उन्नाव के फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र में जमीन कब्जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि दबंगों ने उनकी खरीदी हुई जमीन और उस पर बने निर्माण पर कब्जा करने की कोशिश की है। आरोप के अनुसार, लाखों रुपये का सामान मौके से गायब कर दिया गया है और परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। महीनों से थाने और अधिकारियों के चक्कर काटने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने से पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है, जिसने कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित ने बताया कि यह पूरा मामला तहसील सफीपुर के ग्राम सैता स्थित भूमि संख्या 1350 का है। उन्होंने वर्ष 2008 में जुबैदा खातून पत्नी स्वर्गीय कल्लू से लगभग 0.1900 हेक्टेयर भूमि विधिवत रजिस्ट्री के माध्यम से खरीदी थी। जमीन खरीदने के बाद, पीड़ित ने नींव भरवाई, चारदीवारी तैयार कराई और वर्ष 2009 में प्लॉट पर 12 दुकानों का निर्माण कराया, साथ ही लोहे का गेट भी लगाया। वर्ष 2021 में विधिवत बिजली कनेक्शन भी लिया गया, जिसका खाता संख्या 6942047000 है। लेकिन, 21 मई 2026 की रात, जब पीड़ित परिवार गुड़गांव में था, तब प्लॉट का ताला तोड़कर आरिफ गोवा पुत्र मुस्ताक, इमरान पुत्र अफसार, सारिक पुत्र स्वर्गीय ताहिर और एक अज्ञात व्यक्ति ने मिलकर प्लॉट में रखा सामान गायब कर दिया। गायब हुए सामान में लगभग 10 हजार ईंटें, एक ट्रक मौरंग, आम की लकड़ियां, तख्त, बक्सा, घरेलू बर्तन और बिजली मीटर शामिल हैं। इतना ही नहीं, दबंगों ने प्लॉट के अंदर ट्रैक्टर खड़ा कर कब्जा जमाने की कोशिश भी की। पीड़ित का दावा है कि आरोपितों के पास इस जमीन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं, फिर भी खुलेआम कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। परिवार का कहना है कि अब गांव में दिखाई देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित ने कई बार थाना फतेहपुर चौरासी में लिखित शिकायत दी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने स्थानीय लेखपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए मिलीभगत का आरोप लगाया है। थाने से न्याय न मिलने पर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी उन्नाव को प्रार्थना पत्र देकर सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। यह घटना इस बात पर सवाल खड़ा करती है कि यदि रजिस्ट्रीशुदा जमीन और वर्षों की मेहनत से बना निर्माण भी सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक आखिर किस पर भरोसा करे। पीड़ित परिवार वर्तमान में दहशत के माहौल में जी रहा है और प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। अब देखना होगा कि उन्नाव प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है।
उन्नाव के फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र में जमीन कब्जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि दबंगों ने उनकी खरीदी हुई जमीन और उस पर बने निर्माण पर कब्जा करने की कोशिश की है। आरोप के अनुसार, लाखों रुपये का सामान मौके से गायब कर दिया गया है और परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। महीनों से थाने और अधिकारियों के चक्कर काटने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने से पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है, जिसने कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित ने बताया कि यह पूरा मामला तहसील सफीपुर के ग्राम सैता स्थित भूमि संख्या 1350 का है। उन्होंने वर्ष 2008 में जुबैदा खातून पत्नी स्वर्गीय कल्लू से लगभग 0.1900 हेक्टेयर भूमि विधिवत रजिस्ट्री के माध्यम से खरीदी थी। जमीन खरीदने के बाद, पीड़ित ने नींव भरवाई, चारदीवारी तैयार कराई और वर्ष 2009 में प्लॉट पर 12 दुकानों का निर्माण कराया, साथ ही लोहे का गेट भी लगाया। वर्ष 2021 में विधिवत बिजली कनेक्शन भी लिया गया, जिसका खाता संख्या 6942047000 है। लेकिन, 21 मई 2026 की रात, जब पीड़ित परिवार गुड़गांव में था, तब प्लॉट का ताला तोड़कर आरिफ गोवा पुत्र मुस्ताक, इमरान पुत्र अफसार, सारिक पुत्र स्वर्गीय ताहिर और एक अज्ञात व्यक्ति ने मिलकर प्लॉट में रखा सामान गायब कर दिया। गायब हुए सामान में लगभग 10 हजार ईंटें, एक ट्रक मौरंग, आम की लकड़ियां, तख्त, बक्सा, घरेलू बर्तन और बिजली मीटर शामिल हैं। इतना ही नहीं, दबंगों ने प्लॉट के अंदर ट्रैक्टर खड़ा कर कब्जा जमाने की कोशिश भी की। पीड़ित का दावा है कि आरोपितों के पास इस जमीन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं, फिर भी खुलेआम कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। परिवार का कहना है कि अब गांव में दिखाई देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित ने कई बार थाना फतेहपुर चौरासी में लिखित शिकायत दी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने स्थानीय लेखपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए मिलीभगत का आरोप लगाया है। थाने से न्याय न मिलने पर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी उन्नाव को प्रार्थना पत्र देकर सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। यह घटना इस बात पर सवाल खड़ा करती है कि यदि रजिस्ट्रीशुदा जमीन और वर्षों की मेहनत से बना निर्माण भी सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक आखिर किस पर भरोसा करे। पीड़ित परिवार वर्तमान में दहशत के माहौल में जी रहा है और प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। अब देखना होगा कि उन्नाव प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है।
