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आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता दिलीप राणावत ने एक वीडियो जारी कर डीएपी (DAP) खाद की कीमतों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राणावत ने पूछा कि जब बारां में डीएपी खाद का एक कट्टा ₹2000 के बजाय ₹1350 में बिना किसी अटैचमेंट के उपलब्ध हो सकता है, तो फिर कोटा जिले में किसानों को यह सुविधा क्यों नहीं मिल पा रही है। उन्होंने आगे पिपल्दा क्षेत्र के किसानों और किसानपुत्रों से नरेश मीणा की तरह बनने का आह्वान किया है।
Dilip Ranawat Aap
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता दिलीप राणावत ने एक वीडियो जारी कर डीएपी (DAP) खाद की कीमतों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राणावत ने पूछा कि जब बारां में डीएपी खाद का एक कट्टा ₹2000 के बजाय ₹1350 में बिना किसी अटैचमेंट के उपलब्ध हो सकता है, तो फिर कोटा जिले में किसानों को यह सुविधा क्यों नहीं मिल पा रही है। उन्होंने आगे पिपल्दा क्षेत्र के किसानों और किसानपुत्रों से नरेश मीणा की तरह बनने का आह्वान किया है।
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- आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता दिलीप राणावत ने एक वीडियो जारी कर डीएपी (DAP) खाद की कीमतों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। राणावत ने पूछा कि जब बारां में डीएपी खाद का एक कट्टा ₹2000 के बजाय ₹1350 में बिना किसी अटैचमेंट के उपलब्ध हो सकता है, तो फिर कोटा जिले में किसानों को यह सुविधा क्यों नहीं मिल पा रही है। उन्होंने आगे पिपल्दा क्षेत्र के किसानों और किसानपुत्रों से नरेश मीणा की तरह बनने का आह्वान किया है।1
- आने वाले समय में बारिश बेहद खतरनाक और बहुत भयंकर होने वाली है। यह चेतावनी दी गई है कि भविष्य में ऐसी स्थिति लगातार हो रही पेड़-पौधों की कटाई का ही परिणाम होगी।1
- राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने अपने दो दिवसीय कुनो नेशनल उद्यान प्रवास के पहले दिन आज चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने चीता प्रदर्शिनी भी देखी। उनके साथ सीसीएफ उत्तम कुमार, कलेक्टर शीला दाहिमा और डीएफओ आर थिरूकुराल भी मौजूद थे। चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर परिसर में आयोजित चीता प्रदर्शिनी के दौरान राष्ट्रपति को चीता प्रोजेक्ट की प्रगति से अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि वर्तमान में भारत में चीतों की कुल संख्या 52 है, जिनमें से 49 चीते कुनो में मौजूद हैं और तीन चीते गांधी सागर अभयारण्य मंदसौर भेजे गए हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने चीतों के लिए उपलब्ध आवश्यक सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली, जिस पर उन्हें बताया गया कि जंगल में हर 2 किलोमीटर पर पानी के गड्ढे (वाटर पिट) बनाए गए हैं, जिनमें आवश्यकतानुसार पानी भरा जाता है। इस दौरान उन्हें बोत्सवाना से लाए गए चीतों की गतिविधियों के बारे में भी सूचित किया गया; उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति ने अपनी बोत्सवाना यात्रा के दौरान 8 चीतों को प्राप्त किया था, जिन्हें कुनो लाया गया है। चीता कमांड एवं कंट्रोल सेंटर के अवलोकन के दौरान, राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू को चीतों की निगरानी और ट्रैकिंग की पूरी प्रक्रिया के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।4
- श्योपुर के गांधी पार्क में कूनो संघर्ष समिति ने एक बार फिर कूनो में एशियाई सिंहों को बसाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। समिति ने कूनो परियोजना से विस्थापित हुए परिवारों के साथ मिलकर धरना दिया, जिसमें क्षेत्र के विकास और अपनी कई लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए यह मांग की कि उनका ज्ञापन राष्ट्रपति के समक्ष रखा जाए, ताकि क्षेत्र के विकास और कूनो से जुड़े मुद्दों पर उनका ध्यान आकर्षित हो सके। कूनो संघर्ष समिति के संयोजक अतुल चौहान के नेतृत्व में कोतवाली थाने पर तहसीलदार को एक ज्ञापन भी सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने साफ तौर पर कहा कि कूनो परियोजना से प्रभावित परिवारों की समस्याओं का तुरंत समाधान होना चाहिए और एशियाई सिंहों के पुनर्वास की योजना को जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए।1
