चौथ का बरवाड़ा के ग्राम समुद्रपुरा में धार्मिक आस्था और श्रद्धा के अनूठे माहौल के बीच बजरंग बली मंदिर की विधिवत नींव रखी गई, जिससे ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ मंदिर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। पंडित चिरंजी लाल शर्मा डिडायच ने शुभ मुहूर्त में नींव रखी, विधि-विधान से पूजा संपन्न करवाई और भगवान बजरंग बली का स्मरण करते हुए मंदिर निर्माण की सफलता तथा गांव की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम में गांव की महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महिलाओं ने मंगल गीत गाकर आयोजन की शोभा बढ़ाई, जबकि ग्रामीणों ने मंदिर निर्माण को गांव के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल बताया। उपस्थित लोगों का मानना था कि मंदिर बनने से गांव में धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लंबे समय से गांव में बजरंग बली मंदिर निर्माण की मांग की जा रही थी, जिसकी नींव रखे जाने के बाद लोगों में काफी उत्साह है। मंदिर निर्माण में गांव के सभी वर्गों का सहयोग मिल रहा है, और कई लोगों ने तन, मन और धन से योगदान देने का संकल्प लिया है। पंडित चिरंजी लाल शर्मा डिडायच ने अपने संबोधन में कहा कि धार्मिक स्थल समाज को एकता, सद्भाव और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि भगवान हनुमान शक्ति, भक्ति और सेवा के प्रतीक हैं, और उनके मंदिर के निर्माण से क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। कार्यक्रम के अंत में, सभी श्रद्धालुओं ने भगवान बजरंग बली के जयकारे लगाए और मंदिर निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण होने की कामना की। आयोजन के दौरान प्रसाद वितरण भी किया गया, जिसमें सभी ग्रामीणों ने भाग लिया। इस पूरे कार्यक्रम में अनुशासन और श्रद्धा का विशेष वातावरण देखने को मिला। ग्रामीणों को उम्मीद है कि मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद यह स्थान क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में शामिल होगा और यहां नियमित रूप से धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
चौथ का बरवाड़ा के ग्राम समुद्रपुरा में धार्मिक आस्था और श्रद्धा के अनूठे माहौल के बीच बजरंग बली मंदिर की विधिवत नींव रखी गई, जिससे ग्रामीणों में भारी उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के साथ मंदिर निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। पंडित चिरंजी लाल शर्मा डिडायच ने शुभ मुहूर्त में नींव रखी, विधि-विधान से पूजा संपन्न करवाई और भगवान बजरंग बली का स्मरण करते हुए मंदिर निर्माण की सफलता तथा गांव की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण बना रहा। कार्यक्रम में गांव की महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महिलाओं ने मंगल गीत गाकर आयोजन की शोभा बढ़ाई, जबकि ग्रामीणों ने मंदिर निर्माण को गांव के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल बताया। उपस्थित लोगों का मानना था कि मंदिर बनने से गांव में धार्मिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़ने का अवसर मिलेगा। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लंबे समय से गांव में बजरंग बली मंदिर निर्माण की मांग की जा रही थी, जिसकी नींव रखे जाने के बाद लोगों में काफी उत्साह है। मंदिर निर्माण में गांव के सभी वर्गों का सहयोग मिल रहा है, और कई लोगों ने तन, मन और धन से योगदान देने का संकल्प लिया है। पंडित चिरंजी लाल शर्मा डिडायच ने अपने संबोधन में कहा कि धार्मिक स्थल समाज को एकता, सद्भाव और संस्कारों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि भगवान हनुमान शक्ति, भक्ति और सेवा के प्रतीक हैं, और उनके मंदिर के निर्माण से क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। कार्यक्रम के अंत में, सभी श्रद्धालुओं ने भगवान बजरंग बली के जयकारे लगाए और मंदिर निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण होने की कामना की। आयोजन के दौरान प्रसाद वितरण भी किया गया, जिसमें सभी ग्रामीणों ने भाग लिया। इस पूरे कार्यक्रम में अनुशासन और श्रद्धा का विशेष वातावरण देखने को मिला। ग्रामीणों को उम्मीद है कि मंदिर निर्माण पूरा होने के बाद यह स्थान क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक केंद्रों में शामिल होगा और यहां नियमित रूप से धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
