राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर तथा अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के निर्देशानुसार, सवाई माधोपुर की सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समीक्षा गौतम ने सोमवार को जिला कारागृह सवाई माधोपुर और उप कारागृह गंगापुर सिटी का निरीक्षण किया। अपने दौरे के दौरान, सचिव समीक्षा गौतम ने कारागृह परिसर, बैरकों, रसोईघर, चिकित्सा सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का विस्तृत अवलोकन किया। उन्होंने कारागृह प्रशासन से बंदियों के स्वास्थ्य, भोजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में गहन जानकारी भी प्राप्त की। इस अवसर पर, समीक्षा गौतम ने बंदियों से व्यक्तिगत संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को सुना, साथ ही 60 वर्ष से अधिक उम्र के बंदियों की पहचान भी की। बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता योजना, लोक अदालत, मध्यस्थता, नालसा स्प्रुहा योजना 2025 और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बंदियों को यह भी बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है, और विधिक सहायता प्राप्त करना उनका वैधानिक अधिकार है। सचिव ने विचाराधीन बंदियों के प्रकरणों की प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कारागृह प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और उनके अधिकारों के संरक्षण के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरती जाए। समीक्षा गौतम ने स्पष्ट किया कि किसी भी बंदी को विधिक सहायता या अन्य आवश्यक सुविधा के संबंध में कोई समस्या होने पर वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को सूचित कर सकते हैं। निरीक्षण के समापन पर, सचिव समीक्षा गौतम ने कारागृह प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए और बंदियों के कल्याण संबंधी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया। इस दौरान जिला कारागृह पर उपाधीक्षक बिहारीलाल, चीफ एलएडीसी राधेश्याम जोगी, और डिप्टी एलएडीसी वीरेंद्र कुमार वर्मा उपस्थित रहे, जबकि उपकारागृह गंगापुर सिटी पर कार्यवाहक उपकारापाल विदेश कुमार, पैनल अधिवक्ता रामस्वरूप टटवाल, और अधिकार मित्र मुकेश कुमार गुर्जर मौजूद थे।
राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर तथा अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के निर्देशानुसार, सवाई माधोपुर की सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण समीक्षा गौतम ने सोमवार को जिला कारागृह सवाई माधोपुर और उप कारागृह गंगापुर सिटी का निरीक्षण किया। अपने दौरे के दौरान, सचिव समीक्षा गौतम ने कारागृह परिसर, बैरकों, रसोईघर, चिकित्सा सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सुरक्षा व्यवस्था और बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं का विस्तृत अवलोकन किया। उन्होंने कारागृह प्रशासन से बंदियों के स्वास्थ्य, भोजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में गहन जानकारी भी प्राप्त की। इस अवसर पर, समीक्षा गौतम ने बंदियों से व्यक्तिगत संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को सुना, साथ ही 60 वर्ष से अधिक उम्र के बंदियों की पहचान भी की। बंदियों को निःशुल्क विधिक सहायता योजना, लोक अदालत, मध्यस्थता, नालसा स्प्रुहा योजना 2025 और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने बंदियों को यह भी बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है, और विधिक सहायता प्राप्त करना उनका वैधानिक अधिकार है। सचिव ने विचाराधीन बंदियों के प्रकरणों की प्रगति की जानकारी लेते हुए उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कारागृह प्रशासन को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और उनके अधिकारों के संरक्षण के प्रति विशेष संवेदनशीलता बरती जाए। समीक्षा गौतम ने स्पष्ट किया कि किसी भी बंदी को विधिक सहायता या अन्य आवश्यक सुविधा के संबंध में कोई समस्या होने पर वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को सूचित कर सकते हैं। निरीक्षण के समापन पर, सचिव समीक्षा गौतम ने कारागृह प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए और बंदियों के कल्याण संबंधी गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया। इस दौरान जिला कारागृह पर उपाधीक्षक बिहारीलाल, चीफ एलएडीसी राधेश्याम जोगी, और डिप्टी एलएडीसी वीरेंद्र कुमार वर्मा उपस्थित रहे, जबकि उपकारागृह गंगापुर सिटी पर कार्यवाहक उपकारापाल विदेश कुमार, पैनल अधिवक्ता रामस्वरूप टटवाल, और अधिकार मित्र मुकेश कुमार गुर्जर मौजूद थे।