- लाखेरी शहर में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विभिन्न स्कूलों और सरकारी कार्यालयों के कार्मिकों ने उत्साहपूर्वक योग अभ्यास किया। इस दौरान आमजन ने भी योगाभ्यास में भागीदारी की। आदर्श विद्या मंदिर के बालाजी गणेशपुरा आदर्श विद्या मंदिर में आचार्य दीदी और भैया बहिनों सहित आमजन ने योगाभ्यास किया। इसी क्रम में रघुनाथ धर्मशाला में भी अधिकारियों और कर्मचारियों सहित आम लोगों ने योग अभ्यास किया। इस आयोजन में उपखंड अधिकारी सुरेंद्र सिंह चौधरी, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी नरेश राठौर, तथा उपखंड कार्यालय एवं नगर पालिका कार्यालय के सभी कार्मिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान योग के दैनिक जीवन में महत्व पर प्रकाश डाला गया, जिसमें बताया गया कि योग करके शरीर को निरोगी रखा जा सकता है। समाजसेवी हनुमान राठौर ने सभी को योग दिवस की बधाई दी और योग से होने वाले फायदों को बताते हुए इसे जीवन का आवश्यक भाग बनाने तथा इसके लिए समय निकालने की सलाह दी।4
- सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा उपखंड क्षेत्र के भगवतगढ़ स्थित श्री अरणेश्वर महादेव शिवकुंड धाम में हाल ही में नवदिवसीय धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन पूरी श्रद्धा और वैदिक परंपरा के साथ संपन्न हुआ। इस दौरान, 1008 कलशों के माध्यम से महामृत्युंजय मंत्र का जाप और रुद्राभिषेक किया गया। इसके अतिरिक्त, विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नवचंडी दुर्गा पाठ और हवन का भव्य आयोजन किया, साथ ही एकादश विद्वानों द्वारा पुणावती दुर्गा सप्तशती पाठ का भी पाठ किया गया और भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की गई। अनुष्ठानों के सफल समापन के बाद, उपस्थित सभी श्रद्धालुओं को प्रसादी का वितरण किया गया। आचार्य पंडित अभिषेक मुद्गल ने जानकारी दी कि ये सभी धार्मिक अनुष्ठान और वैदिक कार्यक्रम विद्वानों के सान्निध्य में पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुए। इन आयोजनों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया, धर्म लाभ अर्जित किया और भगवान अरणेश्वर महादेव के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को सारसोप स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में एक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों और प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस दौरान विद्यालय परिसर में विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों और ग्रामीणों ने मिलकर सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नियमित योग करने से शरीर स्वस्थ एवं मन शांत रहता है। उन्होंने विद्यार्थियों को योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। योग प्रशिक्षकों के निर्देशन में विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाएँ कराई गईं। विद्यालय प्रशासन ने कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसे अपनाकर स्वस्थ और निरोग जीवन प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं स्वस्थ जीवन के संकल्प के साथ किया गया।3
- मध्य प्रदेश के श्योपुर में श्योपुर-कोटा मार्ग की बेहद खराब हालत को लेकर स्थानीय लोगों में जबरदस्त नाराज़गी बढ़ती जा रही है। 21 जून 2026 को सामने आई जानकारी के अनुसार, सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हिस्से हैं, जिसके कारण वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय नागरिकों का स्पष्ट आरोप है कि प्रशासन सड़कों का निर्माण करने के बजाय 'खुद के लिए पैसे बनाता है'। लोग इस बदहाली से इतने परेशान हैं कि उन्होंने सड़क की जल्द से जल्द मरम्मत की मांग की है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और सुगम यात्रा मिल सके।1