटीर का अन्नक्षेत्र बिना रुके चल रहा है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों ही नहीं बल्कि हजारों संत भोजन प्रसाद ग्रहण करते हैं। इतिहास में ऐसा एक भी दिन नहीं आया जब यहां अन्नक्षेत्र बंद हुआ हो या किसी संत को भोजन न मिला हो। कोरोना काल में भी संतों तक पहुंचाया गया भोजन कोरोना महामारी के कठिन समय में जब पूरा देश बंद था, तब भी गीता कुटीर ने सेवा की परंपरा को नहीं रोका। उस समय गंगा किनारे रहने वाले संतों तक स्वयं जाकर भोजन पहुंचाया जाता था। तपोवन मार्ग पर वाहन के माध्यम से भोजन पैक कर संतों की झोपड़ियों तक वितरण किया गया ताकि उन्हें भजन छोड़कर भोजन की तलाश में भटकना न पड़े। इसी सेवा भाव के कारण आज हजारों संतों का गीता कुटीर पर अटूट विश्वास है। अब गैस सिलेंडर पर अटक गया संतों का भोजन गीता कुटीर के प्रबंधक शिवदास के अनुसार अन्नक्षेत्र चलाने के लिए प्रतिदिन लगभग 10 गैस सिलेंडरों की आवश्यकता पड़ती है। ये सिलेंडर दो गैस एजेंसियों से आते थे, लेकिन अचानक अब एजेंसियों ने गैस आपूर्ति रोक दी है। जब उनसे कारण पूछा गया तो एजेंसी की ओर से कहा गया कि “सरकार या प्रशासन की ओर से आपके लिए कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है, इसलिए गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराए जा सकते।” अधिकारियों से गुहार, लेकिन समाधान नहीं इस गंभीर स्थिति को देखते हुए गीता कुटीर प्रबंधन ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और जिला पूर्ति अधिकारी से संपर्क किया। अधिकारियों ने मौखिक रूप से आश्वासन तो दिया कि व्यवस्था कर दी जाएगी, लेकिन अब तक जमीन पर कोई समाधान सामने नहीं आया है। प्रबंधन का कहना है कि वर्तमान गैस स्टॉक खत्म होने के बाद एक-दो दिन में अन्नक्षेत्र बंद होने की नौबत आ सकती है। संतों में चिंता और आक्रोश जब इस विषय की जानकारी संतों को दी गई तो उनमें चिंता के साथ-साथ नाराजगी भी देखने को मिली। कुछ संतों का कहना है कि “यह सब राजनीतिक कारणों से हो रहा है।” वहीं कुछ संतों ने आस्था के भाव से कहा— “भगवान पहले संतों को भोजन कराते हैं, उसके बाद स्वयं ग्रहण करते हैं। आज तक ऐसा नहीं हुआ कि गीता कुटीर में संतों को भोजन न मिला हो।” जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर बैठाने की चेतावनी गीता कुटीर प्रबंधन का कहना है कि यदि गैस सिलेंडर की व्यवस्था नहीं हुई तो वे मजबूर होकर संतों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर बैठने को मजबूर होंगे। प्रबंधन का कहना है— “जब संत भोजन के लिए हमारे द्वार पर बैठ जाएंगे तो हम उन्हें जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर छोड़ देंगे, ताकि अधिकारी स्वयं इन संतों के भोजन की व्यवस्था कर सकें।” हरिद्वार की मर्यादा पर खड़ा बड़ा सवाल तीर्थ नगरी हरिद्वार की पहचान संतों और साधुओं से है। गंगा किनारे तपस्या करने वाले ये संत ही इस नगरी की आध्यात्मिक शक्ति हैं। ऐसे में यदि संतों के भोजन पर संकट खड़ा होता है तो यह केवल एक आश्रम की समस्या नहीं बल्कि हरिद्वार की धार्मिक मर्यादा और पवित्रता पर प्रश्नचिन्ह है। अब प्रशासन की परीक्षा अब सवाल यह है कि क्या जिला प्रशासन, पूर्ति विभाग और सरकार इस संकट का समाधान करेंगे? क्या गैस सिलेंडर की व्यवस्था कर संतों की रसोई को बचाया जाएगा, या फिर तपस्वी संत भोजन के अभाव में कठिनाई झेलने को मजबूर होंगे? आने वाले दो दिन इस प्रश्न का उत्तर तय करेंगे। (स्वतंत्र पत्रकार — रामेश्वर गौड़)
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    शीर्षक:
धर्म की राजधानी हरिद्वार में संतों की रसोई पर संकट! गीता कुटीर का अन्नक्षेत्र गैस सिलेंडर के अभाव में बंद होने की कगार पर
उपशीर्षक:
तीन–चार दशकों से हजारों तपस्वी संतों को मिल रहा भोजन प्रसाद, अब गैस सिलेंडर न मिलने से खड़ी हुई बड़ी धार्मिक चुनौती
हरिद्वार। (स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़)
धर्म की राजधानी कही जाने वाली तीर्थ नगरी हरिद्वार में जहां गंगा तट पर हजारों तपस्वी संत एकांत में रहकर भगवान का भजन, जप, तप और ध्यान करते हैं, वहीं इन संतों के भोजन की व्यवस्था करने वाला प्रसिद्ध गीता कुटीर तपोवन का अन्नक्षेत्र आज एक गंभीर संकट के दौर से गुजर रहा है।