- राजस्थान सरकार ने प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति और युवाओं की कल्पनाशक्ति को नई उड़ान देने के उद्देश्य से 'DREAM' पहल का शुभारंभ किया है। यह पहल आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 'ऑरेंज इकोनॉमी' के विजन को साकार करती है, जो रचनात्मकता और नवाचार की शक्ति पर केंद्रित है। सरकार इस दिशा में संकल्पित है कि राज्य के हुनर, हस्तशिल्प, सिनेमा, संगीत और डिजिटल क्रिएशन को आर्थिक प्रगति का मुख्य आधार बनाया जाए।1
- सारसोप क्षेत्र के समुद्रपुरा गांव में बजरंग बली मंदिर निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ धार्मिक अनुष्ठानों और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया। इस अवसर पर गांव के श्रद्धालुओं और गणमान्य लोगों की उपस्थिति में भूमि पूजन एवं हवन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसके प्रति ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि बजरंग बली मंदिर के निर्माण से गांव में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण को बढ़ावा मिलेगा तथा यह लोगों की आस्था को एक नया केंद्र प्रदान करेगा। ग्रामीणों ने इस मंदिर के निर्माण में तन, मन और धन से सहयोग करने का संकल्प लिया। मंदिर निर्माण समिति के सदस्यों ने बताया कि मंदिर का निर्माण जनसहयोग से किया जाएगा और इसे एक भव्य स्वरूप प्रदान किया जाएगा। समारोह के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान के जयकारे लगाए और क्षेत्र की सुख-समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम का अंत प्रसाद वितरण के साथ हुआ।4
- सवाई माधोपुर में मानटाउन थाना पुलिस ने पिछले एक वर्ष से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस अधीक्षक ज्येष्ठा मैत्रेी के निर्देशन और थानाधिकारी सुनील कुमार के नेतृत्व में की गई इस कार्रवाई के तहत, करौली जिले के सपोटरा थाना क्षेत्र के बूकना गांव निवासी हैमराज पुत्र रामस्वरूप को गिरफ्तार किया गया। आरोपी हैमराज चोरी के एक प्रकरण में न्यायालय से जारी स्थायी वारंट के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस टीम ने उसे दस्तयाब कर गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया। इस कार्रवाई में हेड कांस्टेबल भक्तवत्सल, कांस्टेबल दीपक और कांस्टेबल भरत की विशेष भूमिका रही। पुलिस की इस कार्रवाई को फरार आरोपियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।1
- चौथ का बरवाड़ा के ग्राम समुद्रपुरा में धार्मिक आस्था और श्रद्धा के अनूठे माहौल के बीच बजरंग बली मंदिर की विधिवत नींव रखी गई, जिससे ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ मंदिर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। पंडित चिरंजी लाल शर्मा डिडायच ने शुभ मुहूर्त में नींव रखी, विधि-विधान से पूजा संपन्न करवाई और भगवान बजरंग बली का स्मरण करते हुए मंदिर निर्माण की सफलता तथा गांव की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम में गांव की महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महिलाओं ने मंगल गीत गाकर आयोजन की शोभा बढ़ाई, जबकि ग्रामीणों ने मंदिर निर्माण को गांव के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल बताया। उपस्थित लोगों का मानना था कि मंदिर बनने से गांव में धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लंबे समय से गांव में बजरंग बली मंदिर निर्माण की मांग की जा रही थी, जिसकी नींव रखे जाने के बाद लोगों में काफी उत्साह है। मंदिर निर्माण में गांव के सभी वर्गों का सहयोग मिल रहा है, और कई लोगों ने तन, मन और धन से योगदान देने का संकल्प लिया है। पंडित चिरंजी लाल शर्मा डिडायच ने अपने संबोधन में कहा कि धार्मिक स्थल समाज को एकता, सद्भाव