- राजधानी लखनऊ के विभूतिखंड थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक घटना घटित हुई है। इस घटना के संबंध में अपर पुलिस उपायुक्त डॉ. अमोल मुरकुटे ने अपनी बाइट (बयान) जारी की है।1
- मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत मतदाता चेतना मंच की कोर कमेटी की एक बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई है।1
- लखनऊ के ईदगाह ऐशबाग में ईदुल अज़हा (बकरीद) की नमाज़ अदा करने के लिए बड़ी संख्या में नमाज़ी पहुंचे। इस्लामिक सेंटर ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने नमाज़ पढ़ाई, जिसमें सभी नमाज़ियों ने शिरकत की।1
- लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि पार्क घूमने आए कुछ लोगों और सुरक्षा कर्मियों के बीच मामूली कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि इसके बाद सुरक्षा कर्मियों ने एक युवक को घसीटते हुए पार्क से बाहर निकाला। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर नाराजगी देखी जा रही है, जहाँ लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर किसी पक्ष की गलती सामने आती है तो उस पर कार्रवाई की जानी चाहिए।1
- आज 28 मई को सुल्तानपुर जनपद के दोस्तपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गोसैसिंहपुर के पास एक तेज रफ्तार मोटरसाइकिल गड्ढे में गिर गई, जिससे उस पर सवार ताजुद्दीनपुर निवासी श्री सुनील कुमार चौहान की मृत्यु हो गई है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा की प्रक्रिया पूरी की और उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है। इस संबंध में विधिक कार्रवाई भी की जा रही है, जिसकी जानकारी क्षेत्राधिकारी कादीपुर श्री विनय गौतम ने एक बाइट के माध्यम से दी है।1
- उन्नाव के फतेहपुर चौरासी थाना क्षेत्र में जमीन कब्जाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि दबंगों ने उनकी खरीदी हुई जमीन और उस पर बने निर्माण पर कब्जा करने की कोशिश की है। आरोप के अनुसार, लाखों रुपये का सामान मौके से गायब कर दिया गया है और परिवार को जान से मारने की धमकी दी जा रही है। महीनों से थाने और अधिकारियों के चक्कर काटने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने से पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है, जिसने कानून व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित ने बताया कि यह पूरा मामला तहसील सफीपुर के ग्राम सैता स्थित भूमि संख्या 1350 का है। उन्होंने वर्ष 2008 में जुबैदा खातून पत्नी स्वर्गीय कल्लू से लगभग 0.1900 हेक्टेयर भूमि विधिवत रजिस्ट्री के माध्यम से खरीदी थी। जमीन खरीदने के बाद, पीड़ित ने नींव भरवाई, चारदीवारी तैयार कराई और वर्ष 2009 में प्लॉट पर 12 दुकानों का निर्माण कराया, साथ ही लोहे का गेट भी लगाया। वर्ष 2021 में विधिवत बिजली कनेक्शन भी लिया गया, जिसका खाता संख्या 6942047000 है। लेकिन, 21 मई 2026 की रात, जब पीड़ित परिवार गुड़गांव में था, तब प्लॉट का ताला तोड़कर आरिफ गोवा पुत्र मुस्ताक, इमरान पुत्र अफसार, सारिक पुत्र स्वर्गीय ताहिर और एक अज्ञात व्यक्ति ने मिलकर प्लॉट में रखा सामान गायब कर दिया। गायब हुए सामान में लगभग 10 हजार ईंटें, एक ट्रक मौरंग, आम की लकड़ियां, तख्त, बक्सा, घरेलू बर्तन और बिजली मीटर शामिल हैं। इतना ही नहीं, दबंगों ने प्लॉट के अंदर ट्रैक्टर खड़ा कर कब्जा जमाने की कोशिश भी की। पीड़ित का दावा है कि आरोपितों के पास इस जमीन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं, फिर भी खुलेआम कब्जे का प्रयास किया जा रहा है। परिवार का कहना है कि अब गांव में दिखाई देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित ने कई बार थाना फतेहपुर चौरासी में लिखित शिकायत दी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित ने स्थानीय लेखपाल की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए मिलीभगत का आरोप लगाया है। थाने से न्याय न मिलने पर पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी उन्नाव को प्रार्थना पत्र देकर सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है। यह घटना इस बात पर सवाल खड़ा करती है कि यदि रजिस्ट्रीशुदा जमीन और वर्षों की मेहनत से बना निर्माण भी सुरक्षित नहीं है, तो आम नागरिक आखिर किस पर भरोसा करे। पीड़ित परिवार वर्तमान में दहशत के माहौल में जी रहा है और प्रशासन से न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है। अब देखना होगा कि उन्नाव प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है।1
- उत्तर प्रदेश के सरकारी शिक्षकों के लिए अब एक नया आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत उन्हें 100 क्विंटल भूसा इकट्ठा करना होगा। यह ब्रेकिंग न्यूज़ संवाददाता आशीष मिश्रा ने रिपोर्ट की है। बरेली जिले में बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है। इस आदेश को लेकर शिक्षकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। शिक्षकों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कटाक्ष किया है कि अगर उनसे भूसा इकट्ठा करवाया जा रहा है, तो संभवतः कल उनसे गोबर भी उठवाने के लिए कहा जाएगा।1
- ब्रेकिंग न्यूज़ के अनुसार, कुछ बदमाशों ने एक व्यक्ति से सिगरेट माँगी। जब उसने सिगरेट देने से इनकार कर दिया, तो बदमाशों ने उसे बुरी तरह पीटा। मारपीट के दौरान, हमलावरों ने ईंट-पत्थर से उस व्यक्ति का सिर कुचल दिया। इस दौरान, पीड़ित के दोस्त उसे अकेला छोड़कर मौके से भाग गए।1