गंगा किनारे झोपड़ियों में रहकर तपस्या करने वाले संतों के लिए वर्षों से जीवनरेखा बना यह अन्नक्षेत्र अब गैस सिलेंडर की कमी के कारण बंद होने की स्थिति में पहुंच गया है। यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में हजारों तपस्वी संतों के सामने भोजन का संकट खड़ा हो सकता है।
गंगा तट के तपस्वियों का सहारा बना गीता कुटीर
हरिद्वार को भगवान का द्वार कहा जाता है। इसी कारण इस तीर्थ नगरी में देशभर से आए हजारों संत गंगा किनारे साधना करते हैं।
ये संत न तो दुनिया की दौड़ में शामिल हैं और न ही सांसारिक सुख-सुविधाओं की चाह रखते हैं। उनका एकमात्र लक्ष्य भगवान का भजन, जप और ध्यान है।
ऐसे तपस्वी संतों की सेवा के उद्देश्य से स्वामी गीतानंद जी महाराज ने तपोवन स्थित गीता कुटीर में अन्नक्षेत्र की शुरुआत की थी। उनकी भावना थी कि हरिद्वार में कोई संत भूखा न रहे और भजन में लीन साधुओं को भोजन की चिंता न करनी पड़े।
चार दशक से एक दिन भी बंद नहीं हुआ अन्नक्षेत्र
बताया जाता है कि पिछले लगभग तीन से चार दशकों से गीता कुटीर का अन्नक्षेत्र बिना रुके चल रहा है।
यहां प्रतिदिन सैकड़ों ही नहीं बल्कि हजारों संत भोजन प्रसाद ग्रहण करते हैं।
इतिहास में ऐसा एक भी दिन नहीं आया जब यहां अन्नक्षेत्र बंद हुआ हो या किसी संत को भोजन न मिला हो।
कोरोना काल में भी संतों तक पहुंचाया गया भोजन
कोरोना महामारी के कठिन समय में जब पूरा देश बंद था, तब भी गीता कुटीर ने सेवा की परंपरा को नहीं रोका।
उस समय गंगा किनारे रहने वाले संतों तक स्वयं जाकर भोजन पहुंचाया जाता था।
तपोवन मार्ग पर वाहन के माध्यम से भोजन पैक कर संतों की झोपड़ियों तक वितरण किया गया ताकि उन्हें भजन छोड़कर भोजन की तलाश में भटकना न पड़े।
इसी सेवा भाव के कारण आज हजारों संतों का गीता कुटीर पर अटूट विश्वास है।
अब गैस सिलेंडर पर अटक गया संतों का भोजन
गीता कुटीर के प्रबंधक शिवदास के अनुसार अन्नक्षेत्र चलाने के लिए प्रतिदिन लगभग 10 गैस सिलेंडरों की आवश्यकता पड़ती है।
ये सिलेंडर दो गैस एजेंसियों से आते थे, लेकिन अचानक अब एजेंसियों ने गैस आपूर्ति रोक दी है।
जब उनसे कारण पूछा गया तो एजेंसी की ओर से कहा गया कि
“सरकार या प्रशासन की ओर से आपके लिए कोई स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है, इसलिए गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराए जा सकते।”
अधिकारियों से गुहार, लेकिन समाधान नहीं
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए गीता कुटीर प्रबंधन ने जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और जिला पूर्ति अधिकारी से संपर्क किया।
अधिकारियों ने मौखिक रूप से आश्वासन तो दिया कि व्यवस्था कर दी जाएगी, लेकिन अब तक जमीन पर कोई समाधान सामने नहीं आया है।
प्रबंधन का कहना है कि वर्तमान गैस स्टॉक खत्म होने के बाद एक-दो दिन में अन्नक्षेत्र बंद होने की नौबत आ सकती है।
संतों में चिंता और आक्रोश
जब इस विषय की जानकारी संतों को दी गई तो उनमें चिंता के साथ-साथ नाराजगी भी देखने को मिली।
कुछ संतों का कहना है कि
“यह सब राजनीतिक कारणों से हो रहा है।”
वहीं कुछ संतों ने आस्था के भाव से कहा—
“भगवान पहले संतों को भोजन कराते हैं, उसके बाद स्वयं ग्रहण करते हैं। आज तक ऐसा नहीं हुआ कि गीता कुटीर में संतों को भोजन न मिला हो।”
जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर बैठाने की चेतावनी
गीता कुटीर प्रबंधन का कहना है कि यदि गैस सिलेंडर की व्यवस्था नहीं हुई तो वे मजबूर होकर संतों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर बैठने को मजबूर होंगे।
प्रबंधन का कहना है—
“जब संत भोजन के लिए हमारे द्वार पर बैठ जाएंगे तो हम उन्हें जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर छोड़ देंगे, ताकि अधिकारी स्वयं इन संतों के भोजन की व्यवस्था कर सकें।”
हरिद्वार की मर्यादा पर खड़ा बड़ा सवाल
तीर्थ नगरी हरिद्वार की पहचान संतों और साधुओं से है।
गंगा किनारे तपस्या करने वाले ये संत ही इस नगरी की आध्यात्मिक शक्ति हैं।
ऐसे में यदि संतों के भोजन पर संकट खड़ा होता है तो यह केवल एक आश्रम की समस्या नहीं बल्कि हरिद्वार की धार्मिक मर्यादा और पवित्रता पर प्रश्नचिन्ह है।
अब प्रशासन की परीक्षा
अब सवाल यह है कि
क्या जिला प्रशासन, पूर्ति विभाग और सरकार इस संकट का समाधान करेंगे?
