गडरारोड कस्बे में बिजली व्यवस्था भगवान भरोसे उपभोक्ताओं के हजारों के उपकरण जले, एसडीएम पहुंचे लोगों के बीच, सुनी उपभोक्ताओं की शिकायतें गडरा रोड कस्बे में बिजली आपूर्ति पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है। कल रात अधिक वोल्टेज के कारण घरों में टीवी, फ्रीज, पानी की मोटर, गीजर, आटा चक्की और सिलाई मशीन जैसे उपकरण जलकर खाक हो गए। कस्बेवासियों ने बताया कि कई-कई घंटे बिजली बंद रहती है, फिर भी कोई अधिकारी सुध नहीं ले रहा।एसडीएम की जांच:- मंगलवार को पत्रिका में प्रकाशित समाचार के बाद एसडीएम सुरेश कुमार मेघवाल कस्बेवासियों के बीच पहुंचे। लोगों से बातचीत कर समस्या की गहराई जानी, तो हर घर की यही कहानी मिली। इसके बाद एसडीएम डिस्कॉम कार्यालय गए, लेकिन 11 बजे तक कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं हुआ। विभाग की लापरवाही उपखंड मुख्यालय पर सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता सहित कई कार्मिक तैनात हैं। बावजूद इसके कोई जिम्मेदार कस्बे में नहीं। घटना के 24 घंटे बाद भी मोहल्ले की बिजली आपूर्ति ठप्प है।
गडरारोड कस्बे में बिजली व्यवस्था भगवान भरोसे उपभोक्ताओं के हजारों के उपकरण जले, एसडीएम पहुंचे लोगों के बीच, सुनी उपभोक्ताओं की शिकायतें गडरा रोड कस्बे में बिजली आपूर्ति पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है। कल रात अधिक वोल्टेज के कारण घरों में टीवी, फ्रीज, पानी की मोटर, गीजर, आटा चक्की और सिलाई मशीन जैसे उपकरण जलकर खाक हो गए। कस्बेवासियों ने बताया कि कई-कई घंटे बिजली बंद रहती है, फिर भी कोई अधिकारी सुध नहीं ले रहा।एसडीएम की जांच:- मंगलवार को पत्रिका में प्रकाशित समाचार के बाद एसडीएम सुरेश कुमार मेघवाल कस्बेवासियों के बीच पहुंचे। लोगों से बातचीत कर समस्या की गहराई जानी, तो हर घर की यही कहानी मिली। इसके बाद एसडीएम डिस्कॉम कार्यालय गए, लेकिन 11 बजे तक कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं हुआ। विभाग की लापरवाही उपखंड मुख्यालय पर सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता सहित कई कार्मिक तैनात हैं। बावजूद इसके कोई जिम्मेदार कस्बे में नहीं। घटना के 24 घंटे बाद भी मोहल्ले की बिजली आपूर्ति ठप्प है।
- गडरा रोड कस्बे में बिजली आपूर्ति पूरी तरह अव्यवस्थित हो चुकी है। कल रात अधिक वोल्टेज के कारण घरों में टीवी, फ्रीज, पानी की मोटर, गीजर, आटा चक्की और सिलाई मशीन जैसे उपकरण जलकर खाक हो गए। कस्बेवासियों ने बताया कि कई-कई घंटे बिजली बंद रहती है, फिर भी कोई अधिकारी सुध नहीं ले रहा।एसडीएम की जांच:- मंगलवार को पत्रिका में प्रकाशित समाचार के बाद एसडीएम सुरेश कुमार मेघवाल कस्बेवासियों के बीच पहुंचे। लोगों से बातचीत कर समस्या की गहराई जानी, तो हर घर की यही कहानी मिली। इसके बाद एसडीएम डिस्कॉम कार्यालय गए, लेकिन 11 बजे तक कोई अधिकारी उपलब्ध नहीं हुआ। विभाग की लापरवाही उपखंड मुख्यालय पर सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता सहित कई कार्मिक तैनात हैं। बावजूद इसके कोई जिम्मेदार कस्बे में नहीं। घटना के 24 घंटे बाद भी मोहल्ले की बिजली आपूर्ति ठप्प है।1
- Post by Shekhar maheshwari1
- ये वाट्र टावर ग्राम पंचायत जुनेजो की बस्ती सिव बाड़मेर राजस्थान में बना हुआ है इस वाट्र टावर को कम से कम 3 साल हो चुके है पर अभी तक ना कोई सप्लाई लाइन बिछाई गई है ना किसी के घर नल की सुविधा उपलब्ध हुई है3
- सांईयो की ढाणी,पनावड़ा में हुई स्कॉर्पियो चोरी का पर्दाफाश बायतु क्षेत्र के सांईयो की ढाणी,पनावड़ा में हुई स्कॉर्पियो चोरी का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने बताया कि पुलिस द्वारा ऑपरेशन विषभंजन व ऑपरेशन अश्ववेग के तहत आपराधिक षड्यंत्र का पर्दाफाश किया गया।फर्जी वाहन चोरी दर्शाकर बीमा क्लेम प्राप्त करने व मादक पदार्थ तस्करी में वाहन प्रयोग करने की साजिश रची थी।अवैध डोडा पोस्त ,शराब सहित तस्करी में प्रयुक्त स्कॉर्पियो को बरामद किया गया है।वाहन मालिक व षड्यंत्र में शरीक आरोपी हनुमान उर्फ हरीश को गिरफ्तार किया गया है।1
- हमने जो प्रयास किया था वो सफल हुआ और हमारे कोलेज तक रस्ता आ गया1
- ओरण बचाने सड़क पर उतरे भगवानसिंह परिहार, देशभक्ति के नारों के साथ पदयात्रा को मिला भारी समर्थन। जैसलमेर जिले की ग्राम पंचायत अमरसागर सरपंच प्रतिनिधि भगवानसिंह परिहार ने ओरण बचाओ पद यात्रा में हुए शामिल......1
- नेताओं और पार्टियों से ऊपर उठकर अब समय है जनता की आवाज़ को खुद मजबूत बनाने का। समाज और प्रकृति की रक्षा के लिए जागरूकता ही असली ताकत है। ओरण बचाओ – पर्यावरण बचाओ – संस्कृति बचाओ तनोट से जयपुर तक यह पदयात्रा जनजागरण का एक प्रयास है, जिसमें आप सभी का समर्थन और सहयोग जरूरी है। आइए, ओरण (परंपरागत चारागाह एवं वन क्षेत्र) को बचाने के इस अभियान में अपनी भागीदारी निभाएं। भोपाल सिंह, झलोड़ा1
- गाँवो में हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइन के मुआवजे को लेकर किसानों व कम्पनी अधिकारियों के बीच बनी सहमति बायतु गाँवो में हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइन के मुआवजे को लेकर किसानों व प्रशासन अधिकारियों के बीच सहमति सहमति बन गई हैं।जनप्रतिनिधियों के कहना है कि किसानों की यही मांग है कि हमारी जमीन का मुआवजा दिया जाए। इसके बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ वार्ता हुई।तब प्रशासन ने लिखित में दिया है कि आपके क्षेत्र में जो कम्पनियां काम कर रही हैं।जब तक हल नही निकलेगा तब कम्पनियां बायतु क्षेत्र में काम नही करेगी।1