- रणथंभौर दुर्ग मार्ग पर एक बाघ ने डेरा डाल रखा है, जिससे राहगीरों के बीच हलचल है। बाघ RBT 2511 मिश्र दर्रा और अटल सागर के बीच सड़क पर बैठा हुआ देखा गया है।1
- मलारना डूंगर ब्लॉक में रविवार को 12वां ब्लॉक स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस महात्मा गांधी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में तहसीलदार रामजीलाल मीना, प्रधानाचार्य मानसिंह शेखावत, विद्यालय स्टाफ, मदरसा शिक्षक, अन्य विभागों में कार्यरत स्थानीय निवासी और राज्य के अन्य जिलों से आए राजकीय कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से भाग लेकर योगाभ्यास किया। योग शिक्षक जितेंद्र गोहिल के निर्देशन में उपस्थित सभी लोगों ने विभिन्न योगासन और प्राणायाम किए। इस दौरान उन्हें योग के महत्व और स्वास्थ्य लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी भी दी गई। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जाकिर खान ने योग को स्वस्थ जीवन का आधार बताते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास से शारीरिक लचीलापन, मजबूती, तनाव में कमी और बेहतर नींद प्राप्त होती है, साथ ही यह जीवनशैली से जुड़ी विभिन्न बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने आगे बताया कि योग से शरीर का संतुलन बेहतर होता है, मांसपेशियां मजबूत बनती हैं और मानसिक शांति प्राप्त होती है। प्राणायाम और योगासन फेफड़ों की क्षमता बढ़ाने, रक्त संचार सुधारने तथा हृदय को स्वस्थ रखने में सहायक हैं। योग शिक्षक गोहिल ने भी दैनिक योग से मानसिक तनाव कम होने और व्यक्ति के स्वस्थ रहने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में, सभी उपस्थित लोगों से दैनिक जीवन में योग को अपनाने और प्रत्येक व्यक्ति को भी इसके प्रति जागरूक करने का आह्वान किया गया। मलारना डूंगर उपखंड के कई अन्य गांवों और कस्बों में भी अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया। सांकड़ा गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाचार्य कैलाश मीणा, विद्युत विभाग के शेर सिंह मीणा और सरपंच राजकुमारी गुर्जर सहित ग्रामीण एवं स्टाफ उपस्थित थे। इसी तरह, मलारना स्टेशन पर प्रधानाचार्य भारती गुप्ता, स्कूल स्टाफ, राजकीय स्वास्थ्य केंद्र से डॉक्टर गिर्राज सैनी, सालीम खान, किरण कुमारी, आयुर्वेदिक अधिकारी संदीप कुमार और पुलिस के जवान मौजूद रहे। मलारना चोड़ और भाड़ोती जैसे स्थानों पर भी यह दिवस धूमधाम से मनाया गया, जहाँ सरकारी और निजी कर्मचारी, महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सभी एक साथ राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों में योग कार्यक्रमों में शामिल हुए।1
- राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने अपने दो दिवसीय कुनो नेशनल उद्यान प्रवास के पहले दिन आज चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने चीता प्रदर्शिनी भी देखी। उनके साथ सीसीएफ उत्तम कुमार, कलेक्टर शीला दाहिमा और डीएफओ आर थिरूकुराल भी मौजूद थे। चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर परिसर में आयोजित चीता प्रदर्शिनी के दौरान राष्ट्रपति को चीता प्रोजेक्ट की प्रगति से अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि वर्तमान में भारत में चीतों की कुल संख्या 52 