क्या गैस सिलेंडर की व्यवस्था कर संतों की रसोई को बचाया जाएगा,
या फिर तपस्वी संत भोजन के अभाव में कठिनाई झेलने को मजबूर होंगे?
आने वाले दो दिन इस प्रश्न का उत्तर तय करेंगे।
(स्वतंत्र पत्रकार — रामेश्वर गौड़)
    user_रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    13 hrs ago
  • The Aman Times | मसूरी भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव की शादी की रस्में मसूरी में शुरू हो गई हैं। शुक्रवार को मसूरी के ऐतिहासिक द सवॉय होटल में उनकी मेहंदी की रस्म पारंपरिक अंदाज और उत्साह के साथ आयोजित की गई। समारोह में कुलदीप यादव की होने वाली पत्नी वंशिका ने परिवार और दोस्तों के साथ पहाड़ी और बॉलीवुड गीतों पर जमकर डांस किया। पूरे होटल परिसर को फूलों और लाइटों से सजाया गया, जिससे माहौल पूरी तरह शादी के रंग में रंगा नजर आया। इस खास मौके पर भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल भी शामिल हुए और मेहमानों के साथ समारोह में खूब मस्ती करते दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि शादी से जुड़ी अन्य रस्में भी मसूरी में ही आयोजित की जाएंगी।
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    The Aman Times | मसूरी
भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव की शादी की रस्में मसूरी में शुरू हो गई हैं। शुक्रवार को मसूरी के ऐतिहासिक द सवॉय होटल में उनकी मेहंदी की रस्म पारंपरिक अंदाज और उत्साह के साथ आयोजित की गई।
समारोह में कुलदीप यादव की होने वाली पत्नी वंशिका ने परिवार और दोस्तों के साथ पहाड़ी और बॉलीवुड गीतों पर जमकर डांस किया। पूरे होटल परिसर को फूलों और लाइटों से सजाया गया, जिससे माहौल पूरी तरह शादी के रंग में रंगा नजर आया।
इस खास मौके पर भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल भी शामिल हुए और मेहमानों के साथ समारोह में खूब मस्ती करते दिखाई दिए।
बताया जा रहा है कि शादी से जुड़ी अन्य रस्में भी मसूरी में ही आयोजित की जाएंगी।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    12 hrs ago
  • हरिद्वार। जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने अवगत कराया है कि जनपद हरिद्वार में सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों पर घरेलू गैस (एल०पी०जी०) की आपूर्ति को लेकर फैल रही भ्रामक सूचनाओं के दृष्टिगत गैस एजेन्सियों से जनपद में उपलब्ध गैस स्टॉक, वितरण व्यवस्था तथा उपभोक्ताओं हो रही आपूर्ति की विस्तृत जानकारी ली गयी। जनपद में घरेलू गैस (एल०पी०जी०) का पर्याप्त स्टॉक / भण्डार उपलब्ध है
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    हरिद्वार। जिला पूर्ति अधिकारी मुकेश पाल ने अवगत कराया है कि जनपद हरिद्वार में सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों पर घरेलू गैस (एल०पी०जी०) की आपूर्ति को लेकर फैल रही भ्रामक सूचनाओं के दृष्टिगत गैस एजेन्सियों से जनपद में उपलब्ध गैस स्टॉक, वितरण व्यवस्था तथा उपभोक्ताओं हो रही आपूर्ति की विस्तृत जानकारी ली गयी। जनपद में घरेलू गैस (एल०पी०जी०) का पर्याप्त स्टॉक / भण्डार उपलब्ध है
    user_दैनिकउत्तराखंड24
    दैनिकउत्तराखंड24
    Classified ads newspaper publisher लक्सर, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    18 hrs ago
  • kya aapko pata hai उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी ने अपने पूरे 4 साल के कार्यकाल में जानिए पूरी खबर
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    kya aapko pata hai उत्तराखंड पुष्कर सिंह धामी ने अपने पूरे 4 साल के कार्यकाल में जानिए पूरी खबर
    user_रवि कुमार आजाद
    रवि कुमार आजाद
    नरसन, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    16 hrs ago
  • Post by Dpk Chauhan
    1
    Post by Dpk Chauhan
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    12 hrs ago
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