और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि भगवान हनुमान शक्ति, भक्ति और सेवा के प्रतीक हैं, और उनके मंदिर के निर्माण से क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। कार्यक्रम के अंत में, सभी श्रद्धालुओं ने भगवान बजरंग बली के जयकारे लगाए और मंदिर निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण होने की कामना की। आयोजन के दौरान प्रसाद वितरण भी किया गया, जिसमें सभी ग्रामीणों ने भाग लिया। इस पूरे कार्यक्रम में अनुशासन और श्रद्धा का विशेष वातावरण देखने को मिला। ग्रामीणों को उम्मीद है कि मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद यह स्थान क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में शामिल होगा और यहां नियमित रूप से धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।1
- मलारना डूंगर उपखंड क्षेत्र के बहतेड़ गांव के पास भाड़ौती-मथुरा हाईवे पर रात में एक तेज रफ्तार बोलेरो ने ऊंटगाड़ियों को टक्कर मार दी। इस हादसे में दो ऊंटगाड़ी सवार घायल हो गए, जबकि एक ऊंट की गर्दन टूटने से मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना में दो अन्य ऊंट भी घायल हुए। हादसे में हबीबपुर निवासी अमृत और कड़ी गांव निवासी सुबेदार पुत्र रामजीलाल (26) घायल हो गए। अमृत को उपचार के लिए गंगापुर सिटी भेजा गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। मृत ऊंट का पशु चिकित्सक द्वारा पोस्टमार्टम कराया गया। बताया गया है कि नाहरसिंह के ऊंट के दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए हैं, जबकि सुबेदार का ऊंट भी घायल है। दुर्घटना के बाद हाईवे पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय ग्रामीणों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों व घायल पशुओं को सड़क किनारे हटाकर यातायात को सुचारु रखने में मदद की, जिसके लिए उनकी सराहना हो रही है। सूचना मिलने पर पुलिसकर्मी समय सिंह अपने जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाकर आवागमन सामान्य कराया। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से घायलों को आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा ऊंटगाड़ी चालकों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।1
- आने वाले समय में बारिश बेहद खतरनाक और बहुत भयंकर होने वाली है। यह चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी स्थिति लगातार हो रही पेड़-पौधों की कटाई का ही परिणाम होगी।1
- राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने अपने दो दिवसीय कुनो नेशनल उद्यान प्रवास के पहले दिन आज चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने चीता प्रदर्शिनी भी देखी। उनके साथ सीसीएफ उत्तम कुमार, कलेक्टर शीला दाहिमा और डीएफओ आर थिरूकुराल भी मौजूद थे। चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर परिसर में आयोजित चीता प्रदर्शिनी के दौरान राष्ट्रपति को चीता प्रोजेक्ट की प्रगति से अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि वर्तमान में भारत में चीतों की कुल संख्या 52 है, जिनमें से 49 चीते कुनो में मौजूद हैं और तीन चीते गांधी सागर अभयारण्य मंदसौर भेजे गए हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने चीतों के लिए उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली, जिस पर उन्हें बताया गया कि जंगल में हर 2 किलोमीटर पर पानी के गड्ढे (वाटर पिट) बनाए गए हैं, जिनमें आवश्यकतानुसार पानी भरा जाता है। इस दौरान उन्हें बोत्सवाना से लाए गए चीतों की गतिविधियों के बारे में भी सूचित किया गया; उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति ने अपनी बोत्सवाना यात्रा के दौरान 8 चीतों को प्राप्त किया था, जिन्हें कुनो लाया गया है। चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर के अवलोकन के दौरान, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को चीतों की निगरानी और ट्रैकिंग की पूरी प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।4
- रणथंभौर दुर्ग मार्ग पर एक बाघ ने डेरा डाल रखा है, जिससे राहगीरों के बीच हलचल है। बाघ RBT 2511 मिश्र दर्रा और अटल सागर के बीच सड़क पर बैठा हुआ देखा गया है।1