है, जिनमें से 49 चीते कुनो में मौजूद हैं और तीन चीते गांधी सागर अभयारण्य मंदसौर भेजे गए हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने चीतों के लिए उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली, जिस पर उन्हें बताया गया कि जंगल में हर 2 किलोमीटर पर पानी के गड्ढे (वाटर पिट) बनाए गए हैं, जिनमें आवश्यकतानुसार पानी भरा जाता है। इस दौरान उन्हें बोत्सवाना से लाए गए चीतों की गतिविधियों के बारे में भी सूचित किया गया; उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति ने अपनी बोत्सवाना यात्रा के दौरान 8 चीतों को प्राप्त किया था, जिन्हें कुनो लाया गया है। चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर के अवलोकन के दौरान, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को चीतों की निगरानी और ट्रैकिंग की पूरी प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।4
- आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता दिलीप राणावत ने एक वीडियो जारी कर डीएपी (DAP) खाद की कीमतों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राणावत ने पूछा कि जब बारां में डीएपी खाद का एक कट्टा ₹2000 के बजाय ₹1350 में बिना किसी अटैचमेंट के उपलब्ध हो सकता है, तो फिर कोटा जिले में किसानों को यह सुविधा क्यों नहीं मिल पा रही है। उन्होंने आगे पिपल्दा क्षेत्र के किसानों और किसानपुत्रों से नरेश मीणा की तरह बनने का आह्वान किया है।1
- राजस्थान के अजमेर में एक छात्रा को नीट की परीक्षा में बैठने से रोक दिया गया। यह घटना बुर्का विवाद से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें छात्रा को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली।1
- जैसे पहले धौलपुर के डाकुओं को खदेड़ दिया गया था, ठीक उसी तरह के तेवर एक बार फिर दिखाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है। यह मांग मौजूदा स्थिति से निपटने के लिए एक वैसी ही आक्रामक कार्यप्रणाली अपनाने की बात करती है।1
- सवाई माधोपुर कलेक्ट्रेट के गेट पर एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई, जहाँ नशे में धुत एक कार ड्राइवर अपनी ही कार में अचेत अवस्था में पड़ा मिला। उसकी सेंट्रो कार कलेक्ट्रेट के सामने लगे सीसीटीवी कैमरे के पोल से टकराकर मौके पर रुक गई थी। जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट के सामने सबके सामने हुई इस घटना को देखकर कुछ पुलिसकर्मी भी मौके से चले गए, लेकिन किसी ने भी अचेत पड़े कार चालक को उठाने का प्रयास नहीं किया। कुछ देर बाद मीडियाकर्मियों ने मानटाउन थाना प्रभारी सुनील गुप्ता को घटना की सूचना दी। मानटाउन थाना पुलिस मौके पर पहुँची और अचेत पड़े व्यक्ति को कार से बाहर निकालकर उसके बारे में जानकारी जुटाई। पूछताछ में कार चालक की पहचान सूरवाल थाना क्षेत्र के बनोटा गाँव के दामाद दिनेश मीणा के रूप में हुई। दिनेश मीणा ने पुलिस को बताया कि वह मध्य प्रदेश में कंपाउंडर की पोस्ट पर कार्यरत है। मानटाउन थाना पुलिस ने तुरंत परिजनों को घटना की सूचना दी और आवश्यक कार्यवाही पूरी करने के बाद शराबी ड्राइवर दिनेश मीणा को उनके परिजनों को सुपुर्द कर दिया। इस घटना में गनीमत यह रही कि जब वह व्यक्ति नशे की हालत में कार चला रहा था और कलेक्ट्रेट तक पहुँचा, उस दौरान उसने कितने लोगों को चोटिल किया, इसकी कोई खबर नहीं है। ऐसी स्थिति में यदि कोई व्यक्ति, बच्चा, महिला या पुरुष उसकी कार के सामने आ जाता तो निश्चित तौर पर एक बड़ी दुर्घटना को रोका नहीं जा सकता था।1
- राजस्थान के कोटा में आए एक तूफान ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस तूफान के कारण क्षेत्र में कई घरों को नुकसान पहुंचा है, वहीं पेड़ों को भी काफी क्षति हुई है।1
- जयपुर में नीट की पुनः परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। इस दौरान कलेक्टर ने परीक्षा व्यवस्था की निगरानी की।1