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एक बड़े करिश्मे के तहत लुटेरों को उनकी औकात दिखा दी गई है। यह घटना भगवान की शक्ति का परिणाम बताई जा रही है, और एक वीडियो में भगवान राम की इसी शक्ति के कुछ अंशों को दिखाया गया है।
बसंत राय प्रदेश अध्यक्ष मजदूर संघ आप पार्टी मध्य प्रदेश
एक बड़े करिश्मे के तहत लुटेरों को उनकी औकात दिखा दी गई है। यह घटना भगवान की शक्ति का परिणाम बताई जा रही है, और एक वीडियो में भगवान राम की इसी शक्ति के कुछ अंशों को दिखाया गया है।
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- दमोह के तेंदूखेड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सैलवाड़ा में चोरों ने एक बार फिर बड़ी वारदात को अंजाम देते हुए एक कपड़ा व्यापारी के घर से लाखों रुपये के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया है। क्षेत्र में लगातार हुई इस दूसरी चोरी की घटना से दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। अज्ञात चोर देर रात सैलवाड़ा निवासी विश्वकर्मा परिवार के घर में घुसकर सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चोरी कर फरार हो गए। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, करीब 15 से 20 लाख रुपये के जेवर और नकदी चोरी होने की बात सामने आ रही है, हालांकि स्थानीय सूत्रों का दावा है कि कुल नुकसान 25 से 30 लाख रुपये तक हो सकता है। पुलिस द्वारा फिलहाल वास्तविक नुकसान का आकलन किया जा रहा है। गौरतलब है कि इसी गांव में करीब 20 दिन पहले भी चोरी की एक बड़ी वारदात हुई थी, जिसका अब तक कोई खुलासा नहीं हो सका है। पहली घटना का सुराग न लगने के बीच हुई इस दूसरी बड़ी चोरी ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि लगातार हो रही इन घटनाओं से चोरों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस की कार्रवाई का कोई असर नजर नहीं आ रहा। घटना की सूचना मिलते ही तेंदूखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चोरों की तलाश कर रही है। ग्रामीणों ने पुलिस से जल्द खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है।1
- जनपद पंचायत तेंदूखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) मनीष बागरी के दुखद निधन पर मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने गहरा शोक व्यक्त किया है।1
- दमोह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने सभी शिक्षकों से निर्धारित समय पर विद्यालय पहुंचकर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुशासन सुनिश्चित करने की अपील की है। इसी दिशा में कार्रवाई करते हुए, विद्यालय में समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किए गए निरीक्षण और पोर्टल जांच में लापरवाही पाए जाने पर शासकीय प्राथमिक शाला बिजौरा की शिक्षिका प्रियंका बड़गैया को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।1
- पन्ना जिले के रैपुरा थाने ने साइबर सुरक्षा फ्रॉड से संबंधित एक वीडियो तैयार किया है। इस वीडियो के माध्यम से, थाने ने नागरिकों को साइबर धोखाधड़ी के बारे में महत्वपूर्ण समझाइश दी है और उन्हें इस तरह के फ्रॉड से सावधान रहने के लिए जागरूक किया है।1
- एक धार्मिक संदेश में कहा गया है कि इंसान की जिंदगी उतार-चढ़ाव से भरी होती है, इसलिए उसे जीवन की राहों में बहुत संभलकर चलना चाहिए। इस दौरान हमेशा ऊपर वाले का सहारा लेना महत्वपूर्ण बताया गया है। संदेश का समापन 'जय श्री राम' के उद्घोष के साथ होता है।1
- जबलपुर जिले के बरेला थाना क्षेत्र के अंतर्गत तहसीलदार ने एक दुकान को हटाने का अल्टीमेटम दिया था। हालांकि, इस अल्टीमेटम के बावजूद अब तक दुकान पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है।1
- सिंगरौली में घट रही घटनाओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। इस पोस्ट के माध्यम से यह सवाल उठाया गया है कि आखिर सिंगरौली में क्या-क्या हो रहा है, और इन परिस्थितियों में एक गाड़ी के भविष्य को लेकर भी अनिश्चितता और आशंका जाहिर की गई है।4
- दमोह में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में, हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी न होने से परेशान पीड़ित आज बुधवार दोपहर 3 बजे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुँचे। आवेदक देवेंद्र अहिरवाल और सीमा अहिरवाल ने पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगी को एक ज्ञापन सौंपकर मामले में शीघ्र और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। पीड़ितों ने अपने ज्ञापन में बताया कि वे 28 जुलाई 2025 से सीएम हेल्पलाइन, जनसुनवाई सहित विभिन्न स्तरों पर इस मामले की शिकायत कर रहे हैं। इसके बाद, हाईकोर्ट ने रिट क्रमांक 5004/2026 पर 24 फरवरी 2026 को आरोपी शैलेन्द्र वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया। हालांकि, 8 मार्च 2026 को एफआईआर दर्ज होने के बावजूद, पीड़ितों का आरोप है कि न्यायालय के आदेशानुसार सभी आवश्यक धाराएं नहीं लगाई गईं। इस एफआईआर को दर्ज हुए अब 115 दिन से अधिक बीत चुके हैं, लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हो पाई है। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि जांच अधिकारी लगातार जल्द कार्रवाई का आश्वासन देते रहे, मगर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे वे अत्यधिक परेशान हैं। पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए, आरोपी के विरुद्ध त्वरित कानूनी कार्रवाई हो और उनके लाखों रुपये वापस दिलाए जाएँ।1